IBN7IBN7

जस्टिन बीबर को मदद की जरूरत: ग्रांडे


Published on Jan 28, 2014 at 12:04
0 IBNLive

लॉस एंजेलिस। गायिका एरियाना ग्रांडे को लगता है कि गायक जस्टिन बीबर को मदद की जरूरत है और हाल ही में किए गए व्यवहार के लिए उन्हें दंडित नहीं किया जाना चाहिए। वेबसाइट 'कॉन्टेक्टम्यूजिक डॉट कॉम' के मुताबिक, ग्रांडे को लगता है कि बीबर की वैश्विक प्रसिद्धि के चलते, वो जिस दबाव में हैं उसे कोई नहीं समझ सकता।

ग्रांडे ने कहा कि वह बहुत अकेले हैं, मुझे नहीं लगता कि कोई समझता है या किसी ने कभी समझा हो। मैं सोचती हूं कि लोगों को उनके प्रति थोड़ा ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए। उन्हें मदद की जरूरत है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्हें दंड की जरूरत है।

नशे में धुत बीबर को भारी पड़ी कार रेसिंग, अरेस्ट


Published on Jan 24, 2014 at 09:52 | Updated Jan 24, 2014 at 10:20
0 IBNLive

नई दिल्ली। युवाओं के बीच लोकप्रिय पॉप स्टार जस्टिन बीबर को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। बीबर को शराब के नशे में गाड़ी चलाने के आरोप में गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया था। मियामी में एक क्लब से लौटते वक्त जब पुलिस ने बीबर और उनके साथी को रोका तो दोनों नशे में धुत थे।

लोकप्रिय पॉप स्टार जस्टिन बीबर को गुरुवार देर रात गिरफ्तार किया गया था। 19 साल के जस्टिन बीबर को तेज रफ्तार गाड़ी चलाने और रेसिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक बीबर को जब गिरफ्तार किया गया तब वो नशे में थे। मियामी के समय के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 4 बजे बीबर को गिरफ्तार किया गया।

फिजियोथेरेपिस्ट के साथ डेट कर रहे हैं श्वार्जनेगर


Published on Jan 21, 2014 at 09:06
0 IBNLive

लॉस एंजेलिस। हॉलीवुड अभिनेता ऑर्नोल्ड श्वार्जनेगर फिजियोथेरेपिस्ट हीथर मिलिगन के साथ डेट कर रहे हैं। श्वार्जनेगर और उनकी पत्नी मारिया श्रीवर के बीच दो साल पहले ही अलगाव हुआ है।

वेबसाइट 'डेलीमेल डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक, दोनों मर्सिडीज कार में घूमते नजर आए। दोनों बिल्कुल शांत नजर आ रहे थे। इन दोनों को इससे पहले 2013 में साथ देखा गया था, जिसने उनके उनकी पत्नी के पास वापस जाने की अफवाह को विराम दे दिया था।

सिंगर रिहाना को नहीं थी डेटिंग की इजाजत


Published on Jan 16, 2014 at 09:43
0 IBNLive

लास एंजेलिस। पॉप गायिका रिहाना का कहना कि 16 साल की उम्र तक उनकी मां ने उनके डेटिंग करने पर रोक लगा रखी थी। उनका कहना है कि जब वह इस उम्र को पार भी कर गई थीं तब भी उनकी मां रोक-टोक करती थीं।

वेबसाइट 'फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक, रिहाना ने कहा कि मुझे डेटिंग की इजाजत नहीं थी। 13 साल की उम्र में मेरी मां कहती थीं, जब तुम 16 की हो जाओगी तो तुम्हारा पुरुष मित्र होगा, और 16 की उम्र में मां ने कहा कि उन्होंने उम्र को लेकर कुछ नहीं कहा था। रिहाना सिंगर क्रिस ब्राउन के साथ डेटिंग कर चुकी हैं।

देखें: किस-किसको मिला गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड

  • ibnlive.com

Published on Jan 13, 2014 at 13:56 | Updated Jan 13, 2014 at 18:38
0 IBNLive

नई दिल्ली। लॉस एंजेलिस में आज 71वें गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड का ऐलान हो गया। लियानार्डो डीकैप्रियो को द वूल्फ ऑफ दी वॉल स्ट्रीट के लिए बेस्ट एक्टर ने मोशन पिक्चर का अवॉर्ड मिला। और किसे-किसे मिला गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड तस्वीरों में देखें।

गोल्डन ग्लोब: मैककॉनाय और केट बने बेस्ट


Published on Jan 13, 2014 at 11:26 | Updated Jan 13, 2014 at 18:38
0 IBNLive

लॉस एंजेलिस। हॉलीवुड अभिनेत्री केट ब्लैंचेट और अभिनेता मैथ्यू मैककॉनाय को 71वें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स समारोह में फिल्म 'ब्लू जायसमिन' और 'डलास बायर्स क्लब' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और अभिनेता का अवार्ड दिया गया। ब्लैंचेट को 'द वुल्फ वाल स्ट्रीट' के अभिनेता लियोनार्दो डीकैप्रियो ने अवार्ड की ट्रॉफी पकड़ाई। मंच पर वह काले रंग के खूबसूरत गाउन में दिखीं।

वुडी एलन की फिल्म 'ब्लू जायसमिन' में ब्लैंचेट ने मैनहैटन की अमीर सोशयलाइट का किरदार किया है, जो बाद में बेघर हो जाती है और जिसे गरीबी से जूझना पड़ता है। मैककॉनाय इस अप्रत्याशित अवार्ड को पा कर बेहद खुश नजर आए। 'डलास बायर्स क्लब' में उन्होंने एड्स पीड़ित का किरदार किया है।

बिग-बी संग दोबारा काम पसंद करूंगा: डीकैप्रियो


Published on Jan 13, 2014 at 09:58
0 IBNLive

लॉस एंजेलिस। हॉलीवुड अभिनेता लियोनार्दो डीकैप्रियो का कहना है कि वह बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ दोबारा काम करना पसंद करेंगे। दोनों ने 'द ग्रेट गैट्सबाय' में साथ काम किया है। उनकी नजर में अमिताभ प्रभावशाली और सभ्य इंसान हैं।

हाल ही में डीकैप्रियो ने 'द वुल्फ आफ वाल स्ट्रीट' फिल्म के लिए इंटरव्यू दिया था और इस दौरान जब उनसे अमिताभ के साथ दोबारा काम करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसा अवसर मिलने पर वह साथ काम करेंगे।

फिल्म समीक्षा: दिल को छूने वाली है ‘ग्रैड मैच’

  • राजीव मसंद

Published on Jan 11, 2014 at 14:34 | Updated Jan 11, 2014 at 16:08
0 IBNLive

मुंबई। सिलवेस्टर स्टेलॉन और रॉबर्ट डी नेरा की जोड़ी को रिटायरमेंट एज बॉक्सर के तौर पर रिंग में देखना आपकी एक्साइटमेंट को बढ़ा देता है। फिल्म की कहानी दिल को छूने वाली है। आपको 2 घंटे कैसे बीते पता भी नहीं चलेगा। मैं इस फिल्म को 5 में 3 स्टार देता हूं। (वीडियो देखें)

पैटिंसन के साथ नया साल मनाएंगी स्टीवर्ट


Published on Dec 24, 2013 at 10:35
0 IBNLive

लॉस एंजेलिस। अभिनेत्री क्रिस्टन स्टीवर्ट नए साल का स्वागत रॉबर्ट पैटिंसन के साथ करने की तैयारी कर रही हैं। वेबसाइट 'हॉलीवुडलाइफ डॉट कॉम' के मुताबिक, 23 साल की स्टीवर्ट, रॉबर्ट के साथ लंदन में क्रिसमस मनाना चाहती थीं और वह नए साल पर पसंदीदा स्थानों पर जाने को लेकर उत्सुक हैं।

एक सूत्र ने बताया कि स्टीवर्ट ने फैसला किया है कि वह लंदन में रॉबर्ट के साथ क्रिसमस नहीं मनाएंगी क्योंकि उन्हें पता है कि वह परिवार के साथ होंगे और स्टीवर्ट नहीं चाहतीं कि वह उनका स्वागत करें। अगर वह रॉबर्ट के साथ इंग्लैंड जाती हैं, तो यह क्रिसमस के बाद होगा।

मूवी रिव्यू: मजेदार है ‘क्लाउडी विद ए चांस..2’


Published on Dec 21, 2013 at 16:53 | Updated Dec 21, 2013 at 17:19
0 IBNLive

मुंबई। 2009 में आई हॉलीवुड फिल्म ‘क्लाउडी विद ए चांस ऑफ मीटबॉल्स’ में नरदिस फ्लाइंट लेकवुड, जिसे अपनी आवाज दी है बिल हैडर ने, वो एक प्लान बनाता है जो पानी को खाने में बदल सकता है। आइसक्रीम के पहाड़ों के बीच स्काई करने की शुरूआती एक्साइटमेंट के बाद जब हर कोई अपने हिस्से के मजे ले चुका है। असली परिस्थिति तब सामने आती है जब उनका आइसलैंड सड़े हुए खाने के ढ़ेर में बदल जाता है। फ्लाइंट किसी तरह अपने इस अविष्कार को रोक देता है और सभी को बचा लेता है।

फिल्म के अगले पार्ट के बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था, लेकिन यहां आज हम बात कर रहे है ‘क्लाउडी विद ए चांस ऑफ मीटबॉल्स-2’, लंबे नाटक के बाद हमारा हीरो अपने परिवार और दोस्तों के साथ एक ट्रॉपिकल वर्ल्ड की ओर निकल पड़ता है, जहां उसके उसी अविष्कार ने 'फूडिमल्स' या फूड अनिमल्स की जाति को जन्म दिया है। जहां हमें टकोडाइल्स, फ्लमैंगोज़, जैसे हर मुम्किन जाती से मिलवाया जाता है जिसके बारे में राइटर सोच सकते थे।





IBN7IBN7
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive