अपैल, 2009
दोस्तो, मेरी आपसे यह आखिरी मुलाकात है। न जाने दोबारा आपसे मुलाकात हो पाए या नहीं। दरअसल चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सुरेंद्रनगर संसदीय क्षेत्र में मोदी ने इसी बयान से पब्लिक रैली को संबोधित किया। मोदी ने अपने भाषण में अचानक आखिरी मुलाकात की बात कहकर लोगों को सन्न कर दिया। लोग शुरू में समझ नहीं पाए कि मोदी यह क्या कह रहे हैं। मोदी धीरे-धीरे बात लोगों के सामने रखते गए। मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने गुजरात दंगों को लेकर उन्हें जेल भेजने की साजिश बनाई है। 3 महीने के भीतर ही केंद्र सरकार मुझे गिरफ्तार करवा सकती है। दोस्तो, गुजरात के स्वाभिमान के लिए मैं बलि चढ़ने को तैयार हूं। जेल क्या गुजरात के लोगों के लिए मुझे फांसी पर भी चढ़ाया जाए तो गम नहीं। मैं पुनर्जन्म लेकर आपकी दोबारा सेवा करना चाहता हूं। मोदी ने जो भावनात्मक दांव खेला उसका असर....
एनडीए के प्रधानमंत्री इन वेटिंग लाल कृष्ण आडवाणी के लिए यह चुनाव जितने अहम हैं उतने ही अहम उनके राजनीतिक चेले और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए भी हैं। एक लिहाज से कहें तो आडवाणी के साथ-साथ मोदी की इज्जत भी दांव पर लगी हुई है। तभी तो मोदी जी ने अबतक की उनकी इमेज की परवाह किये बिना दागियों को टिकट देकर बीजेपी की चाल,चरित्र और चेहरे की विचारधारा की धज्जियां उड़ा दी हैं। बाकी के राज्यों के मुकाबले कम से कम गुजरात में दागियों को टिकट देने में पार्टियां परहेज करती थीं। इस बार मोदी जी को न जाने क्या हुआ कि ज्यादातर उन्हें टिकट दिया गया जो कहीं न कहीं किसी आपराधिक मामलें में लिप्त रहे हैं। पता नहीं विपक्षी कांग्रेस जो गुजरात में कमजोर है वो इसे मुद्दा बनाती है या नहीं। कांग्रेस के लिए दिक्कत भी यह है कि वो मुद्दों....









