फरवरी, 2009
चांद और फ़िज़ा ने समाज के एक हिस्से को हिलाकर रख दिया है। ये वो तबका है जो या तो प्यार करता है या फिर प्यार और रिश्ते पर यक़ीन करता है। विश्वास और अविश्वास की बहस प्यार और सेक्स की बहस बन गई है। क्या फ़िज़ा और चांद के बीच सच में प्यार था? या फिर सिर्फ़ शारीरिक आकर्षण और कुछ पल के आनंद को दोनों ने प्यार का नाम दिया? सवाल में ही कई जवाब छिपे हैं। ज़्यादा दूर मत जाइए- याद कीजिए वो प्रेस कॉफ़्रेंस। कम से कम चार टीवी चैनल पर फ़िज़ा उर्फ़ अनुराधा बाली अपने 'पति' चंद्रमोहन उर्फ़ चांद मोहम्मद के एसएमएस 'लाइव' दिखा रही थी। ये वो एसएमएस थे जब दोनों का प्यार परवान चढ़ रहा था। एसएमएस में क्या था? यहां पर उसका ज़िक्र करना ज़रूरी नहीं है। लेकिन हर एसएमएस के खुलासे के साथ एक ही सवाल बार-बार उठ रहा....









