ibnkhabarlogo
IBN7
IBN7
  • देश
  • पॉलिटिक्स
  • सिटी
  • मनोरंजन
  • क्रिकेट
  • लाइफस्टाइल
  • फोटो
  • वीडियो
FacebookTwitterGooglePlus
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खेल
  • ब्लॉग
  • CJ
  • Astro
  • शो
  • स्पेशल
  • अजब-गजब
  • लाइव-स्कोर
  • रीडर्स स्पेस
  • चैट
  • Live TV
    CNN-IBNIBN7IBN LokmatCNBC-TV18CNBC AwaazMYTV
नीरज गुप्ता
Tuesday , May 15, 2012 at 14 : 02

इमरजेंसी में कार्टून


0IBNKhabar
Tweet

तो अब तय है कि चेहरे पर मुस्कुराहट के रंग भरने वाली काली स्याही की वो आड़ी तिरछी लकीरें स्कूली किताबों से गायब हो जाएंगी। सरकार ने माफीनामे के साथ एलान कर दिया है कि एनसीईआरटी की किताबों से सियासी कार्टून हटेंगे। और तो और इस 'संगीन' मसले में एनसीईआरटी के अफसरों-सलाहाकारों की भूमिका की जांच भी की जाएगी।

11 मई, 2012 को लोकसभा में अचानक हंगामा मचा और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हंगामे की वो हवा राज्यसभा तक भी पहुंची और और वहां भी छुट्टी की घंटी बज गई। वजह थी एनसीईआरटी की ग्यारहवीं की सोशल साइंस की किताब में छपा एक कार्टून। उस कार्टून में जवाहर लाल नेहरू एक घोंघे को कोड़ा मार रहे हैं। घोंघे पर लिखा है- 'संविधान' और उस पर सवार हैं संविधान निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर। यानी संदेश ये कि संविधान निर्माण का काम घोंघा-चाल से चल रहा है और नेहरू उसे तेज़ करना चाहते हैं।

अब साहब...इस संदेश ने हमारे सांसदों को इस कदर कचोटा कि उन्होंने कमबख्त कार्टून पर ही कोड़े बरसाने शुरू कर दिए। बीजेपी, कांग्रेस, लेफ्ट, डीएमके, एसपी, बीएसपी, आरजेडी, अकाली दल और शिवसेना। सबका एक ही सुर- ये सियासतदानों की इज़्जत (अगर बची है तो) पर हमला है। इन पार्टियों में वो शिवसेना भी थी जिसके सुप्रीमो बाला साहब ठाकरे खुद एक बहुत बड़े कार्टूनिस्ट रहे हैं। इन पार्टियों में वो बीजेपी भी थी जिसके, पत्रकार रहे, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 26 सितंबर 2010 को दिल्ली के प्रैस क्लब में एक कार्टूनिंग प्रदर्शनी के मौके पर कार्टून की अहमियत पर बड़ा जो़रदार भाषण दिया था। लेकिन फिलहाल मामला चूंकि अंबेडकर से जुड़े कार्टून का है, दलित वोट बैंक का है, लिहाज़ा कोई भला पीछे क्यों रहे।

20वीं शताब्दी के चर्चित और महान कलाकार पेब्लो पिकासो ने कहा था- 'जी हां.. कला खतरनाक है और अगर वो बहुत शालीन है तो कला नहीं है।' लेकिन पिकासो को भला क्या पता था कि 21वीं सदी में कला का सामना उस खतरनाक प्राणी से होने वाला है जिसे 'नेता' कहते हैं और जो कला के साथ-साथ कलाकार को भी कच्चा चबा जाने का जबड़ा रखता है। इसीलिए तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने खुद पर कार्टून बनाने वाले को जेल की हवा खिला दी। मकबूल फ़िदा हुसैन, तस्लीमा नसरीन और सलमान रुश्दी से जुड़े कलंकित किस्से तो खैर सबको पता ही हैं। यानी हमारे समाज के चंद ठेकेदार कला और साहित्य को भी गले में पट्टा डले 'पालतू' की तरह रखना चाहते हैं।

खैर, लौटते हैं विवाद की जड़ बने 'कोड़े वाले' उसी कार्टून पर। 28 अगस्त 1949 को छपे उस कार्टून के रचियता थे केशव शंकर पिल्लै उर्फ शंकर। पद्म विभूषण शंकर को भारत में राजनीतिक कार्टूनिंग का पितामह कहा जाता है। 1932 से 1975 तक बदस्तूर छपे शंकर के चुटीले कार्टूनों का कोई संग्रह आप आज भी पलट लें तो उस दौर के सियासी इतिहास से रूबरू हो जाएंगे। बेहद गुदगुदे अहसास और होठों पर मुस्कुराहट के साथ। गांधी जी, जवाहर लाल नेहरू, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, जी बी पंत यानी आज़ादी की लड़ाई के किसी भी नेता का नाम लीजिए। शंकर का उन सबसे साथ निजी लगाव था। लेकिन कागज़ पर खींची अपनी लतियाती लकीरों में शंकर ने किसी को नहीं बख्शा।

एक बार शंकर को दिल्ली के लेडी इरविन कॉलेज के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया। शंकर ने राजधानी के मशहूर महिला कॉलेज की बेधड़क युवतियों को उनकी डिग्रियां थमाईं। अगले दिन 'हिंदुस्तान टाइम्स' में एक कार्टून छपा जिसका शीर्षक था- ' Thinking of opening a Lipstick Service Station at Connaught Place'। कार्टून ने बवाल खड़ा कर दिया। अखिल भारतीय महिला कॉंफ्रेंस की अध्यक्ष राजकुमारी अमृतकौर ने इसकी शिकायत अखबार के संपादक से की। मामला इतना बढ़ा कि गांधी जी के दरबार तक जा पहुंचा। आगबबूला अमृत कौर ने शंकर के खिलाफ अपनी चार्जशीट गांधी जी को सुनाई। इसके बाद शंकर ने सफाई दी। गांधी जी ने शंकर की सफाई सुनी और ठहाका मारकर कहा- 'जाओ शंकर, तुम्हें बाइज़्जत बरी किया जाता है।' और मामला सुलझ गया। लेकिन अब गांधी तो रहे नहीं, अब तो गांधी के चेले हैं जिन्होंने 'गुरु' की नसीहतों को मौकापरस्ती की अलमारी में रखकर दरवाज़े की चिटकनी चढ़ा दी है।

कहते हैं कि नेहरू खुद पर छपे कार्टून बेहद पसंद करते थे और शंकर के कार्टून तो नेहरू की कमज़ोरी थे। इसीलिए नेहरू और शंकर की खास दोस्ती भी थी। 1948 में शुरू हुई साप्ताहिक पत्रिका शंकर्स वीकली भारत में कार्टूनिस्टों की फैक्ट्री रही है। अबु अब्राहम, रंगा, कुट्टी, उन्नी और भी ना जाने कौन कौन। उसी शंकर्स वीकली का पहला अंक जारी करते हुए नेहरू ने अपना मशहूर वाक्य कहा था- Don't Spare Me Shankar (शंकर मुझे भी मत बख्शना)।

लेकिन नेहरू की बेटी इंदिरा शायद उतनी फिराक़दिल नहीं थीं। इमरजेंसी में शंकर्स वीकली पर प्रतिबंध लगा। इससे आहत शंकर ने शंकर्स वीकली का प्रकाशन बंद कर दिया। 27 जुलाई 1975 को पत्रिका का आखिरी अंक निकालने के बाद शंकर ने सियासी कार्टून बनाने बंद कर दिए और अपना पूरा ध्यान बच्चों के काम पर लगा दिया।

लेकिन माफ करना शंकर..आज अलग तरह की इमरजेंसी है। इस वक्त अगर आप होते तो आपको बच्चों के लिए भी काम करना बंद करना पड़ता।

IBN7IBN7
IBNLiveIBNLive
IBNLive IBNLive

कमेंट्स

4

  
अपना कमेंट भेजें

नाम *

 

सिटी *

ईमेल *

     

कमेंट्स *


IBN7IBN7
IBN7IBN7

नीरज गुप्ता के बारे में कुछ और

मास कम्यूनिकेशन्स में स्नातकोत्तर डिग्री लेने के बाद हरियाणा के हिसार शहर से 13 साल पहले दिल्ली का रुख किया। सहारा न्यूज में करीब तीन साल लगाने के बाद आज तक चैनल में मौका मिला। आज तक में क्राइम रिपोर्टिंग के साथ 'वारदात' और 'हत्यारा कौन' नाम के दो लोकप्रिय टीवी शोज़ की नियमित एंकरिंग की। पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में हाथ आज़माने के इरादे से आईबीएन7 का रास्ता पकड़ा और तमाम राज्यों में घूम-घूम कर चुनावी रिपोर्टिंग का लुत्फ उठाया। मुंबई ब्लास्ट हो या अजमेर शरीफ धमाका, गुर्जरों का हिंसक आंदोलन हो या फिर बिहार बाढ़ की मार्मिक त्रासदी, तिलंगाना की आग हो या नक्सलियों का मसला- खबरों की पतीली में उबलने वाले तमाम मुद्दों की गरमाहट का उनके बीच जाकर तजुर्बा किया।
IBN7IBN7

IBN7IBN7

पिछली पोस्ट

  • + संसद एक खोज
  • + लोकपाल पर लुटी लाज
  • + हौसले की मिट्टी, बदलाव का मैदान
  • + जिस लाहौर नईं वेख्या, ओ जम्याई नईं...
  • + घायल हुआ हिमालय...
  • + अभिनेता था.. अभी नेता हूं...
  • + नै ते ई मैर जैते...
  • + म्हारे कल्चर का घूंसा
  • + खबरों का आइस क्यूब, बोले तो यू ट्यूब

आर्काइव्स

IBN7IBN7

IBN7IBN7IBN7
देश|पॉलिटिक्स|सिटी|मनोरंजन|क्रिकेट|लाइफस्टाइल|फोटो|वीडियो|दुनिया|बिजनेस|खेल|ब्लॉग|CJ|धर्म-कर्म|अजब-गजब | स्पेशल|शो|लाइव स्कोर|News|Live TV
रीडर्स स्पेस|मुंबई न्यूज|आपका शहर|मैट्रो सिटी|क्राइम |बॉलीवुड |हॉलीवुड|टीवी|क्रिकेट|फैशन | रिश्ते|गैजेट्स |ऑटो | हैल्थ|ऑटो |RSS Feeds|Sitemap | Josh18 | ICC Champions Trophy 2013
हमारे बारे में|डिस्क्लेमर|संपर्क करें | फीडबैक |Latest Songs|Live Stock Market News|India's Premiere Technology Guide
© 2013 IBNkhabar.com India. सर्वाधिकार सुरक्षित