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ऐसे करें पैसों का सही निवेश और बन जाएं ‘करोड़पति’

Updated Nov 27, 2012 at 11:18 am IST |

 

27 नवम्बर 2012
Moneycontrol.com


निवेश के पहले हर तरह की जानकारी इकट्ठी करना जरूरी होता है। लेकिन, जानकारी ढूंढने के लिए काफी वक्त लगता है।

जिन लोगों के पास समय की कमी है वो 5 बुनियादी नियमों के आधार पर भी निवेश कर सकते हैं।

1. आपका पैसा कितने सालों में दोगुना होगा

आपको कई एजेंट मिल जाएंगे, जो वादा करते हैं कि उनकी स्कीम में 10 साल में निवेश दोगुना हो जाएगा। इन वादों में कितनी सच्चाई है जानने के लिए आप 72 का नियम इस्तेमाल कर सकते हैं।

निवेश दोगुना करने के लिए जरूर रिटर्न= 72/साल

जैसे एजेंट का कहना हो कि आपका पैसा 10 साल में दोगुना होगा, तो निवेश पर 72/10=7.2 फीसदी का सालाना रिटर्न मिलना जरूरी है। इसी नियम से आप आपका पैसा कितने सालों में दोगुना होगा ये जान सकते हैं।

निवेश दोगुना करने के लिए लगने वाले साल= 72/सालाना रिटर्न

जैसे आपको अपने निवेश पर 15 फीसदी का सालाना रिटर्न मिल रहा है, तो पैसा दोगुना होने के लिए 72/15= 4 साल 10 महीने लगेंगे। लेकिन, ध्यान में रखिए कि 72 का नियम से मोटे तौर पर अनुमान लग सकता है।

2. इक्विटी में कितना निवेश करें

आपके पोर्टफोलियो में इक्विटी का हिस्सा कितना होना चाहिए, इसके लिए आसान नियम है 100-आपकी उम्र। जैसे उम्र 30 साल है तो इक्विटी में 100-30=70 फीसदी निवेश करें।

लेकिन, इस नियम को आंखें बंद करके इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। जैसे मध्यम अवधि में आपको पैसों की जरूरत हो तो आपको इक्विटी के बजाय फिक्स्ड डिपॉजिट में ज्यादा निवेश करना चाहिए।

3. मासिक वेतन में से कितनी बचत की जाए

आदर्शत: मासिक वेतन के 10 फीसदी के बराबर रकम को बचत के तौर पर अलग रखे जाना चाहिए। अगर किसी महीने खर्च बढ़ने की वजह से बचत नहीं कर पाते हैं, तो अगले महीने दोगुनी बचत करनी चाहिए।

इसके अलावा इसके अलावा बचत को सेविंग्स अकाउंट के बजाय स्वीप-अन-अकाउंट में डालने से ज्यादा फायदा मिलेगा।

4. होम लोन का कितना बोझ उठाने की क्षमता है

बैंक आपको उतना ही होम लोन देगा, जिसकी ईएमआई आपके मासिक वेतन के एक तिहाई से ज्यादा न हो।

आप उतना ही कर्ज लें, ताकि कर्ज के भुगतान पर आपकी कमाई का एक तिहाई हिस्से से ज्यादा खर्च न हो। इसे डेट टू इनकम रेश्यो कहते हैं। डेट टू इनकम रेश्यो को जानने के लिए अपनी कुल ईएमआई को आय से विभाजित करें।

5. आपातकाल के लिए कितनी नकदी रखी जाए

आपातकाल के लिए जरूरी है कि कुछ रकम अलग रखी जाए। लेकिन, इस पूंजी का इस्तेमाल कार खरीदने, घर का रखरखाव, जैसे बातों के लिए खर्च नहीं किया जाना चाहिए। आपातकाल फंड में कितनी पूंजी रखी जाए, इस पर अलग-अलग राय है।

कुछ फाइनेंशियल प्लानर्स का मानना है कि 3-6 महीनों के मासिक खर्च के बराबर आपातकाल के लिए नकदी रखी जानी चाहिए। वहीं, कुछ कम से कम 6 महीने के मासिक खर्च के बराबर आपातकाल फंड बनाने की राय देते हैं।

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10 में से 4 वोट मिले

पाठकों की राय | 27 Nov 2012

Dec 10, 2012

. इस बात से सहमत हू

BALWAN PANCHKULA

Nov 27, 2012

अच्छी बाते है अगर समय और ज़रूरत के हिसाब से थोड़ी बहुत प्लस माइनस करके इनका अनुसरण किया जाए.

rakesh delhi


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