23 अक्टूबर 2014

न्यूजलैटर सब्सक्राइब करें

CLOSE

Sign Up


शेयरबाजार समीक्षा: हावी रही गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी टूटे

Updated Feb 02, 2013 at 11:01 am IST |

 

02 फरवरी 2013
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस

मुम्बई।
  देश के शेयर बाजारों में गत सप्ताह पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में सर्वाधिक गिरावट रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भी लुढ़के। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत सप्ताह 1.60 फीसदी या 322.34 अंकों की गिरावट के साथ 19,781.19 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 1.25 फीसदी या 75.75 अंकों की गिरावट के साथ 5,998.90 पर बंद हुआ।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गत सप्ताह गिरावट रही। मिडकैप 0.10 फीसदी या 6.73 अंकों की गिरावट के साथ 6,967.50 पर और स्मॉलकैप 1.21 फीसदी या 86.23 अंकों की गिरावट के साथ 7,056.48 पर बंद हुए।

सेंसेक्स के 30 में से आठ शेयरों में गत सप्ताह तेजी रही। कोल इंडिया (4.26 फीसदी), सिप्ला (3.89 फीसदी), आईटीसी (3.24 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.79 फीसदी) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (0.64 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही। गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे भारती एयरटेल (8.09 फीसदी), टाटा मोटर्स (5.33 फीसदी), एलएंडटी (4.50 फीसदी), भारतीय स्टेट बैंक (4.11 फीसदी) और जिंदल स्टील एंड पावर (3.98 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

बीएसई के 13 में से चार सेक्टरों उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (2.20 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (1.68 फीसदी), रियल्टी (1.33 फीसदी) एवं स्वास्थ्य सेवा (1.10 फीसदी) में तेजी रही। गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे पूंजीगत वस्तु (2.94 फीसदी), तेल एवं गैस (1.69 फीसदी), वाहन (1.67 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.62 फीसदी) और बिजली (1.29 फीसदी)।

पिछले सप्ताह के प्रमुख घटनाक्रमों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2012-13 की तीसरी तिमाही की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर और नकद आरक्षी अनुपात में कटौती कर दी।

आरबीआई ने रेपो दर और नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में 25 आधार अंकों की कटौती की है, जिससे बैंकिंग प्रणाली में 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता का संचार होगा।

लम्बे इंतजार के बाद हुई इस कटौती के बाद ताजा रेपो दर 7.75 फीसदी हो गई। इससे पहले आरबीआई ने अप्रैल 2012 में रेपो और रिवर्स रेपो दर में 50 आधार अंकों की कटौती की थी।

रेपो दर वह दर होती है, जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को छोटी अवधि के कर्ज देता है। रेपो दर में कटौती के साथ ही रिवर्स रेपो दर भी घट कर 6.75 फीसदी हो गई। रिवर्स रेपो दर वह दर होती है, जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों से छोटी अवधि के लिए उधारी लेता है।

आरबीआई ने सीआरआर को भी 25 आधार अंक घटाकर 4.00 फीसदी कर दिया है। यह बैंकों की कुल जमा का वह अनुपात होता है, जो उन्हें आरबीआई के पास रखना होता है। सीआरआर में इस कटौती से बाजार में 18 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता पैदा होगी।

आरबीआई ने अर्थव्यवस्था के बारे में कुछ अनुमानों में संशोधन भी किए। सुब्बाराव ने कहा कि मौजूदा कारोबारी साल के लिए विकास दर का अनुमान 5.5 फीसदी रखा गया है, जो पहले 5.8 फीसदी रखा गया था। उन्होंने कहा कि मार्च के अंत तक महंगाई दर का अनुमान 6.8 फीसदी रखा गया है, जो पहले 7.5 फीसदी रखा गया था।

 

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 0 वोट मिले

पाठकों की राय | 02 Feb 2013


कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का इस्तेमाल न करें। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। सभी टिप्पणियां समुचित जांच के बाद प्रकशित की जाएंगी।
नाम
शहर
इमेल

आज के वीडियो

प्रमुख ख़बरें

Live TV  |  Stock Market India  |  IBNLive News  |  Cricket News  |  In.com  |  Latest Movie Songs  |  Latest Videos  |  Play Online Games  |  Rss Feed  |  हमारे बारे में  |  हमारा पता  |  हमें बताइए  |  विज्ञापन  |  अस्वीकरण  |  गोपनीयता  |  शर्तें  |  साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.