ibnkhabarlogo
IBN7
IBN7
  • देश
  • पॉलिटिक्स
  • सिटी
  • मनोरंजन
  • क्रिकेट
  • लाइफस्टाइल
  • फोटो
  • वीडियो
  • यूपी इलेक्शन
  • चुनाव 2012
FacebookTwitter
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खेल
  • ब्लॉग
  • CJ
  • एस्ट्रो
  • शो
  • स्पेशल
  • अजब-गजब
  • लाइव-स्कोर
  • रीडर्स स्पेस
  • चैट
  • Live TV
    CNN-IBN IBN7 IBN Lokmat CNBC-TV18 CNBC Awaaz MYTV
अफसर अहमद
Tuesday , January 24, 2012

भाड़ में जाए रश्दी...!


0IBNKhabar Google Buzz

बीते कई दिनों से टीवी पर रश्दी छाए हुए हैं। कुछ उसके समर्थन में हैं तो कुछ उनके विरोध में हैं। हंगामा जारी है। उनकी किताब सेटेनिक वर्सेज दो दशक बाद फिर 'जिंदा' हो गई है। यकायक मुस्लिम समुदाय के कुछ ठेकेदारों ने उसके यहां आने पर प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है तो विपक्ष में कई लेखक और अन्य पूछ रहे हैं कि भइया हर बात पर हल्ला मचाने की आदत कब बदलोगे। बार-बार कहने लगते हो कि इस्लाम खतरे में है.... टीवी पर हुई बहस की एक लाइन में यहां लिखना चाहूंगा- मुस्लिम धर्म गुरु फिरंगी महली और एक राइटर शीबा के बीच तीखी बहस जारी थी। महली कह रहे थे कि रश्दी को विरोध हर हाल में होना चाहिए और अपने बात नॉन स्टोप बोलते ही जा रहे थे इसी बीच शीबा ने उनसे पूछा- बाकी सब तो ठीक है लेकिन ये बताइये इतनी शिद्दत से मुस्लिम....

Saturday , December 31, 2011

केजरीवाल जी, लोकायुक्त भूल गए क्या?


0IBNKhabar Google Buzz

पत्रकार की एक मुसीबत होती है देश, समाज को जलाने झुलसाने वाले मुद्दे सोते-जागते साए की तरह उसके पीछे लग रहते हैं। वो चाहे भी तो उनसे पीछा नहीं छुड़ा पाता। आज साल का आखिरी दिन है। देशभर में हलचल मचाने वाला मुद्दा लोकपाल अल्प विराम यानी छोटा सा ब्रेक ले चुका है। लोकपाल राज्यसभा की दहलीज पर आकर अटक चुका है। अन्ना की टीम मुंबई के झटके के बाद नए प्लान पर ठहर सी गई है। अन्ना की तबीयत नासाज है। विपक्ष भी शांत हो गया। यानी सब अल्पकाल के लिए मौन में जा चुके हैं। पर मेरे मन में घनाघन सवाल बज रहे हैं। कभी सरकार को लेकर, कभी विपक्ष को लेकर और टीम अन्ना को लेकर। जवाब ढूंढने के लिए कभी में केजरीवाल के टीवी पर दिए इंटरव्यू देखता हूं तो कभी पक्ष-विपक्ष की अजूबी मंशाओं को टटोलने में जुट जाता हूं। उन सवालों में कुछ इस....

Wednesday, December 28, 2011

अन्ना जी, पीठ मत फेरो....


0IBNKhabar Google Buzz

मंच सजा है। शाम का समय है। अन्ना यकायक मंच पर आते हैं। हाथ में माइक ले बोलना शुरू कर देते हैं। इस बार उनकी बातों में वो कड़क नहीं है...वो धार नहीं है...वो जोश नहीं है। वो बोलने के लिए बोलते नजर आते हैं। अगस्त की तरह मंच के सामने, टीवी पर अपने घरों में लोग उन्हें टकटकी लगाए देख रहे हैं। वो बोल रहे हैं पर उत्साह गायब है। बोलते-बोलते वो बोल जाते हैं कि मेरा ये अनशन आज ही खत्म हो जाएगा। इस ऐलान से सब सकते हैं। अनशन तो कल भी चलना था आज ही कैसे खत्म हो गया? क्या अन्ना डर गए, क्या अन्ना का स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा, क्या अन्ना को पहले जैसा रेस्पांस नहीं मिल रहा, क्या अन्ना ने हार मान ली.....। तभी केजरीवाल ने माइक संभाला और प्रेस से सवाल पूछने को कहा- अन्ना सवालों का सामना सालों से कर रहे....

Saturday , December 10, 2011

अन्ना के निशाने पर क्यों हैं राहुल गांधी?


0IBNKhabar Google Buzz

अगस्त के बाद से फिर सबकुछ हिलने लगा है। अन्ना हुंकार रहे हैं। देश को पुकार रहे हैं। जमीन के अंदर से आ रही तेज हलचल को देश समझ रहा है, महसूस कर रहा है। कांग्रेस के लिए अब उस हलचल को मोटा कपड़ा डाल कर दबाए रखना नामुमकिन होता जा रहा है। फिर से दिल्ली की आबोहवा में आंदोलन की सनसनी शामिल होने लगी है। एक बड़े आंदोलन की बुनियाद पड़ना शुरू हो गई है। जो देश को चला रहे हैं उनके हाथ जरूर कांप न रहे हों लेकिन वो यूपीए के विमान की सेफ लैंडिंग कर पाएंगे ये यकीन अब उनको भी नहीं रहा। इन पायलटों को चिंता है। राहुल की। अपनी इमेज की। जनता ने समर्थन देकर अन्ना रूपी एक अलग ध्रुव बना दिया है। सबकुछ उसी ओर खिंचा चला जा रहा है। अगर बीजेपी होती तो कांग्रेस संभाल लेती, अगर लेफ्ट होता तो भी कांग्रेस संभाल....

Wednesday, December 07, 2011

कपिल सिब्बल जी, ये इमरजेंसी नहीं है...


0IBNKhabar Google Buzz

मंगलवार सुबह एक खबर कुछ अखबारों में आई और फिर चैनल पर चढ़ गई। खबर थी कि सरकार को सोशल साइट्स में सोनिया, मनमोहन से संबंधित कुछ कंटेंट पर आपत्ति है। सरकार ने बकायदा गूगल, याहू, फेसबुक के प्रतिनिधियों को बुलाकर अपनी अनिच्छा बता दी। दोपहर होते-होते ये खबर नेट बिरादरी में जंगल की आग की तरह फैल गए। इसी बीच कपिल सिब्बल टीवी पर अवतरित हुए। उन्होंने सफाई दी कि मामला सोनिया, मनमोहन से ज्यादा धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले कंटेंट को लेकर है। वैसे वे इन साइट्स पर लगाम नहीं लगाना चाहते लेकिन साथ में यह भी कह गए कि उन्हें हमारी भी सुननी पड़ेगी। ऊपर से देखने पर ये खबर सही नजर आती है। सरकार, कटेंट, सोशल साइट्स, चैनल, लोग आदि आदि। लेकिन भारत में दिन दूनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ती नेट की आबादी के लिए यह किसी धक्के से कम नहीं है। ये बताती है कि....

Thursday , December 01, 2011

उ...हूं...कोलावेरी…कोलावेरी...


0IBNKhabar Google Buzz

व्यंग्य मैं कभी हंसता हूं, कभी उदास होता हूं, कभी खुश होता हूं...क्या कहूं पत्रकार जो हूं। कभी खुशी कभी गम चलता रहता है। बस खडूसपन ये कि भाव कभी चेहरे पर नहीं आते। कभी नई सनसनी कोलावेरी सुन मूड हलका करने का मन करता है तो कभी संसद में धींगामुश्ती देखकर बाल नोंचने को मन करता है। 'टीवी सिंह' दिनभर चिल्लाता रहता है और 'अखबार सिंह' चुपचाप रोज सुबह आकर निकल जाता है। ये देश अजीब है यहां सब कुछ चलता रहता है। पीएम अड़े हैं कि रीटेल में एफडीआई पर किसी की नहीं मानूंगा। विपक्ष अड़ा है कि मान जाओ वर्ना संसद चलने नहीं देंगे। माया परेशान हैं कि कांग्रेस यूपी में फालतू की लीड लिए ले रही हैं। राहुल परेशान हैं कि कोई उनको सीरियसली लेने को क्यों नहीं तैयार हो रहा है। वो बार-बार आस्तीन चढ़ाते हैं तो विपक्षी बार-बार भवें। साउथ में करुणानिधि परेशान....

Friday , October 14, 2011

ये 700 करोड़ का पार्क क्यों माया जी?


0IBNKhabar Google Buzz

इसे बदकिस्मती कहूं या खुशकिस्मती, मैं नोएडा की उस रोड से रोज गुजरता हूं जहां माया का 700 करोड़ की लागत से 'माया मंदिर' तैयार किया गया है। मैं इसे मंदिर इसलिए कहूंगा क्योंकि माया ने अपनी ही कई मूर्तियां लगवा डाली हैं। महाकाय फव्वारा और मुख्य गुम्बद बाहर से साफ नजर आते हैं। अच्छी बात है कि माया को ऐसा सूझा कि उन्हें ये बनाना चाहिए लेकिन सवाल ये कि 700 करोड़ की रकम कहां से आई है। क्या ये माया की निजी संपत्ति थी या फिर यूपी के आम आदमी की गाढ़ी कमाई का हिस्सा। माया जब अपने पार्कों पर इतना खर्च कर रही हैं तो जाहिर है कि यूपी में विकास का स्तर काफी अच्छा होगा। क्या सचमुच ऐसा है? बीते कई दिनों से मैं यूपी इलेक्शन के लिए तैयार की गई माइक्रोसाइट पर काम कर रहा हूं। प्रदेशभर की जानकारी जुटाने के लिए मैंने हर जिले....

Monday , September 19, 2011

मियां मोदी


0IBNKhabar Google Buzz

दोस्तो, इंसान की फितरत है वो वक्त और मतलब के हिसाब से जीवन में कई चोले बदलता है या बदलने की कोशिश करता है। पर एक आम इंसान के इस 'बदलाव' या 'बदलाव की कोशिशों' का असर ज्यादा लोगों तक नहीं पहुंचता है और इसीलिए अक्सर ऐसे बदलावों को आम समाज में ज्यादा गौर से नहीं देखा जाता पर वही काम वो करे जिसे हम 'राजा' कहते हैं तो पूरे समाज, पूरे देश की उस पर नजर जाती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भगवा कमंडल पर सवार गुजरात की किस्मत का रथ खींचते नरेंद्र मोदी को अपना चोला बदलने का अवसर हाथ लग गया। मोदी ने 3 दिन के सद्भावना उपवास का ऐलान कर दिया। इस सद्भावना में उन्होंने वो किया जो अब तक उनसे कोई सपने में भी उम्मीद नहीं करता था। उन्होंने 'सबका साथ सबका विकास' का नारा दिया। मुस्लिमों को वो अपने उपवास स्थल पर....

Saturday , August 27, 2011

राहुल गांधी या वरुण गांधी


0IBNKhabar Google Buzz

लोकपाल को लेकर लंबी खींचतान के बाद शुक्रवार को प्रश्नकाल की समाप्ति के बाद जैसे ही लोकसभा में राहुल गांधी ने बोलाना शुरू किया तो सभी सकते में आ गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि लोकपाल पर बोलने के लिए कांग्रेस अपने युवराज को आगे करेगी। पर ऐसा हुआ। यकायक लोकसभा में राहुल अपनी सीट से उठे और बोलने लगे। अचानक हुई इस घटना को समझते ही तकरीबन सारे खबरिया चैनलों ने लोकसभा चैनल दिखाना शुरू कर दिया। बीते कई दिनों से देश में हलचल के वजह बने लोकपाल पर कांग्रेस का यह युवराज बोला जरूर लेकिन उम्मीद के उलट शब्दों को चबाते हुए आवाज में हुंकार भरते हुए उसके भाषण के पन्नों में अन्ना के आंदोलन पर असहमति का भाव साफ नजर आया। बेशक उन्होंने कहीं न कहीं कांग्रेस की सोच और नीति को ही अपनी बयानों में आगे किया पर अजीब ये कि वो भूल गए....

Friday , August 26, 2011

तू भी अन्ना, मैं भी अन्ना….


0IBNKhabar Google Buzz

मैंने अब तक के जीवन में कभी भी संसद की सर्वोच्चता को इस तरह बेमानी होते नहीं देखा। मैंने कभी नहीं देखा कि एक फकीर हुंकार लगाए और संसद में 'कंपन' होने लगे। मैंने नहीं देखा कि कोई भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे पर देश की राजनीतिक जड़ों को झकझोर कर रख सकता है। जो मैंने कभी नहीं देखा वो अब हो रहा है। सत्ता और विपक्ष दोनों सकते में हैं। अपना दंभ और गुरूर जनता के कदमों में जाते देख हमारे राजनीतिक तंत्र में एक स्वाभाविक बैचेनी साफ नजर आ रही है। ये देश नई अंगड़ाई ले रहा है। जाहिर है जो सतह पर जम चुका है वो अब उखड़ने लगा है। कहने वाले कह रहे हैं कि सतह की ये उखड़न दरअसल अंदर की उखड़न है। जनता बेचैन है, संसद बैचेन है, सिविल सोसायटी बैचेन है। सब बेचैन हैं लेकिन अलग-अलग वजहों से। संसद में कांग्रेस के युवराज राहुल बोल....

IBN7IBN7
IBN7IBN7

अफसर अहमद के बारे में कुछ और

एडिटर, आईबीएनखबर डॉट कॉम
IBN7IBN7

IBN7IBN7

पिछली पोस्ट

  • + अन्ना से डरते क्यों है नेता?
  • + जागो मदरसे वालों जागो…
  • + नंगा सच
  • + सिर्फ रामदेव से काम नहीं चलेगा
  • + अन्ना की आवाज
  • + थैंक्स धोनी…INDIA खुश हुआ...
  • + India @2050
  • + अतिवाद की भस्मासुरी संतानें
  • + इस्लाम किसी की बपौती नहीं है...

आर्काइव्स

IBN7IBN7

IBN7IBN7IBN7
देश|पॉलिटिक्स|सिटी|मनोरंजन|क्रिकेट|लाइफस्टाइल|फोटो|वीडियो|दुनिया|बिजनेस|खेल|ब्लॉग|CJ|एस्ट्रो|अजब-गजब | स्पेशल|शो|लाइव स्कोर|News|Live TV
रीडर्स स्पेस|मुंबई न्यूज|आपका शहर|मैट्रो सिटी|क्राइम |बॉलीवुड |हॉलीवुड|टीवी|क्रिकेट|फैशन | रिश्ते|गैजेट्स |ऑटो |हैल्थ|ऑटो |RSS Feeds|Sitemap | Josh18
हमारे बारे में|डिस्क्लेमर|संपर्क करें | फीडबैक |Connect.in.com|Live Stock Market News|India’s Premiere Technology Guide
© 2012 IBNkhabar.com India. सर्वाधिकार सुरक्षित