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सांसद चौधरी अजित सिंह राष्ट्रीय लोकदल के संस्थापक हैं। उनका जन्म 12 फरवरी 1939 में मेरठ के भडोला गांव में हुआ था। वे खुद को जाट नेता कहलवाना भी पसंद करते हैं। लखनऊ में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद वे आईआईटी खड़गपुर में पढ़े और इसके बाद अमेरिका के इलिनाइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी में पढ़ने के बाद सत्रह साल अमेरिका में कॉरपोरेट जगत में काम करते रहे।
1980 में जब पिता चौधरी चरण सिंह बुजुर्ग हो गए तो उन्होंने अजित सिंह को दिल्ली बुलाया और अपना लोकदल उन्हें सौंप दिया। अजित सिंह 1986 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में पहुंचे। वे 1989 में लोकसभा के लिए चुने गए। 1991 में भी वे लोकसभा के लिए चुने गए। इस दौरान विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में 11 महीने के लिए वे उद्योग मंत्री भी रह चुके थे। 1998 में अजित सिंह बागपत से ही चुनाव हार गए। उन्हें बीजेपी के नेता सोमपाल शास्त्री ने हराया। इसके बाद अजित सिंह ने राष्ट्रीय लोकदल की स्थापना की और फिर चुनाव लड़ा। इस बार वो जीत गए।
जीवित हैं जिंदगी की गुहार लगाने वाले जवान
सीआरपीएफ के जिस जवान को शहीद बताकर उनकी तस्वीर और बयान दिखाया जा रहा था वो जिंदा हैं फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस बार अपने ही गढ़ में फंसे अजित सिंह
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट बाहुल्य बागपत लोकसभा सीट को बचाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौ. अजित सिंह को कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
इस बार अपने ही गढ़ में फंसे अजित सिंह
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट बाहुल्य बागपत लोकसभा सीट को बचाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौ. अजित सिंह को कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
मोदी को इतिहास की जानकारी नहीं: अजीत सिंह
आरएलडी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अजित सिंह ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। अजित ने कहा कि मोदी को देश के इतिहास की जानकारी नहीं है।
मोदी को इतिहास की जानकारी नहीं: अजीत सिंह
आरएलडी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अजित सिंह ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। अजित ने कहा कि मोदी को देश के इतिहास की जानकारी नहीं है।
देखें: कैसा है अजित सिंह का रिपोर्ट कार्ड?
आईए जानते हैं तमाम कसौटियों पर राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह के काम को उनके क्षेत्र पश्चिम उत्तर प्रदेश के बागपत की जनता कितना अच्छा या खराब मानती है।
देखें: कैसा है अजित सिंह का रिपोर्ट कार्ड?
आईए जानते हैं तमाम कसौटियों पर राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह के काम को उनके क्षेत्र पश्चिम उत्तर प्रदेश के बागपत की जनता कितना अच्छा या खराब मानती है।
RLD की पहली लिस्ट जारी, जया-अमर को टिकट
राष्ट्रीय लोकदल ने लोकसभा चुनाव के लिए आज सात उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में सांसद अमर सिंह और जया प्रदा का नाम भी शामिल हैं।
RLD की पहली लिस्ट जारी, जया-अमर को टिकट
राष्ट्रीय लोकदल ने लोकसभा चुनाव के लिए आज सात उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पहली सूची में सांसद अमर सिंह और जया प्रदा का नाम भी शामिल हैं।
अमर और जयाप्रदा ने थामा अजित का दामन
अमर सिंह आज अपनी सहयोगी जया प्रदा के साथ राष्ट्रीय लोक दल में शामिल होने जा रहे हैं। अमर सिंह ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि वो आरएलडी में शामिल हो रहे हैं।
अमर और जयाप्रदा ने थामा अजित का दामन
अमर सिंह आज अपनी सहयोगी जया प्रदा के साथ राष्ट्रीय लोक दल में शामिल होने जा रहे हैं। अमर सिंह ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि वो आरएलडी में शामिल हो रहे हैं।
खिसकने लगा RLD का जाट-मुस्लिम समीकरण
देश में साल 2009 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को जाट-मुस्लिम समीकरण की बदौलत ही पांच सीटें मिली थीं। मुजफ्फरनगर हिंसा के बाद आरएलडी का यह समीकरण तार-तार होता दिख रहा है।
देखें: अजित बोले, मुजफ्फरनगर दंगे में SP-BJP का राजनीतिक हित
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने तीखी बात में कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे में एसपी-बीजेपी का राजनीतिक हित था। वीडियो देखें
मुजफ्फरनगर दंगे पर सियासत, नेता करेंगे दौरा
मुजफ्फरनगर दंगों पर सियासी रंग चढ़ता जा रहा है। दंगे की आग में झुलस रहे इस शहर में अब नेताओं के दौरे का सिलसिला तेज होता जा रहा है।
मेरठ हवाई अड्डा निर्माण में कई सियासी पेंच
मेरठ जिले में हवाई अड्डा बनाए जाने का मामला सियासी दांव-पेंच में उलझता जा रहा है। राज्य सरकार हवाई अड्डे के लिए जमीन देने की प्रक्रिया पर अभी भी चुप्पी साधे हुए है।
‘UP की बदहाली के लिए माया, मुलायम जिम्मेदार’
अजित सिंह ने उत्तर प्रदेश की बदहाली के लिए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों- मुलायम सिंह, मायावती और कल्याण सिंह को जिम्मेदार ठहराया है।
  • अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने
  • राष्ट्रीय पार्टियों ने 123 महिलाओं को टिकट दिया
  • राज्य स्तर की पार्टियों ने 447 और पंजीकृत दलों के 3354 के अलावा 1687 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं
  • राष्ट्रीय पार्टियों ने इन चुनावों में 1351 उम्मीदवार मैदान में उतारे
  • 403 विधानसभा सीटों के लिए इस बार 6838 प्रत्याशी मैदान में उतरे जबकि पिछले चुनाव में 6086 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।
  • जौनपुर में परिसीमन के बाद जफराबाद, बदलापुर-मुंगराबाद, शाहपुर और मल्हनी नई सीट बनी हैं
  • जौनपुर में पिछली 11 फरवरी को हुए मतदान में परिसीमन के बाद सामने आई चार सीटों पर पहली बार कोई विधायक बनेगा
  • 2012 विधानसभा चुनाव में 1780 निर्दलीय उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं

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