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महंगाई घटाने का फॉर्मूला, अमीरों से वसूलों ज्यादा टैक्स!

Updated Jan 04, 2013 at 16:01 pm IST |

 

04 जनवरी 2013
Moneycontrol.com

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अमेरिका की तर्ज पर हो सकता है कि इस साल बजट में सरकार अमीरों पर इनकम टैक्स बढ़ा दे। दरअसल ये चर्चा अब चल निकली है कि क्या सिर्फ खर्चों में कटौती से ही सरकार अपना वित्तीय घाटा कम कर सकती है।

लगे अमीरों पर ज्यादा टैक्स

प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार सी रंगराजन मानते हैं कि सरकार को अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए। काफी ज्यादा कमाने वालों पर सरकार को अलग टैक्स स्लैब बनाकर 30 फीसदी से ज्यादा टैक्स लगाना चाहिए।

इससे होगी सरकारी घाटे की भरपाई


सी रंगराजन के मुताबिक टैक्स रेट में बढ़ोतरी कर सरकार को घाटे की भरपाई करनी चाहिए। सिर्फ खर्च कम कर वित्तीय घाटा काबू होना मुश्किल है।

डिविडेंड पर भी लगे ज्यादा टैक्स

सिर्फ यही नहीं रंगराजन ने डिविडेंड पर फिर टैक्स लगाने की वकालत की है। रंगराजन मानते हैं कि अभी डिविडेंड पर कंपनियां जो टैक्स देती हैं वो काफी कम है। ऐसे में डिविडेंट पर कम से कम 16 फीसदी टैक्स लगना चाहिए।

बजट में रखा जाएगा ये प्रस्ताव

नए वित्तीय वर्ष के लिए बनाए जाने वाले बजट में ये प्रस्ताव रखा जाएगा और तभी सरकार अपने वित्तीय घाटे को कम कर पाएगी। फिलहाल 2 लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता। 2-5 लाख रुपये की आय पर 10 फीसदी और 5-10 फीसदी पर 20 फीसदी टैक्स देना होता है। 10 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई होने पर टैक्स की दर 30 फीसदी है।

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पाठकों की राय | 04 Jan 2013

Jan 05, 2013

ज़्यादा टॅक्स से फ़ायदा नही होगा उल्टा नुकसान होगा मगर प्रॉपर्टी होल्डिंग टॅक्स लगाना चाहिए. 1000 फुट से ज़यादा ज़मीन रखने वालो से 10 रुपया पर फुट से हर साल टॅक्स वसूलना चाहिए. 2000 फुट से ज़्यादा ज़मीन रखने वालो से 20 रुपया व 3000 फुट से ज़्यादा ज़मीन रखने वालो से 30 रुपया पर फुट टॅक्स हर साल वसूलना चाहिए. जिससे ज़मीन से पेद्‍दा होने वाले काले धन पर भी लगाम लगेगी. ज़मीन मे काला धन भी नही लगेगा. उसके बदले आय कर कम करना चाहिए जिससे लोग ज़्यादा टॅक्स देंगे. सरकार के पास हथियार हे मगर करना नही चाहती हे. सरकार के पास जादू की छड़ी हे मगर उसका उपयोग नही करना चाहती हे . वरना मुद्रा स्थीति 24 घंटे मे कम हो सकती हे. उल्टा काले धन को बढ़ावा दे रही हे. 65 साल मे काला धन बढ़ रहा हे. जी डी पी ग्रोत 12 % से उपर जा सकती हे. पेट्रोल के दाम आधे से भी कम जा सकते हे.

ukhraj sola pur

Jan 04, 2013

I am not agree with Gov. policy

This should not be on the basis of Money a person have only OR Earned...

10 lac salary person not able to survive why? need to think on this...

Why our currecy going down.....gov should think on this..

Problem in Policy creation and adoption.....

Why Gov sector going down why? who will answered...

If in private sector , person mad loss his company ruied out no help from govment then why he pay extra when earn more...

Same way if gov sector got loss , current govment should be punished for that ....

Brijesh indirapuram (gzb)

Jan 04, 2013

Pehli baat 10 lakh se jayda salary wala ammer nahi hota. Esse jayda to her mla, mp kam leta hai apne 5 saal ke time main sare allounce wagrah mila ker lakin koi bhi mla ya mp apne ko ameer nahi maanta. Doosri baat ager koi ammer hai to usne ameer banne ke liya mahnet ki hai. Usne lakho rupee loan laker apni engg. / mbbs / md / ms / mba kiya hai jsmain sarkar ne uski 1 paise ki help nahi ki hai. Aab ager woh aadmi paisa kma raha hai to woh kidher se galat hai. Us insaan ko poore aisho aaaram ke saath jeene ka haq hai jisne apne poori life ( 25 - 28 saal) study main lga diya and aab paise kma raha hai.

ankit sharma Bangalore


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