IBN7IBN7

हॉलीवुड की फिल्म में फिर काम करेंगे अमिताभ


Published on Dec 16, 2013 at 10:36
0 IBNLive

मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर से हॉलीवुड की फिल्म में काम कर सकते है। अमिताभ ने इस साल रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म ‘द ग्रेट गेट्सबॉय’ में काम किया था।

बताया जा रहा है कि अमिताभ को एक और हॉलीवुड फिल्म ‘शांताराम’ में काम करने का प्रस्ताव मिला है। इस फिल्म में अमिताभ मुंबई गैंगस्टर कादर भाई की भूमिका निभा सकते है।

नहीं हो पा रही है पॉल वॉकर के शव की पहचान


Published on Dec 02, 2013 at 17:24
0 IBNLive

लास एंजेलिस। हॉलीवुड अभिनेता पॉल वॉकर की मौत की जांच कर रहे अधिकारी का कहना है कि उनके के शव की पहचान करने के लिए उनके दांतों के नमूने के जरूरत होगी। वाकर की मौत 30 नवंबर को एक कार दुर्घटना में हो गई थी और उनके शव की पहचान नहीं हो पा रही है।

मौत की जांच कर रहे लास एंजेलिस के अधिकारी के प्रतिनिधि के मुताबिक, वॉकर और उनके मित्र रोजर रोड्स के शव की पहचान करना मुश्किल है। दुर्घटना के समय वाकर और रोड्स एक ही कार में सवार थे। वेबसाइट 'टीएमजेड डॉट काम' के अनुसार, दोनों शवों के परीक्षण में कम से कम सप्ताह भर का समय लगेगा। मौत की जांच कर रहे अधिकारी ने शवों के दांतों के नमूनों की मांग की है, जिससे शवों की पहचान में मदद मिलेगी। यह कार हादसा कैलिफोर्निया के सांता क्लेरीटा में हुआ।

हॉलीवुड अभिनेता पॉल वॉकर की हादसे में मौत

  • ibnkhabar.com

Published on Dec 01, 2013 at 12:38 | Updated Dec 01, 2013 at 12:49
0 IBNLive

लॉस ऐंजिलस। हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता पॉल वॉकर की कार हादसे में दर्दनाक मौत हो गई है। पॉल ने ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ फिल्म सीरीज में मुख्य किरदार निभाया था। हादसा शनिवार दोपहर को हुआ। खबरों के मुताबिक पॉल अपने किसी दोस्त की कार में जा रहे थे तभी ये हादसा हुआ। 40 साल के पॉल ने करीब 25 फिल्मों में काम किया था। उनकी मौत से उनके फैंस को बड़ा सदमा लगा है।

लॉस ऐंजिलस के काउंटी शेरिफ डिपार्टमेंट ने बताया कि अधिकारियों ने वैलेंसिया में आग की लपटों से घिरी हुई एक गाड़ी देखी। इस कार पर दो लोग सवार थे, लेकिन उन दोनों की ही मौत हो चुकी थी। सैंटा क्लैरिटा सिग्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, एक लाल रंग की पोर्श गाड़ी एक बिजली के खंबे और पेड़ से टकराकर क्रैश हो गई। इसके बाद इसमें धमाका हो गया।

मैडोना बनीं विश्व की सबसे कमाऊ सिंगर


Published on Nov 21, 2013 at 10:55
0 IBNLive

लॉस एंजेलिस। फोर्ब्स मैग्जीन के मुताबिक पॉप सिंगर मैडोना ने विश्व के सर्वाधिक कमाई करने वाले संगीतज्ञों की दौड़ में लेडी गागा को भी पछाड़ दिया है। वेबसाइट 'फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक, 55 साल की मैडोना ने अपने एमडीएमए विश्व संगीत यात्रा के कारण जून 2012 से मई 2013 तक 12.5 करोड़ डॉलर की कमाई की है, जबकि गागा ने 8 करोड़ डॉलर की कमाई की है।

अभिनेता जॉर्ज क्लूनी को नापसंद है ट्विटर


Published on Nov 13, 2013 at 11:48 | Updated Nov 13, 2013 at 11:49
0 IBNLive

लास एंजेलिस। अभिनेता जॉर्ज क्लूनी का माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर जाने का कोई इरादा नहीं है, क्योंकि उन्हें डर है कि अगर उन्होंने नशे की हालत में कुछ लिख दिया तो उनका करियर बर्बाद हो सकता है। वेबसाइट 'फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक ‘ग्रेविटी’ अभिनेता जॉर्ज को सोशल नेटवर्किंग का आकर्षण समझ में नहीं आता।

'इस्क्वायर' पत्रिका ने क्लूनी के हवाले से लिखा है कि मुझे समझ नहीं आता कि कोई मशहूर व्यक्ति ट्विटर पर क्यों है। सबसे पहली बुरी चीज है कि आप खुद को ज्यादा उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आप हर एक के लिए उपलब्ध होने जा रहे हैं। किसी रात नशे में आप घर आते हैं और आपने ज्यादा शराब पी है, आप टीवी देख रहें हैं और कोई आपको निराश कर देता है, आपको बुरा लगता है और आप लड़ाई करने लगते हैं, इसके बाद आप सो जाते हैं और जब सुबह उठते हैं तो आपका करियर खत्म हो चुका होता है।

सिंगर लेडी गागा बोलीं, बुरी तरह थी गांजे की लत


Published on Nov 12, 2013 at 16:19
0 IBNLive

लास एंजेलिस। दुनिया भर में मशहूर गायिका लेडी गागा ने अपने किए गए नशे के बारे में कभी कुछ छिपाया नहीं है। अब जाकर उन्होंने अपने नशे के एक और राज से पर्दा हटाया है। गागा ने बताया कि उन्हें गांजा लेने की लत थी। वेबसाइट 'फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक, 'द जेड100 मॉर्निंग शो' के एक इंटरव्यू में गागा ने उनकी गांजा लेने की लत के बारे में बताया।

उन्होंने कहा कि मुझे इसकी लत हो गई थी और यह चिंता का मुकाबला करने से जुड़ गई। यह आत्म-ध्यान का एक तरीका है। मैं एक दिन में 15-20 तंबाकूरहित गांजा सिगरेट पी रही थी। 27 साल की गागा को इसी साल की शुरुआत में कमर में चोट आई थी जिसके चलते उन्हें अपनी 'बॉर्न दिस वे बॉल' संगीत यात्रा खत्म करनी पड़ी थी।

अंतरिक्ष में गाना गाएंगी पॉप स्टार लेडी गागा


Published on Nov 08, 2013 at 10:19 | Updated Nov 08, 2013 at 10:21
0 IBNLive

लंदन। पॉप स्टार लेडी गागा 2015 में अंतरिक्ष में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रही हैं। वेबसाइट 'कांटेक्टम्यूजिक डॉट काम' के अनुसार 27 साल की गागा अंतरिक्ष में गाना गाकर जीवन का बेहतरीन कार्यक्रम पेश करने की योजना बना रही हैं। साल 2015 की शुरुआत में गागा न्यू मैक्सिको में जीरो जी कोलोनी उत्सव में कार्यक्रम पेश करने वाली हैं। उसके बाद वह वर्जिन गैलैक्टिक के प्रतिक्षेपण के लिए न्यू मैक्सिको के ही जोर्नाडा डेल म्युएटरे रेगिस्तान में जाएंगी।

यूएस वीकली की पूर्व रिपोर्ट के मुताबिक गागा वहां से अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेंगी और वापस धरती पर आने से पहले अंतरिक्ष में कार्यक्रम पेश करेंगी। गागा के एक करीबी सूत्र ने बताया कि अंतरिक्ष के अलग वातावरण के कारण वहां गाना गाने के लिए गागा को महीने भर अभ्यास करना पड़ेगा। यह ऐसी घटना होगी जो दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी।

जोली की आत्मकथा तैयार, प्रकाशकों में होड़


Published on Oct 21, 2013 at 11:51 | Updated Oct 21, 2013 at 11:58
0 IBNLive

लंदन। अभिनेत्री एंजेलिना जोली अपनी आत्मकथा प्रकाशित करने के लिए तैयार हैं। अब उन्हें इसके लिए एक प्रकाशक का चुनाव करना है। उनकी किताब के प्रकाशन का समझौता तीन करोड़ पाउंड तक में होगा। वेबसाइट 'डेलीस्टार डॉट को डॉट यूके' के मुताबिक अमेरिका के तीन प्रकाशन गृहों में उनकी किताब के प्रकाशन के अधिकार हासिल करने के लिए होड़ लगी हुई है और वे जोली को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।

एक सूत्र ने बताया कि उनकी किताब के प्रकाशन का अधिकार जिसे भी मिलेगा, उसके लिए वह सोने की खदान मिलने जैसा होगा। सूत्र ने कहा कि जोली की किताब निश्चित रूप से दुनिया के हर देश की बेस्टसेलर किताबों में शामिल हो जाएगी।

अभी हॉलीवुड को नहीं छोड़ना चाहते जैकी चेन


Published on Oct 21, 2013 at 11:16 | Updated Oct 21, 2013 at 17:40
0 IBNLive

बेवर्ली हिल्स। अपनी एक्शन फिल्मों के जरिए दुनिया भर के फिल्म प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले चीनी सुपर स्टार जैकी चेन ने कहा है कि वह अभी हॉलीवुड को अलविदा कहने के मूड में नहीं है।

अगले साल अप्रैल में 60 साल के होने जा रहे जैकी चेन ने अपनी फिल्म ‘चाइनीज जोडिएक’ के प्रमोशन के दौरान कहा कि जब मैं 40 साल का हुआ तो मैने कहा पांच साल और, फिर पांच साल और, और फिर और पांच साल। छह महीने बाद मैं 60 साल का होने जा रहा हूं। मैं तब तक काम करना चाहता हूं जब तक मेरा शरीर साथ देता रहेगा।

नई शादी के बाद जुड़वां बच्चे चाहती हैं ब्रिटनी


Published on Oct 16, 2013 at 17:01
0 IBNLive

लॉस एंजेलिस। पॉप स्टार ब्रिटनी स्पीयर्स तीसरी बार विवाह करना और जुड़वां संतान को जन्म देना पसंद करेंगी। वेबसाइट 'कांटेक्टम्यूजिक डॉट कॉम' के मुताबिक, 31 वर्षीया ब्रिटनी ने जमर्नी के आरटीएल नेटवर्क को मंगलवार को बताया कि मैं और संतानों को जन्म देना संभवत: जुड़वां बच्चे, गृहस्थी बसाना और शादी करना पसंद करूंगी। यह अच्छा होगा।

ब्रिटनी ने पूर्व में अपने बाल सखा जेसन अलेक्जेंडर से जनवरी 2004 में लास वेगास में शादी की थी। यह शादी महज 55 घंटे टिकी थी। इसके बाद जनवरी 2013 में उन्होंने जेसन ट्रैविक से सगाई तोड़ ली थी। हाल के महीनों में उन्होंने डेव लुकाडो संग डेटिंग की, लेकिन हाल की खबरों के मुताबिक उनके इस प्यार में भी भूचाल आ गया है।





IBN7IBN7
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

चाय का सेवन कुछ लोग थकान दूर करने तो कुछ आदतन करते हैं, लेकिन चाय की एक प्याली हमारे जीवन के अलग-अलग आयामों के लिए लाभदायक हो सकती है।
तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
ibnliveibnlive