मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार अभूतपूर्व संकट में है। दांव पर कांग्रेस पार्टी की प्रतिष्ठा भी है। एक ओर जहां रेल घूस कांड में रेलमंत्री के करीबी सीबीआई हिरासत में हैं तो दूसरी ओर कोयला घोटाले की जांच में हस्तक्षेप को लेकर कानून मंत्री व पीएमओ भी सुप्रीम कोर्ट के गुस्से का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में क्या हैं सरकार के सामने विकल्प? क्या रहेगी कांग्रेस की इस संकट से निपटने की रणनीति? क्या सरकार और पार्टी के बीच चल रहा है कोई टकराव और क्या सरकार के लिए संभव होगा अपना कार्यकाल पूरा करना? ये और इन जैसे कई सवाल आप सीधे पूछ सकते हैं आईबीएन7 के नेशनल ब्यूरो चीफ नीरज गुप्ता से, गुरुवार शाम पांच बजे से लाइव चैट में। अपने सवाल भेजें।

गुरुवार शाम पांच बजे May 08, 2013

मुश्किल में सरकार, कैसे होगा बेड़ा पार?

मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार अभूतपूर्व संकट में है। दांव पर कांग्रेस पार्टी की प्रतिष्ठा भी है। एक ओर जहां रेल घूस कांड में रेलमंत्री के करीबी सीबीआई हिरासत में हैं तो दूसरी ओर कोयला घोटाले की जांच में हस्तक्षेप को लेकर कानून मंत्री व पीएमओ भी सुप्रीम कोर्ट के गुस्से का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में क्या हैं सरकार के सामने विकल्प? क्या रहेगी कांग्रेस की इस संकट से निपटने की रणनीति? क्या सरकार और पार्टी के बीच चल रहा है कोई टकराव और क्या सरकार के लिए संभव होगा अपना कार्यकाल पूरा करना? ये और इन जैसे कई सवाल आप सीधे पूछ सकते हैं आईबीएन7 के नेशनल ब्यूरो चीफ नीरज गुप्ता से, गुरुवार शाम पांच बजे से लाइव चैट में। अपने सवाल भेजें।
9 questions answered | No question pending
  • क्या सरकार के लिए अपने मंत्रियों को बचा पाना संभव होगा? Asked by: राजेश दीवान
  • नीरज गुप्ता कतई नहीं.. सवाल बस वक्त का है। ये वक्त अगले कुछ घंटे भी हो सकता है और कुछ दिन भी। दरअसल जल्दबाज़ी में कुछ कर सरकार विपक्ष को वाहवाही लूटने देना नहीं चाहती। मेरी जानकारी के मुताबिक अगर फौरी तौर पर अश्वनी कुमार और पवन बंसल बच भी गए तो अगले हफ्ते होने वाले संभावित कैबिनेट पेरबदल में दोनों की छुट्टी तय है।
  • क्या यह सच नहीं की पूरी की पूरी कांग्रेस केवल अपनी खाल बचाने में जुटीहै उसे और सरकार को देश के सुप्रीम कोर्ट के सम्मान का ख्याल नहीं है? Asked by: रमेश दिवेदी
  • नीरज गुप्ता बिलकुल.. नियम कायदे कचहरी में चलते हैं.. राजनीति में मामला परसेप्शन का होता है। और परसेप्शन ये है कि सरकार भ्रष्टाचार को लेकर नरम है। कोर्ट की तल्ख टिप्पणियों के बाद कांग्रेस समझ चुकी है कि सरकार कटघरे में है। लेकिन चुनाव पार्टी को लड़ना है.. सोनिया और राहुल के चेहरों पर लड़ना है. लिहाज़ा लगातार ये संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि सोनिया खुश नहीं है. वो मंत्रियों के इस्तीपे चाहती हैं। सवाल ये कि अगर सोनिया इस्तीफा चाहें तो भला कौन मंत्री बचा रह सकता है।
  • kya aap ko lagta hai ki karnataka harnay kaa main karan hai advani ki galat policy Asked by: nandan srivatava
  • नीरज गुप्ता कनार्टक की हार के लिए कई कारण हैं जिनमें बीजेपी आलाकमान की गलत नीतियां तो हैं ही। लेकिन येदुरप्पा की नाराज़गी.. और पांच साल से लगातार बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई भी इसकी वजह है। पांच साल में तीन मुख्यमंत्री बदले। येदुरप्पा से सौदेबाज़ी में इतना वक्त लगाया कि जनता ने बीजेपी से यकीन खो दिया।
  • janta ka vishvaas kya ab sarkaar par hoga jo jaach hi sahi tarike se nahi karwa paa rahi. Asked by: pratik
  • नीरज गुप्ता हालांकि करनाटक की जीत से कांग्रेस उत्साहित है लेकिन लोकसभा चुनावों का मिजाज़ अलग होता है। लिहाज़ा जिस तरह लगातार सरकार की पोल खुल रही है उसका नतीजा चुनावों में दिखेगा। आखिर ये जनता है सब जानती है।
  • जहाँ तक मेरा मानना है ये जानबूझ कर मनमोहन से किनारा करने का तरीका भर है क्या आपको नहीं लगता की कांग्रेस नेतृत्वा को अब मनमोहन सिंह की जरूरत नहीं रही ? बस अब इन्हे किसी और के लायक न छोरने की कवायद है ? Asked by: समीर सिंह
  • नीरज गुप्ता मैं निजी तौर पर आपसे सहमत हूं। कांग्रेस पार्टी के सूत्र कहते हैं कि सोनिया गांधी अश्वनी कुमार और पवन बंसल का इस्तीफा चाहती हैं। बीजेपी कहती है कि उन्हें पीएम बचा रहे हैं क्योंकि एक तो वो पीएम के करीबी हैं और दूसरे पीएम को लगता है कि मंत्री हटे तो निशाने पर वो होंगे। लेकिन सवाल ये है कि सोनिया ना चाहें तो मंत्री भला कैसे रह सकता है। कांग्रेस नेतृत्व को लगता है कि सरकार तो कटघरे में कड़ी हो चुकी लेकिन चुनाव तो पार्टी को लड़ना है लिहाज़ा खुद को पीएम से दूर करो।
  • INTA SAB KUCH CBI DVARA KHULASA HONE KE BAD BHI KYA AAPKO NAHI KI MANMOHAN SARKAR KO DESH HIT ME BARKHAST KAR DENA CHAHIYE? Asked by: DHARMENDRA YADAV
  • नीरज गुप्ता देखिये, लोकतांत्रक व्यवस्था में सरकार को आरोपों के आधार पर बर्खास्त करना बहुत बड़ी बात होगी। विपक्ष को आक्रामक रुख अपनाना चाहिए. लेकिन वो ऐसा नहीं कर रहा। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष नहीं ला रहा क्योंकि उसे इसके कामयाब होने का यकीन नहीं है।
  • क्या सुप्रीम कोर्ट सीबीआई को केंद्र के चंगुल से आजाद करने की ताकत रखता है। Asked by: आलोक भारद्वाज
  • नीरज गुप्ता सुप्रीम कोर्ट ने करीब 15 साल पहले विनीत नारायण केस में कहा था कि सीबीआई के जांच अधिकारी और कोर्ट के बीच कोई नहीं आना चाहिए.. यानी सरकार भी नहीं। लेकिन कोर्ट की ये टिप्पणी किसी कानून की शक्ल नहीं ले पाई। कानून तो बेशक संसद को ही बनाना है लेकिन इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की दखलंदाज़ी सरकार पर दबाव का काम तो कर ही सकती है।
  • क्या संकट में घिरी सरकार समय पूर्व चुनाव की घोषणा भी कर सकती है? Asked by: पम्मी कौर
  • नीरज गुप्ता कर्नाटक की जीत से कांग्रेस उत्साहित है। लेकिन कानून मंत्री अश्वनी कुमार और रेल मंक्री पवन बंसल के मामलों ने उसे उलझा दिया है। अगले कुछ दिनों का सियासी घटनाक्रम अहम होगा। अगर सरकार खुद पर लगे भ्रष्टाचार के ठप्पे को थोड़ा भी कम कर पाई तो जल्द चुनाव हो सकते हैं।
  • समाजवादी पार्टी केंद्र सरकार पर हमलावर होते हुए भी उससे समर्थन वापस क्यों नहीं लेती? Asked by: अरविंद भदौरिया
  • नीरज गुप्ता सीबीआई का डर.. मुलायम सिंह और परिवार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है। सीबीआई जांच कर रही है और कोयला घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि सीबीआई पिंजरे में बंद तोता है। लिहाज़ा मुलायम की चाबी केंद्र के पास है। सरकार पर हमलावर होना उत्तर प्रदेश की स्थानीय सियासत का हिस्सा है।

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नीरज गुप्ता
नेशनल ब्यूरो चीफ