21 अप्रैल 2014

न्यूजलैटर सब्सक्राइब करें

CLOSE

Sign Up


नवरात्री: आज है दुर्गाष्टमी, मां करेंगी सभी इच्छा पूर्ण

Updated Oct 22, 2012 at 10:29 am IST |

 

22 अक्टूबर 2012
आईबीएन-7 


आज शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन है और आज मां दुर्गा के आठवें स्वरूप ‘महागौरी’ की आराधना की जाती है। नवरात्र पर्व के आठवें दिन महागौरी की पूजा-अर्चना करके भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। महागौरी की आराधना करने से आपके घर में धन-धान्य की वर्षा होती है।

दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों को सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं।

नवरात्र के आठवें दिन आठवीं दुर्गा महागौरी की पूजा-अर्चना और स्थापना की जाती है। अपनी तपस्या के द्वारा इन्होंने गौर वर्ण प्राप्त किया था। अतः इन्हें उज्जवल स्वरूप की महागौरी धन, ऐश्वर्य, प्रदायनी, चैतन्यमयी, त्रैलोक्य पूज्य मंगला शारिरिक, मानसिक और सांसारिक ताप का हरण करने वाली माता महागौरी का नाम दिया गया है।


उत्पत्ति के समय यह आठ साल की उम्र की होने के कारण नवरात्र के आठवें दिन पूजने से सदा सुख और शान्ति देती है।

अपने भक्तों के लिए यह अन्नपूर्णा स्वरूप है। इसीलिए इसके भक्त अष्टमी के दिन कन्याओं का पूजन और सम्मान करते हुए महागौरी की कृपा प्राप्त करते हैं।यह धन-वैभव और सुख-शान्ति की अधिष्ठात्री देवी है। सांसारिक रूप में इसका स्वरूप बहुत ही उज्जवल, कोमल, सफेद वर्ण तथा सफेद वस्त्रधारी चतुर्भुज युक्त एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे हाथ में डमरू लिए हुए गायन संगीत की प्रिय देवी है, जो सफेद वृषभ यानि बैल पर सवार है।

मां महागौरी की आराधना से किसी प्रकार के रूप और मनोवांछित फल प्राप्त किया जा सकता है। उजले वस्त्र धारण किये हुए महादेव को आनंद देवे वाली शुद्धता मूर्ती देवी महागौरी मंगलदायिनी हों।

प्रिय भोग- नवरात्रि के आठवें दिन माता को नारियल का भोग लगाएं व नारियल का दान कर दें। इससे संतान संबंधी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।


आयुर्वेदिक औषधीय गुण- अष्टम महागौरी को प्रत्येक व्यक्ति औषधि के रूप में जानता है क्योंकि इसका औषधि नाम तुलसी है जो प्रत्येक घर में लगाई जाती है। तुलसी सात प्रकार की होती है।

सब प्रकार के कल्याण के लिये

"सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।

शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥"


अर्थः- नारायणी! तुम सब प्रकार का मङ्गल प्रदान करनेवाली मङ्गलमयी हो। कल्याणदायिनी शिवा हो। सब पुरुषार्थो को सिद्ध करनेवाली, शरणागतवत्सला, तीन नेत्रोंवाली एवं गौरी हो। तुम्हें नमस्कार है।

नवरात्र: मां दुर्गा की पूजा में रखें वास्तु नियमों का ध्यान!

नवरात्री: करें इन मंत्रों का जाप, न होगी पैसो की कमी!

नवरात्रि: आज है मां दुर्गा का छठा स्वरुप ‘कात्यायनी’

नवरात्रि: आज मां दुर्गा के दो रूप ‘चंद्रघंटा’ व ‘कूष्मांडा’

facebook पर hindi.in.com पेज को LIKE किया क्या?

 

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 1 वोट मिले

पाठकों की राय | 22 Oct 2012


कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का इस्तेमाल न करें। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। सभी टिप्पणियां समुचित जांच के बाद प्रकशित की जाएंगी।
नाम
शहर
इमेल

आज के वीडियो

प्रमुख ख़बरें

Live TV  |  Stock Market India  |  IBNLive News  |  Cricket News  |  In.com  |  Latest Movie Songs  |  Latest Videos  |  Play Online Games  |  Rss Feed  |  हमारे बारे में  |  हमारा पता  |  हमें बताइए  |  विज्ञापन  |  अस्वीकरण  |  गोपनीयता  |  शर्तें  |  साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.