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गुजरात चुनाव: मणिनगर सीट पर कांग्रेस का समर्थन करेंगे केशुभाई

Updated Dec 03, 2012 at 14:02 pm IST |

 

03 दिसम्बर 2012
आईबीएन-7

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अहमदाबाद। गुजरात विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए कांग्रेस और केशुभाई पटेल की पार्टी गुजरात परिवर्तन पार्टी ने हाथ मिला लिए हैं। मोदी जिस मणिनगर विधानसभा सीट से प्रत्याशी हैं, वहां पर केशुभाई की जीपीपी पार्टी ने कांग्रेस उम्मीदवार श्वेता भट्ट को समर्थन देने का फैसला किया है।

मणिनगर में मोदी का सीधा मुकाबला कांग्रेसी उम्मीदवार से
केशुभाई की पार्टी ने मणिनगर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था लेकिन अब श्वेता भट्ट के समर्थन में उसे वहां से वापस ले लिया गया है। अब इस सीट पर मोदी का सीधा मुकाबला कांग्रेसी उम्मीदवार श्वेता भट्ट से होगा। श्वेता उन्हीं आईपीएस संजीव भट्ट की पत्नी हैं, जो गुजरात दंगों को लेकर पिछले कुछ साल से मोदी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

मणिनगर से केशुभाई ने हटाया अपना प्रत्याशी
केशुभाई पटेल के मणिनगर से अपना प्रत्याशी हटाने के फैसले का श्वेता ने स्वागत किया है। उन्होंने बातचीत में कहा कि मुझे पूरा भरोसा था कि ऐसा होगा। केशुभाई सीनियर राजनेता हैं। वो समझते हैं कि गुजरात को इस समय किस चीज की जरूरत है। मैं तीन दिन से कैंपेन कर रही हूं। लोगों का प्यार, सम्मान मिल रहा है। मेरी कोशिश जारी हैं। मणिनगर में कई जगहों पर मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। ये किस तरह का विकास है।

केशुभाई पटेल की चुनौती
वैसे भी सौराष्ट्र में इस बार केशुभाई पटेल की गुजरात परिवर्तन पार्टी मोदी की नींदें हराम कर रही है। जीपीपी किसानों की मौत को मोदी के खिलाफ मुद्दा बनाने का कोई मौका चूकना नहीं चाहती। जीपीपी के गोवर्धन झड़पिया के मुताबिक ये सरकार कुछ उद्योगपतियों के लिए चली और खामियाज़ा भुगतना पड़ा आम आदमी को। जल, जानवर, जमीन और जन का शोषण हुआ है।

गुजरात में बीजेपी की नैया फिर पार लगाएंगे मोदी?
चुनाव प्रचार के लिए गुजरात में उतरे पार्टी नेताओं ने कार्पेट बॉम्बिंग के मकसद से मोदी की तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े। सबसे ज्यादा ताज्जुब में डालने वाला बयान वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का था। जिन्होंने मोदी की तुलना देशभर के प्रशासकों से कर दी। साफ है उनका इशारा केंद्र में मौजूद यूपीए सरकार के प्रशासकों की तरफ था। उत्तरी गुजरात में सभा के दौरान आडवाणी ने 1977 की ऐतिहासिक जीत की याद दिलाई और साथ ही इस पर मुहर लगा दी कि उन्होंने ऐसा नेता अब तक नहीं देखा, हालांकि सुषमा स्वराज मोदी को पीएम पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार बता चुकी हैं। लेकिन आडवाणी को सबसे अच्छा प्रशासक बताने तक ही सीमित रहे।

 
 

 

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