23 अक्टूबर 2014

न्यूजलैटर सब्सक्राइब करें

CLOSE

Sign Up


वीकेंड मैगजीनः भारतीय धुरंधरों पर अकेले भारी पड़े कुक

Updated Dec 08, 2012 at 20:00 pm IST |

 

08 दिसम्बर 2012
हिन्दी इन डॉट कॉम

facebook पर hindi.in.com पेज को LIKE किया क्या?

मुंबई। भारत की धरती से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले इंग्लिश क्रिकेट टीम के कप्तान एलिस्टेयर कुक भारत में ही टीम इंडिया के धुरंधरों पर भारी पड़ रहे हैं। उन्होंने मौजूदा टेस्ट सीरीज में तीन टेस्टों में लगातार तीन शतक जड़े हैं। जबकि भारतीय धुरंधर सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी घरेलू मैदान पर रनों के लिए तरस रहे हैं।

कुक ने सीरीज के तीन टेस्ट मैचों में लगातार तीन शतक जड़कर अकेले कुल 488 रन बना डाले हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुक ने भारत के खिलाफ ही पदार्पण टेस्ट में शतक जड़ते हुए नाबाद 104 रन बनाए थे। कुक ने अहमदाबाद में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की पहली पारी में 41 रन और दूसरी पारी में 176 रन बनाए थे। मुंबई टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 122 रन और दूसरी पारी में 18 रन बनाए। कोलकाता में खेले गए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में कुक ने 190 रनों की मैराथन पारी खेली।

जहां तक भारतीय बल्लेबाजों का सवाल है तो टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अहमदाबाद टेस्ट में 117 रनों की शतकीय पारी खेल अपने फॉम में आने के संकेत दिए, लेकिन इस मैच को छोड़ दिया जाए तो अन्य दो टेस्टों में उनका बल्लेबाज खामोश ही रहा। पहले टेस्ट में उन्होंने दूसरी पारी में 25 रन बनाए। मुंबई टेस्ट की पहली पारी में सहवाग ने 30 रन और दूसरी पारी में 9 रन बनाए। जबकि कोलकाता टेस्ट की पहली पारी में 23 रन और दूसरी पारी में 49 रन बनाकर आउट हुए। तीनों टेस्ट मैचों के रन को मिला दिए जाएं तो वो कुल 253 रन ही बना पाए, जो किसी भी लिहाज से विस्फोटक बल्लेबाज का तमगा लेने वाले को शोभा नहीं देती।

वहीं दूसरी तरफ पिछली 10 पारियों में अपनी शतक को तलाश रहे मास्टर ब्लास्टर की बात की जाए, तो वो सीरीज में सबसे फ्लॉफ रहे। सीरीज में उनके बल्ले से कुल 160 रन निकले हैं। सचिन ने पहले टेस्ट में 13 रन बनाए, दूसरे टेस्ट में दोनों पारियों में उनके बल्ले से कुल 16 रन ही निकले। लेकिन तीसरे टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने रनों का सूखा खत्म करते हुए 76 रनों की पारी खेली। इस पारी के बाद लगा की सचिन ने अपनी फॉर्म वापस पा ली है, लेकिन दूसरी पारी में 5 रन पर आउट होकर टीम इंडिया को बीच मंझदार छोड़कर पवेलियन लौट गए। क्रिकेट में भगवान का दर्जा पा चुके सचिन के लिए यह सबसे खराब पारी रही।

एक तरफ जहां मेहमान टीम के कप्तान अपनी कप्तानी पारी से टीम को जीत दिला रहे हैं, वहीं टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी खेल की बजाए पिच को लेकर क्यूरेटर से भिड़ते नजर आए। धोनी ने भारत की पहले टेस्ट की जीत में 5 रनों का योगदान दिया। दूसरे टेस्ट की पहली में उनके बल्ले से 29 और 6 रन निकले, जबकि तीसरे टेस्ट में उन्होंने 52 रनों की अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम इंडिया की लाज बचाई, वहीं दूसरी पारी में बिना खाता खोले पवेलियन लौटकर टीम इंडिया की नाक कटवा दी। तीन टेस्ट में उनके बल्ले से कुल 92 रन ही निकले, जो किसी भी तरह से मेजमान टीम कप्तान के लिए शर्म की बात है।

ऐसे हुई कुक की इंग्लिश टीम में इंट्री-

बात साल 2005-06 की है जब इंग्लैंड टीम भारत का दौरा करने आयी। बोर्ड एकादश के खिलाफ खेले गए एक वार्म अप मैच के दौरान इंग्लैंड के सबसे अनुभवी सलामी बल्लेबाज़ मार्कस ट्रेस्कोथिक चोटिल हो गए। उन्हें टेस्ट सीरिज़ से बाहर होना पड़ा। ट्रेस्कोथिक जैसे आला दर्जे के बल्लेबाज की जगह कौन भरेगा इस पर विचार हुआ। आखिरी समय में इंग्लैंड से 21 वर्षीय एलिस्टर कुक को टीम में इंग्लैंड से भारत बुलाया गया।

 

कुक का टेस्‍ट डेब्‍यू भारत में, भारत के खिलाफ

 
 
 
 

 

यह खबर आपको कैसी लगी

10 में से 3 वोट मिले

पाठकों की राय | 08 Dec 2012


कृपया ध्यान रखें: अपनी राय देते समय किसी प्रकार के अभद्र शब्द, भाषा का इस्तेमाल न करें। अभद्र शब्दों का इस्तेमाल आपको इस साइट पर राय देने से प्रतिबंधित किए जाने का कारण बन सकता है। सभी टिप्पणियां समुचित जांच के बाद प्रकशित की जाएंगी।
नाम
शहर
इमेल

आज के वीडियो

प्रमुख ख़बरें

Live TV  |  Stock Market India  |  IBNLive News  |  Cricket News  |  In.com  |  Latest Movie Songs  |  Latest Videos  |  Play Online Games  |  Rss Feed  |  हमारे बारे में  |  हमारा पता  |  हमें बताइए  |  विज्ञापन  |  अस्वीकरण  |  गोपनीयता  |  शर्तें  |  साइट जानकारी
© 2011, Web18 Software Services Ltd. All Rights Reserved.