02 सितम्बर 2014

न्यूजलैटर सब्सक्राइब करें

CLOSE

Sign Up


फिल्म समीक्षा: मजेदार है ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’

Updated Oct 21, 2012 at 09:18 am IST |

 

21 अक्टूबर 2012
आईबीएन-7

मुंबई।
करन जौहर की फिल्म के सेट पर अगर कोई सबसे मुश्किल काम रहा होगा तो वो है सफाई करने वालों का जो मेरे ख्याल से अपने आधे से ज्यादा दिन फ्लोर और फर्नीचर साफ करने में लगाते होंगे। ताकि वहां कोई दाग ना रहे। करन जौहर की नई फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ एक बहुत ही खूबसूरत कैंपस में सेट है जहां गुड लुकिंग टीनएजर या तो गाने गा रहे हैं या एक दूसरे से लड़ रहे हैं।

आपको वहां कहीं भी कोला के खाली कैन और कॉरिडोर या कैंटीन में पेपर बिखरे नजर नहीं आएंगे। देहरादून के सेंट टेरेसा हाई स्कूल में पढ़ने वाला रोहन यानी वरुण धवन कूलेस्ट लड़का है। उसके पास सारी बेहतरीन चीजें हैं जैसे चमकती हुई लाल रंग की फरारी और स्कूल की सबसे खूबसूरत लड़की सान्या यानी आलिया भट्ट। पर ये सिर्फ तब तक जब तक अभिमन्यु यानी सिद्धार्थ मल्होत्रा अपनी बाइक पर एंट्री नहीं मारता। वो साफतौर पर सबसे सिंपल लोगों में से एक है जो किसी भी करण जौहर फिल्म के अनुसार होता है क्योंकि भले ही अभि के परिवार में परांठे पर लगाने के लिए मक्खन हो ना हो, पर वो सारे महंगे ब्रांड इस्तेमाल कर सकते हैं।

शुरुआती तू-तू, मैं-मैं के बाद ये दोनों गहरे दोस्त बन जाते हैं। इनके ख्वाब एक-दूसरे से कोसों अलग हैं। इनकी दोस्ती का इम्तिहान तब शुरू होता है जब स्कूल का समलैंगिक डीन योगेंद्र वशिष्ठ यानी ऋषि कपूर स्टूडेंट ऑफ द ईयर कंप्टीशन की घोषणा करता है। आकांक्षाओं से भरी ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ किसी गॉसिप गर्ल दुनिया में सेट लगती है। जहां भावनाएं सिर्फ दिखावे के लिए है और हर कोई यहां दोस्त-दुश्मन है। अमीर बच्चे पूरे ऐशोआराम की जिंदगी जी रहे हैं और बाकी सब बस इस खास क्लब का हिस्सा बनने का सपना देखते हैं। साफतौर पर करण जौहर की दुनिया में गरीब होना सबसे बड़ा गुनाह है पर ये भी सच है कि स्टूडेंट ऑफ द ईयर गंभीरता से लेने के लिए नहीं बनी है। ये जौहर की किसी हॉलीडे मूवी की तरह है जहां सिर्फ आपको अच्छा वक्त बिताना है इसलिए आप देखेंगे कि फिल्म के तीनों किरदारों की एंट्री बहुत ही स्टायलिश कोरियोग्राफ नंबर के साथ होती है।

जौहर के साइड कैरेक्टर काफी स्टीरियोटाइप हैं जहां उस अमीर लड़के के साथ उसका चमचा है, हिरोइन की किताबी बेस्ट फ्रेंड, एक मोटा लड़का जिसका हर कोई मजाक उड़ाता है और एक अवसरवादी लड़की जो किसी और के बॉयफ्रेंड को हासिल करने कि कोशिश करती है पर हो सकता है इन सभी में आपको अपनी या अपने किसी दोस्त की छवि नजर आए और इसी में फिल्म की सबसे बड़ी ताकत छुपी है। चमचमाते क्लासरूम, आलीशन बीच और हीरो के शर्टलेस सीन फिल्म को भव्य लुक देते हैं।

करण जौहर कुछ हल्की-फुल्की हंसी और चौंका देने वाले इमोशंस के साथ एक ऐसी दुनिया सामने रखते हैं जिसे वो अच्छे से जानते हैं। अच्छा है, जौहर को छोटी-छोटी चीजें करना नहीं आता। फिल्म के नए किरदार अपना बेस्ट देते हैं। सिद्धार्थ मल्होत्रा अपनी बेहतरीन स्क्रीन प्रजेंस के साथ ईमानदार लगते हैं, वहीं क्लूलेस सान्या के तौर पर आलिया भट्ट क्यूट लगती हैं। पर वो वरुण धवन ही हैं जो अपने कांफिडेंस और अपने चार्म से कॉमिकल और नाजुक सीन को आराम से हैंडल करते हुए अपनी छाप छोड़ते हैं।

फिर भी यहां अगर कोई ऐसा परफोरमेंस है जो आपको बांधे रखेगा तो वो है ऋषि कपूर जो किसी भी असहज किरदार में कभी हिचकिचाते नहीं हैं। कुछ हंसी के साथ वो इस किरदार में जान डालते हैं। करीब 20 मिनट लंबी खींची गई ये फिल्म थोड़ी छोटी हो सकती थी। ये एक अच्छी और मजेदार फिल्म है जिसके डायरेक्टर को अपना काम बखूबी पता है। मैं करण जौहर की स्टूडेंट ऑफ द ईयर को 5 में से 3 स्टार देता हूं अगर आप सिर्फ एंटरटेनमेंट ढूंढ रहे हैं, तो आप निराश नहीं होंगे।

3/5

 

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 4 वोट मिले

पाठकों की राय | 21 Oct 2012


कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का इस्तेमाल न करें। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। सभी टिप्पणियां समुचित जांच के बाद प्रकशित की जाएंगी।
नाम
शहर
इमेल

आज के वीडियो

प्रमुख ख़बरें

Live TV  |  Stock Market India  |  IBNLive News  |  Cricket News  |  In.com  |  Latest Movie Songs  |  Latest Videos  |  Play Online Games  |  Rss Feed  |  हमारे बारे में  |  हमारा पता  |  हमें बताइए  |  विज्ञापन  |  अस्वीकरण  |  गोपनीयता  |  शर्तें  |  साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.