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नवरात्री: आज है दुर्गा मां का दूसरा रूप ‘ब्रह्मचारिणी’

Updated Oct 17, 2012 at 10:37 am IST |

 

17 अक्टूबर 2012
आईबीएन-7

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आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है और आज मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है।

साधक इस दिन अपने मन को मां के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी अर्थात आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली।अपने भक्तों को यह अपनी सर्वज्ञ संपन्नन विद्या देकर विजयी बनाती है। मां ब्रह्मचारिणी सदैव अपने भक्तो पर कृपादृष्टि रखती है एवं सम्पूर्ण कष्ट दूर करके अभीष्ट कामनाओ की पूर्ति करती है।

प्रिय भोग-दूसरे नवरात्रि के दिन मां को शक्कर का भोग लगाएं व घर में सभी सदस्यों को दें। इससे आयु वृद्धि होती है। आयुर्वेदिक औषधीय गुण-दुर्गा का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी को ब्राह्मी कहा है। ब्राह्मी आयु को बढ़ाने वाली स्मरण शक्ति को बढ़ाने वाली, रूधिर विकारों को नाश करने के साथ-साथ स्वर को मधुर करने वाली है। ब्राह्मी को सरस्वती भी कहा जाता है।बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिए

मंत्रः

सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन-धान्य सुतान्वितः।

मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय॥


मेषः प्रिय व्यक्ति से भेंट से मन प्रसन्न होगा।

क्या करें- दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

क्या न करें- तनाव ना लें।

वृषभः परिवार में किसी की अस्वस्थता से मन चिन्तित होगा।

क्या करें- दुर्गा मां का पंचोपचार पूजन करें।

क्या न करें- किसी को कष्ट नहीं दें।

मिथुनः महत्वपूर्ण क्षेत्रो में चल रहे प्रयत्न सार्थक होंगे।

क्या करें- माता को शहद का भोग अर्पित करें।

क्या न करें- बच्चों का दिल न दुखायें।

कर्कः राजनैतिक सक्रीयता बढ़ेगी।

क्या करें- किसी सुहागिन महिला को अन्न, वस्त्र, धार्मिक ग्रन्थ का दान करें।

क्या न करें- क्रोध से बचें।

सिंहः शासन-सत्ता के व्यक्तियों से लाभ के अवसर प्राप्त होंगे।

क्या करें- माता की कपूर से आरती करें।

क्या न करें- किसी का दिल ना दुखायें।

कन्याः आज महत्व्यपूर्ण निर्णय लेने में कोई जल्दीबाजी न करें।

क्या करें- माता का श्रृंगार करायें।

क्या न करें- पूजा पाठ में आलस्य नहीं दिखाएं।

तुलाः आज अपने व्यवहार पर नियंत्रण करें। अन्यथा बने काम बिगड़ेंगे।

क्या करें- खोये का मिस्ठान माता को भोग लगाएं।

क्या न करें- किसी महिला पर क्रोध करने से बचें।

वृश्चिकः आज परिजनों के स्नेह से सुखद अनुभूति होगी।

क्या करें- लक्ष्मी अराधना करें।

क्या न करें- मानसिक तनाव से बचें।

धनुः पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा।

क्या करें- किसी सुहागिन स्त्री को दक्षिणा दें।

क्या न करें- आज किसी का अपमान ना करें।

मकरः लंबी दूरी के यात्रा की योजना बन सकती है।

क्या करें- माता को हलवा पूरी का भोग लगायें।

क्या न करें- अन्न का अनादर ना करें।

कुम्भः भौतिक सुख-साधन में व्यय संभव।

क्या करें- माता को चुनरी अर्पित करें।

क्या न करें- बच्चों पर क्रोध नहीं करें।

मीनः जिम्मेदारियों की पूर्ति मे अर्थाभाव अवरोधक होगा।

क्या करें- माता के मंदिर में प्रसाद बांटे।

क्या न करें- किसी को अपशब्द नहीं कहें।


 

 

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पाठकों की राय | 17 Oct 2012


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