जुलाई, 2009
कोई माने या न माने, हकीकत यही है कि कश्मीर में बहुत ही गंभीर स्थिति पैदा हो गई है जिसका सबूत यहां का हर एक लम्हा खुद बयान कर रहा है। अफरातफरी, हंगामे, प्रदर्शन व मनमानी हर जगह यही दिख रहा है। न किसी को मकसद का पता और ना ही किसी को यह मालूम की किस तरह कौन सा मामला हल किया जा सकता है। शोपियां में जो हुआ वो इस बात का सबूत फ़राहम करने के लिए काफी हैं। पीडीपी अध्यक्षा अपने मैंबर के साथ शोपियां पहुंचीं और उन्होंने कत्ल और बलात्कार मामले को हवा दी। महिलाओं के घर जाकर शोक जताना चाहा लेकिन घर में दाखिल होते ही वहां कोहराम मच गया। शोर इतना हुआ कि ना महबूबा जी कुछ कह सकीं और ना सुन सकीं। यहां मौजूद महिलाओं का यह हंगामा समझ में आ रहा था। और जब महबूबा जी कुछ नहीं कह पाईं तो....









