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58 लाख डूबा, पूनिया बोली, लंदन भूलो, ब्राजील में देखना

Updated Aug 07, 2012 at 18:14 pm IST |

 

07 अगस्त 2012
वार्ता

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लंदन।
भारतीय महिला डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया की लंदन ओलंपिक के लिए विदेश में तैयारियों पर 58 लाख रुपए खर्च किए गए और पूनिया ओलंपिक में सातवें स्थान पर रहने के बाद ब्राजील में होने वाले अगले ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करने का दावा कर रही हैं।

पूनिया 12 एथलीटों के बीच 63.62 मीटर की दूरी तक की थ्रो के साथ सातवें स्थान पर रही और यह थ्रो उनके 64.76 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से एक मीटर से भी कम था। पूनिया अब कह रही हैं कि उनका अगले ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करने का इरादा है। पूनिया ने कहा, बीजिंग ओलंपिक में मेरा प्रदर्शन निराशाजनक था, लेकिन उसकी तुलना में लंदन मैंने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। भारतीय डिस्कस थ्रोअर ने पिछले एक वर्ष में अपना अधिकतर समय विदेश में ट्रेनिंग करते हुए गुजारा था। उन्हें अक्टूबर 2011 से लेकर जून 2012 तक अमेरिका के मैक विल्किंस प्रोडक्शंस, कानकार्डिया यूनिवर्सिटी थ्रो सेंटर में गहन प्रशिक्षण दिलाया गया था। उन्हें इस वर्ष जनवरी से लेकर मार्च तक दक्षिण अफ्रीका के आईएएएफ हाई परफारमेंस ट्रेंनिग सेंटर, पोचेफस्ट्रम कैम्पस में भी प्रशिक्षण दिलाया गया था।

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पूनिया ने विदेश में प्रशिक्षण लेने के अलावा कई स्पर्धाओं में भी हिस्सा लिया था और उनके पति तथा कोच वीरेन्द्र पूनिया ने यहां तक दावा किया था कि वह 65 मीटर से ऊपर डिस्कस फेंक सकेंगी, लेकिन कृष्णा अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आसपास भी नहीं पहुंच सकीं।

यह बड़ा दिलचस्प है कि अपने मुकाबले के बाद कृष्णा और उनके कोच पति वीरेन्द्र ने उनके प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्होंने कई चैंपियनों को पराजित किया और वह अपने प्रदर्शन से कतई निराश नहीं हैं, लेकिन यदि इस स्पर्धा की विजेता एथलीट और कृष्णा पूनिया की थ्रो का फासला देखा जाए तो उससे साफ जाहिर होता है कि चार वर्ष बाद होने वाले ओलंपिक भी उनके लिए दूर की कौड़ी ही साबित होंगे।

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इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली क्रोएशिया की सांद्रो पेर्कोविच ने 69.11 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका था। दूसरे स्थान पर रही रूस की दारिया पिशालिनीकोवा ने 67.56 मीटर और तीसरे स्थान पर रही चीन की यानफेंग ली ने 67.22 मीटर तक चक्का फेंका। इनके मुकाबले कृष्णा की 63.62 मीटर की थ्रो यह उम्मीद नहीं बंधाती कि वह अगले ओलंपिक में भी कुछ खास कर पाएंगी।

यदि कृष्णा ने 65 मीटर की दूरी पार की होती तो उनके दावे पर कुछ यकीन किया जा सकता था। मगर अपनी छह थ्रो में वह दो बार फाउल कर गयीं और उनकी चार अन्य थ्रो 61.31 मीटर, 61.61 मीटर, 62.42 मीटर और 63.62 मीटर रही।

लंदन ओलंपिक 2012 से जुड़ी सारी खबरें यहां देखें

ओलंपिक से पहले पूनिया ने पार की 63 मीटर की बाधा

 

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पाठकों की राय | 07 Aug 2012

Aug 07, 2012

i really wont understand these words specially in money matters... she enter in final round is the best part of india.... and for money india is having lots of gr8 achivements as our gr8 players in parliyament... they are making word record for that.... plz dont link indian player in london for this....they hav done their best for indian's proude... JAI HIND...plz pray for a gold... :)

abhi banglore


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