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हैदराबाद में हुआ अजन्मे बच्चे का ऑपरेशन

Published on Oct 30, 2014 at 18:25
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हैदराबाद। आंध्र प्रदेश की राजधानी स्थित केयर अस्पताल में चिकित्सकों ने एक अजन्मे बच्चे का माता के भ्रूण में दिल का ऑपरेशन (फीटल हर्ट प्रॉसिड्योर) किया है। दावे के मुताबिक भारत में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ (शिशु) डॉ. के. नागेश्वर राव के नेतृत्व में आठ चिकित्सकों के दल ने 27 सप्ताह की गर्भवस्था वाले शिशु का ऑपरेशन किया।

जांच के दौरान पता चला था कि 25 वर्षीय शिरिशा के गर्भ में पल रहे बच्चे के महाधमनी वॉल्व (एओरटिक वॉल्व) में रुकावट है, जिसके कारण बायां निलय (लेफ्ट वेंट्रिकिल) शरीर को रक्त पंप करने में असमर्थ था। मिटरल वॉल्व में भी क्षति की बात सामने आई, साथ ही दिल का बायां चैंबर सिकुड़ गया था।

योग करें और धूम्रपान की लत से छुटकारा पाएं

Published on Oct 30, 2014 at 09:08 | Updated Oct 30, 2014 at 09:18
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नई दिल्ली| धूम्रपान के नुकसान से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन इस लत को छोड़ पाने में सभी बेहद लाचार साबित होते हैं। लेकिन ताजा अध्ययन में पता चला है कि योग के जरिए धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने में आसानी होती है। प्राण योग के विशेषज्ञ दीपक झा ने बताया कि योग, धूम्रपान छोड़ने का एक समग्र समाधान है। साथ ही दीपक यह भी बताते हैं कि योग केवल धूम्रपान की आदतों से ही लोगों को दूर नहीं रखता बल्कि शरीर पर हुए दुष्प्रभाव को भी दूर कर देता है।

धूम्रपान छोड़ने के लिए यूं तो बाजार में तमाम तरह के रासायनिक विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन इनके सहारे धूम्रपान छोड़ना उतना आसान नहीं होता। सिगरेट के धुएं से निकलने वाला विषाक्त पदार्थ शरीर में प्रवेश कर खून का गाढ़ापन बढ़ा देता है और धीरे-धीरे एक थक्के के रूप में जम जाता है। यह रक्तचाप और हृदय की गति को भी प्रभावित करता है। साथ ही यह धमनियों को संकरा कर अंगों में ऑक्सीजन युक्त रक्त परिसंचरण की मात्रा को कम कर देता है।

'भारत में डॉक्टर कम, एक्सपर्ट डॉक्टर ज्यादा'

Published on Oct 29, 2014 at 15:44 | Updated Oct 29, 2014 at 15:52
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नई दिल्ली। भारत को स्वास्थ्य समस्या पर ध्यान देने के लिए अतिरिक्त सामान्य चिकित्सकों (फिजिशियन) की जरूरत है, वहीं विशेषज्ञ मानते हैं कि देश में एमबीबीएस से ज्यादा विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद हैं। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के नरेश गुप्ता कहते हैं कि इस देश में औसतन हर वर्ष 50 हजार एमबीबीएस चिकित्सक तैयार होते हैं, जिनमें से 30 हजार विशिष्ट और अति-विशिष्ट डिग्री की तरफ रुख करते हैं।

उन्होंने कहा कि अन्य देशों की अपेक्षा भारत में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या अधिक है। गुप्ता ने कहा कि 398 मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार होते हैं। गुप्ता ने यह बात मंगलवार शाम स्पेशियलाइजेशन एंड सुपर-स्पेशियलाइजेशन इन मेडिसिन-द मोर द मेरियर' के दौरान कही, जिसका आयोजन कंज्युमर इंडिया ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से किया था।

मानसिक बीमारियों से दिल को होता है खतरा

Published on Oct 28, 2014 at 08:44 | Updated Oct 28, 2014 at 09:19
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टोरंटो। अवसाद सहित तमाम मानसिक रोगों से निजात पाने के लिए अगर आप मनोरोग संबंधी दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। क्योंकि मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को दिल की बीमारियों का खतरा दोगुना होता है। हालिया शोध में यह बात सामने आई है। निष्कर्ष के मुताबिक, मनोरोग संबंधी दवाएं, अस्वस्थ गतिविधियां तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच तीन महत्वपूर्ण कारक हैं, जो जोखिम को बढ़ाते हैं।

कनाडा के टोरंटो स्थित सेंटर फॉर एडिक्शन एंड मेंटल हेल्थ के अध्ययन में प्रमुख लेखक केटी गोल्डी ने कहा कि ऐसी आबादी ज्यादा जोखिम में है और जो लोग कई तरह की मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझ रहे हैं, उन्हें और भी ज्यादा खतरा है। अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने कनाडियन कम्युनिटी हेल्थ सर्वे के आंकड़ों का इस्तेमाल किया। यह अध्ययन सिजोफ्रेनिया, द्विध्रुवी विकार, अवसाद और तनाव के रोगियों पर किया गया।

मोटापा देता है आपके लिवर को बीमारी का न्योता

Published on Oct 27, 2014 at 13:10 | Updated Oct 27, 2014 at 14:33
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नई दिल्ली| मोटापे के कारण अनियंत्रित मधुमेह से ग्रस्त 52 साल कि शीला जोशी (बदला हुआ नाम) को शायद इसका अंदाजा भी नहीं है कि वह धीरे-धीरे लिवर की बीमारी की तरफ बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सिर्फ जोशी का ही नहीं है, बल्कि अधिकांश भारतीय इस परिस्थिति से नावाकिफ होते हैं और जब मामला गंभीर हो जाता है तब सचेत होते हैं।

सर गंगाराम हॉस्पिटल में सेवारत लैप्रोस्कोपिक, रोबोटिक और बैरिएट्रिक सर्जन तरुण मित्तल ने कहा कि भारत में लोगों की आम धारणा है कि लीवर की बीमारियां शराब पीने वाले लोगों में ही होती है और शराब न पीने वालों को लीवर की बीमारी न के बराबर ही होती है। लेकिन ताजा अध्ययनों और शराब न पीने वाले लोगों में होने वाली लिवर की बीमारी के जागरुकता अभियानों में स्पष्ट किया गया है कि यह सिर्फ शराब पीने से संबंधित नहीं है।

बच्चों को जंकफूड की ओर ढकेल रहा है फेसबुक

Published on Oct 26, 2014 at 16:43 | Updated Oct 26, 2014 at 16:57
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सिडनी। आपके किशोर होते बच्चे यदि पिज्जा, बर्गर जैसे जंक फूड से अलग कुछ नहीं खाना चाहते, तो इसके लिए आप फेसबुक को दोष दे सकते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, सोशल मीडिया वेबसाइटों का किशोरों के बीच जंक फूड के प्रचार और विज्ञापन में बड़ा हाथ है।

ऑस्ट्रेलिया में यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के शोधकर्ताओं ने यह पता लगाया कि कैसे कम पोषक वाले खाद्य पदार्थों का प्रचार सोशल मीडिया पर खास तौर पर उस वर्ग को ध्यान में रखकर किया जाता है, जिनकी इन चीजों में ज्यादा दिलचस्पी है।

थोड़ी-थोड़ी पीएं शराब, तो बढ़ेगी याद्दाश्त जनाब!

Published on Oct 24, 2014 at 10:57 | Updated Oct 24, 2014 at 16:26
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न्यूयॉर्क| अगर आपकी उम्र 60 के ऊपर है, तो हर रोज शराब के एक या दो पैग का सेवन आपकी याददाश्त बढ़ाने में मददगार हो सकता है। यह जानकारी एक शोध में सामने आई है। शोधकर्ताओं के एक दल ने यह पाया कि 60 से ऊपर की उम्र वाले लोग, जो संज्ञानात्मक दोष (डिमेंशिया) से पीड़ित नहीं होते, उनके लिए सीमित मात्रा में एल्कोहल का सेवन याददाश्त बेहतर करने में मददगार होता है। सीमित मात्रा में एल्कोहल के सेवन को मस्तिष्क के उस भाग से भी जोड़कर देखा जाता है, जो प्रासंगिक स्मृति के लिए जिम्मेदार है, इसे हिप्पोकैंपस के नाम से जाना जाता है।

अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में गेलवेस्टोन मेडिकल ब्रांच के ब्रायन डॉनर ने कहा कि वयस्क लोग जो बढ़ती उम्र के साथ एल्कोहल का सेवन जारी रखते हैं, वे अपेक्षाकृत अधिक स्वस्थ रहते हैं और उनकी संज्ञानात्मक क्षमता और याददाश्त अच्छी होती है बजाय उनके जो स्वास्थ्य कारणों से एल्कोहल का सेवन छोड़ चुके होते हैं। डॉनर ने हालांकि कहा कि एल्कोहल सेवन का मानसिक क्षमता से संबंधित कार्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह शोध अमेरिकन जर्नल ऑफ अल्जाइमर्स डिजीज एंड अदर डेमेंटियास में विस्तार से प्रकाशित हुआ है।

बदलते मौसम में ऐसे करें आंखों की देखभाल

Published on Oct 22, 2014 at 10:01 | Updated Oct 22, 2014 at 17:28
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लखनऊ। मौसम में अचानक बदलाव से आंख की बीमारी से बड़ी संख्या में लोग परेशान हो रहे हैं। इस मौसम में आंखों में लाली, पानी गिरना, सूजन व खुजली से लोग परेशान हैं। कंजेक्टिवाइटिस नामक इस बीमारी की चपेट में आने पर जहां आंखों में सूजन व लाली आ जाती है, वहीं कई रोगियों को कम दिखाई देने लगता है। एक से दूसरे में फैलने वाले इस वायरस से बचाव ही एकमात्र विकल्प है। इस रोग में परेशानी बढ़ने पर चिकित्सक से सलाह जरूरी है।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ अतुल श्रीवास्तव कहते हैं कि मौसम परिवर्तन के समय अपनी त्वचा और बालों का लोग खास ख्याल रखते हैं, मगर आखों के प्रति लापरवाह बने रहते हैं, जबकि मौसम परिवर्तन के समय आखों के भी खास देखभाल की जरूरत होती है। ठंडक के बीच मौसम में थोड़ी गरमाहट भी है।

मां बनने वाली हैं तो इस दिवाली रहें सावधान!

Published on Oct 21, 2014 at 09:33
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नई दिल्ली। क्या आप मां बनने वाली हैं? यह तो खुशी की बात है, मगर दिवाली में आपको बहुत सतर्क रहने की जरूरत है। पटाखों से निकलने वाला धुआं, धमाके की आवाज और कठोर रसायन गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक होते हैं। साथ ही ये भ्रूण को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

नर्चर आईवीफ सेंटर की स्त्ररोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना धवन बजाज कहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान प्रदूषण गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए समस्या उत्पन्न कर सकता है। पटाखों से निकलने वाले धुएं में काफी अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रस आक्साइड होता है। ऐसे में इन रसायनों के सीधे संपर्क में आने से गर्भ में पल रहे बच्चे और मां दोनों को खतरा हो सकता है।

सिगरेट की राख से पानी होगा आर्सेनिक मुक्त!

Published on Oct 16, 2014 at 18:06 | Updated Oct 16, 2014 at 18:13
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लंदन। पानी में मौजूद खतरनाक आर्सेनिक को हटाने में सिगरेट की राख मददगार हो सकती है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। पानी से आर्सेनिक को दूर करने की तकनीक हालांकि पहले से मौजूद है और औद्योगिक इलाकों में इसका भारी पैमाने पर इस्तेमाल होता है, लेकिन महंगा होने के कारण ग्रामीण तथा विकासशील इलाकों में इसका इस्तेमाल संभव नहीं है।

सिगरेट की राख छिद्रदार होने के कारण वैज्ञानिकों ने इसका उपयोग प्रयोग के लिए उपयुक्त समझा। एक साधारण और कम खर्चीली विधि के तहत शोधकर्ताओं ने एल्युमीनियम ऑक्साइड की लेप से सिगरेट की राख तैयार की।





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ऑटो

खूबसूरत वादियां, समंदर और हरे भरे जंगल पार करते हवाई जहाज और फ्लाइट की खिड़कियों से बाहर झांकते लोग आने वाले समय में ये पुराने जमाने की बात होने वाली है।
फिलिप डिवरी ने कहा है कि इससे पहले दो दिन के प्रोमोशन कार्यक्रम के दौरान 150 ट्रक ऑपरेटरों को आमंत्रित किया गया था जहां कई बड़े ट्रक ऑपरेटरों ने वॉल्वो एफएन में रुचि दिखाई।
सर्च इंजन गूगल ने एक ऐसी कार बनाई है जिसमें ना कोई स्टीयरिंग व्हील होगा और ना ही ब्रेक पैडल। इसे चलाने के लिए ड्राइवर की दरकार नहीं होती।
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रिश्ते

आज भाई की लंबी आयु का पर्व भाई दूज मनाया जा रहा है। भाई दूज का पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष के द्वितीया को मनाया जाता है।
पुरुष चाहे किसी भी उम्र का क्यों न हो उसके मन में महिलाओं को लेकर जो रोमांटिक कल्पनाएं पनपती हैं, वह अधिकतर 20 से 30 साल के बीच की महिलाओं को लेकर ही पनपती हैं।
एक बच्चे के अच्छा या बुरा इंसान बनने में उसके मां-बाप की भूमिका अहम होती है। मां और पिता, दोनों का साथ और प्यार बच्चे के लिए जरूरी होता है।
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गैजेट्स

बैटरी के चार्ज होने के लिए अब घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। क्योंकि वैज्ञानिकों ने एक ऐसी बैटरी का विकास कर लिया है, जो मात्र दो मिनट में 70 फीसदी तक चार्ज हो सकेगी।
एक नई मोबाइल एप्लीकेशन अब लापता बच्चों के बारे में जानकारियां उपलब्ध कराएंगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
एप्पल ने नया आईपैड 'एयर2' पेश किया। कंपनी ने इसे दुनिया का सबसे पतला आईपैड बताया है। कंपनी ने इसके साथ ही एक और नया आईपैड 'मिनि3' और नया मैक ऑपरेटिंग सिस्टम भी पेश किया।
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फैशन

एक अध्ययन में सामने आया है कि साधारण तौर पर एक महिला हर सप्ताह 6.40 घंटे अपने रूप को संवारने के लिए खर्च करती है।
वेलेंटाइन डे यानी प्यार करने वालों का दिन। इस दिन पर आर्थिक सुस्ती और बढ़ती महंगाई का कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
ऑनलाइन खरीदारी का चलन बढ़ता ही जा रहा है। वर्ष 2013 में 2012 की 8.5 अरब डॉलर की खरीदारी के मुकाबले 85 फीसदी अधिक ऑनलाइन खरीदारी हुई।
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इतिहास

भारतीय एवं विश्व इतिहास में 10 सितंबर का अपना ही एक खास महत्व है। भारतीय एवं विश्व इतिहास में 10 सितंबर की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं।
भारतीय एवं विश्व इतिहास में 09 सितंबर का अपना ही एक खास महत्व है। इस दिन कई ऐसी घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
भारतीय एवं विश्व इतिहास में 29 अगस्त का अपना ही एक खास महत्व है। इस दिन कई ऐसी घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
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