फरीदाबाद के डबुआ गांव में हरिज़नों को मंदिर में चढ़ने से मना करने पर पुलिस ने गांव के 15 लोगों के खिलाफ हरिज़न एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पूरे गांव में इस समय तनाव छाया है और गांव के चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है ताकि किसी के बीच कोई झगड़ा न हो। मामला उस समय शुरू हुआ जब हरिज़नों की बारात ने रस्ते में पड़ने वाले उस मंदिर में जाने की कोशिश की। दरअसल गांव के ही रहने वाले राजपाल सिंह (हरिज़न) ने अपने बेटे अर्जुन की शादी नोएडा में दंकोर से तय की थी। बुधवार को जब राजपाल अपने बेटे की बारात लेकर जा रहा था तब रस्ते में ही मंदिर पड़ा जिस पर वो पूजा के लिए चढ़ने लगे, जिसका लोगों ने विरोध किया और उनको मंदिर पर नहीं चढ़ने दिया। आरोप है कि रोकने वालों ने हरिज़नों को जाति सूचक शब्द से बुलाना शुरू....
बड़खल झील की रौनक फिर लौटाने की तैयारी जारी है। हरियाणा पर्यटन निगम बड़खल में 'मिनी झील' बनाने की तैयारी कर रहा। निगम इसके लिए कंपनी से विचार विमर्श कर चुका है। मालूम हो कि बड़खल झील से फरीदाबाद ही नहीं हरियाणा की पहचान होती थी। लेकिन हर तरफ से अपनाई गई बेरुखी के चलते झील सूख गई। अवैध खनन भी इसके सूखने का कारण रहा। इसको दोबारा पानी से लबालब करने की कई योजनाएं बनी। पर पानी की कमी और संसाधनों के अभाव में एक भी योजना अमल में नहीं आई। ....
केंद्र सरकार ने राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगे हरियाणा के दो प्रमुख शहरों-गुड़गांव और फरीदाबाद सहित समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 23 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के मद्देनजर गुड़गांव में 250 और फरीदाबाद में 140 क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाने हैं। सुरक्षा को दुरुस्त करने के लिए हरियाणा सरकार ने दो पुलिस निदेशालय स्थापित किए हैं। राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन इस वर्ष 3-14 अक्टूबर के बीच होना है। ....
राष्टमंडल खेलों का आयोजन इस वर्ष 3 से 14 अक्टूबर के बीच राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होना है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने गुड़गांव और फरीदाबाद जैसे एनसीआर के शहरों को मेगा सिटी का दर्जा भी देने की मांग की है। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए हरियाणा सरकार को अतिथियों की खातिर 7,000 होटल कमरों की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य सरकार इस दिशा में काम शुरू कर चुकी है। ....
भारत के दिल के करीब अपना आशियाना बनाए फरीदाबाद कई मायने में अलग है। यहां शांति है, कम भीड़ है और खुली हवा है। बेशक कुछ लोगों की नजर में इसके मायने न हों लेकिन जो रोज लंबे लंबे जाम देखते हों, घर में मशीनी जिंदगी जीनी को मजबूर हों उन्हें फरीदाबाद सुहाता है। यहां हुड्डा और हाउसिंग बोर्ड ने मिलकर जो बनाया है वह और शहरों से बेहतर है। आप इस शहर के बारे में क्या सोचते हैं। अगर शहर से जुड़ा कोई फोटो या खबर हो तो कृपया हमें भेजे हम इसे इस ब्लॉग में जगह देंगे। ....









