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विहिप के सिंघल बोले, नेहरू जितने लोकप्रिय मोदी

Updated Feb 06, 2013 at 15:36 pm IST |

 

06 फरवरी 2013
आईबीएन 7

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संगम (इलाहाबाद)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से की। सिंघल ने मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि आज उनकी मांग नेहरू की तरह है। सिंघल ने आईबीएन 7 के पॉलीटिकल एडिटर सुकेश रंजन से बातचीत में कहा कि आजादी के बाद जिस तरह जनता नेहरू को प्रधानमंत्री पद के लिए चाह रही थी, उसी तरह आज जनता नरेंद्र मोदी को चाह रही है।

विहिप की तरफ से गुरुवार को आयोजित धर्म संसद में क्या मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे करने की चर्चा होगी, इस सवाल पर सिंघल ने कहा कि विहिप की बैठक में प्रधानंमत्री पद और मोदी के लेकर कोई चर्चा नहीं होगी। यह हमारा मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि संत समाज के साथ बैठक में हम राम मंदिर आंदोलन के बारे में नए सिरे से चर्चा करेंगे। सुकेश रंजन से अशोक सिंघल की बातचीत के सवाल-जवाब नीचे पढ़ें :-

सुकेश रंजन: अशोक सिंघल जी बहुत दिन से आप राम मंदिर के काम में लगे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। आपने खुलकर कई बार कहा भी कि राजनीतिक दलों ने, जिनपर आपको भरोसा था, सहयोग नहीं किया। एक बार फिर से कोशिश में लगे हैं अब आप?

अशोक सिंघल: देखिए हमारे स्वराज की लड़ाई बहुत लंबी चली। बड़े-बड़े आंदोलन 10-10 वर्ष के बीच में होते थे। जैसे स्वराज के लिए समय-समय पर आंदोलन चले, वैसे ही हमें अनुभव हो रहा है कि हिंदू धर्म और संस्कृति भी पराधीन हैं। जैसे वंदेमातरम स्वराज प्राप्ति का मंत्र बना, वैसे ही श्रीराम जय राम, जय जय राम आधार बनेगा हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक पराधीनता को खत्म करने का। राम जन्म भूमि में हमने आंदोलन देखा अब फिर से आंदोलन का काल खड़ा हो गया है। क्योंकि निर्णय तो हो गया कि जहां रामलला बैठे हैं वहीं राम जन्मभूमि है जिसे वो बाबरी मस्जिद कहते थे वो मस्जिद नहीं है। इसकी घोषणा हो गई और सुन्नी वक्फ बोर्ड मुकदमा हार गया है। अब कौन सी बात रह गई है। अब अगर हिंदुओं को मूर्ख बनाया जाएगा तो हिंदू समाज अपनी शक्ति का प्रयोग करेगा। कितना भी बलिदान देना पड़ा तो बलिदान करेगा और बहुत बड़ा आंदोलन भविष्य में हो सकता है। मगर हम इससे तभी इससे बच सकते हैं, जब संसद में कानून बनेगा। कानून बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को संगठित होकर समर्थन करना चाहिए।

सुकेश रंजनः जिस दल को आपने समर्थन दिया। जिस दल पर आपका भरोसा है और जो आपका अस्त्र माना जाता है। वही इस काम में पीछे रह गया। आपने कई बार खुलकर ये बात कही है?

अशोक सिंघल: मैंने बताया न आपको कि स्वराज प्राप्ति के लिए कितनी बार आंदोलन करना पड़ा। वैसे ही धार्मिक और सांस्कृतिक पराधीनता को दूर करने के लिए आंदोलन तो करने पड़ते हैं। और बहुत बड़ा आंदोलन आंखों के सामने दिखाई दे रहा है। हिंदू अपनी शक्ति के सहारे इस देश में धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता प्राप्त करेगा। ये आध्यात्मिक देश है।

सुकेश रंजनः हर बार आप क्रिटिकल हुआ करते थे। इस बार आप नाम लेने से बच रहे हैं बीजेपी का, क्योंकि उसने अपना कोर इश्यू खो दिया है?

अशोक सिंघलः मैं आपसे ही पूछता हूं कि क्या भगवान राम महज बीजेपी का मुद्दा हैं?

सुकेश रंजनः लेकिन ये विचारधारा तो बीजेपी लेकर चली थी कि राम मंदिर बनेगा। रामलला हम आएंगे-मंदिर वहीं बनाएंगे इस नारे के साथ बीजेपी ही आगे बढ़ी है?

अशोक सिंघलः धीरे-धीरे राजनीतिक दल इस जरूरत को समझेंगे। हिंदू अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेगा और फिर न सिर्फ राम मंदिर बनेगा बल्कि वही होगा जो इस देश में हिंदू चाहेगा। हम चाहते हैं कि इसका कानून बनना चाहिए।

सुकेश रंजनः आजकल आप लगातार कह रहे हैं कि बीजेपी को देश का मूड समझना चाहिए और नरेंद्र मोदी को आगे बढ़ाना चाहिए?

अशोक सिंघलः ये मैंने कभी नहीं कहा है। ये आप लोग बोल रहे हैं क्योंकि मीडिया का एक एजेंडा बन गया है। वही आप बार-बार कहते हैं, पूछते हैं। हमारी मर्यादाएं हैं। हम किसी व्यक्ति के बारे में ये नहीं कह सकते कि आप इसको प्रमोट करो और इसको प्रमोट न करो। ये हमारी मर्यादा है इसलिए हमारी धर्मसंसद के दोनों दिनों में ये विषय ही आने वाला नहीं है।

सुकेश रंजन: मैं किसी को प्रमोट करने की बात नहीं कह रहा हूं। लेकिन मोदी पॉपुलर हैं। लोगों का समर्थन उन्हें मिला है। वो हिंदुत्व को शायद आगे ले जा सकते हैं। ऐसा आपका मानना है।

अशोक सिंघल: बात तो सही है। मैंने कहा भी है कि मोदी, जवाहर लाल की तरह लोकप्रिय हैं। इसलिए उनको ही प्राइम मिनिस्टर बनाओ। ऐसी लोकप्रियता हमको इस पूरे समय में नहीं दिखाई दी। पहली बार इस प्रकार की भावना आज दिखाई दे रही है, कि जवाहर लाल के बाद पहली बार कोई पॉपुलर व्यक्ति खड़ा हो रहा है जिसे जनता चाहती है। ये कोई नई बात नहीं है ये तो सब जानते हैं।

सुकेश रंजन: आप जवाहर लाल के साथ मोदी का नाम लेते हैं। कई लोग इस पर आपत्ति करेंगे, कि जवाहर लाल नेहरू सेकुलर थे नए भारत के निर्माता थे, लेकिन मोदी पर दंगों का दाग लगा है उनपर कई आरोप हैं दोनों की तुलना नहीं हो सकती।

अशोक सिंघल: 10 वर्ष में जिस तरह से गुजरात में राज्य चला है। हिंदू वहां पर जगन्नाथ यात्रा नहीं निकाल सकता था भाई साहब। जितने भी जेहादी हैं वो कांग्रेस की गोद में पलते थे। हिंदूओं की यात्रा पर कर्फ्यू लगा दिया जाता था । पिछले 10 साल से हिंदू मुसलमानों के बीच बड़ी भारी शांति है। और मैं समझता हूं कि ये बड़ा अचीवमेंट है। मैं देख रहा हूं बाकि विकास की बातें तो चलती रहती हैं। मगर मैं इसलिए बता रहा हूं कि कांग्रेस तो किस-किस तरह से जेहादियों को सपोर्ट करती चली जा रही है। और हिंदू समाज के लिए जीवन दूभर होता चला जा रहा है।

 

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