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ममता का गुस्सा, मुलायम का समर्थन, मनमोहन की सफाई

Updated Sep 21, 2012 at 18:17 pm IST |

 

21 सितम्बर 2012 

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महंगाई और एफडीआई के मुद्दे पर आज देश की राजनीति पूरी तरह से गरमाती रही। ममता की टीएमसी के मंत्रियों ने अपने इस्तीफे देकर मनमोहन सरकार को झटका देने की पूरी कोशिश की, तो सरकार की डूबती नैया को उबारने एक बार फिर समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव आ गए। सपा ने साफ कर दिया कि वे यूपीए सरकार को अपना समर्थन जारी रखेंगे, लेकिन साम्प्रदायिक शक्तियों के लिए सत्ता के दरवाजे नहीं खुलने देंगे। वहीं, प्रधानमंत्री ने टीएमसी मंत्रियों के इस्तीफे पर कहा कि वो दुखी हैं।

ममता गईं तो क्‍या, मुलायम थामे रहेंगे हाथ

खबरें ये भी हैं कि केंद्र में तृणमूल कांग्रेस के मंत्रियों के इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में शामिल कांग्रेस के मंत्री भी इस्तीफा देंगे। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि हम अपने मंत्रियों से संपर्क कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या राज्य में तृणमूल और कांग्रेस का गठबंधन समाप्त हो गया है, भट्टाचार्य ने कहा, हां, गठबंधन टूट रहा है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल सरकार में कांग्रेस के छह मंत्री शामिल हैं, जिनमें से दो कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री हैं।

दूसरी तरफ बदले राजनीतिक हालात में पीएम मनमोहन सिंह रात 8 बजे देश के नाम संदेश देंगे। मनमोहन हाल के फैसलों के बारे में देश की जनता को बताएंगे। माना जा रहा है कि पीएम देश को आर्थिक सुधारों के फायदों के बारे में बताएंगे। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के लिए सुबह ही दिल्ली पहुंच गए थे। टीएमसी की ओर से कहा जा रहा था कि अगर पीएम ने वक्त नहीं दिया तो वो सभी पीएमओ में जाकर इस्तीफा छोड़ आएंगे। वहीं कांग्रेस भी पश्चिम बंगाल सरकार से अपने मंत्री हटाएगी।

उतावले मुलायम बोले, तीसरा मोर्चा ही जीतेगा

वर्तमान केंद्र सरकार में तृणमूल कांग्रेस के 6 मंत्री हैं। इनमें रेल मंत्री मुकुल रॉय, शहरी विकास राज्य मंत्री सौगत रॉय, पर्यटन राज्य मंत्री सुल्तान अहमद, स्वास्थ्य राज्य मंत्री सुदीप बंधोपाध्याय, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री शिशिर कुमार अधिकारी, सूचना प्रसारण राज्य मंत्री चौधरी मोहन जटुआ शामिल हैं।

ऐसे में, समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन देती रहेगी। उन्‍होंने कहा कि सपा सांप्रदायिक ताकतों को सत्‍ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस के नेतृत्‍व वाली सरकार को समर्थन देती रहेगी।

मुलायम की कभी हां, कभी ना

हालांकि मुलायम ने माना कि उनकी पार्टी भी केंद्र सरकार की नीतियों से खुश नहीं है और वह एफडीआई समेत कई मामलों पर विरोध जताते रहेंगे। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के यूपीए 2 से बाहर जाने की घोषणा के बाद सभी की निगाहें मुलायम सिंह यादव पर लगी हैं।

अगर सपा सरकार से इस समय समर्थन वापस ले लेती है तो मध्‍यावधि चुनाव तय हैं, लेकिन मुलायम कांग्रेस से सीधे नहीं टकराना चाहते हैं। हालांकि, उनकी पार्टी के नेता जल्‍द चुनाव के लिए दबाव बना रहे हैं। अब देखना यह है कि मौके का फायदा उठाने में माहिर मुलायम कब तक कांग्रेस का हाथ थामे रहेंगे। 

 

 

 

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