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सवा सौ करोड़ का भारत, ‘दो कौड़ी’ की विदेश नीति

Updated Jan 10, 2013 at 15:42 pm IST |

 

10 जनवरी 2013
योगेंद्र कुमार

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न जाने और कितनी बार ये लिखना पड़ेगा कि एक बार फिर पाकिस्‍तान का असली चेहरा सामने आ गया है। पाकिस्‍तान ने एक बार फिर भारत के साथ विश्‍वासघात कर दिया है। एक बार फिर भारत सरकार ने हिम्‍मत जुटाकर ये कह दिया है कि पाकिस्‍तान हमारे सब्र का इम्तिहान न ले। दूसरी ओर एक बार फिर पाकिस्‍तान ने भारत के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भारत दुष्‍प्रचार कर रहा है। उसे नहीं पता कि भारतीय जवानों की बर्बरता से हत्‍या किसने की है। चाहो तो तीसरे देश से जांच करा लो और चाहो तो संयुक्‍त राष्‍ट्र की टीम बुला लो। हर बार की तरह मीडिया भी भारत की ढुलमुल विदेश नीति को कोस रहा है, लेकिन इससे ज्‍यादा वो कर भी सकता है। शिवसेना आदतन भारत और पाक क्रिकेट सीरीज को कोस रही है तो बीजेपी नेता कांग्रेस को।

कम्‍युनिस्‍टों को पाकिस्‍तान के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है, क्‍योंकि उनका वोट बैंक पाकिस्‍तान को अहम नहीं मानता है। हां चीन की तारीफ करनी हो और अमेरिका की गाली देने हो तो वे जरूर आगे रहते हैं। समाजवादी पार्टी का वोट बैंक मुस्लिम है सो वह हमेशा की तरह कहीं गुम है। वैसे भी मुस्लिमों को आरक्षण दिलाने की जिम्‍मेदारी उनके पास है और उन्‍हें बहुत से दूसरे काम भी हैं। 2014 आम चुनाव नजदीक हैं, इसलिए देश की सुरक्षा के मसले पर फिर कभी बात कर लेंगे। हाल ही में पैदा एक और सुपर स्‍टार राजनेता अकबरुद्दीन ओवैसी जो हिदुस्‍तान को अपनी मातृभूमि बताकर इस पर राज करना चाहता है, अभी जेल में है, नहीं तो गाली देने में वो सबसे आगे है। हालांकि मैं भरोसे के साथ ये नहीं कह सकता हूं कि वो पाकिस्‍तान को चुनौती देगा या नहीं, क्‍योंकि वो अपने जहरीले भाषण में कह चुका है कि ये परस्‍त वो परस्‍त मुझे नहीं पता मैं तो बस मुस्लिमपरस्‍त हूं।

ओवैसी, वरुण गांधी, शिव सेना, राज ठाकरे ये कुछ ऐसे शेर हैं जो भारतीय पिचों पर ही बैटिंग कर सकते हैं। पाकिस्‍तान, चीन, अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश, अमेरिका से जुड़े मामलों पर इनके भड़काऊ श्रीमुख से कभी शब्‍द नहीं निकलते। हां, इनमें से कुछ हिंदुओं तो कुछ मुस्लिमों को गाली दे सकते हैं। ऐसा करने से इन्‍हें कोई नहीं रोक सकता। ओवैसी इस मामले में सबसे बड़ा जांबाज निकला वो कसम खा चुका है कि कभी अपनी बात से पलटेगा नहीं। हिंदुओं को गाली दी तो दी, इसमें बुरा मानने की क्‍या बात है। राज ठाकरे की दुश्‍मनी सिर्फ बिहारियों से है। राष्‍ट्र की सुरक्षा पर बोलने के लिए इन लोगों के पास टाइम नहीं है। खैर मैं भी बेवकूफ हूं, किन लोगों से कह रहा हूं, ये लोग तो क्षेत्रीय राजनीति कर रहे हैं। अरे भूल हो गई भारत की राजनीति का अपना एक कल्‍चर भी तो है। इसमें राष्‍ट्रीय मुद्दों पर वो नेता बोलते हैं, जिन्‍हें लोकसभा सीटें जीतनी होती हैं,  फिर ओवैसी, मुलायम सिंह, मायावती, जयललिता, करुणानिधि पाकिस्‍तान पर बोलकर समय व्‍यर्थ क्‍यों करेंगे।

शरद पवार भी चुनाव की तैया‍रियों में जुटे हैं। वैसे भी वो रक्षा मंत्री थोड़े ही हैं। कौन बोलेगा पाकिस्‍तान पर बेकार में सेक्‍युलर छवि खराब हो जाएगी, इसलिए बिहार के दो शेर जो राज ठाकरे और नरेद्र मोदी के खिलाफ तलवार लिए खड़े रहते हैं, वो पाकिस्‍तान जाना नहीं भूलते हैं। कौन मुसीबत मोल लेगा भई सेक्‍युलर छवि बिगड़ जाएगी। ले देकर देश को सांत्‍वना देने का जिम्‍मा हमारे प्रधानंमत्री मनमोहन सिंह और उनकी कैबिनेट पर आकर गिर जाती है। सच कहूं तो हमारी सोनिया जी की पार्टी कांग्रेस सच्‍ची देशभक्‍त है। वो पाकिस्‍तान पर दबाव बनाने का काम कितने साल से कर रही है। आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस ने सबसे ज्‍यादा शासन किया और उसके अथक प्रयासों से न जाने कितनी भारत और पाक क्रिकेट सीरीज हो सकीं। ताजा घटना के बाद भी पाकिस्‍तान पर कांग्रेस ही आक्रामक रुख अपना रही है। जैसा कि उसने मुंबई हमलों के वक्‍त अपनाया था। भला कांग्रेस की मेहनत को कौन भूल सकता है। एक तरफ अन्‍ना दूसरी तरफ केजरीवाल और तीसरे मोर्चे पर बाबा रामदेव काले धन की बात कर रहे हैं।

ममता बनर्जी एफडीआई का विरोध कर रही हैं तो सपा प्रमोशन में कोटा के खिलाफ कांग्रेस से लड़ रही है। इतनी व्‍यस्‍तता और चुनौतियों के बीच कांग्रेस पाकिस्‍तान के लिए समय निकाल रही है। देखो कितनी चिंता है इस पार्टी को। अब आप ये मत सोचना कि बीजेपी को देश से प्‍यार नहीं है, उसने भी बड़े त्‍याग किए हैं। देखो बीजेपी के नेताओं ने भी पाकिस्‍तान की निंदा की है। हमले की भर्त्‍सना की है। उनके पास भी तो काम हैं, पार्टी के सभी बड़े नेताओं को नरेंद्र मोदी को पीएम बनने से रोकना है। कर्नाटक में एक येद्दुरप्‍पा बागी हो गया है। झारखंड में सरकार चली गई है, इसके बाद भी हमले की निंदा करने बीजेपी के बड़े नेता आए और रस्‍म पूरी कर दी। कुछ दिनों बाद कोई बड़ी खबर आ जाएगी तो मुझे भी पाकिस्‍तान पर चर्चा की फुरसत नहीं मिलेगी, इसलिए मैं भी आज ही चिंता जाहिर कर लेता हूं, आज पाकिस्‍तान में चर्चा में है तो आप भी पढ़ रहे हैं, लेकिन कल नहीं होगा तो आप भी किसी और खबर में रुचि लेंगे। क्‍या पता आरक्षण, बाबरी मस्जिद निर्माण, मंदिर निर्माण, एफडीआई, महिला आरक्षण बिल, मराठी अस्मिता, जाट आरक्षण, एससी और एसटी आरक्षण के मामले पर कब कोई ओवैसी, ममता बनर्जी, मुलायम सिंह, राज ठाकरे, कोई संघ परिवार, कोई मायावती आंदोलन कर दे।

क्‍या पता आडवाणी जी भ्रष्‍टाचार के खिलाफ रथयात्रा लेकर चल पड़ें, ऐसे में हम भी लाचार हो जाएंगे, क्‍योंकि पाकिस्‍तान के खिलाफ हमारी दो कौड़ी की विदेश नीति को लेकर तो कोई पार्टी सड़क पर उतरने वाली है नहीं। कोई नेता संसद में वॉकआउट नहीं करेगा। कोई अन्‍ना हजारे और केजरीवाल इस मामले पर नेताओं के घरों का घेराव नहीं करेगा। 1947 से लेकर आज तक न जाने कितने बेकसूर काट दिए गए। न जाने कितने निर्दोष नौजवान मौत के आगोश में चले गए। न कितने किशोर कसाब बना दिए गए। न जाने कितने बम धमाके हुए, कश्‍मीर खून से लाल हो गया और देश का सीना जख्‍मी कराह रहा है पर पाकिस्‍तान को लेकर भारत की नीति क्‍या है ये कोई नहीं जानता। कोई ये क्‍यों नहीं पूछता पाकिस्‍तान से कि खूनी खेलने वाला वो हाफिज सईद कैसे हर रोज पाकिस्‍तान में भारत में लहू बहाने की धमकी दे रहा है? क्‍यों नहीं कोई भारत सरकार पाकिस्‍तान से ये कहती कि ये नफरत फैलाने वाला शैतान आजाद क्‍यों है? क्‍यों चल रही हैं उसकी सांसें और हिंदुस्‍तान के निर्दोष दम तोड़ रहे हैं? ऐसे परमाणु बम का क्‍या फायदा जो हिंदुस्‍तान की सुरक्षा नहीं कर सकता?

एक अदने से पाकिस्‍तान को डरा नहीं सकता? क्‍या फायदा उन जंगी जहाजों का, क्‍या फायदा उस अग्नि मिसाइल का? क्‍यों इन पर पैसा बहा रहे हो अगर इनसे कोई पाकिस्‍तान जैसा टुच्‍चा देश डर नहीं सकता? उसका इतना दुस्‍साहस कि बेखौफ होकर खूनी खेल रहा है। कुछ उदारवादी ये भी कह रहे हैं कि अभी ये पुख्‍ता नहीं कि भारतीयों जवानों के साथ बर्बरता पाकिस्‍तानी सैनिकों ने ही की थी। ऐसी भी संभावना है कि आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया हो, लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि इन आतंकियों को पनाह पाकिस्‍तान ही देता है। मुंबई हमला आईएसआई ने ही कराया था। दाऊद इब्राहिम, हाफिज सईद को पाक ही महफूज रखे हुए है। अबु हमजा को पाक में ही आतंकी ट्रेनिंग मिली। संसद पर हमला पाकिस्‍तान ने ही कराया, मुंबई हमले भी इसी पाकिस्‍तान की देन थे। भारत में नकली नोट भी पाक से ही आते हैं। फिर क्‍यों हम पाकिस्‍तान से मुक्‍त व्‍यापार की बात करते हैं? फिर क्‍यों हम पाक से वीजा समझौता करते हैं? फिर क्‍यों हम उसके साथ क्रिकेट खेलते हैं? फिर हम उस पर भरोसा क्‍यों करते हैं और बार-बार शांति-शांति की भीख मांगकर उसके दुस्‍साहस को क्‍यों बढ़ाते हैं? 
 
(युवा लेखक लंबे समय से विदेश मामलों पर लिख रहें हैं। देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया समूह में कार्यरत रहते हुए युवा लेखक की कलम हमेशा अंर्तराष्ट्रीय मामलों पर बहुत ही पैनी नजर के साथ चली है। )



 

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पाठकों की राय | 10 Jan 2013

Jan 14, 2013

अजमल कसाब को तो भारत मे पकड़ा अगर पोलीस मे इतनी हिम्मत है तो पाकिस्तान जाकर दाऊद को पकड़कर दिखाए, तो जाने.

MANISH KALAMKAR SALEPUR

Jan 14, 2013

हमारे देश के नेता बिक चुके है, इसलिए तो ये कोई जवाब नही देते

sarman singh neemrana

Jan 13, 2013

सफेद धन को काला बनाने से फुर्सत मिले तब तो इस बारे मे सोन्चे कोई

santosh kumar chhapra bihar

Jan 13, 2013

नेहरू की विश्व नेता बननेकी ख्वाइश ने देशको चीन के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा था ! महात्मा गाँधीजी को तो नोबेल प्राइज़ नही मिला , लेकिन नकली गाँधी की नोबेल प्राइज़ की ख्वाइश ने देश की विदेश नीति का ये हाल कर दिया है!

Gujarati U.S.A.

Jan 13, 2013

ये देश के नेता जो है वो एक नंबर के वेवकूफ़ है हमारे देश मे घुसकर ये हमारे सानिको को क्रूरता पोरवक मार रहा है और ये समझौते को लेकर बाइटे हुए है. सरकार को चाहिए की भारतीय सैनिको को आडेश देकर उन साले पाकिस्तनिओ को घर मे घुसकर मारने का आदेश दे ताकि हम सहीदो कों सही श्रधंजली दे सकें

vijay singh baghel Dadhiya Churhat Sidhi madhya pradesh

Jan 12, 2013

इस प्राब्लम का एक ही उपाय है : इटॅलियन हटाओ इंडियन ( मोदी) को लाओ:: !!

Gujarati U.S.A.

Jan 12, 2013

इस प्राब्लम का एक ही उपाय है : इटॅलियन हटाओ इंडियन ( मोदी) को लाओ:: !!

Gujarati U.S.A.

Jan 12, 2013

हमारी सरकार ने चूड़िया पहन रखी है. यहा सब अपना स्वार्थ साध रहे है. 5 साल तक देश को लूटने का इनका मुद्दा है. देश को अपने हाल पर ही मरने दो इन्हे कोई मतलब नही है.

anuj sharma gwalior

Jan 12, 2013

हेलो कुमार जी मैने आपका लेख परा मुझे बहुत अक्चा लगा लकिन आप ने ये लेख आज लिखा और आप सिर्फ़ आज ही इसके बारे मे सोचेगे और ना ही कल लिखेगे तो आप औरो को क्यों दोषी लिख र्हहेहै

sukhwinder singh verona italia

Jan 11, 2013

अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन अब दूर नही जब देश मे माहॉलबहुत बिगर जाएगा क्योकि अब देश मे ग़लत आदमी को तो डर ही नही ओर कमजोर कब तक चुप रहेगा. एक दिन आर्मी मे कोई भरती ही नही होना चाहेगा.

anand singh rawat ghaziabad

Jan 10, 2013

बहुत समय बाद किसी पत्रकार को इतनी ईमानदारी से देश भक्ति की बात करते हुए देखा है वरना ज़्यादातर तो किसी महखाने की दीवारों से सर टकराते रहते है पत्रकार महोदय को साधूवाद .रही बात भारतिया विदेश नीति की तो.हमारी नीति पेशा फरमाने वाली औरत की तरह है

tanuj jaipur

Jan 10, 2013

दो कौड़ियों की नीति के ज़िम्मेदार नेता है रास्टरपति शासन का रास्ता अपनाना चाहिए

harsh dev bhilai

Jan 10, 2013

it is very shameful that india can not handle its foreign policy well.

shyam rastogi jhunjhunu

Jan 10, 2013

it is very shameful that india can not handle its foreign policy well.

shyam rastogi jhunjhunu


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