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मोहिंदरः धोनी की जगह वीरू को कप्तानी सौंपी जानी थी

Updated Dec 12, 2012 at 10:49 am IST |

 

12 दिसम्बर 2012
आईबीएन- 7

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नई दिल्ली।
पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता मोहिंदर अमरनाथ ने ये कह कर सनसनी फैला दी है कि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया से मिली 4-0 की शिकस्त के बाद महेंद्र सिंह धोनी की जगह वीरेंद्र सहवाग को टेस्ट कप्तान बनाया जा रहा था। मगर बोर्ड की अंदरूनी राजनीति के चलते ये मुमकिन न हो सका, हालांकि इसके पीछे क्या राजनीति थी इसका खुलासा करने से अमरनाथ ने इनकार कर दिया।

साल 2012 की शुरुआत में खत्म हुआ भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा भले ही टेस्ट में टीम की करारी हार की वजह से चर्चा में रहा हो। मगर देशी-विदेशी मीडिया में अगर कुछ सुर्खियों में रहा तो टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और वीरेंद्र सहवाग के बीच मतभेद। अब खबरें सामने आ रही हैं कि टेस्ट सीरीज में करारी हार के बाद चयनकर्ता धोनी का पत्ता काटने के लिए तैयार थे। 1983 की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता महेंद्र अमरनाथ के हवाले से एक अंग्रेजी अखबार ने दावा किया है कि धोनी की जगह सहवाग को कप्तानी सौंपी जानी थी।

अखबार में दर्ज अमरनाथ के बयान के मुताबिक धोनी को रिप्लेस करने पर चर्चा जरूर हुई थी और लोग इससे सहमत भी थे। मगर कुछ अंदरूनी कारणों के चलते ऐसा हो न सका। मैं इसकी वजह का खुलासा फिलहाल नहीं करना चाहता, मगर जब सही वक्त आएगा तो मैं लोगों को जरूर इस बारे में बताऊंगा।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-4 से हार के बाद जब सेलेक्शन कमेटी बैठी तो अमरनाथ ने महेंद्र सिंह धोनी को टेस्ट टीम की कप्तानी से हटाए जाने की मांग की। चीफ सेलेक्टर श्रीकांत पूरी तरह से धोनी के समर्थन में उतरे। सूत्रों की मानें तो बहस के बाद 5 सेलेक्टरों में वोटिंग हुई, 3 सेलेक्टर धोनी के खिलाफ थे, तो 2 सेलेक्टर धोनी के समर्थन में।

सूत्रों के मुताबिक ये पूरा मामला बीसीसीआई के एक बड़े अधिकारी तक पहुंचा, जिन्होंने धोनी को कप्तान से हटाए जाने के फैसले पर वीटो लगा दिया। इसके बाद अमरनाथ धोनी के साथ-साथ बीसीसीआई के दूसरे कर्ताधर्ताओं के रडार पर आ गए और नतीजा ये हुआ कि उन्हें इस साल बनी चयन समिति से बाहर कर दिया गया।

ये फैसला इसलिए भी हैरान करने वाला था क्योंकि एक साल पहले अमरनाथ को इसी शर्त पर सेलेक्टर बनाया गया था कि श्रीकांत के बाद उन्हें चीफ सेलेक्टर बनाया जाएगा। अब सवाल ये है कि चयनकर्ताओं की सहमति के बावजूद धोनी की जगह सहवाग को कप्तान क्यों नहीं बनाया गया? क्या अमरनाथ को धोनी के विरोध का खमियाजा भुगतना पड़ा? और अगर टीम के चयन में बीसीसीआई की अंदरूनी राजनीति के हावी होने का दावा सही है तो जाहिर तौर पर भारतीय क्रिकेट के लिए ये बेहद खतरनाक है।

 
 

 

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पाठकों की राय | 12 Dec 2012

Dec 12, 2012

Dhoni ki jagah to teem me hi nahi ban rahi hai to captaincy ka sawal hi nahi. Jab aap performance ko mapdand mante ho to sabhi ke liye ek jaisa rool hona chahiye

vivek sheel mishra sultanpur


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