

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के पास ग्रेटर नोएडा के बुद्धा सर्किट में भारत की पहली ग्रां प्री फॉर्मूला वन का आगाज आज होने वाला है। तीन दिन तक चलने वाले इस रफ्तार के रण में कई टीमों में कांटे की टक्कर रहेगी। आज पहले दिन प्रैक्टिस सेशन रखा गया है। जिसकी शुरुआत सुबह 10 बजे होगी। इसके बाद कल क्वालीफाइंग सेशन होगा और फिर इसके बाद रविवार यानी 30 अक्टूबर को फॉर्मूला वन रेस होगी।
आखिरकार जिस लम्हें का इंतजार लंबे समय से था वो आ गया है। भारत में फॉर्मूला वन का पूरा रोमांच शुरु होने वाला है। ग्रेटर नोएडा के बुद्ध रेसिंग सर्किट पर पहली इंडियन ग्रां प्री से पर्दा उठने वाला है। 28, 29 और 30 अक्टूबर को सबके सर चढ़ कर बोलेगा रफ्तार का रोमांच।

लंदन। भारत की पहली फार्मूला वन रेस 'इंडियन ग्रां प्री' को लेकर दिल्ली के पास स्थित ग्रेटर नोएडा में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में चल रही तैयारियों के बीच एक नई खबर सामने आई है कि मुंबई में भी फार्मूला वन सर्किट बनेगा।
लंदन ओलंपिक स्टेडियम और सिल्वरस्टोन के नए लेआउट के डिजाइनरों के कंसोर्टियम ने मुंबई में फार्मूला वन सर्किट को प्लान करने का अनुबंध जीता है। कैपिटा साइमंडस पोपुलस और दिल्ली इंटीग्रेटिड मल्टी माडल ट्रांजिट स्स्टिम 'डीआईएमटीएस' ने एक बयान में कहा कि सर्किट ग्रां प्री के उच्च स्वरों के अनुरप डिजाइन किया जाएगा और बनाया जाएगा।

नई दिल्ली। माइकल शूमाकर भारत आने वाले हैं और उनकी खास खातिरदारी की तैयारियां शुरू हो चुकी है। शूमाकर का शाही कमरा सज कर तैयार है। (वीडियो देखें।)

नई दिल्ली। ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा का कहना है कि भारत में वैसी खेल नीति और संस्कृति का अभाव है जो बच्चों में खेल को आजीविका के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करे।
बिंद्रा ने अपनी आत्मकथा 'ए शॉट एट हिस्ट्रीः माई ओब्सेसिव जर्नी टू ओलम्पिक गोल्ड' किताब का विमोचन सह लेखक रोहित बृजनाथ के साथ राजधानी में इस सप्ताह किया। बिंद्रा ने 'आईएएनएस' को बताया, "हमारे देश में खेल संस्कृति नहीं है। कई माता-पिता ऐसे हैं जो अपने बच्चों को खेल के क्षेत्र में नहीं जाने देते। देश में खेल को बढ़ावा देने के लिए सचेत प्रयास करने जरूरत है।"

शिमला। अंतरराष्ट्रीय रेसलर दलीप सिंह राणा उर्फ ग्रेट खली के खिलाफ जमीन हड़पने की शिकायत दर्ज की गई है। आरोप है कि खली ने रेसलिंग एकेडमी खोलने के लिए दूसरे की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया।
एक स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया कि एकेडमी बनाने के लिए जो 2.5 बीघा जमीन खरीदी है उसमें उसकी भी जमीन शामिल है।
मालूम हो कि खली ने कुछ महीने पहले पौंटा साहिब में गुज्जर कालोनी और उससे सटे बद्रीपुर में 16 जमीन खरीदी थी। जिनको रजिस्टर्ड कराने के बाद वो अमेरिका लौट गए थे। ये सारा विवाद तब शुरू हुआ जब रमेश कुमार ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और राज्य के डीजीपी डीएस मन्हास से की। पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्टॉकहोम। भारत के रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के एसाम उल हक कुरैशी की जोड़ी ने एटीपी स्टॉकहोम टेनिस टूर्नामेंट का पुरुष युगल खिताब जीत लिया है।
600,000 यूरो इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में बोपन्ना और कुरैशी की जोड़ी ने रविवार को ब्राजील के मार्सेलो मेलो और ब्रूनो सोअर्स की जोड़ी को 6-1, 6-3 से पराजित किया।
इस सत्र में बोपन्ना और कुरैशी का यह दूसरा एटीपी वर्ल्ड टूर खिताब है। इससे पहले, इस जोड़ी ने जून में हाल में आयोजित गैरी वेबर ओपन खिताब अपने नाम किया था।

नई दिल्ली। भारत में पहले फॉर्मूला 1 के शुरू होने में अब चंद रोज बचे हैं। 28, 29 और 30 अक्टूबर को होने वाली फॉर्मूला वन रेस के लिए यूपी पुलिस ने अचूक सुरक्षा कवच बनाया है। ढाई हजार से भी ज्यादा पुलिस वाले चप्पे-चप्पे पर तैनात होंगे। देखिए कैसे होगी चक्रव्यूह में रफ्तार की सबसे रोमांचक रेस और जानिए कि कैसे की जाती है रेस के दौरान ट्रैक पर ड्राइवरों की सुरक्षा। (वीडियो देखें)

नई दिल्ली। विश्व के महानतम कार चालकों में शुमार सात बार के फॉर्मूला वन (एफ-1) विश्व चैम्पियन जर्मनी के माइकल शुमाकर का कहना है कि भारत सही मायने में एफ-1 सर्किट का हकदार था। शुमाकर ने कहा कि वह इंडियन ग्रां पी में कार चलाने को लेकर खासे उत्सुक हैं।
शुमाकर ने दिए गए ईमेल और टेलीफोन साक्षात्कार में कहा, "मैंने हमेशा से चाहा है कि इस खेल में नए देश शामिल हों। मेरा मानना है कि विश्व चैम्पियनशिप पूरी दुनिया में विस्तार ले। इस लिहाज से भारत सही मायने में एफ-1 सर्किट का हकदार था।"
वर्ष 2010 में तीन साल के करार के तहत एफ-1 सर्किट में लौटने वाले शुमाकर का मानना है कि एफ-1 खिताब के लिए पूरी दुनिया में रेस आयोजित होनी चाहिए और इस लिहाज से भारत का इसके मानचित्र में जुड़ना खुशी की बात है।

नई दिल्ली। भारत में चंद रोज बाद फॉर्मूला-1 का रफ्तार और रोमांच बस शुरू होने वाला है। ये खेल जितना अहम है उतना ही खिलाड़ी भी। आज हम जानेंगे रफ्तार के सबसे जांबाज खिलाड़ियों से। हम आज आपको अब तक के सबसे शानदार फॉर्मूला वन विजेताओं के बारे में बताएंगे। साथ ही ये भी बताएंगे की आखिर कैसी होती है एक फॉर्मूला-1 ड्राइवर की डाइट। (वीडियो देखें।)

नई दिल्ली। भारत में पहले फॉर्मूला-1 के शुरू होने में अब चंद रोज बचे हैं। रफ्तार का रोमांच बस शुरू होने वाला है। फॉर्मूला वन में कैसे 4 से 6 सेकेंड में तय हो जाती है जीत और हार। और कैसे पलक झपकते ही बदल दिए जाते हैं 1000 डिग्री सेल्सियस से भी गर्म टायर। इसके अलावा कई रोचक पहलुओं को जानने के लिए वीडियो देखें।






















































