

नई दिल्ली। बिहार के जमुई में 100 से ज्यादा नक्सलियों ने धनबाद-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस पर हमला बोल दिया। नक्सलियों ने ट्रेन में मौजूद सुरक्षा बलों के जवानों से हथियार लूटने के मकसद से ट्रेन को निशाना बनाया। बिहार के डीजीपी के मुताबिक इस हमले में एक आरपीएफ जवान और दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि ट्रेन के ड्राइवर को गोली लगी है। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं।
नक्सलियों ने तकरीबन एक घंटे दस मिनट तक ट्रेन में सवार तकरीबन तीन हजार जवानों की जान को सांसत में रखा। पुलिस के मुताबिक नक्सलियों ने ट्रेन पर एक हजार से ज्यादा राउंड की फायरिंग की। हमले के दौरान उन्होंने आठ से 9 बम विस्फोट भी किए। पुलिस का कहना है कि नक्सलियों की फायरिंग का जवाब आरपीएफ के जवानों ने भी दिया। लेकिन ट्रेन में तीन हजार से ज्यादा यात्रियों के सवार होने की वजह से आरपीएफ के जवानों को नक्सलियों से लोहा लेने में मुश्किल आ रही थी। पुलिस के मुताबिक नक्सिलयों का मकसद आरपीएफ जवानों का हथियार लूटना था। नक्सली तकरीबन तीन राइफल लूटकर पास के जंगलों में गुम हो गए।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार किसी भी कीमत पर फूड सिक्योरिटी बिल लागू करने के लिए कमर कस चुकी है। भले ही इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाना पड़े या अध्यादेश ही लाना पड़े। क्या है इस बिल की खूबियां?
पढ़ें हमारे एक्सपर्ट के जवाब

नई दिल्ली। वामपंथी दलों के तेवर खाद्य सुरक्षा योजना को लेकर खासे तल्ख हैं। प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी के लिए भी सरकार की ये नई योजना उधेड़बुन में डालने वाली साबित हो रही है। बीजेपी इस बिल का विरोध करती नहीं दिखना चाहती जबकि कांग्रेस और सरकार चाहती है कि इस बिल में अड़ंगा डालने वालों को गरीबों का विरोधी दिखाया जा सके, इसलिए बीजेपी इस खाद्य सुरक्षा बिल को लेकर बेहद सावधानी से प्रतिक्रिया दे रही है।
बीजेपी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि बीजेपी खाद्य सुरक्षा कानून का समर्थन करती है लेकिन इस लंबित विधेयक के कुछ निश्चित प्रावधानों को संशोधित किए जाने की जरूरत है। सरकार इस काम के लिए संसद का मॉनसून सत्र जल्दी बुलाए। खाद्य सुरक्षा बिल के मसले पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज भी तत्काल प्रतिक्रिया देती दिखती हैं। सुषमा ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा कि सरकार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक पर अध्यादेश जारी नहीं करना चाहिए। हम ऐसे महत्वपूर्ण विधेयक के लिए अध्यादेश के रास्ते का इस्तेमाल करने के खिलाफ हैं।

नई दिल्ली। खाद्य सुरक्षा योजना का फायदा देश के कमजोर तबके को होगा। ये योजना तकरीबन दो तिहाई आबादी को फायदा पहुंचाएगी। गांवों की 75% आबादी तक इसकी पहुंच होगी। शहरों में 50% लोगों को इससे फायदा मिलेगा।
योजना के तहत 2 रुपये किलो गेहूं, 3 रुपये किलो चावल और 1 रुपये किलो मोटा अनाज मिलेगा। एक परिवार को हर महीने 25 किलो अनाज मिलेगा। फूड बिल के लागू होने के बावजूद पहले से चल रही अन्त्योदय योजना में बदलाव नहीं होगा। अन्त्योदय लाभार्थियों को 35 किलो अनाज मिलता रहेगा। ये योजना फिलहाल तीन साल के लिए लागू होगी।

नई दिल्ली। यूपीए सरकार खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने की जल्दबाजी में दिख रही है। सवाल है कि सरकार इस बिल को लेकर जल्दबाजी में क्यों है। इसकी भी कई वजहें हैं लेकिन सबसे बड़ी वजह सरकार की लगातार गिरती लोकप्रियता है। असल में मौजूदा सरकार के कई मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। कई मंत्रियों को इन आरोपों की वजह से इस्तीफा देना पड़ा।
दूरसंचार घोटाले की वजह से ए राजा को इस्तीफा देना पड़ा। बाद में दयानिधि मारन को भी अपना मंत्री पद गंवाना पड़ा। उन पर एयरसेल-मैक्सिस डील में गड़बड़ियों के आरोप लगे। कोयला खदान आबंटन घोटाले में सुबोधकांत सहाय को इस्तीफा देना पड़ा। रेलवे प्रमोशन में भ्रष्टाचार की गाज पवन बंसल पर गिरी। पवन बंसल को रेल मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा।

नई दिल्ली। खाद्य सुरक्षा बिल पर फैसला फिलहाल टल गया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट में इस पर हुई बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि इस मुद्दे पर हम विपक्ष से समर्थन मांगेंगे। उन्होंने कहा कि बिल तैयार है, अगर विपक्ष तैयार हो तो विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
कई हफ्ते तक माथापच्ची करने के बाद सरकार ने औपचारिक रूप से अध्यादेश पर विचार करने का फैसला किया था। लेकिन विपक्ष के अलावा एनसीपी जैसी सहयोगी दल इसके विरोध में थी। इसके अलावा सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने भी इसके विरोध का ऐलान किया था। तमाम पार्टियों के मूड को भांपकर सरकार ने फिलहाल इस पर फैसला टाल दिया।

नई दिल्ली। इस भागती दौड़ती दुनिया में किसी के पास वक्त नहीं है। इसलिए 15 मिनट में देखिए देश-दुनिया-मनोरंजन समेत तमाम खबरें एक के बाद एक ताबड़तोड़।
वीडियो देखें।

लखनऊ। प्रधानमंत्री कार्यालय डीएलएफ से जुड़े रॉबर्ट वाड्रा पर लगे आरोपों के बारे में कोई भी सूचना नहीं देना चाहता है। वह इन सूचनाओं को गोपनीय मानता है, और इन्हें आरटीआई अधिनियम के तहत दिए जाने से छूट चाहता है।
लखनऊ स्थित आरटीआई कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने डीएलएफ-वाड्रा प्रकरण में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर अपनी रिट याचिका के सम्बंध में सूचनाएं मांगी थीं कि याचिका की प्रति पीएमओ को कब प्राप्त हुई और उस पर क्या कार्रवाई की गई। साथ ही उन्होंने सम्बंधित फाइल की नोटशीट की प्रति भी मांगी थी। पीएमओ ने पहले एक मार्च, 2013 के अपने पत्र द्वारा यह कह कर सूचना देने से मना कर दिया था कि प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है।

नई दिल्ली। आरुषि-हेमराज हत्या मामले में तलवार दंपति ने गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में 13 गवाहों की लिस्ट दी है। तलवार दंपति इन गवाहों को अपने बचाव में गवाही के लिए बुलाना चाहते हैं। इस लिस्ट में सीबीआई की पहली जांच टीम के मुखिया रहे अरुण कुमार का नाम भी शामिल है। अब सीबीआई को इस लिस्ट पर अपना जबाब देना हैं।
दरअसल आरुषि हेमराज मामले की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई अदालत के सख्त रुख के बाद आखिरकार राजेश और नूपुर तलवार ने गवाहों की लिस्ट कोर्ट में जमा करा दी। इससे पहले तलवार दंपति ने गवाहों की लिस्ट पेश करने के लिए ये कहते हुए समय मांगा था कि उनके गवाह सीबीआई से डरे हुए हैं। तलवार दंपति ने जिन 13 गवाहों की लिस्ट कोर्ट को दी है उनमें सबसे अहम नाम है उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर- अरुण कुमार का। अरुण कुमार आरुषि-हेमराज हत्याकांड की जांच करने वाली सीबीआई की पहली टीम के मुखिया रह चुके हैं। अरुण कुमार की टीम ने अपनी जांच के बाद राजेश और नूपुर तलवार को क्लीन चिट दे दी थी।

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के ताजा स्पॉट फिक्सिंग मामले में फरार अंडरवर्ल्ड माफिया दाऊद इब्राहिम की सरगना के संदिग्ध सदस्यों और खिलाड़ियों और सट्टेबाजों के बीच हुई बातचीत में दाऊद की पहचान को पुख्ता करने के लिए दिल्ली पुलिस को दाऊद की आवाज वाले अतिरिक्त ऑडियो क्लिप्स की आवश्यकता है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। नाम उजागर न करने की शर्त पर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे सट्टेबाजी गिरोह के संचालन में दाऊद की संलिप्तता साबित करने के लिए फोन पर हुई बातचीत के पर्याप्त सुबूत होने के बावजूद हमें प्रामाणिकता के लिए दाऊद की आवाज के कुछ अतिरिक्त ऑडियो क्लिप्स की जरूरत है।






















































