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बेंगलूरु: छंट रहे हैं अफवाहों के बादल, पलायन में आई कमी

Updated Aug 18, 2012 at 09:58 am IST |

 

18 अगस्त 2012
आईबीएन-7

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बेंगलूरु।
कर्नाटक सरकार की मेहनत और बेंगलूरु के पुलिस-प्रशासन की कोशिश की वजह से बेंगलूरु में पलायन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। बेंगलूरु में नॉर्थ ईस्ट के जो लोग बचे हैं, उनमें धीरे-धीरे भरोसा बहाल होने लगा है।

साजिश की अफवाह बेंगलूरु में अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी है। सरकार की पहल और प्रशासन की मुस्तैदी रंग लाने लगी है। नॉर्थ ईस्ट की तरफ जाने वाले लोगों की जैसी भीड़ बीते दिनों प्लेटफॉर्म की तरफ उमड़ी थी उसमें अब कमी आई है। जिन इलाकों में नॉर्थ ईस्ट के रहने वाले लोगों की अच्छी-खासी तादाद है वहां पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है।

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पुलिस खौफजदा लोगों के साथ ही इलाके में रहने वाले हर समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर रही है। इन बैठकों में माहौल को बेहतर बनाए रखने की कोशिशों पर ध्यान दिया जा रहा है। खुद पुलिस के आला अधिकारी लोगों से मिलकर एकजुटता बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की भी अपील की जा रही है।

बेंगलूरु की जनता भी इस मौके पर जबरदस्त भाईचारे की मिसाल पेश कर रही है। नॉर्थ ईस्ट के जो छात्र और कामगार शहर में हैं उन्हें हर तरह की सुरक्षा का तो भरोसा दिया ही जा रहा है। साथ ही उन्हें इस बार साथ ही ईद मनाने की दावत दी जा रही है। यही नहीं, जो लोग पलायन कर चुके हैं, उनसे भी ईद के मौके पर लौट आने की गुजारिश की जा रही है।

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सरकार की तरफ से भी कोई कसर बाकी नहीं रखी जा रही है। बेंगलूरु रेलवे स्टेशन पर कर्नाटक सरकार का मानो मंत्रिमंडल ही रोज पहुंच रहा है। शुक्रवार को तो कर्नाटक के मंत्रियों के साथ ही असम के दो मंत्री भी प्लेटफॉर्म पर दिखे। इन नेताओं ने बेंगलूरु को सुरक्षित शहर बताया और दहशतजदा लोगों को पलायन नहीं करने की सलाह दी।

लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें, इसके लिए अर्द्धसैनिक बल के 600 जवान भी तैनात कर दिए गए हैं। जब भरोसा जीतने के इतने जतन किए जा रहे हों तो इसका मनचाहा असर तो दिखना ही था। सो बेंगलूरु में पलायन का ग्राफ गिरने लगा है। शुरुआती दो दिनों में जहां 12 हजार लोगों ने ट्रेन पकड़ी, वहीं शुक्रवार को ये संख्या घटकर 3 हजार पहुंच गई।

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देश के कई हिस्सों से पूर्वोत्तर के लोगों के पलायन में आज काफी कमी आई। वहीं शुक्रवार को बैंगलोर में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में पूर्वोत्तर के लोगों पर हमले की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा सुरक्षा का भरोसा दिलाने के लिए धर्मगुरुओं की भी मदद ली जा रही है।

बैंगलोर में अफवाहों से डरे सहमे पूर्वोत्तर के लोगों का पलायन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा, लेकिन संख्या पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है। शुक्रवार को पूर्वोत्तर के करीब तीन हजार लोगों ने ही बैंगलोर छोड़ा, जबकि पिछले दो दिन में 12 हजार से ज्यादा लोगों ने शहर छोड़ा था। सरकार का दावा है कि शहर में कड़ी सुरक्षा और हिफाजत का भरोसा मिलने के बाद पूर्वोत्तर के लोगों का भरोसा बढ़ा है।

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उधर, असम के दो मंत्रियों ने भी बैंगलोर स्टेशन पहुंचकर पूर्वोत्तर के लोगों का हौसला बढ़ाया। सरकार का दावा है कि उसकी कोशिशें रंग ला रही हैं। कर्नाटक में अफवाहों के खिलाफ धर्मगुरुओं ने भी मोर्चा संभाल लिया है। बैंगलोर की मस्जिदों में शुक्रवार को नमाज के बाद अमन की अपील के साथ लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की गुजारिश की गई।

उधर, पुणे में भी हालात सुधारने की कोशिशें तेज हो गई हैं। शुक्रवार को बाल गंधर्व थियेटर में शहर के प्रभावी लोगों की बैठक हुई जिसमें पुलिस के आला अधिकारियों के अलावा जनप्रतिनिधि और धर्मगुरु भी शामिल हुए। बैठक में मौजूद लोगों ने भरोसा दिया कि पूर्वोत्तर के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। वो पूरी तरह महफूज हैं।

इस बीच बेंगलूरु पुलिस ने शुक्रवार को 6 लोगों को गिरफ्तार किया। 3 को मारपीट करने के आरोप में तो 3 को अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

जाहिर है, सरकार और पुलिस-प्रशासन अब किसी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं है।

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