अगस्त, 2009
इतिहास इंसानों से बनता है लेकिन उसमें इंसानों की तरह अहं नहीं होता। ये सबक इतिहास ही देता है इसलिए इतिहास सत्य की खोज के साथ-साथ बदलता रहता है। इतिहास में अजीब तरह का लचीलापन होता है जो अमूमन वैचारिक पार्टियों और जिद्दी इंसानो में नहीं दिखाई देता है। इतिहास चिरंतन अपनी गति से चलता रहता है और समयानुसार अपने में बदलाव भी करता है बिना अहं बीच में लाए। और इतिहास को अगर ध्यान से देखें तो उसमें एक ध्रुव पर वल्लभभाई पटेल दिखते हैं तो दूसरे पर जवाहर लाल नेहरू। ....पटेल बीमार हैं और नेहरू उनको देखने गए हैं। पटेल नेहरू से कहते है कि 'तुम मुझपर विश्वास नहीं करते।' नेहरू पलट के कहते हैं कि 'मेरा तो खुद पर से ही भरोसा उठ गया है'... नेहरू और पटेल की ये बात भारतीय इतिहास का वह बिंदु है जो इतिहास को बना भी रहा था और....









