

भटिंडा। महाबली खली ने आरोप लगाया है कि पंजाब के भटिंडा में आयोजित विश्व कबड्डी चैंपियनशिप में उनके साथ धोखा हुआ है। खली की शाहरुख खान से मिलने की तमन्ना भी धरी की धरी रह गई। अमेरिका से आकर अपमानित महसूस कर रहे खली इससे खासे निराश हैं
महाबली के मुताबिक उन्हे पंजाब के बठिंडा में हुई विश्व कबड्डी कप की ओपनिंग मेंशाहरुख के साथ परफॉर्म करना था लेकिन उसे शाहरुख के नजदीक भी नहीं जाने दिया गया। आयोजकों ने उन्हे मंच से नीचे उतार दिया खली के मुताबिक विश्व कबड्डी चैंपयनशिन के लिए उन्हें पंजाब के मुख्यमंत्री की तरफ से न्योता गया था। वो बिना फीस लिए अमेरिका से भारत आ गए। मुंबई की एंटरटेनमेंट कंपनी विज क्राफ्ट के कहने पर उन्होंने रिहर्सल भी की लेकिन जब मौका आया तो उन्हें दूध से मक्खी की तरह बाहर कर दिया गया।

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम प्रबंधन ने ऑस्ट्रेलिया में त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान पिछले हफ्ते पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हुई हाथापाई के बाद अपने पांच सदस्यों पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ सोमवार को औपचारिक अपील करते हुए कहा है कि पूरी घटना के लिए पाकिस्तानी खिलाडी़ दोषी हैं।
हॉकी इंडिया के महासचिव नरेंद्र बत्रा ने कहा कि टीम प्रबंधन ने उनसे औपचारिक अनुमति के बाद सोमवार को विश्व हॉकी महासंघ (एफआईएच) के पास अपील दायर कर दी है। ऑस्ट्रेलिया में टीम के साथ मौजूद हॉकी इंडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेना नोर्मन ने यह अपील की है।

ग्रेटर नोएडा। पूर्व फॉर्मूला वन विश्व चैम्पियन जैकी स्टीवर्ट का कहना है कि भारत को अब विश्व स्तरीय एफ-1 चालक तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। स्टीवर्ट का मानना है कि अब एफ-1 ग्रिड पर महिलाओं की भागीदारी का भी समय आ गया है। बुद्ध इंटरनेशल सर्किट पर देश में पहली बार फॉर्मूला वन (एफ-1) रेस 'इंडियन ग्रां पी' रविवार को आयोजित की गई थी।
वर्ष 1969, 1971, और 1973 के विश्व चैम्पियन स्टीवर्ट ने कहा कि भारत ने जिस प्रकार से 'इंडियन ग्रां पी' सफलापूर्वक आयोजित की उसपर उसे गर्व होनी चाहिए और वर्तमान विश्व चैम्पियन सेबेस्टियन वेट्टल जैसे चालकों की भारतीय पौध तैयार करनी चाहिए।
स्टीवर्ट ने 'आईएएनएस' से खास बातचीत में कहा, "भारत में बना बुद्ध इंटरनेशल सर्किट असाधारण है। मैंने इस सर्किट के चारों ओर कार दौड़ाई। यह विश्व के सर्वश्रेष्ठ सर्किटों में से एक है। लेकिन भारतीय मोटर स्पोर्ट के लिए यह पर्याप्त नहीं है। भारत को उच्चस्तर पर अधिक से अधिक रेसिंग चालक तैयार करना चाहिए।" 73 वर्षीय स्टीवर्ट ने कहा, "हमें रेसिंग में अधिक से अधिक भारतीय फॉर्मूला वन कारों की जरूरत है। बुनियादी सुविधाओं की जरूरतों को पूरा करने की जरूरत है। मैंने भारत में अधिक रेस ट्रैक नहीं देखे हैं।"

नई दिल्ली। भारत में फॉर्मूला वन रेस के सफल आयोजन ने एक बार फिर अहसास कराया है कि देश में खेल का बड़ा बाजार मौजूद है। जरूरत है उसे पहचानने और आगे बढ़ाने की। खेल संघों पर सियासी कब्जे को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं। लेकिन आईबीएन7 का एजेंडा साफ है कि खेलों का बाजार बढ़े, खिलाड़ियों को लाभ हो। चर्चा में शामिल थे बीजेपी सांसद और बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर, वकील राहुल मेहरा, कॉमनवेल्थ आयोजन समिति से जुड़े रहे तरलोचन सिंह और HamaraCong.com के संजय झा। (वीडियो देखें।)

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री मणिशंकर अय्यर ने फार्मूला वन रेस को बेहद बेतुका खेल करार देते हुए कहा है कि इसके लिए कर माफी जैसी कोई बात होनी ही नहीं चाहिए। अय्यर ने देश में पहली बार आयोजित हुई इंडियन ग्रां प्री पर जमकर बरसते हुए कहा कि एफ वन को तो बेवजह प्राथमिकता दी जा रही है। यह हमारी आर्थिक ताकत का अश्लील प्रदर्शन है। पता नहीं हम किस तरह की संस्कृति को प्रोत्साहित करने में लगे हुए हैं।
पूर्व खेल मंत्री ने कहा कि जैसा सबको पता है रेसिंग बेहद बेतुका खेल है। इससे बड़ी मात्रा में रबड़ और ईंधन की बर्बादी होती है। ये दो ऐसी चीजें हैं जिन्हें भारत को आयात करना पड़ता है और अब हम ऐसे बेतुके खेलों में इन्हें बर्बाद करने की शुरुआत कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रैक किसानों से अधिगृहीत जमीन पर बनाया गया है और अधिग्रहण भी औने पौने दामों पर किया गया है। इसके बावजूद एफ वन के आयोजक चाहते हैं कि उन्हें इसके प्रचार प्रसार के लिए कर में पूरी छूट दे दी जाए। यह कहीं से जायज नहीं है।
इंडियन ग्रां प्री के पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की मौजूदगी को आड़े हाथों लेते हुए अय्यर ने कहा कि मायावती को अमीरों और प्रभावशाली लोगों का साथ देने की भारी कीमत अदा करनी होगी। इस खेल से देश में आने वाले वर्षों में भारी आमदनी होने की रिपोर्टों पर अय्यर ने कहा कि आप कहीं भी पैसा लगा दें, आमदनी तो हो ही जाएगी। फिर मुझे यह समझ नहीं आता है कि एफ वन में पैसा लगाने से की कैसे हम बेहतर परिणाम पा सकते है।

नई दिल्ली। फॉर्मूला वन की ऑफ्टर पार्टी में लोग रात भर झूमते रहे। लेडी गागा का जादू सभी के सिर चढ़कर बोला। शाहरुख खान से लेकर सोनम कपूर तक युवराज सिंह से लेकर आशीष नेहरा तक हर शख्स यहां धमाल करता नजर आया। (स्लाइड शो देखें)

ग्रेटर नोएडा। अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर देश में पहली बार बुद्ध इंटरनेशल सर्किट पर होने वाली फॉर्मूला वन (एफ-1) रेस 'इंडियन ग्रां पी' का लुत्फ उठाने के लिए रविवार को ग्रेटर नोएडा पहुंचे जहां उन्होंने माइकल शूमाकर और बर्नी एक्लेस्टोन से मुलाकात की।
जेपी स्पोर्ट्स इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक समीर गौड़ ने बताया, "मोटर स्पोर्ट के प्रति तेंदुलकर का प्यार जगजाहिर है। रेस शुरू होने से तीन घंटे पहले जब तेंदुलकर यहां पहुंचे उन्हें देखकर मुझे हैरानी नहीं हुई। मैं उनके स्वागत के लिए गेट पर गया।"
तेंदुलकर के यहां आने के बाद सात बार के विश्व चैम्पियन शूमाकर से मिलना पूर्वानुमानित था। तेंदुलकर मर्सिडीज जीपी टीम के गैराज में गए जहां उन्होंने शूमाकर और उनके साथी निको रोसबर्ग से मिले। इस दौरान उन्होंने शूमाकर से अपनी पत्नी अंजलि और बेटी सारा का परिचय कराया। शूमाकर के साथ तेंदुलकर की यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले, वर्ष 2002 में इन दोनों खिलाड़ियों की मुलाकात हुई थी जब जर्मनी के शूमाकर ने तेंदुलकर को फेरारी गाड़ी तोहफे के रूप में दी थी।

ग्रेटर नोएडा। 25 वर्षीय डबल विश्व चैंपियन जर्मनी के सेबस्टियन वेटल ने पहली इंडियन ग्रां प्री फॉर्मूला वन रेस जीत ली जबकि ब्रिटेन के जेनसन बटन दूसरे और स्पेन के फर्नांडो अलोंसो तीसरे नंबर पर रहे। सचिन तेंदुलकर ने झंडा दिखाकर खेल का समापन किया। वहीं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने हाथों से विजेता को ट्राफी दी।
चैंपियनशिप में एकमात्र भारतीय रेसर नारायण कार्तिकेयन देश की इस पहली फॉर्मूला वन रेस में 17वें स्थान पर रहे जबकि चैंपियनशिप की एकमात्र भारतीय टीम सहारा फोर्स इंडिया के जर्मन रेसर एड्रियन सुतिल 9वें और ब्रिटिश रेसर पाल डी रेस्टा 13वें स्थान पर रहे।

ग्रेटर नोएडा। फॉर्मूला वन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बर्नी एक्लेस्टोन ने आज कहा कि भारत में क्रिकेट की तरह ही एफ-1 रेस भी धीरे-धीरे लोकप्रिय हो जाएगी। एक्लेस्टोन ने भारत में पहली बार आयोजित फॉर्मूला वन (एफ-1) रेस 'इंडियन ग्रां पी' के आयोजनकर्ताओं की तैयारियों से भी संतुष्टी जतायी।
एक्लेस्टोन ने बताया कि फ्रांस में जिस प्रकार से एफ-1 लोकप्रिय है ठीक उसी प्रकार से भारत में क्रिकेट है। आने वाले वर्षो में इसमें तेजी से सुधार होगा। इस खेल में मीडिया कवरेज जबर्दस्त है और लोग इस खेल के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहते हैं। गौरतलब है कि एक्लेस्टोन ने शुक्रवार को अपना 81वां जन्मदिन मनाया। एक्लेस्टोन ने कहा कि इंडियन ग्रां पी के आयोजकों ने अपना काम बखूबी निभाया है।
एक्लेस्टोन ने कहा कि पहली बार हमेशा समस्या रहती है लेकिन जेपी ने बेहतरीन सर्किट बनाया है। शुक्रवार को अभ्यास सत्र के दौरान ट्रैक पर कुत्ते के आ जाने के बारे में एक्लेस्टोन ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए लेकिन यह कोई बड़ी बात नही है। यह घटना तुर्की में भी हो चुकी है।
ग्रेटर नोएडा। देश में पहली बार ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशल सर्किट पर आयोजित फॉर्मूला वन (एफ-1) रेस 'इंडियन ग्रां पी' रेड वुल के वेटल ने जीत ली है। दूसरे पर मैक्लेरन के जे.बटन रहे, तीसरे नंबर के फरारी के अलॉन्सो रहे, चौथे स्थान पर वेबर और 5वें नंबर पर माइकल शूमाकर रहे। जबकि सहारा फोर्स इंडिया के सुतिल 9वें स्थान पर रहे। नारायण कार्तिकेयन 17 स्थान पर रहे। सचिन तेंदुलकर ने झंडा दिखाकर रेस का समापन किया।
इससे पहले रेड बुल टीम के चालक सेबेस्टियन वेटल ने मुख्य रेस की शुरुआत पोल पोजीशन से की। भारत की फोर्स इंडिया टीम के चालक एड्रियन सुतिल और पॉल डी रेस्टा ने ग्रिड से क्रमश: आठवें और 14वें स्थान से मुख्य रेस की शुरुआत की।






















































