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भारत की शर्मनाक हार, इंग्लैंड 10 विकेट से जीता

Updated Nov 26, 2012 at 13:46 pm IST |

 

26 नवम्बर 2012
वार्ता

मैच का पूरा स्कोरकार्ड देखने के लिए यहां क्लिक करें

मुंबई। स्पिनरों की मददगार पिच बनाकर अंग्रेज बल्लेबाजों को उसमें फंसाने की टीम इंडिया की चाल एकदम उलटी पड़ गयी और इंग्लैंड ने दूसरे टेस्ट में चौथे ही दिन यहां 10 विकेट से शानदार जीत हासिल करते हुए चार मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।

पहले घंटे में निपट गए शेष 3 विकेट

पहली पारी में 86 रन से पिछड़ने के बाद भारत ने अपनी दूसरी पारी सात विकेट पर 117 रन से आगे बढ़ायी और उसके शेष तीन विकेट पहले घंटे के खेल में ही निपट गए। ओपनर गौतम गंभीर (65) के एकल प्रयास के बावजूद भारत की दूसरी पारी 142 रन पर जाकर ठिठक गयी और मेहमान टीम के जीत के लिए 57 रन का मामूली लक्ष्य मिला।

अंग्रेजों की शानदार जीत

इंग्लैंड ने बिना कोई विकेट खोए 9.4 ओवर में 58 रन बनाकर भोजनकाल से पहले ही दस विकेट से शानदार जीत हासिल कर ली। जिस ट्रैक पर स्पिनरों को खेलने में माहिर भारतीय बल्लेबाजों के लिए टिकना मुश्किल हो गया उसी पिच पर इंग्लैंड की ओपनिंग जोड़ी ने इत्मीनान से खेलते हुए अपनी टीम को जीत की मंजिल पर पहुंचा दिया।

भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड की जीत की आसान

कप्तान एलेस्टेयर कुक ने नाबाद 18 और निक काम्प्टन ने नाबाद 30 रन बनाए। भारतीय गेंदबाजों ने इस दौरान दस अतिरिक्त रन देकर इंग्लैंड की जीत आसान कर दी। जीत के लिए मिले बेहद मामूली लक्ष्य का इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने एकदिवसीय के अंदाज में पीछा किया।

भारतीय स्पिन तिकड़ी हुई फेल

खासकर कॉम्प्टन बेहद आक्रामक दिखे और उन्होंने 28 गेंदों की अपनी पारी में चार चौके और एक छक्का उड़ाया जबकि कुक ने 30 गेंदों की अपनी पारी में एक चौका लगाया। भारत की स्पिन तिकड़ी रविचंद्रन अश्विन, प्रज्ञान ओझा और हरभजन सिंह दूसरी पारी में कोई सफलता हासिल करने में नाकाम रहे। अश्विन की गेंद पर चार बाई रन मिलते ही इंग्लैंड ने जीत की मंजिल पा ली और उसके खिलाडी जीत की खुशी में उछल पड़े।

'भष्मासुर' बने धोनी

गत वर्ष इंग्लैंड दौरे पर 0-4 से शर्मनाक पराजय झेलने वाली टीम इंडिया ने दावा किया था कि वह इस सीरीज में इंग्लैंड का सूपड़ा साफ कर उस हार का बदला लेगी, लेकिन कप्तान धोनी की मनमाफिक वानखेडे स्टेडियम की टर्निंग पिच मेजबान टीम के लिए ही भस्मासुर बन गयी और उसे इंग्लैंड को सीरीज में वापसी का मौका दे दिया।

पहले टेस्ट का लिया बदला

इंग्लैंड को अहमदाबाद में पहले टेस्ट में नौ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उसने अपने बल्लेबाजों और स्पिन गेंदबाजों के दम पर मुंबई टेस्ट जीतकर सीरीज में शानदार वापसी करते हुए टीम इंडिया को उसी की मांद में धूल चटा दी और इसके साथ ही कोलकाता में पांच दिसंबर से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट के लिए भी अपने हौसले बुलंद कर दिए।

स्पिनरों ने चटकाए 19 भारतीय विकेट

भ्रमणकारी टीम इस मैच में हर लिहाज से भारत पर भारी पड़ी। जिस पिच पर भारतीय बल्लेबाज पानी मांगते नजर आए उस पिच पर कुक और केविन पीटरसन ने शतक ठोककर अपनी टीम को पहली पारी में अहम बढ़त दिलायी और फिर उसके स्पिन द्वय मोंटी पनेसर और ग्रीम स्वान ने पूरी कर दी। इन दोनों स्पिनरों ने भारतीय के 19 विकेट चटकाए।

वानखेडे में भारत की लगातार दूसरी हार

भारत की इंग्लैंड के खिलाफ वानखेडे स्टेडियम में सात टेस्टों में यह कुल तीसरी और लगातार दूसरी हार है। इससे पहले उसे 1980 और 2006 में इंग्लिश टीम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। टीम इंडिया की वानखेडे में यह 23 टेस्टों में सातवीं हार है। उसने इस मैदान पर नौ टेस्ट जीते हैं।

धोनी की कामना हूई पूरी

धोनी की साढ़े तीन दिन में मैच निपटाने की कामना तो पूरी हो गयी, लेकिन उनके सिर जीत का सेहरा नहीं सजा बल्कि उन्हें शर्मनाक पराजय का सामना करना पड़ा। गंभीर ने भी तीसरे दिन के खेल के बाद कहा था कि वह किसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं लेकिन ऐसा कोई चमत्कार नहीं हुआ।

भारत की दूसरी पारी 142 रन पर ढेर

इससे पहले भारत ने तीसरे दिन के स्कोर सात विकेट पर 117 रन से आगे खेलना शुरू किया था। गंभीर 53 रन और हरभजन सिंह एक रन पर खेल रहे थे। इंग्लैंड के लिए पनेसर ने गेंदबाजी आक्रमण की शुरुआत की, लेकिन उनका पहला ओवर काफी महंगा साबित हुआ। हरभजन और गंभीर ने उनकी गेंदों पर चौके जड़े।

लेकिन स्वान ने अपने पहले ही ओवर में हरभजन को आउट कर भारत को दिन का पहला झटका दे दिया। हरभजन अपने कल के स्कोर में पांच रन जोड़कर स्वान की गेंद पर स्लिप में जोनाथन ट्रॉट के हाथों लपके गए। पनेसर ने फिर जहीर खान (एक) को विकेटकीपर मैट प्रायर के हाथों कैच करा दिया।

अंपायर के फैसले से गंभीर नाखुश

गंभीर और प्रज्ञान ओझा ने फिर अंतिम विकेट के लिए 11 रन की साझेदारी की। गंभीर को स्वान की गेंद पर पगबाधा करार दिया गया। हालांकि गंभीर अंपायर टोनी हिल के इस फैसले से खुश नहीं थे। गंभीर ने 183 मिनट में 142 गेंदों की अपनी पारी में छह चौके लगाए, लेकिन भारत के नौ बल्लेबाज दहाई की संख्या में नहीं पहुंच सके।

दोनों पारियों में पनेसर ने सचिन का किया शिकार

इंग्लैंड की ओर से पनेसर ने 81 रन पर छह विकेट और स्वान ने 43 रन पर चार विकेट लिए। बाएं हाथ के स्पिनर पनेसर ने इस तरह मैच में कुल 210 रन देकर 11 विकेट लिए जबकि ऑफ स्पिनर स्वान ने 113 रन देकर आठ विकेट अपने नाम किए। पनेसर ने दोनों पारियों में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर करने की उपलब्धि भी हासिल की।

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