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वीकेंड मैगजीन: रफी, लता के वो ‘सुर’, जो मिल न सके

Updated Sep 29, 2012 at 17:55 pm IST |

 

30 सितम्बर 2012 

हिंदी इन डॉट कॉम

भुवन नैलवाल

‘तुम्हारी नजर क्यों खफा हो गई, खता बख्श दो गर खता हो गई’ गीत कभी लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने साथ गाया था। हालांकि दोनों के चाहनेवालों के लिए आज इस गीत के मायने कुछ बदले-बदले से हैं। हिंदुस्तान के इन दो महान गायकों में से एक आज हमारे बीच नहीं है। लेकिन दोनों के बीच दशकों पुराने एक विवाद ने वक्त की चादर में छेद कर इस हफ्ते अचानक सिर उठा लिया। लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू में यह दावा कर लिया कि उन्होंने एक बार रफी के साथ गाने से मना कर दिया था और रफी की ओर से माफी मांगने के लिए भेजे गए पत्र के बाद ही उन्होंने उनके साथ गाना शुरू किया। लेकिन यह बात रफी के घरवालों और चाहनेवालों को चुभ सी गई और रफी के बेटे ने पिता के सम्मान की लड़ाई लड़ने का फैसला कर लिया।

क्या है मामला?
लता मंगेशकर के अनुसार गायकों की रॉयल्टी और अधिकारों को लेकर एक बार उनका किसी गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान मोहम्मद रफी से झगड़ा हो गया था। तब रफी ने कह दिया कि वे अब कभी भी लता के साथ नहीं गाएंगे। इस पर लता ने भी कह दिया कि वे भी रफी के साथ नहीं गाएंगी। हालांकि करीब दो साल बाद रफी की ओर से माफी मांगने के लिए भेजे गए पत्र के बाद ही लता मंगेशकर ने रफी के साथ गाना शुरू किया।

भड़के रफी के बेटे
महान गायक मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने लता मंगेशकर के इस दावे को खारिज किया कि रफी ने अपने व उनके बीच विवादों को दूर करने के लिए उन्हें माफी मांगते हुए पत्र भेजा था। उन्होंने कहा, "मेरे पिता राष्ट्रीय सम्पदा थे। उनके प्रशंसकों की संख्या किसी भी कलाकार से अधिक है।

दी लता को चुनौती
इस पूरे मुद्दे को लेकर मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने लता मंगेशकर को एक तरह से खुली चुनौती दे डाली है। शाहिद रफी ने कहा, ‘यदि लता यह साबित कर सकती हैं कि मेरे पिता ने उनसे माफी मांगने के लिए उन्हें पत्र लिखा था तो उन्हें इसे पेश करना चाहिए। यदि वह ऐसा करती हैं तो मैं उनसे माफी मांगने के लिए तैयार हूं।’

लता पर संगीन आरोप
शाहिद ने कहा, "मुझे लगता है कि लता मेरे पिता के प्रशंसकों की बड़ी संख्या से खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं और उन्होंने इसलिए यह बात कही।" उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता के दौर में उनके साथ प्रतिस्पर्धा करने वाला कोई नहीं था, जबकि लता को टक्कर देने के लिए सुमन कल्याणपुर, हेमलता, मुबारक बेगम सहित अन्य गायिकाएं थीं।

आशा भोंसले बोलीं लता के सपोर्ट में
इसी हफ्ते 83 साल की हुईं लता को दिए बधाई संदेश में आशा ने कहा कि लता दीदी की बराबरी का कोई गायक आज तक नहीं जन्मा है। भगवान ने उन्हें अकेला ही बनाया है। उनके जैसा कोई न तो पहले था, न आज है और न ही भविष्य में होगा। उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्होंने लता की बहन के रूप में जन्म लिया। आशा ने कहा कि मैं उन्हें जन्मदिन पर क्या शुभकामनाएं दे सकती हूं। मैं सिर्फ इतना ही कहूंगी कि वह खुद देवी सरस्वती हैं।

जब दिया गया था लता को जहर
स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को एक समय धीमा जहर देकर जान से मारने की कोशिश भी की गई थी। लता मंगेशकर के निकट सम्पर्क में रहीं प्रसिद्ध डोगरी कवयित्री और हिन्दी की प्रसिद्ध साहित्यकार पद्मा सचदेव की हाल ही में प्रकाशित संस्मरणात्मक पुस्तक ‘ऐसा कहां से लाऊं’ में इस घटना का जिक्र किया गया है।

पुस्तक से खुलासा, लता को हुई थी मारने की कोशिश
पद्मा सचदेव की इस पुस्तक में लता मंगेशकर ने बताया है कि यह घटना 1962 में हुई थी जब वह 33 साल की थीं। एक दिन उठने पर उन्हें पेट में बहुत अजीब सा महसूस हुआ। इसके बाद उन्हें पतले पानी जैसी दो, तीन उल्टियां हुईं, जिनका रंग कुछ-कुछ हरा था। वह हिल भी नहीं पा रही थीं और दर्द से बेहाल थीं। तब डॉक्टर को बुलाया गया जो अपने साथ एक्सरे मशीन भी लेकर आया। दर्द बरदाश्त से बाहर होने पर डॉक्टर ने उन्हें बेहोशी के इंजेक्शन लगाए। तीन दिन तक जीवन और मौत के बीच वह संघर्ष करती रहीं।

तीन महीने तक बिस्तर पर रहीं लता
लता ने बताया कि वे काफी कमजोर हो गई थीं और तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ी रहीं। उस दौरान वह कुछ खा भी नहीं पाती थीं। सिर्फ ठंडा सूप उन्हें पीने को दिया जाता था। जिसमें बर्फ के टुकड़े पड़े रहते थे। पेट साफ नहीं होता था और उसमें हमेशा जलन होती रहती थी। दस दिन तक हालत खराब होने के बाद फिर धीरे-धीरे सुधरी। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें धीमा जहर दिया जा रहा था। इस घटना के बाद उनके घर में खाना पकाने वाला रसोइया किसी को कुछ बताए और पगार लिए बिना भाग गया। बाद में लता मंगेशकर को पता चला कि उस रसोइये ने फिल्म इंडस्ट्री में भी काम किया था।

लता को संभाला छोटी बहन उषा ने
इस घटना के बाद घर में रसोई का काम उनकी छोटी बहन उषा मंगेशकर ने संभाल लिया और वही खाना बनाने लगीं। लता ने बताया है कि बीमारी के दौरान वह गीतकार मजरुह सुल्तानपुरी के स्नेह को नहीं भूल सकतीं, जो पूरे तीन महीने तक हर रोज शाम छह बजे आकर उनके पास बैठते थे और जो कुछ वह खाती थीं वही खाते थे। वह कविताएं और कहानियां सुनाया करते थे। उन्होंने बताया कि पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्होंने सबसे पहले जो गीत रिकार्ड कराया वह गीत था ‘कहीं दीप जले कहीं दिल’, जिसका संगीत हेमंत कुमार ने दिया था।

शैलेन्द्र ने क्यों मांगी माफी?
हालांकि इस पुस्तक में लता मंगेशकर को जहर देने की एक और घटना का जिक्र किया गया है। लेकिन यह उल्लेख उषा मंगेशकर के हवाले से है। उषा मंगेशकर ने पुस्तक में बताया है कि गीतकार शैलेन्द्र मर चुके थे। जब दीदी को जहर दिया तो वह मेरे ख्वाब में आए और कहने लगे ‘उषा मुझे माफ करो’। ये मैंने नहीं किया। मैंने अपनी आंखों से अमुक को दीदी को जहर देते देखा है। मौत के बाद उनका मेरे ख्वाब में आना अजीब था।

दशकों पुराने इस विवाद के सामने आने के बाद कभी साथ प्यार के नग्मे गानेवाले दो महान गायकों के प्रशंसकों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह नहीं कि मोहम्मद रफी ने लता मंगेशकर ने माफी मांगी थी या नहीं, सवाल यही है कि वक्त की कब्र में दफन हो चुके इस पुराने ‘गढ़े मुर्दे’ विवाद को अब फिर उखाड़ा जाना जरूरी था?

 

 गजब, मोहम्मद रफी ने लता से माफी मांगी थी?

लता मंगेशकर ने किया दावा, महान गायक मोहम्मद रफी ने एक बार उनसे माफी मांगी थी।

 

 रफी के बेटे का दावा, लता घबराती थीं मोहम्मद रफी से

मोहम्मद रफी के बेटे ने दी लता मंगेशकर को खुली चुनौती।

 

 लता मंगेशकर को रफी के बेटे ने क्यों दी धमकी?

रफी के बेटे ने लता मंगेशकर को दी कानूनी कार्रवाई की धमकी।

 

 क्या शैलेन्द्र जानते थे, लता को किसने जहर दिया?

अब सवाल यह उठने लगा है कि क्या शैलेन्द्र जानते थे, लता को किसने जहर दिया?

 

 आशा भोंसले: लता दीदी को कोई नहीं दे सकता टक्कर

कहा, लता दीदी की बराबरी का कोई गायक आज तक नहीं जन्मा है।

 

 IN.COM.Poll: 45% बोले, हां, मोहम्मद रफी ने मांगी होगी लता से माफी

‘हिंदी इन डॉट कॉम’ ने पाठकों से सवाल पूछा था क्या मोहम्मद रफी ने लता मंगेशकर से माफी मांगी होगी?

 

 सुनिए,लता-रफी के रिश्‍तें में आयी कैसे दरार!

लता मंगेशकर ने किया दावा, महान गायक मोहम्मद रफी ने एक बार उनसे माफी मांगी थी।

 

 एकमात्र एलबम, जहां गूंजी मेहदी संग लता की आवाज!

लता एवं हसन ने इस एलबम में अलग-अलग गाने को रिकार्ड किया, जिसे बाद में मिक्स किया गया था।

 

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पाठकों की राय | 29 Sep 2012


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