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नागपुर टेस्ट: ईशांत, जडेजा ने इंग्लैंड को बैकफुट पर धकेला

Updated Dec 13, 2012 at 17:53 pm IST |

 

13 दिसम्बर 2012
वार्ता

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नागपुर।
तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और अपना पदार्पण टेस्ट खेल रहे ऑलराउंडर रवीन्द्र जडेजा ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड को चौथे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन बैकफुट पर धकेलते हुए भारत को सुखद स्थिति में पहुंचा दिया। इंग्लैंड ने पांच विकेट खोकर 199 रन बना लिए।

ईशांत ने दिया शुरुआती झटका

ईशांत ने इंग्लैंड को सुबह के सत्र में निक कॉम्पटन (3) और जबर्दस्त फॉर्म में चल रहे कप्तान एलिस्टेयर कुक (1) को आउट कर शुरूआती करारे झटके दिए। जडेजा ने जोनाथन ट्रॉट (44) को बोल्ड कर अपना पहला टेस्ट विकेट लिया और चायकाल के बाद केविन पीटरसन (73) का बेशकीमती विकेट ले लिया।

साढ़े चार साल बाद टेस्ट मैच खेल रहे लेग स्पिनर पीयूष चावला ने इयान बेल (1) को पवेलियन का रास्ता दिखाया। पहले दिन स्टंप्स के समय पदार्पण टेस्ट खेल रहे जो रूट 31 रन और विकेटकीपर मैट प्रायर 34 रन बनाकर क्रीज पर थे। दोनों ने छठे विकेट की अविजित साझेदारी में 29.3 ओवर में 60 रन जोड़कर इंग्लैंड को पांच विकेट पर 139 रन की नाजुक स्थिति से उबार लिया।

मुंबई और कोलकाता में लगातार टेस्ट हारने के बाद सीरीज में 1-2 से पिछड़ी टीम इंडिया ने इस मैच के पहले दिन टॉस हारने के बाद सही मायनों में अपना असली खेल दिखाया और इंग्लैंड के धुरंधर बल्लेबाजों को पूरे दिन दबाव में रखा। लगातार तीन शतक बनाने वाले कैप्टन कुक इस बार सिर्फ एक रन ही बना सके।

एक पेसर, चार स्पिनर

इंग्लैंड ने सुबह टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने संभावनाओं के विपरीत बाएं हाथ के स्पिनर जडेजा को अपना टेस्ट पदार्पण करने का मौका दिया। भारत ईशांत के रूप में सिर्फ एक तेज गेंदबाज के साथ उतरा जबकि उसने चावला को साढ़े चार साल बाद टेस्ट खेलने का मौका दिया। चावला ने अपना आखिरी टेस्ट अप्रैल 2008 में कानपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था।

कॉम्पटन बने ईशांत का पहला शिकार

लगातार दो पराजयों के कारण आलोचनाओं के दबाव में इस मैच में उतरी टीम इंडिया ने अच्छा प्रदर्शन किया। पारी के पांचवें ओवर में ईशांत ने कॉम्पटन को विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच करा दिया। गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर निकली और धोनी ने कैच ले लिया। हालांकि अंपायर कुमार धर्मसेना ने इस कैच को लेकर लेग अंपायर से सलाह मशविरा भी किया, लेकिन कैच साफ सुथरा था।

अंपायर की उंगली पर उठे सवाल

इंग्लैंड अभी इस झटके से संभला भी नहीं था कि 11वें ओवर में ईशांत ने कुक को पगबाधा कर सबसे बड़ा विकेट ले लिया। भारतीय खिलाड़ियों की जोरदार अपील पर धर्मसेना ने अपनी उंगली उठा दी। हालांकि इस फैसले पर कई सवाल भी उठाए गए। ऐसा लग रहा था कि गेंद कुक के पैड पर स्टंप्स की लाइन के बाहर टकराई थी। लेकिन अंपायर की उंगली उठ चुकी थी और भारत को सबसे बड़ी कामयाबी मिल चुकी थी।

28 गेंद खेलकर बनाया 1 रन

कुक ने 28 गेंदें खेलकर सिर्फ एक रन बनाया। यह काफी हैरानीभरा मामला था कि जिस बल्लेबाज ने पिछले तीन टेस्टों में भारतीय गेंदबाजों को रुलाकर रख दिया था उसे एक रन बनाने के लिए इतनी गेंदें खेलनी पड़ी। इंग्लैंड का दूसरा विकेट 16 के स्कोर पर गिरा। इसके बाद ट्रॉट और पीटरसन ने तीसरे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी की।

ट्रॉट बने तीसरा शिकार

भोजनकाल के समय इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट पर 61 रन था। ट्रॉट 28 और पीटरसन 28 रन पर नाबाद थे। भारत को दूसरे सत्र में उस समय सफलता हाथ लगी जब जडेजा ने ट्रॉट को एक आर्म बॉल से बोल्ड कर दिया। इंग्लैंड का तीसरा विकेट 102 के स्कोर पर गिरा। ट्राट ने 133 गेंदों में सात चौकों की मदद से 44 रन बनाए।

बेल शॉर्ट एक्स्ट्रा कवर में लपके गए

इयान बेल ने भी कुक की तरह 28 गेदों तक संघर्ष कर मात्र एक रन बनाया और वह चावला का शिकार बन गए। बेल चावला की गेंद पर शॉर्ट एक्स्ट्रा कवर में विराट कोहली को कैच थमा बैठे। इंग्लैंड का चौथा विकेट 119 के स्कोर पर गिरा।

108 गेंदों में जड़ा पचासा

दूसरे छोर पर जमकर खेल रहे पीटरसन ने अपना अर्धशतक 108 गेंदों में सात चौकों की मदद से पूरा किया, लेकिन लगातार दो विकेट गिरने से उन पर भी कहीं न कहीं दबाव आ गया। चायकाल के समय इंग्लैंड का स्कोर चार विकेट पर 133 रन था। लेकिन चायकाल के कुछ देर बाद पीटरसन ने जडेजा की गेंद को लेग साइड पर फ्लिक किया और प्रज्ञान ओझा ने नीचे झुकते हुए शानदार कैच लपक लिया। भारत के लिए यह एक बड़ी सफलता थी।

पीटरसन 73 रन बनाकर आउट हुए

पीटरसन 188 गेंदों में दस चौकों की मदद से 73 रन बनाकर पवेलियन लौट चले। इंग्लैंड का पांचवां विकेट 139 के स्कोर पर गिरा, लेकिन रूट और प्रायर ने इसके बाद कोई खतरा उठाए बिना सुरक्षात्मक बल्लेबाजी की। भारत ने 88वें ओवर में दूसरी नयी गेंद ली। उस समय इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 188 रन था।

दिन के निर्धारित 90 ओवर समाप्त हो जाने के बावजूद समय बचा था जिससे खेल को आगे बढ़ाया गया। रूट और प्रायर ने इंग्लैंड को कोई और नुकसान नहीं होने दिया। स्टंप्स के समय रूट 110 गेंदों में एक चौके की मदद से 31 रन और प्रायर 83 गेंदों में तीन चौकों की मदद से 34 रन बनाकर क्रीज पर थे।

भारत की तरफ से ईशांत ने 19 ओवर में 32 रन देकर दो विकेट, जडेजा ने 25 ओवरों में 34 रन देकर दो विकेट और चावला ने 13 ओवर में 39 रन देकर एक विकेट लिया। दोनों नियमित स्पिनर प्रज्ञान ओझा 27 ओवर में 50 रन और रविचंद्रन अश्विन 13 ओवर में 32 रन देकर कोई विकेट नहीं ले सके।


भारतीय टीम इस प्रकार है: महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, चेतेश्वर पुजारा, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, पीयूष चावला, ईशान्त शर्मा और प्रज्ञान ओझा।

इंग्लिश टीम इस प्रकार है: एलिस्टेयर कुक (कप्तान), निक कॉम्पटन, जोनाथन ट्रॉट, केविन पीटरसन, इयान बेल, जोए रूट, मैट प्रॉयर, टिम ब्रेसनन, ग्रीम स्वान, जेम्स एंडरसन और मोंटी पनेसर।

 
 

 

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