30 सितम्बर 2014

न्यूजलैटर सब्सक्राइब करें

CLOSE

Sign Up


एडिट पेज: रेखा, एक खूबसूरत जिंदगी का हादसों भरा खालीपन?

Updated Oct 10, 2012 at 13:24 pm IST |

 

10 अक्टूबर 2012

 निमिष कुमार,

संपादक,

हिन्दी इन डॉट कॉम

 

जन्मदिन हमें बहुत-सी बातें याद दिलाते हैं। जन्मदिन पर हर शख्स अपनी जिंदगी के बीत गए सालों का हिसाब एक बार जरुर लगाता है। जन्मदिन के दिन इंसान अपने आने वाले दिनों को लेकर जरुर सोचता है। जन्मदिन के दिन जिंदगी के बीते दिनों की यादें बरबस ही सामने आ जाती है। बीते दिनों, जब जिंदगी के मायने दूसरे थे, जब जिंदगी में कोई ज्यादा मायने रखता था, जब जिंदगी के सपने दूसरे रंगों से रंगे जाते थे। हर साल १० अक्टूबर को अपना जन्मदिन मनाने वाली बॉलीवुड की वो रहस्यमयी खूबसूरत मलिका रेखा भी जरुर अपने जन्मदिन पर बीतें दिनों की यादों को ताज़ा करेंगी। वो यादें, जो शायद रेखा के दिलोजान के बहुत करीब होंगी। जब पहली बार १९६६ में रेखा ने एक तमिल फिल्म के लिए कैमरा फेस किया होगा। कहते है रेखा ने महज १२ साल की उम्र में कैमरा फेस किया। वो मासूम रेखा की जिद नहीं, मजबूरी थी। मजबूरियां जिसने सुपरस्टार पिता जैमिनी गणेशन और अभिनेत्री मां पुष्पपल्ली की इस बेटी को फिल्म दुनिया में ला दिया। बताते है रेखा की अभिनेत्री मां तमिल सुपरस्टार जैमिनी गणेशन की दूसरी बीबी थी, मतलब साफ था रेखा को पिता का प्यार बांटना पड़ा होगा। अपनी मां के उस दर्द का गवाह बनना पड़ा होगा, जो एक औरत को किसी की दूसरी पत्नी होने पर होता है। शायद यही वो कारण रहे होंगे, जिन्होंने रेखा बहुत कम उम्र की उस मासूमियत को दुनियादारी वाली समझदारी में बदल दिया। शायद अपने बचपन की इन्ही परिस्थियों के चलते रेखा अपने बचपन से महरुम रह गई होंगी, शायद नहीं जी पाई होंगी अल्हड़ जवानी के वो दिन जो हर जिंदगी के लिए एक सपना होते हैं। रेखा की खूबसूरत जिंदगी का वो खालीपन कभी-कभी सामने आ जाता है।

रेखा जल्दी ही सपनों की मायानगरी मुंबई आ गई थीं। रेखा ने नवीन निश्चल के साथ बॉलीवुड में कदम रखा और रेखा की पहली फिल्म बनी-सावन भादों। रेखा पहली ही फिल्म से आज के स्टार किड्स की तरह सुपरस्टार नहीं बन सकी। बताते है कि उन दिनों रेखा का बहुत मजाक उड़ाया जाता था। तमिलभाषी रेखा की हिन्दी बहुत कमजोर थी। रेखा का रंग सांवला था और रेखा भरे-पूरे बदन की लड़की थी। ऐसे में रेखा हीरोइन के उस खाके में फिट नहीं बैठती थी, जो लंबे समय से चला आ रहा था। मासूम रेखा के लिए मुंबई की बेदर्द फिल्म दुनिया का सफर आसान ना था। रेखा ना तो पंजाबी कैम्प की थी, ना बंगाली कैम्प की, ना ही वो मुस्लिम थी। ये वो कैम्प थे, जो उस वक्त की मुंबई मायानगरी में राज करते थे। ऐसे में रेखा ने अपने सफर के लिए राहें खुद ही बनाना शुरु की। कभी मोटी,सांवली, अहिन्दी भाषी रेखा ने उसी मायानगरी पर राज किया। कतार से एक के बाद एक हिट फिल्में दी। बॉलीवुड की ‘उमराव जान’ कहलाई। लंबे समय तक बॉलीवुड के सबसे महंगी तीन अभिनेत्रियों में शुमार रही। बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन के साथ एक सुपरहिट जोड़ी बनाई। जम्पिंग जितेंद्र के साथ फिल्मों के शतक का चौथाई भाग पूरा किया जिसमें करीब दर्जन भर हिट थीं। रेखा एक दिन बॉलीवुड की दिवा बन गई, लेकिन इन तमाम बातों के बाद भी उस खूबसूरत जिंदगी का एक खालीपन बार-बार सामने आता रहा।

कहते है रेखा को कभी प्यार नहीं मिला। लोग तो ये भी कहते है कि रेखा अपनी मां की तरह हमेशा सेकेंड-हैंड प्यार के लिए अभिशप्त रही। रेखा का नाम समकालीन अभिनेताओं से जुड़ा। सावन-भादों के नवीन निश्चल हो या घर के विनोद मेहरा, दो अनजाने के अमिताभ बच्चन हो या किरण कुमार, रेखा का नाम इन लोगों से जोड़ा गया। अमिताभ बच्चन और रेखा के बीच प्यार की कहानी को आज भी लोग सच ही मानते आ रहे हैं, और आज भी बार-बार रेखा और अमिताभ के तथाकथित प्रेम के बारे में लिखा जा रहा है। बताते है कि अमिताभ पहली बार रेखा से चेन्नई में मिले थे। दोनों ने फिर ‘दो अनजाने’ फिल्म साथ की। ये फिल्म ‘दो अनजाने’ थी, जहां बकौल रेखा, उन्होंने अमिताभ से बहुत कुछ सीखा। कहा तो ये भी जाता है कि फिल्म ‘दो अनजाने’ के बाद से रेखा अमिताभ के हिसाब से खुद को बदलने लगी। ये बात इसलिए भी सच मानी जाने लगी, क्योंकि ‘दो अनजाने’ के बाद से ही रेखा में जबरदस्त बदलाव देखा गया। सांवली, मोटी, अहिन्दी भाषी रेखा जल्दी ही योगा, संतुलित आहार, हिन्दी कोचिंग, ऊर्दू सीखने की जिद और बेहतरीन पहनावे के चलते एक दिवा बन गई। लेकिन कहते है कि अमिताभ से प्रेरणा लेकर खुद को बदलने के इस दौर में रेखा को शादीशुदा अमिताभ से प्यार हो गया था। बातें जो भी हो, लेकिन रेखा-अमिताभ एक नहीं हैं, लेकिन रेखा कि उस जिंदगी का एक खालीपन बार-बार सामने आता रहा।

रेखा ने एक जिंदगी में बहुत कुछ पाया। एक मोटी, सांवली, अहिन्दी भाषी लड़की से खुद को बॉलीवुड दिवा बनाया। सदी के महानायक कहलाने वाले अमिताभ बच्चन के साथ एक बहुत ही रोमांटिक जोड़ी बनाई। एक तथाकथित लव-अफेयर की बातें सामने आई, जो आज तक चर्चा में बना रहा। रेखा ने अवार्ड जीते। जानी मानी मैंगज़ीन्स के कलर पेज पर छाई। इतना ही नहीं अब तो रेखा सांसद भी बन गई। लेकिन कहते है ना जो जिंदगी में सबकुछ पाता, वो कुछ वो नहीं पा पाता, जो उसके जीवन के उस खालीपन को भर सके, उस खालीपन को जो नजर आता है जीवन में कभी-कभी। रेखा की खूबसूरत जिंदगी का वो खालीपन भी बार-बार सामने आता है। जन्मदिन मुबारक रेखा।

एक भारतीय।

(पिछले एडिट पेज पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

 

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 1 वोट मिले

पाठकों की राय | 10 Oct 2012


कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का इस्तेमाल न करें। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। सभी टिप्पणियां समुचित जांच के बाद प्रकशित की जाएंगी।
नाम
शहर
इमेल

आज के वीडियो

प्रमुख ख़बरें

Live TV  |  Stock Market India  |  IBNLive News  |  Cricket News  |  In.com  |  Latest Movie Songs  |  Latest Videos  |  Play Online Games  |  Rss Feed  |  हमारे बारे में  |  हमारा पता  |  हमें बताइए  |  विज्ञापन  |  अस्वीकरण  |  गोपनीयता  |  शर्तें  |  साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.