ibnkhabarlogo
IBN7
IBN7
  • देश
  • पॉलिटिक्स
  • सिटी
  • मनोरंजन
  • क्रिकेट
  • लाइफस्टाइल
  • फोटो
  • वीडियो
  • यूपी इलेक्शन
  • चुनाव 2012
FacebookTwitter
  • दुनिया
  • बिजनेस
  • खेल
  • ब्लॉग
  • CJ
  • एस्ट्रो
  • शो
  • स्पेशल
  • अजब-गजब
  • लाइव-स्कोर
  • रीडर्स स्पेस
  • चैट
  • Live TV
    CNN-IBN IBN7 IBN Lokmat CNBC-TV18 CNBC Awaaz MYTV
पुण्य प्रसून वाजपेयी
Tuesday , May 26, 2009

बादलपुर का दर्द और माया की मखमली चादर


4IBNKhabar Google Buzz

चुनाव परिणाम आने के अड़तालिस घंटे बाद मायावती के गांव बादलपुर के निवासी राम प्रवेश से जब मैंने चुनाव में बीएसपी को मिली शिकस्त पर सवाल पूछा तो बिना कुछ बोले राम प्रवेश ने अपनी अंगुली मायावती के घर की तरफ उठा दी। राम प्रवेश का घर मायावती की इमारत के पीछे करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर है। जहां से मायावती का बंगला साफ दिखाई देता है। खपरैल और कच्ची मिट्टी में ईंट के सहारे बने राम प्रवेश के घर से मायावती का बंगला पत्थर से बना दिखता है। हालांकि यह कमाल रंग-रोगन का भी है। खैर, मायावती के बंगले की तरफ उठी राम प्रवेश की अंगुली को देखकर मैंने फिर पूछा इसमें इस बंगले का क्या कसूर। रामप्रवेश ने बिना बोले अंगुली उन घरों की तरफ उठा दी जो कुकरमुत्ते की तरह बंगले के इर्द-गिर्द नजर आ रहे थे। तभी राम प्रवेश की पत्नी ननकी घर....

Thursday , May 21, 2009

मनमोहन, सोनिया और राहुल की "दीवार"


3IBNKhabar Google Buzz

1975 की प्रसिद्ध फिल्म \"दीवार\" का वह दृश्य याद कीजिये जिसमें मंदिर में मां की पूजा के बाद अमिताभ और शशिकपूर दो अलग-अलग रास्तों पर नौकरी के लिये निकल जाते हैं। अमिताभ एक ऐसे रास्ते चल पड़ते हैं जहां पैसा है, सुविधा है। वहीं पैसा बनाने के इस धंधे में अपराध करते अमिताभ को रोकने के लिये उन्हीं के भाई शशि कपूर सामने आते हैं। न्याय और अपराध के खिलाफ शशिकपूर की पहल को मां की हिम्मत मिलती है। अमिताभ मारे जाते हैं लेकिन उनका दम उसी मां की गोद में निकलता है जिसकी हिम्मत से शशिकपूर अमिताभ पर गोली दागते हैं। कांग्रेस को लेकर जनादेश के डायलॉग कुछ इसी तरह की एक नयी राजनीति गढ़ रहे हैं। जिसमें मनमोहन और राहुल गांधी के कामकाज के रास्ते अलग-अलग हैं। मनमोहन उस अर्थव्यवस्था से समाज को विकसित बनाने निकले हैं जिसमें देश के भीतर दो देश बनने ही हैं।....

Monday , April 20, 2009

राजनीतिक अंधेरे में नक्सली हिंसा के मायने


2IBNKhabar Google Buzz

चुनाव के पहले चरण में बैलेट पर बुलेट दाग कर नक्सलियों ने अपनी पांच साल पहले की उस सोच को ही मूर्त रूप देना शुरू किया है जिसे एमसीसी और पीडब्लूजी ने मिलकर पाला था, ठीक पांच साल पहले। 2004 में बिहार-झारखंड में सक्रिय माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर यानी एमसीसी और आंध्र प्रदेश से लेकर बस्तर तक में सक्रिय पीपुल्सवार ग्रुप यानी पीडब्लूजी एक हुए थे। उस वक्त नक्सली संगठनों के अंदर पीडब्लूजी की पहचान हथियारबंद संघर्ष के लिये मजबूत ट्रेनिंग दस्ते का होना था तो एमसीसी की पहचान प्रभावित इलाकों में लोगों को सामूहिक तौर पर जोड़कर किसी भी हमले को अंजाम देना था। लेकिन 2004 में जब दोनों संगठन एक हुए और सीपीआई माओवादी का गठन किया तो पहला सवाल दोनों के बीच इसी बात को लेकर उठा कि संसदीय राजनीति के चुनाव में माओवादियों की पहल का तरीका इस तरह का होना चाहिये जिससे आर्म्स स्ट्रगल....

Tuesday , April 14, 2009

घायल ताज और चुनावी तस्वीर


1IBNKhabar Google Buzz

गेट-वे के सामने खड़े होकर ताज होटल की फोटो खींचना नया टूरिज्म है। पुराना टूरिज्म ताज को पीठ दिखाते हुये गेट-वे ऑफ इंडिया की तस्वीर खींचना था। आतंक को लेकर खौफजदा मुंबई शहर में कोई भी बाहरी सबसे पहले उसी जगह पहुंचना चाहता है जहां, साठ घंटे तक गोलियां चलती रहीं, धमाके होते रहे और समूचे देश के कमोवेश हर घर में यह सब टीवी पर लाइव देखा जाता रहा। गेट-वे पर खड़े होकर समुद्र देखने से ज्यादा हसीन घायल ताज लगता है। खासकर जब सूरज ढल रहा हो। इसीलिये ढलते सूरज को समुद्र की ओट में देखने से ज्यादा हसीन सूरज की लालिमा में ताज की फोटो को कैद करने की होड़ हर दिन देखी जा सकती है। यह इलाका कोलाबा के नाम से जाना जाता है और चुनावी मौके पर दक्षिणी मुंबई की लोकसभा सीट के तौर पर इसकी पहचान है। लेकिन पहली बार सिर्फ ताज....

Monday , November 24, 2008

आरएसएस को हिन्दुत्व का पाठ पढ़ायेंगे सावरकर के लोग


14IBNKhabar Google Buzz

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की मानें तो एटीएस पंचतंत्र की कहानी लिख रहा है। क्योंकि जो लोग मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी हो सकते हैं वही लोग संघ के कार्यवाह मोहनराव भागवत और कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार की हत्या की साजिश कैसे रच सकते हैं। लेकिन हिन्दुत्व की जिस राह को अभिनव भारत सरीखा संगठन पकड़े हुये है और हिन्दुत्व का नाम लेते-लेते आरएसएस जिस राह पर जा चुका है अगर दोनों की स्थिति को दोनों के घेरे में ही देखें तो पहला सवाल यही उठेगा कि मालेगांव को लेकर जो सोच अभिनव भारत में है कमोवेश वही सोच आरएसएस को भी लेकर है। यानी मालेगांव और संघ के हिन्दुत्व में कोई अंतर करने की स्थिति में अभिनव भारत नहीं है। इस स्थिति को समझने से पहले जरा दोनों के अतीत को समझ लें। दरअसल अभिनव भारत जिस हिन्दू महासभा से निकला उसके कर्ता-धर्ता सावरकर थे जो सीधे कहते थे," इस....

Monday , November 24, 2008

आरएसएस को हिन्दुत्व का पाठ पढ़ायेंगे सावरकर के लोग (पार्ट-2)


14IBNKhabar Google Buzz

1937 तक तो जिस पंडाल में कांग्रेस का अधिवेशन होता था उसी पंडाल में दो दिन बाद हिन्दूमहासभा का अधिवेशन होता और मदन मोहन मालवीय के दौर में तो दोनों अधिवेशनों की अध्यक्षता मालवीय जी ने ही की। इसलिये आरएसएस कांग्रेस की थ्योरी से हटकर सोचती रही लेकिन हिन्दु महासभा का मानना है कि संघ ने बीजेपी की सत्ता का मजा लेकर सत्ता दोबारा पाने के लिये खुद के संगठन का कांग्रेसीकरण ज्यादा कर लिया है और हिन्दू राष्ट्र की थ्योरी को पूरी तरह नकार दिया है। महत्वपूर्ण यह भी है कि ब्रह्मणों की पंरपरा को लेकर भी मतभेद उभरे। चूंकि हेडगेवार की तरह सुदर्शन भी तेलुगु ब्रह्मण है तो हिन्दुत्व पर कड़ा रुख अपनाने की सुदर्शन की क्षमता को लेकर भी यह बहस हुई कि संघ फिलहाल सबसे कमजोर रूप में काम कर रहा है इसलिये संघ की मराठी लॉबी भी सावरकर की सोच को आगे बढ़ाने में....

IBN7IBN7
IBN7IBN7

पुण्य प्रसून वाजपेयी के बारे में कुछ और

IBN7IBN7

IBN7IBN7

पिछली पोस्ट

    आर्काइव्स

    IBN7IBN7

    IBN7IBN7IBN7
    देश|पॉलिटिक्स|सिटी|मनोरंजन|क्रिकेट|लाइफस्टाइल|फोटो|वीडियो|दुनिया|बिजनेस|खेल|ब्लॉग|CJ|एस्ट्रो|अजब-गजब | स्पेशल|शो|लाइव स्कोर|News|Live TV
    रीडर्स स्पेस|मुंबई न्यूज|आपका शहर|मैट्रो सिटी|क्राइम |बॉलीवुड |हॉलीवुड|टीवी|क्रिकेट|फैशन | रिश्ते|गैजेट्स |ऑटो |हैल्थ|ऑटो |RSS Feeds|Sitemap | Josh18
    हमारे बारे में|डिस्क्लेमर|संपर्क करें | फीडबैक |Connect.in.com|Live Stock Market News|India’s Premiere Technology Guide
    © 2012 IBNkhabar.com India. सर्वाधिकार सुरक्षित