23 नवम्बर 2014

न्यूजलैटर सब्सक्राइब करें

CLOSE

Sign Up


‘अन्ना की पार्टी’ की कवायद शुरू, मंथन भी जारी

Updated Aug 04, 2012 at 09:49 am IST |

 

04 अगस्त 2012
आईबीएन-7/इंडो-एशियन न्यूज सर्विस

hindi.in.com अब फेसबुक के ऐप्स पर भी देखें

नई दिल्ली।
अन्ना हजारे ने राजनीतिक विकल्प देने की बात क्या की इस मसले पर बड़ी बहस छिड़ गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना के आंदोलन में जुड़े लोगों की राय भी अलग-अलग है। कुछ खुलकर राजनीति में उतरने के फैसले का विरोध कर रहे हैं तो कुछ साथ आने की बात कर रहे हैं।

9 अगस्त से कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने जा रहे बाबा रामदेव भी इस मसले पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। वहीं शुरू से टीम अन्ना के सदस्य रहे कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े का कहना है कि टीम अन्ना को राजनीति के दलदल में नहीं उतरना चाहिए। ऐसी ही राय कई और लोगों की भी है।

अन्ना का अनशन खत्म, अगली लड़ाई की तैयारी

टीम अन्ना के अनशन का चौथा और शायद आखिरी दौर 10 दिन चला और बिना कोई मांग पूरी हुए ही खत्म हो गया। हालांकि टीम अन्ना ने अपनी लड़ाई को राजनीतिक शक्ल देने की बात कही है। इस मुद्दे पर लोगों की राय भी मांगी गई है। जनता अपनी राय देने में जुटी है और टीम अन्ना के तमाम सदस्य अपनी जिम्मेदारी तय करने में। टीम अन्ना में मंथन का दौर चल रहा है। और फिलहाल तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि जैसा जनसमर्थन उन्हें लोकपाल आंदोलन के लिए मिला वैसा जनसमर्थन उन्हें राजनीतिक पार्टी के तौर पर मिलेगा या नहीं।

टीम अन्ना की पॉलिटिकल पार्टी मुद्दे पर लाइव अपडेट

गौरतलब है कि टीम अन्ना ने शुक्रवार को जनता को 'आंदोलन' के स्वरूप में राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराने की बात कहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ 10 दिनों से चला आ रहा अनशन खत्म कर दिया। साथ ही कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता हथियाना नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन है, लेकिन टीम अन्ना की एक अन्य सदस्य मेधा पाटेकर ने इस फैसले पर चेताया।

उधर, टीम अन्ना द्वारा राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराने की घोषणा से परेशान प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि टीम अन्ना उसकी विकल्प नहीं हो सकती है।

अन्ना हजारे ने अपने तीन सहयोगियों के साथ अनशन खत्म करने के बाद स्वच्छ एवं भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने के लिए राजनीतिक विकल्प उपलब्ध कराने की बात कही।

दिग्गी बोले, अन्ना के बाद अब बाबा रामदेव की बारी

उन्होंने शुक्रवार को पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वी.के. सिंह की मौजूदगी में नारियल पानी पीकर अपना अनशन खत्म किया।

हजारे ने कहा, "मैं यात्राएं करना जारी रखूंगा। लोगों के पास राजनीतिक विकल्प के लिए जाऊंगा। अगर लोग जागरूक हुए तो हम राजनीतिक विकल्प के विषय में सोचेंगे।" उन्होंने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन अपने साथियों को समर्थन अवश्य देंगे।

हजारे ने कहा, "यदि जनलोकपाल विधेयक लागू हो गया होता तो मैं नहीं कहता कि इससे 100 फीसदी भ्रष्टाचार खत्म हो गया होता लेकिन 65 फीसदी जरूर खत्म हो गया होता।"

देखें, रवि शंकर बोले ‘सही नहीं टीम अन्ना की राजनीति’

टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, गोपाल राय, मनीष सिसौदिया ने जहां 25 जुलाई से अपना अनशन शुरू किया था वहीं अन्ना हजारे ने 29 जुलाई से अनशन शुरू किया।

केजरीवाल ने प्रस्तावित राजनीतिक विकल्प पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कोई दल नहीं बल्कि एक 'आंदोलन' होगा।

केजरीवाल ने धरना स्थल जंतर मंतर पर उपस्थित लोगों से कहा, "हमारा उद्देश्य सत्ता हथियाना नहीं है। हम दिल्ली केंद्रित सरकार को खत्म करना और सरकार को गांवों में और लोगों के पास ले जाना चाहते हैं। हमारा स्वरूप एक राजनीतिक दल का न होकर आंदोलन का होगा।"

देखें, अन्ना की राजनीति पर क्या बोले बाबा रामदेव

केजरीवाल ने कहा, "जनता घोषणा पत्र बनाएगी। हमारा ढांचा आंदोलन की तरह होगा या फिर जनता जैसा चाहेगी।"

उन्होंने कहा, "हमारा उद्देश्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है बल्कि सभी राजनीतिक दलों को चुनौती देना भी है।" केजरीवाल के अनुसार वे लोग अपने आंदोलन को संसद से लेकर गलियों तक में ले जाएंगे।

वहीं, टीम अन्ना के सदस्य मनीष सिसौदिया ने संवाददाताओं से कहा कि राजनीतिक पार्टी का गठन जल्दबाजी होगी और सड़क से संसद तक इस आंदोलन की दिशा जनता तय करेगी।

इस बीच, सामाजिक कार्यकर्ता व टीम अन्ना की कोर समिति की सदस्य मेधा पाटकर ने टीम अन्ना को उसके फैसलों को लेकर चेताया और कहा, "चुनावी राजनीति में उतरने से पहले किसी को सौ बार सोचना पड़ता है। यदि कोई राजनीति से जुड़ता है तो जो समर्थन उसने हासिल किया हो उसे खोना नहीं चाहिए।"

हजारे और उनकी टीम के सदस्यों ने गुरुवार को राजनीतिक विकल्प की पेशकश करते हुए शुक्रवार को अनशन तोड़ने की बात कही थी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अन्ना हजारे तथा उनकी टीम के अनशन तोड़ने व राजनीतिक विकल्प प्रदान करने की पेशकश का स्वागत करते हुए कहा कि टीम अन्ना उनकी पार्टी का विकल्प नहीं हो सकती।

समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में गडकरी ने कहा, "जो भी भ्रष्टाचार के खिलाफ है, वह अन्ना हजारे या बाबा रामदेव का समर्थन करेगा। यदि अन्ना हजारे हमारा समर्थन चाहते हैं तो हम उनकी मदद करेंगे।"

उन्होंने कहा कि टीम अन्ना भाजपा की विकल्प नहीं हो सकती, लेकिन यह कांग्रेस का विकल्प हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को नए समूह की ओर से कोई खतरा नहीं है।

फिर अधूरी रही क्रांति, अन्ना अब शुरू करेंगे राजनीति!

खुर्शीद ने खोला राज़, अन्ना थे समझौते को तैयार! 

कांग्रेस: आखिर अन्ना की असली नीयत सामने आ गई!

आज खत्म होगा अन्ना का अनशन, शुरू होगी राजनीति

अन्ना अब संसद में घेरेंगे नेताओं को, बना सकते है पार्टी? 

टीम अन्ना ने पूछा, क्या हम अनशन खत्म कर दें?

टीम अन्ना की राजनीतिक चाह जागी, बनाएगी पार्टी?

अनुपम खेर बोले तोड़ दो अनशन, किरण बोलीं नहीं तोड़ेंगे!

टीम अन्ना हुई और सख्त, पुलिस की अपील ठुकराई

दिग्विजय: टीम अन्ना का अनशन जबरदस्ती तुड़वा देंगे

केजरीवाल: बलिदान के लिए बैठे हैं, आत्महत्या के लिए नहीं!

 

तस्वीरों में देखें, अन्ना का अनशन जारी है...

 

 

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 2 वोट मिले

पाठकों की राय | 04 Aug 2012

Aug 04, 2012

अन्ना ग़लत कर रहे है . इस तरह से इने नुकसान ही हॉंगा.

Anoop Pune

Aug 04, 2012

काँग्रेस ओर बी जे पी को आजमा लिया अन्ना को एक मोका देने मे कोई हरजा नही है

sanjay nagia dhar m.p.


कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का इस्तेमाल न करें। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। सभी टिप्पणियां समुचित जांच के बाद प्रकशित की जाएंगी।
नाम
शहर
इमेल

आज के वीडियो

प्रमुख ख़बरें

Live TV  |  Stock Market India  |  IBNLive News  |  Cricket News  |  In.com  |  Latest Movie Songs  |  Latest Videos  |  Play Online Games  |  Rss Feed  |  हमारे बारे में  |  हमारा पता  |  हमें बताइए  |  विज्ञापन  |  अस्वीकरण  |  गोपनीयता  |  शर्तें  |  साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.