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सलाखों के पीछे ले रहे बड़ी डिग्रियां

Updated Dec 13, 2012 at 14:28 pm IST |

 

13 दिसंबर 2012
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस
   

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दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचन्द्रन ने बुधवार को बताया कि दिल्ली के कारागारों ने लगभग 100 प्रतिशत साक्षरता दर प्राप्त कर ली है। निरक्षर नए कैदियों के मामले में उनका पढ़ो और पढ़ाओ नामक एक निरक्षरता कार्यक्रम में नामांकन किया जाना है। राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रामचंद्रन ने बताया कि कैदियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, (इग्नू), राज्य मुक्त विश्वविद्यालयों, दूरस्थ शिक्षा बोर्ड की सहायता से औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराए जाते हैं तथा विभिन्न राज्यों के तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों की सहायता से तकनीकी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाते हैं।

उनके मुताबिक सरकार शिक्षित कैदियों को अल्पशिक्षित और निरक्षर पढ़ाने योग्य बनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। निरक्षर कैदियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि वे एक सप्ताह के अंदर नाम पढ़ना और लिखना सीख सकें। कैदियों के लिए उन्नत शैक्षिक अवसर भी उपलब्ध हैं ताकि यदि वे उच्चतर शिक्षा प्राप्त करना चाहते हों, तो वे मुक्त विश्वविद्यालयों व तकनीकी संस्थानों के माध्यमों से ऐसा कर सकें।

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