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नवरात्री: करें इन मंत्रों का जाप, न होगी पैसो की कमी!

Updated Oct 19, 2012 at 11:05 am IST |

 

19 अक्टूबर 2012
एजेंसियां


मां दुर्गा की आराधना का पर्व नवरात्रि प्रारंभ हो गया है। इस वर्ष नवरात्रि नौ दिनों की नहीं बल्कि आठ दिनों की रहेगी। इन दिनों में शास्त्रों के अनुसार बताए गए उपाय करने से सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। जिन जातकों की कुंडली में अल्पायु या दुर्घटना के योग हो उन्हें देवी की आराधना के साथ देवी कवच का भी पाठ करना चाहिए। जिन जातकों की कुंडली से असाध्य रोग के योग हों या जो रोगों से ग्रस्त हों वे देवी के साथ इस मंत्र का जप करें और राई की आहुती दें, शीघ्र लाभ होगा:-

“रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामन् सकलानभीष्टान। त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रतानां न विपन्नराणां
त्वमाश्रिता ह्श्रयतां प्रयान्ति॥”

दुर्गा सप्तशती के चौथे,पांचवे और 11 वें अध्याय का रोज़ पाठ करने से संकट दूर हो जाते हैं। मनोवांछित सिद्धी,धन, वैभव, सुख, शांति एवं संतान भाव में क्रूर ग्रह हो या उस पर क्रूर ग्रहों की दृष्टि होने से विवाह में देर हो रही हो तो वे देवी अगर्ला के इस मंत्र का जप करें:-  

“पत्नी मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्।
तारिणी दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्ववाम।”


कुंडली के दशम भाव में स्थित ग्रहों या इस भाव पर अन्य ग्रहों की दृष्टि से यदि काम में रुकावट आ रही हो तो सफलता के लिए ये मंत्र जपें:-

“सर्वमड़लमांगल्ये शिवे सर्वाथसाधिके।
शरणये त्र्यबके गौरि नारायणी नमोस्तुते ते।”    
 

 
 

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पाठकों की राय | 19 Oct 2012


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