औरिका ने बदली जानवरों की बदहाल तस्वीर
आज से कुछ साल पहले औरिका और उनके पति पर्यटक की तरह उदयपुर घूमने आये थे लेकिन उनका घूमने का अनुभव कुछ ऐसा रहा कि उसके बाद उनकी पूरी ज़िंदगी बदल गई। 15 साल पहले औरिका और उनके पति अमेरिका से आये। उदयपुर आने की उन्हें ख़ुशी थी लेकिन एक परेशानी थी। उन्होंने देखा लावारिस जानवरों के लिए यहां पर कोई सुविधा नहीं थी।
बत्तखों की मौत के खिलाफ प्रवीण ने छेड़ी मुहिम

प्रवीण निकल पड़े ये जानने के लिए कि इन मौतों के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।
कछुओं को बचाने के लिए तरुण ने शुरू किया संघर्ष

तरुण सामाजिक मुद्दों को लेकर फिल्म बनाते हैं।
घूसखोर अफसरों के खिलाफ विजय आनंद की पहल

सिटीजन जर्नलिस्ट विजय आनंद ने 1997 में Zero Currency कैंपेन की शुरुआत की।
भू माफियाओं के खिलाफ एचएस डिलिमा की लड़ाई

एचएस डिलिमा का कहना है कि उनका ये संघर्ष उनकी मौत तक जारी रहेगा।
सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ जयश्री की मुहिम

जयश्री विजयकुमार के लिए जिंदगी का मिशन है ‘FIGHT AGAINST CORRUPTION’
रुचिका को इंसाफ दिलाने की अराधना की मुहिम

रुचिका की मौत के बाद राठौर को सजा दिलाने का अराधना का फैसला और मजबूत हो गया।
संतोष ने छेड़ी घरेलू हिंसा के खिलाफ मुहिम

नौकरी से रिटायमेंट के बाद संतोष ने इन औरतों के लिए कुछ करने का फैसला किया।
मुस्कान ने बदली महिलाओं की तकदीर

2002 में मुस्कान ने कुछ महिलाओं के साथ मिलकर कल्याण शिक्षण प्रशिक्षण समिति बनाई।
मनसुख ने बनाया ईको फ्रेंडली फ्रिज मिट्टी कूल

मिट्टी से बना ये फ्रिज पानी को ठंडा और फल-सब्जियों को पूरा दिन ताजा रखता है।
एम बी लाल की कोशिश, कूलर से मिली AC की हवा

एम बी लाल ने लोगों की इस परेशानी को समझा और कूलर को ही एसी बना डाला।
राहुल की पहल, कूड़ा-कीड़े से पर्यावरण की मदद

राहुल चाहते हैं कि हर कोई इस तरीके को अपनाए और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करे।
बीरेंद्र की सोच से उनका रोजगार और पर्यावरण बचा

बीरेंद्र ने एक ऐसा यंत्र बनाने में सफल हुए जो प्रदूषण को कम करने में सहायक था।
साहसी लोगों को सिटिजन जर्नलिस्ट पुरस्कार

अमिताभ बच्चन ने ये पुरस्कार प्रदान किए।
विकलांग होने के बावजूद हौसले में कमी नहीं

इन्होंने कमी को अपना हथियार बनाया और अपना एक मुकाम बनाया।
सड़क पर जीते बच्चों को ले राजीव की अनोखी मुहिम

1988 में इंटर की पढ़ाई के दौरान राजीव ने स्टेशन पर कूड़ा बीनने वाले बच्चों को पढ़ाना शुरू किया।
मिड डे मील के नाम पर स्कूली बच्चों पर अत्याचार

सचिन ने बताया कि किस तरह सरकारी स्कूलों में बच्चों के साथ अत्याचार किया जा रहा है।


























