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भारत बंद: नोएडा में गाड़ियां फूंकी, अंबाला में यूनियन लीडर की मौत

Updated Feb 20, 2013 at 18:11 pm IST |

 

20 फरवरी 2013
आईबीएन 7

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अंबाला। दिल्ली से सटे नोएडा में ट्रेड यूनियनों की हड़ताल ने हिंसक रूप ले लिया है। नोएडा के फेज 2 इलाके में श्रमिक संगठन सीटू के समर्थकों ने प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ की। सीटू समर्थकों ने तोड़फोड़ के बाद कई खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। देखते ही देखते गाड़ियां जलकर खाक हो गई। आसपास के लोगों का आरोप है कि पुलिस पूरे आगजनी को मूकदर्शक बनकर देखती रही। दरअसल आज और कल भारत बंद है और इसी के साथ आम आदमी के लिए मुसीबतों का दौर शुरू हो गया है। करीब ढाई करोड़ लोगों के हड़ताल पर जाने की आशंका के चलते बैंकिंग, इंश्योरेंस, टेलीकॉम, पोस्टल, तेल और गैस सेक्टर के कामकाज पर असर पड़ रहा है। सरकारी बसों, ऑटो और टैक्सी को लेकर भी मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं।

हरियाणा के अंबाला में रोडवेज के एक कर्मचारी की धक्का-मुक्की के दौरान बस की चपेट में आने से मौत हो गई। यहां रोडवेज कर्मचारियों में बस चलाने को लेकर धक्का-मुक्की हुई। बंद को सफल बनाने के लिए कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एक रोडवेज कैशियर बस की चपेट में आ गया। इससे गुस्साए साथी कर्मचारियों ने डीसीपी अंबाला की गाड़ी में तोड़फोड़ की और डिपो के दफ्तर में भी तोड़फोड़ की गई।

दिल्ली में आधी रात से ही ऑटो और टैक्सियों ने चलना बंद कर दिया है। कुछ ऑटो वालों ने मुसाफिरों को उनकी मंजिल तक ले जाना चाहा, तो उनसे मारपीट की गई। जबरन उन्हें भी बंद में शामिल किया गया यानी सभी ऑटो ड्राइवर अपनी मर्जी से हड़ताल में शामिल नहीं हैं उनकी गाड़ियां जबरन भी रोकी जा रही है। बिहार में सभी सरकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी ऑफिस बंद हैं। पटना के अधिकतर स्कूल बंद हैं। कुछ इलाकों में दुकानें भी बंद हैं। बस और ऑटो चल रहे हैं। बिहार राज्य मजदूर यूनियन, बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन के लोगों ने बंद का समर्थन किया है। गुजरात स्टेट ट्रांसपोर्ट की साढ़े आठ हजार बसें नहीं दौड़ रही हैं। अहमदाबाद म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट की 600 बसें नहीं दौड़ रही हैं। बैंकिंग सुविधाएं पूरी तरह से ठप हैं। बीआरटीएस की बसें बढ़ाई गई हैं ताकि लोगों को असुविधा न हो। निजी ट्रांसपोर्ट भी इस हड़ताल के समर्थन में हैं हालांकि ऑटो यूनियन हड़ताल में शामिल नहीं है। दुकानें, दफ्तर और स्कूल सभी चल रहे हैं। गुजरात में किसी भी अप्रिय घटना की खबर नहीं है।

आगरा में बसें और ऑटो पूरी तरह बंद हैं। बैंक सेवाएं, बीमा, इनकम टैक्स दफ्तर पूरी तरह बंद हैं। पोस्टल सेवाएं भी बंद हैं हालांकि स्कूल-कॉलेजों पर कोई असर नहीं है। ट्रेनों पर फिलहाल कोई असर नहीं है। उड़ीसा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ट्रेन यातायात प्रभावित हुआ है। भोपाल में ट्रांसपोर्ट सामान्य हैं और दुकानें खुली हैं लेकिन बैंक, पोस्ट ऑफिस, बीमा दफ्तर बंद हैं।

दिल्ली से सटे नोएडा में हड़ताल ने हिंसक रूप ले लिया। नोएडा के फेज 2 इलाके में सीटू के समर्थकों ने प्रदर्शन के दौरान कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ की। बताया जा रहा है कि कुछ सीटू समर्थकों ने गाड़ियों में आग भी लगा दी है। मालूम हो कि आज और कल देश के ढाई करोड़ कर्मचारी अलग-अलग मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।

मुंबई में हड़ताल का जबरदस्त असर दिख रहा है। जगह-जगह प्रदर्शनकारी सड़कों पर निकल आए हैं। बस और ऑटो सड़कों पर नजर तो आ रहे हैं लेकिन इनकी संख्या में मामूली कमी नजर आ रही है। कुछ जगहों पर हड़ताल समर्थक ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ता पुलिस से उलझते नजर आए। पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी जायज मांगों पर संवेदनशील नजर नहीं आ रही। आज दोपहर तीन बजे सभी ट्रेडर्स की दादर में अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में आगे की रणनीति पर फैसला होगा।

बैंगलोर के सिटी रेलवे स्टशन के बाहर ऑटो और टैक्सी ड्राइवर के यूनियन के लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने वहां से जा रहे ऑटो रिक्शों को रोका और कुछ ऑटो ड्राइवरों की पिटाई भी की। हलांकि पुलिस ने इसके बाद वहां से ऑटो चालकों को हटा दिया।

ट्रेड यूनियनों की क्या हैं मांगें-

मजदूर संगठनों की नजर में हड़ताल ही अकेला रास्ता बचा है जिससे सरकार को सुनने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उनकी मांग है कि

- महंगाई के लिए जिम्मेदार सरकार की नीतियां बदली जाएं।

- महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जाए।

- सरकारी संगठनों में अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए।

- आटसोर्सिंग की जगह स्थायी आधार पर कर्मचारियों की भर्ती हो।

- सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी निजी कंपनियों को न बेचा जाए।

- बैंकों के विलय की नीति न लागू की जाए।

- केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी हर 5 साल में वेतन में संशोधन हो।

- नई पेंशन स्कीम बंद करके पुरानी लागू की जाए।

- श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी बदलाव की कोशिश न की जाए।

बंद से कौन-कौन से सेक्टर बेअसर हैं

- मुंबई में बेस्ट की बसें, दिल्ली में डीटीसी बसें हड़ताल में शामिल नहीं हैं।

- मुंबई में 32 हजार काली-पीली टैक्सी और 3 हजार कूल कैब बेअसर हैं।

- बेस्ट की 4 हजार बसें, 272 एसी बसें सड़कों पर हैं। ऑटो की हड़ताल के चलते जरूरत पड़ने पर और बसें लगाई जाएंगी।

- मेट्रो सेवा पर कोई असर नहीं है। जरूरत पड़ी तो मेट्रो के फेरे बढ़ाए जा सकते हैं।

- स्कूल बसें हड़ताल में शामिल नहीं हैं।

- एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर असर नहीं है।

- छोटे या फुटकर व्यापारी बंद में शामिल नहीं हैं।

-दूध, पानी, बिजली जैसी जरूरी सेवाओं पर भी असर नहीं है। 

 

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