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नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों पर RBI का शिंकजा

Updated Dec 13, 2012 at 12:42 pm IST |

 

13 दिसंबर 2012
Moneycontrol.com  

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आरबीआई ने नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) पर शिकंजा कसने के लिए नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं।आरबीआई ने बुधवार को एनबीएफसी के लिए पूंजी, रिस्क, प्रोविजनिंग और एसेट क्लासिफिकेशन को लेकर नए नियम जारी किए। अब किसी भी एनबीएफसी को 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने से पहले आरबीआई की मंजूरी लेना जरूरी होगा।

1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की एसेट साइज वाली एनबीएफसी को नए सीईओ को नियुक्त करने से पहले आरबीआई से मंजूरी लेनी होगी। इसके साथ ही एनबीएफसी के लिए टियर 1 कैपिटल को 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही एनबीएफसी के लिए एनपीए नियम भी बैंकों जैसे कड़े हो गए हैं। अब 90 दिन तक पेमेंट नहीं मिलने पर अकाउंट एनपीए माना जाएगा, पहले ये सीमा 120 दिन थी।

साथ ही एनबीएफसी के लिए प्रोविजनिंग भी कड़ी हो गई है। पहले के 0.25 फीसदी के मुकाबले एनबीएफसी को अब अपने एसेट के 0.4 फीसदी की प्रोविजनिंग करनी होगी। अब पब्लिक से पैसा जुटाने के लिए एनबीएफसी को रेटिंग कराना जरूरी होगी। रेटिंग नहीं कराने पर एनबीएफसी बाजार से पैसा नहीं जुटा पाएंगी।

अब बैंक लेकर आएंगे फोटो वाले ‘डेबिट कार्ड’

 

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पाठकों की राय | 13 Dec 2012


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