02 सितम्बर 2014

न्यूजलैटर सब्सक्राइब करें

CLOSE

Sign Up


पाक अखबार ने भी माना, हां, हिंदुओं पर हुए हैं अत्याचार!

Updated Aug 16, 2012 at 15:15 pm IST |

 

16 अगस्त 2012
वार्ता

facebook पर hindi.in.com पेज को LIKE किया क्या?


इस्लामाबाद।
पाकिस्तान के एक प्रमुख समाचारपत्र ने आज अपने संपादकीय में कहा कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि पिछले कुछ दशक में पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों विशेषकर हिंदुओं पर अत्याचार हुए हैं।

‘न्यूज इंटरनेशल’ ने अपने संपादकीय में कहा है कि जकोबाबाद से करीब दो सौ हिंदू परिवारों के भारत पलायन कर जाने का मुद्दा विवादास्पद है। संपादकीय के अनुसार विभिन्न हिंदू नेताओं और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि सिंध प्रांत में खराब कानून-व्यवस्था और जबरन धर्म परिवर्तन के भय से अल्पसंख्यक समुदाय के लोग पलायन कर रहे हैं। मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था और समिति गठन करने वाले अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

पाक में हिंदू परिवार खतरें में, एक और जत्था शरण लेने आया

गृहमंत्री रहमान मलिक ने भी इस पूरे मामले को एक षड्यंत्र करार दिया है, वहीं लरकाना की जनरल हिंदू पंचायत ने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि पाकिस्तान की सरकार उनकी रक्षा कर सकती है इसलिए उसके सदस्य देश छोड़ कर कहीं नहीं जाएंगे।
संपादकीय में आगे कहा गया है कि अगर यह सच है तो बहुत अच्छा है, क्योंकि हम भी चाहते हैं कि अल्पसंख्यक यहीं रहें और उन्हें इस बात का भरोसा हो इस देश में उनके लिए भी जगह है, लेकिन इसके बावजूद इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि पिछले कुछ दशक में हिंदुओं पर अत्याचार हुए है।

संसद गूंजती रही कालेधन, हिंसा, पाक हिंदुओं के नाम पर

संपादकीय के अनुसार पाकिस्तान के सेना प्रमुख अशरफ कयानी ने स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए अपने संदेश में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान में सभी संप्रदाय और समूहों को रहने की आजादी होनी चाहिए। संपादकीय के अनुसार सिंध और बलूचिस्तान प्रांत में हाल के कुछ वर्षों में हिंदुओं के अपहरण अत्याचार और उन्हें डराने धमकाने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इस कारण बहुत से हिंदू अपनी जगहों को छोड़कर जाने के लिए मजबूर हो गए।

हिंदू लड़की से जबरन की शादी, पाकिस्तानी की शामत आई

उन्होंने कहा कि सिंध प्रांत में सदियों से हिंदू और मुसलमान शांति एवं सौहार्द्र के वातावरण में रह रहे थे, लेकिन कुछ वर्षों से यह तनाव पैदा होने लगा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। संपादकीय में आगे कहा गया कि इस समस्या का हल निकालने के साथ ही यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि एक ऐसा वातावरण तैयार हो, जिससे हिंदू या अन्य अल्पसंख्यक समुदाय को अपना देश छोड़कर कहीं जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़े।

IN Com Poll: 85% पाठक चाहते हैं पाक में हिंदू लड़कियों के अपहरण पर दखल

भारत परेशान, हिंदू लड़कियों की हिफाजत करे पाकिस्तान

पाक में हिंदू बच्चियों का अपहरण, हुआ विरोध प्रदर्शन

अमेरिका: भारत में धार्मिक आजादी तो है, लेकिन...

 
 

 

 

 

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 0 वोट मिले

पाठकों की राय | 16 Aug 2012


कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का इस्तेमाल न करें। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। सभी टिप्पणियां समुचित जांच के बाद प्रकशित की जाएंगी।
नाम
शहर
इमेल

आज के वीडियो

प्रमुख ख़बरें

Live TV  |  Stock Market India  |  IBNLive News  |  Cricket News  |  In.com  |  Latest Movie Songs  |  Latest Videos  |  Play Online Games  |  Rss Feed  |  हमारे बारे में  |  हमारा पता  |  हमें बताइए  |  विज्ञापन  |  अस्वीकरण  |  गोपनीयता  |  शर्तें  |  साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.