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T20 विश्वकपः भज्जी चले ‘जम्बो’ की राह पर

Updated Sep 24, 2012 at 14:06 pm IST |

 

24 सितम्बर 2012
firstpost.com
आशीष मगोत्रा


हरभजन सिंह कभी बीच का रास्ता नहीं अपनाते। या तो वह बहुत अच्छा खेल कर टीम को शिखर पर पहुंचा देते हैं या फिर घटिया प्रदर्शन कर टीम को कुंए में धकेल देते हैं।

टीम से इतने दिनों तक बाहर रहे भज्जी के लिए इससे बेहतर वापसी नहीं हो सकती थी। रविवार को खेले गए टी-20 मुकाबले में उन्होने इंग्लिश बल्लेबाजों की नाक में दम कर दिया। भज्जी ने 4 ओवर के स्पेल में 12 रन देकर 4 अंग्रेज बल्लेबाज़ो को पवैलियन की राह दिखायी। कल टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी उनके आस-पास दिख रहे थे।

देखें, भज्जी का धमाका

लेकिन भज्जी को काफी कुछ उन हालातों का सामना करना पड़ा जो कि भारत के पुराने लेग स्पिनर अनिल कुंबले के जीवन में हुआ था।

सन 2001 मे अनिल कुंबले के कंधे की सर्जरी हुई थी। कुछ दिनों में कुंबले की हालत मे सुधार हुआ, लेकिन यह कह पाना मुशकिल था कि वह कब वापस अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में वापस आ पाएंगें। हालत यह थी कि तीन हफ्तों तक तो वह अपनी सीधे हाथ को ऊपर भी नहीं उठा पाए थे।

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उस दौरान हरभजन सिंह एक दूसरे विकल्प के रूप में भारतीय टीम में आए। लेकिन टीम में धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जगह पक्की कर ली। सौरभ गांगुली ने तो उन्हें कुंबले के मौजूद होने के बाद भी कई अंतर्राष्ट्रीय दौरे पर ले जाना उचित समझा।

कुंबले के लिए यह एक कड़वे घूंट के बराबर था, लेकिन जंबो परेशान हुए बिना अपने आलोचकों के पास गए। उन्हें यह पता चला कि उनकी गेंदे स्पिन कम होती हैं जिसकी वजह से वह विकेट नहीं निकाल पाते।

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जंबो ने तब गुगली की खोज की और 2003-04 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में 24 विकेट झटके।

दरअसल जब तक गेंदबाज बल्लेबाज को छकाने के लिए मैदान पर कुछ नया नहीं दिखाता तब तक उसकी झोली में विकेट नहीं आते।

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हरभजन भले ही कहें कि बल्लेबाजो को आउट करने का उनका अपना तरीका है, लेकिन उनको गेंदबाजी में विविधता लानी ही होगी। टीम से उनको बाहर का रास्ता भी इसलिए दिखाया गया था। न ही वह दूसरा डाल पा रहे थे न ही ऑफ स्पिन। साल 2010 मे भज्जी ने 40.69 की औसत से 43 विकेट लिए और साल 2011 में 38.05 की औसत से 20 विकेट लिए थे।

इंग्लैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा था जिसकी तारीफ कप्तान धोनी ने भी की। उन्होंने कहा कि अगर भज्जी 24 रन देकर दो विकेट लेते तो वह भी अच्छी वापसी कहलाता।

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इस टी-20 विश्व कप में भारत के लिए भज्जी एक अहम हथियार हो सकते हैं। उम्मीद है भज्जी आगे भी अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखेंगे।

 

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