न, ना, नी, नु, ने, नो, नै, नं, या, यी, यू, य । वृश्चिक राशि के जातकों की छाती व नेत्र विशाल होते हैं। जांघ व पिंडलियां गोल होती हैं। ऐसे जातक बाल्यावस्था में बीमार होते हैं। यह क्रूर, पराक्रमी, संघर्षशील स्वभाव के होते हैं। इनको पिता व गुरु का साथ ज्यादा नहीं मिलता। ऐसे लोग राजकुल में उच्चाधिकारी अर्थात ऊंची पदवी प्राप्त होते हैं।

वृश्चिक- अप्रत्याशित लाभ की संभावना है। भाग्य का परचम बुलंद रहेगा। व्यक्तित्व प्रभावी रहेगा। धार्मिक कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा ले सकते हैं। दिन श्रेष्ठ।