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हैप्पी बर्थडे: शांताकुमारन श्रीसंत की जिंदगी से जुड़ी 18 बातें

Updated Feb 06, 2013 at 07:00 am IST |

 

06 फरवरी 2013
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तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत आज 30 साल के हो गए हैं।

* तेज गेंदबाज शांताकुमारन श्रीसंत का जन्म 6 फरवरी 1983 को शान्ताकुमारन नायर और सावित्री देवी के घर में हुआ था। उनके एक बड़े भाई और एक बड़ी बहन हैं।

* श्रीसंत ने बचपन में लेग-स्पिनर के रूप में अपनी शुरूआत की, और अपनी शैली को भारत के शीर्ष टेस्ट विकेट धारक अनिल कुंबले के अंदाज़ में ढाला, जो बाद में उनके टेस्ट कप्तान बने।

* केरल के तेज गेंदबाज टीनू योहानन के कदमों पर चलते हुए जिनका चयन 2000 में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के लिए किया गया था, श्रीसंत चेन्नई में एमआरएफ पेस फाउंडेशन के लिए चुन लिए गए।

* इसके बाद उन्होंने 2002-03 के घरेलू मैच में गोवा के विरूद्ध प्रथम श्रेणी के कैरियर की शुरुआत की, रणजी ट्राफी के सात मैचों में इन्होंने 22 विकेट लिए और उसी सत्र में दिलीप ट्रॉफी में दक्षिण क्षेत्र के लिए चुन लिए गए।

* राजकोट में दौरे पर आए न्यूजीलैंड के विरूद्ध उन्हें भारत-ए साइड की ओर से चुना गया। 12 ओवर खेलकर उन्होंने एक विकेट लिया, लेकिन हैमस्ट्रिंग चोट के कारण उन्हें खेल से हटना पड़ा।

* नवंबर 2004 में, श्रीसंत ने रिकॉर्ड पुस्तिका में अपना नाम दर्ज किया जब उन्होंने रणजी ट्रॉफी में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ हैट्रिक लिया, ऐसा पहली बार हुआ था कि केरल के किसी गेंदबाज ने केरलवासियों के बीच प्रिंस ऑफ हैट्रिक का खिताब पाया हो।

* श्रीसंत अपने विपुल और भावनात्मक व्यवहार के लिए विख्यात हैं, विशेष रूप से जब विकेट के लिए अपील किया जा रहा हो या विकेट गिरने पर खुशी जाहिर की जा रही हो।

* मार्च 2006 की घरेलू श्रृंखला में इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट टीम के लिए श्रीसंत को जहीर खान की जगह पर चुना गया। उन्होंने नागपुर टेस्ट में इरफान पठान के साथ गेंदबाजी कर 4/95 के साथ अपना प्रारंभिक दावा ठोका।

* 2007 में इंग्लैंड के दौरे में टेंट ब्रिज में दूसरे टेस्ट के चौथे दिन श्रीसंत एक बार फिर विवाद में फंस गए। अपने निशान पर वापस जाने के समय इंग्लैंड के कप्तान माइकल वॉन के सामने जानबूझ कर कंधे उचकाए इसके कारण मैच की फीस की आधी रकम काट ली गई।

* डेढ़ साल तक भारतीय टीम के बाहर रहने के बाद श्रीसंत को नवंबर 2009 में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज खेलने के लिए वापस बुलाया लिया गया। श्रीसंत ने कानपुर के दूसरे टेस्ट की पहली पारी में पांच विकेट लिए जिससे भारत को एक पारी और 144 रनों की जीत हासिल हुई।

* इंग्लैंड में एक दिवसीय श्रृंखला के लिए अपनी चूक के बाद सितम्बर 2007 में, श्रीसंत ट्वेंटी20 विश्व कप के लिए दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम में शामिल किए गए।

* 2008 में आईपीएल के उद्घाटन संस्करण में, श्रीसंत सोहेल तनवीर के बाद टूर्नामेंट में दूसरे प्रमुख विकेट लेने वाले बने, इन्होंने 18 विकेट लिए।

* 25 अप्रैल 2008 को मोहाली में आईपीएल के मैच में किंग्स इलेवन पंजाब की जीत के बाद मुंबई इंडियन के कप्तान हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ मारा।

* श्रीसंत 2009 के आईपीएल संस्करण में बाद के मैचों में ही दिखाई दिए, तनाव फ्रैक्चर के कारण सीज़न के प्रारंभिक मैच वह नहीं खेल पाए। 2010 इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलने के बाद उन्होंने 2011 में कोची के साथ अनुबंध हस्ताक्षर किए।

* अगस्त 2009 में, श्रीसंत ने बाकी बचे अंग्रेजी सत्र में वारविकशायर के लिए खेलने के सौदे पर हस्ताक्षर किए।

* अपने पंजे में करीब एक दर्जन चोटें खाने के बाद भी श्रीसंत अपनी गेंदो की गति कम करने को तैयार नहीं है।

* इंग्लैंड के खिलाफ अगस्त 2011 में टेस्ट के बाद से श्रीसंत अपने अंगूठे की चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं।

* ईरानी ट्रॉफी में खेलने से पहले श्रीसंत ने तिरुपति मंदिर में माथा टेका।

आप भी हमारे संग श्रीसंत को जन्मदिन की बधाई दें।

 

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पाठकों की राय | 06 Feb 2013

Feb 06, 2013

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