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मां-बाप के साथ न रहने वाले बच्चे करते हैं नशा!

Published on Sep 10, 2014 at 09:44 | Updated Sep 10, 2014 at 10:24
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न्यूयॉर्क| एक बच्चे के अच्छा या बुरा इंसान बनने में उसके मां-बाप की भूमिका अहम होती है। मां और पिता, दोनों का साथ और प्यार बच्चे के लिए जरूरी होता है। दोनों का साथ और प्यार उन्हें कई बार न केवल बुरी संगत से बचाता है, बल्कि शराब और चरस जैसे नशीले पदार्थो से भी दूर रखता है। एक नए शोध में भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा गया है कि मां-बाप के साथ रहने वाले किशोरों की तुलना में एकल मां-बाप के संग रहने वाले किशोरों में शराब और चरस जैसे नशीले पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका ज्यादा होती है।

निष्कर्ष दिखाता है कि सिर्फ मां के साथ रहने वाले बच्चों में शराब पीने की आशंका 54 प्रतिशत अधिक होती है, अगर वे सिर्फ पिता के साथ रहते हैं, तो उनके धूम्रपान करने का खतरा 58 प्रतिशत अधिक होता है। अमेरिकी की टेक्सास यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर ईयूजबियस स्मॉल ने कहा कि हमारे शोध को ऐसी पारिवारिक संरचना और उसकी नीतियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिससे बच्चों के लिए सुरक्षात्मक माहौल बनाने और उनमें अच्छाई के गुण बनाने में मदद मिल सके।

पढ़ें: कुछ लोग ज्यादा झूठ क्यों बोलते हैं?

Published on Sep 04, 2014 at 09:02
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न्यूयॉर्क| क्या कारण है कि कुछ लोगों की जुबान पर केवल झूठ ही होता है, जबकि कुछ लोग सच के लिए कोई भी त्याग करने के लिए तैयार रहते हैं? हालिया अध्ययन के मुताबिक, इसका संबंध मस्तिष्क के एक हिस्से से है। निष्कर्ष के मुताबिक, संज्ञानात्मक नियंत्रण के लिए उत्तरदायी मस्तिष्क का एक प्रमुख भाग डॉर्सो लेटरल प्री फ्रंटल कॉर्टेक्स (पृष्ठ-पाश्र्वीय पुरोमुखीय कॉर्टेक्स) ईमानदार व्यवहार में मुख्य भूमिका निभा सकता है।

अमेरिका में वर्जीनिया टेक कारिलियन रिसर्च इंस्टीट्यूट में पोस्ट डॉक्टरल सहयोगी और अध्ययन की मुख्य लेखक लूशा झू ने कहा कि औसतन लोग झूठ से नफरत करते हैं। अध्ययन के मुताबिक, डॉर्सो लेटरल प्री फ्रंटल कॉर्टेक्स में आघात वाले लोग दूसरों की तरह झूठ से नफरत करने वाले नहीं होते। ऐसे लोगों द्वारा व्यवहारिक विकल्प के चुनाव की संभावना होती है। उन्हें इस बात की चिंता नहीं होती कि इससे उनकी छवि पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यह अध्ययन पत्रिका 'नेचर न्यूरोसाइंस' में प्रकाशित हुआ है।

ज्यादा मेहमान बुलाए, शादी को सफल बनाएं

Published on Aug 28, 2014 at 10:20 | Updated Aug 28, 2014 at 12:24
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न्यूयॉर्क| आप अपने वैवाहिक जीवन को सफल बनाना चाहते हैं, तो अपनी शादी में अधिक से अधिक मेहमानों को आमंत्रित करें। अमेरिका में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों की शादी में अधिक मेहमान जुटे, उनका वैवाहिक जीवन बेहद सफल रहा।

नेशनल मैरिज प्रोजेक्ट रपट के सह लेखक मनोवैज्ञानी गेलेना के रोड्स और स्कॉट एम स्टेनले ने कहा कि शादी के पहले जिन लोगों के सेक्सुअल पार्टनर की संख्या कम होती है, उनका पत्नी से ज्यादा मधुरता होती है। इस शोध के लिए लेखक ने अमेरिका रिलेशनशिप डेवलपमेंट स्टडी के आंकड़ों का विश्लेषण किया।

सेक्सटिंग में झूठ बोलने में अव्वल हैं महिलाएं!

Published on Aug 12, 2014 at 12:21 | Updated Aug 12, 2014 at 12:43
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न्यूयॉर्क। सेक्सटिंग को लेकर शोध में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। शोध के मुताबिक, सेक्सटिंग के दौरान महिलाएं झूठ बोलने में अव्वल हैं। सेक्सटिंग (सेक्सी और हॉट तस्वीरें या टेक्स्ट भेजना) के दौरान 24 फीसदी पुरुषों की तुलना में 45 फीसदी महिलाएं झूठ बोलती हैं।

अमेरिका में इंडियाना यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर माइकल ड्रोइन ने कहा है कि सेक्सटिंग के दौरान अधिकांश लोग झूठ बोलते हैं, ऐसा कर वे अपने पार्टनर को आनंदित करना चाहते हैं। सेक्सटिंग के दौरान झूठ बोलने के पीछे के कारणों में पार्टनर को खुश करने या उसकी फैंटेसी को पूरा करने की चाहत भी शामिल है। कुछ लोगों का कहना है कि वे अपने पार्टनर को तनाव से दूर रखने के लिए झूठ बोलते हैं।

अगर पत्नी है ज्यादा कमाऊ, तो नहीं होगा तलाक!

Published on Jul 25, 2014 at 15:58
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न्यूयार्क। अगर आपकी पत्नी आपसे अधिक शिक्षित है और अधिक कमाती है तो आप अपनी शादीशुदा जिंदगी के खुशहाल रहने को लेकर आश्वस्त रह सकते हैं। एक नए अध्ययन के मुताबिक, पुराने चलन से अलग इस तरह का दांपत्य अब रिश्तों को अधिक जिंदादिल बना रहा है और ऐसे दंपतियों के बीच रिश्ते खत्म होने या तलाक के खतरे को कम कर रहा है।

अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य स्थित युनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मेडिसिन में मनोविज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस्टीन आर.श्वाट्र्ज के मुताबिक, इस अध्ययन से दांपत्य जीवन के नए रुझान का पता चलता है। अब कमाऊ पति और गृहणी पत्नी की विचारधारा बदल रही है। अब विवाह को लेकर एक समानतावादी सोच सामने आ रही है, जिसमें औरतों के वजूद को पुरुषों से खतरा कम है।

उम्र के साथ बढ़ता है पहली नजर में प्यार पर विश्वास

Published on Jul 24, 2014 at 09:50
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लंदन| पहली नजर में प्यार पर केवल युवाओं का ही अधिकार नहीं। एक अध्ययन में दिलचस्प खुलासा हुआ है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, लोगों के पहली नजर में प्यार में विश्वास जताने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। डेटिंग एडवाइस डॉट कॉम के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, 18-24 आयु वर्ग के अपने समकक्षों की तुलना में मध्यम आयुवर्ग के लोगों में पहली नजर के प्यार में विश्वास जताने की संभावना 46 फीसदी ज्यादा देखी गई है।

इस मामले में पुरुष महिलाओं से आगे हैं, क्योंकि 53 फीसदी महिलाओं की तुलना में 61 फीसदी पुरुषों ने पहली नजर के प्यार में विश्वास जताया। 1,080 प्रतिभागियों पर किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 35-44 आयुवर्ग के 67 फीसदी लोग जबकि 45-54 आयुवर्ग के 64 फीसदी लोगों ने पहली नजर के प्यार में विश्वास जताया।

आंखें बताती हैं दिल में प्यार है या वासना!

Published on Jul 20, 2014 at 12:17 | Updated Jul 20, 2014 at 16:39
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शिकागो। अगली बार आप अगर डेट पर जाएं तो संभलकर, क्योंकि एक अध्ययन में यह पाया गया है कि आंखें प्रेम और वासना में अंतर को समझ सकती हैं। एक अध्ययन के अनुसार, अगर कोई किसी अजनबी के चेहरे पर ही निगाह रखता है, तो इससे पता चलता है कि उसके दिल में अजनबी के लिए प्यार है। अगर देखने वाले की निगाह शरीर के अन्य भागों पर भटकती है, तो तय है कि वह वासना के वशीभूत है।

शिकागो यूनिवर्सिटी के हाई-परफॉर्मेस इलेक्ट्रिकल न्यूरो-इमेजिंग लेबोरेटरी के निदेशक स्टेफनी कैकियोप्पो के मुताबिक आंखों की गति से पता चल जाता है कि अजनबी के प्रति आपके दिल में प्यार है या वासना। नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दो विभिन्न भावनात्मक अवस्थाओं रोमांटिक लव और वासना के आकलन के लिए दो परीक्षण किए।

आपकी लव लाइफ खत्म कर देंगे टीवी सीरियल!

Published on Jul 07, 2014 at 15:49
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न्यूयॉर्क। क्या आपको पता है कि आपकी लव लाइफ परेशानियों में क्यों घिरी है? इसका दोषी टेलीविजन पर आने वाले पारिवारिक एक्शन से भरपूर धारावाहिक हैं, जिसे हर शाम आपका साथी देखता है। एक नए अध्ययन के मुताबिक, टेलीविजन पर आने वाले हमारे कुछ पसंदीदा धारावाहिकों में प्रेम के लिए कोई जगह नहीं होती, परिणाम स्वरूर दर्शकों में प्रेम के प्रति दृष्टिकोण रुखा हो जाता है।

वैसे लोग जो इन धारावाहिकों को नियमित तौर पर देखते हैं, उनमें हमसफर और स्थाई प्रेम के प्रति विश्वास समय के साथ कम होता जाता है। युनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के शोधकर्ताओं ने कहा, कि वैसे दर्शक जो डेटिंग से जुड़ी रियलिटी शो को देखते हैं, वे ज्यादा रोमांटिक होते हैं और सच्चे प्यार में विश्वास करते हैं।

सावधान! पिटाई से बच्चे होते हैं ज्यादा आक्रामक

Published on May 05, 2014 at 12:03 | Updated May 05, 2014 at 15:28
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वाशिंगटन। डांट, मार के जरिए बच्चों को सुधारने का की सोच रखने वाले सावधान हो जाएं क्योंकि इससे बच्चे सुधरते नहीं बल्कि मार खाने के 10 मिनट के अंदर दोबारा शैतानी शुरु कर देते हैं और उनमें आक्रमकता बढ़ जाती है और ऐसे बच्चे उग्र स्वभाव के हो जाते हैं।

अमेरिका में हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि दुनिया का कोई भी ऐसा कोना नहीं है जहां माता पिता अपने बच्चे को मारते नहीं हैं लेकिन दिलचस्प बात यह है कि अभिभावक जितना स्वीकार करते हैं बच्चे को उससे कहीं अधिक मारते हैं। डलास के सर्दन मेथाडिस्ट यूनीवर्सिटी के शोधर्कताओं ने अपने अध्ययन के लिए 33 अलग-अलग परिवारों में वाइस रिकॉर्डर लगवाए। इन घरों पर छह दिनों तक निगरानी करने के बाद शोधर्कताओं ने पाया कि अलग-अलग समय पर एक बच्चे को 41 बार मारा गया। 75 प्रतिशत बच्चे मार खाने के 10 मिनट के अंदर ही बदमाशी करना शुरु कर देते हैं।

करीब सोने वाले जोड़े रहते हैं ज्यादा खुश

Published on Apr 18, 2014 at 14:04
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लंदन। क्या आप अपने जीवनसाथी के साथ आलिंगनबद्ध हो कर सोते हैं या उससे एक इंच की दूरी बना कर? अपने साथी के साथ आपके सोने की स्थिति पर आपके रिश्ते की मजबूती निर्भर करती है। एक अनुसंधान के मुताबिक, जो जोड़े एक इंच से भी कम दूरी पर सोते हैं वे दूसरों के मुकाबले कहीं ज्यादा खुश रहते हैं।

सुखी दंपति वे हैं जो आमने-सामने एक दूसरे का स्पर्श करते हुए सोते हैं। ब्रिटेन के हेर्टफोर्डशायर विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रॉफेसर रिचर्ड वाइसमैन ने कहा कि एक दूसरे के संपर्क में रात गुजारने वाले 90 प्रतिशत दंपतियों का एक दूसरे से संपर्क नहीं करने वाले 68 प्रतिशत दंपतियों के मुकाबले रिश्ता खुशनुमा रहता है। 1100 लोगों पर किए गए अध्ययन में 42 प्रतिशत दंपतियों ने बताया कि वे एक दूसरे की तरफ पीठ कर सोते हैं।





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ऑटो

सर्च इंजन गूगल ने एक ऐसी कार बनाई है जिसमें ना कोई स्टीयरिंग व्हील होगा और ना ही ब्रेक पैडल। इसे चलाने के लिए ड्राइवर की दरकार नहीं होती।
उत्तर प्रदेश में जल्द 15 साल पुराने गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स लगेगा। यह कर 15 वर्ष की अवधि के बाद गाड़ियों का दोबारा पंजीकरण कराने के दौरान लिया जाएगा।
जापानी कार निर्माता कंपनी निसान ने अब इस कार पर से पर्दा हटा दिया है। यह कार न केवल अपनी सफाई खुद करती है बल्कि 'नैनो-पेंट प्रौद्योगिकी' के जरिये धूल-मिट्टी और गंदगी की सफाई भी करती है।
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गैजेट्स

स्मार्ट फोन के बाजार में एप्पल ने नया धमाका किया है। मंगलवार की रात एप्पल ने अपने आईफोन-6 और आईफोन-6 प्लस को अमेरिका में लॉन्च किया।
दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन कंपनी एप्पल ने अपने दो नए स्मार्टफोन आईफोन-6 और आईफोन 6+ लॉन्च किया है।
शर्मीले और अंतर्मुखी लोग सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर औरों के मुकाबले समय तो अधिक बिताते हैं, लेकिन इस दौरान वे अपने मित्रों और परिचितों को अपने बारे में खुलकर नहीं बताते।
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फैशन

एक अध्ययन में सामने आया है कि साधारण तौर पर एक महिला हर सप्ताह 6.40 घंटे अपने रूप को संवारने के लिए खर्च करती है।
वेलेंटाइन डे यानी प्यार करने वालों का दिन। इस दिन पर आर्थिक सुस्ती और बढ़ती महंगाई का कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
ऑनलाइन खरीदारी का चलन बढ़ता ही जा रहा है। वर्ष 2013 में 2012 की 8.5 अरब डॉलर की खरीदारी के मुकाबले 85 फीसदी अधिक ऑनलाइन खरीदारी हुई।
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इतिहास

भारतीय एवं विश्व इतिहास में 10 सितंबर का अपना ही एक खास महत्व है। भारतीय एवं विश्व इतिहास में 10 सितंबर की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं।
भारतीय एवं विश्व इतिहास में 09 सितंबर का अपना ही एक खास महत्व है। इस दिन कई ऐसी घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
भारतीय एवं विश्व इतिहास में 29 अगस्त का अपना ही एक खास महत्व है। इस दिन कई ऐसी घटनाएं घटी जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं।
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हैल्थ

एक शोध में कहा गया है कि जिन लोगों का बल्ड ग्रुप एबी है उनमें ज्यादा सोचने और याददाश्त कमजोर पड़ने की समस्या ज्यादा होती है।
क्या आप जानते हैं कि मोटे लोग सिनेमा हॉल में पॉपकॉर्न की खुशबू से जल्दी आकर्षित क्यों होते हैं? एक अध्ययन के मुताबिक दिमाग की रासायनिक प्रक्रिया में अंतर होने के कारण ऐसा होता है।
अब आम आपके स्वास्थ्य का ख्याल रखेगा। मोटापा से पीड़ित लोग अगर रोजाना आम का सेवन करें, तो उनके रक्त ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है।
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