

मुंबई। देश के शेयर बाजारों में गुरुवार को मामूली तेजी रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 40.39 अंकों की तेजी के साथ 16,070.48 पर और निफ्टी 11.95 अंकों की तेजी के साथ 4,870.20 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 88.99 अंकों की तेजी के साथ 16,119.08 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.35 अंकों की तेजी के साथ 4,878.60 पर खुला।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में नगण्य तेजी रही। मिडकैप 1.15 अंक की तेजी के साथ 5,880.57 पर और स्मॉलकैप 5.41 अंकों की तेजी के साथ 6,270.36 पर बंद हुआ।

नई दिल्ली। रिहायशी घरों की गिरती बिक्री को देखते हुए बिल्डरों ने अपनी मार्केटिंग का नया फॉर्मूला तैयार किया है। जिसके तहत बिल्डर ग्राहकों से 7.5 फीसदी ब्याज दर पर मकान बुक कर रहे हैं। इंदौर के एक बिल्डर ने इस नए फॉर्मूले के जरिए 50 मकान बेचने में कामयाबी हासिल की है।
महंगाई, ऊंची कीमतों और रेगुलेटरी दबाव ने लोगों को प्रॉपर्टी बाजार से दूर कर दिया है। अब मजबूरन बिल्डर अपने प्रोजेक्ट बेचने के लिए नए फॉर्मूले तलाश रहे हैं। मजे की बात ये है कि बिल्डरों को अपने मार्केटिंग के फंडे में कामयाबी भी मिल रही है। दरअसल इंदौर में बिल्डर 7.5 फीसदी की ब्याज पर ग्राहकों को होमलोन ऑफर कर रहे है। उन्होंने अपनी इस स्कीम को सफल बनाने के लिए देश के जानेमाने बैंक एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, एलआईसी हाउसिंग और बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ करार भी किया है।

नई दिल्ली। सरकार अंतर्राष्ट्रीय साख निर्धारक संस्था फिच के सामने अपना पक्ष रखकर देश की रिण साख सुधारने का प्रयास कर रही है। वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि भारत के दौरे पर आए फ्चि के अधिकारियों तथा वित्त मंत्रालय के शीर्ष पदाधिकारियो के बीच हुई बैठक में इस पर चर्चा की गई
फिच के अधिकारियों का दल ऐसे वक्त आया है जब भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले न्यूनतम स्तर पर है। ऐसी आंशका है कि देश के बढ़ते राजकोषीय और चालू खाता घाटे के कारण अर्थव्यवस्था की ऋण साख के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है। फिच का भारत दौरा इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

मुंबई। डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में बुधवार को रिकार्ड गिरावट आने के बाद गुरुवार को इसमें सुधार का रुख देखा गया। बुधवार को एक डॉलर की कीमत रिकार्ड 54.52 रुपये तक पहुंचने के बाद गुरुवार को इसमें 30 पैसे से अधिक का सुधार देखा गया और यह 54.20 रुपये दर्ज किया गया। रुपये की कीमत में यह सुधार बैंकों के अमेरिकी मुद्रा की बिक्री करने के कारण आया है।
वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच चालू खाता और राजकोषीय घाटे के बढ़ने की आशंका के कारण डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट का दौर जारी है।

मुंबई। देश के शेयर बाजारों में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को शुरुआती कारोबार में तेजी का रुख रहा।
प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 88.99 अंकों की बढ़त के साथ 16119.08 पर जबकि निफ्टी 20.35 अंकों की तेजी के साथ 4878.60 पर खुला। आज सुबह करीब 10.00 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 157.87 अंकों के उछाल के साथ 16187.96 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 49.10 अंकों की तेजी के साथ 4907.35 पर कारोबार कर रहा था। बीएसई के मिडकैप एवं स्मॉलकैप सूचकांकों में भी बढ़त का रुख देखा गया।
वाशिंगटन। पिछले दो वर्षों से मंदी के कारण दुनिया में वैश्विक व्यापार के लिए सुविधाओं की स्थिति खराब हुई है वहीं भारत और अन्य देशों में आर्थिक सुधार की प्रक्रिया जारी रहने के कारण इसमें सुधार हुआ है। विश्व बैंक के हालिया सर्वेक्षण में लॉजिस्टिक परफॉरमेंस इंडिकेटर्स (एलपीआई) में 3.08 अंक लेकर भारत इस मामले में 46वें स्थान पर पहुंच गया है। एलपीआई में 4.12 अंक हासिल कर व्यापारिक सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में सिंगापुर शीर्ष पर आसीन है। इस सर्वेक्षण में 155 देश शामिल किए गए हैं।
भारत, चीली, चीन, मोरक्को, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की और अमेरिका ने इस मामले में अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। एलपीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जितने भी उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाएं हैं इस मामले में शीर्ष पर हैं वहीं अल्प विकसित देश जिनकी अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हैं, वे निचले पायदान पर हैं।

नई दिल्ली। रुपया अपने सबसे निचले स्तर 54.44 पर पहुंच गया है। पिछले साल दिसंबर में रुपये ने 54.29 का रिकॉर्ड निचला स्तर बनाया था। ग्रीनबैक फॉरेक्स के सुब्रमण्यम शर्मा का कहना है कि रुपये में कमजोरी का रुख बना हुआ है। वैश्विक संकेतों का भी रुपये पर दबाव नजर आ रहा है।
सुब्रमण्यम शर्मा के मुताबिक आरबीआई रुपये को सहारा देने के लिए कोशिश में जुटा हुआ है। लेकिन, इसका असर नहीं नजर आ रहा है। आयातकों में घबराहट का माहौल बन गया है। सुब्रमण्यम शर्मा का मानना है कि डॉलर की सप्लाई बंद हो गई है जबकि मांग बढ़ती जा रही है। इसके अलावा बाजार में सेंटीमेंट भी खराब हो गए हैं। रुपये के 54.8 तक गिरने की आशंका है।
सुब्रमण्यम शर्मा के मुताबिक रुपये की गिरावट पर लगाम लगाने के लिए आरबीआई को अब ईसीबी के नियमों में ढील देनी चाहिए। जीएएआर और पुरानी तारीख से टैक्स लगाने के प्रस्ताव से एफआईआई भारतीय बाजारों से बच रहे हैं।
नई दिल्ली। खाने-पीने की वस्तुओं के व्यापार से जुड़े कारोबारियों ने सरकार से चना, काली मिर्च, सोयाबीन, सरसों, हल्दी और खाद्य तेलों में वायदा कारोबार को तुरंत बंद कर पिछले एक साल के दौरान हुए सौदों की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
कारोबारियों का कहना है कि वायदा कारोबार के जरिये कुछ गिनी चुनी बड़ी कंपनियां गुट बनाकर किसानों और उपभोक्ताओं का शोषण करने में जुटी हुई हैं। उनके अनुसार हाल में ग्वार गम के वायदा कारोबार की जांच में जिस तरह की भारी गड़बड़ियां पाई गई हैं। उसी तरह खाद्य जिंसों के वायदा कारोबार की जांच कराए जाने पर वास्तविकता सामने आ जाएगी।
लंदन। एक नए सर्वेक्षण के मुताबिक ब्रिटेन में पूर्वकालिक नौकरियों के अभाव में लोग पार्टटाइम नौकरी करने को मजबूर है। पिछले चार साल में इस तरह की नौकरी करने वालों की संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई है।
ब्रिटेन के श्रम संगठनों के एक फेडरेशन ट्रेड यूनियन कांग्रेस (टीयूसी) के हवाले से समाचार पत्र डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक दिसम्बर माह में पूर्णकालीक नौकरी की खोज में लगे करीब छह लाख पुरुष पार्टटाइम नौकरी कर रहे थे जबकि साल 2007 के अंत में यह संख्या महज दो लाख 93 हजार थी।
नई दिल्ली।बाजार में गिरावट बढ़ती नजर आ रही है और सेंसेक्स-निफ्टी करीब 2 फीसदी लुढ़क 16,000 और 4850 के नीचे आ गए हैं। दोपहर 12.12 बजे, सेंसेक्स 328 अंक गिरकर 15999 और निफ्टी 95 अंक गिरकर 4847 के स्तर पर हैं।
ऑटो, मेटल, पावर, रियल्टी, बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3-2 फीसदी टूटे हैं। कैपिटल गुड्स, पीएसयू, आईटी, तकनीकी, एफएमसीजी 1.5-1 फीसदी गिरे हैं। हेल्थकेयर और ऑयल एंड गैस शेयर 0.25 फीसदी कमजोर हैं।
टाटा मोटर्स करीब 7 फीसदी लुढ़का है। एचडीएफसी, बीएचईएल, मारुति सुजुकी, आईसीआईसीआई बैंक, डीएलएफ, जिंदल स्टील, टाटा स्टील, हिंडाल्को, एनटीपीसी 4.5-2.5 फीसदी टूटे हैं।






















































