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सिगरेट की राख से पानी होगा आर्सेनिक मुक्त!


Published on Oct 16, 2014 at 18:06 | Updated Oct 16, 2014 at 18:13
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लंदन। पानी में मौजूद खतरनाक आर्सेनिक को हटाने में सिगरेट की राख मददगार हो सकती है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। पानी से आर्सेनिक को दूर करने की तकनीक हालांकि पहले से मौजूद है और औद्योगिक इलाकों में इसका भारी पैमाने पर इस्तेमाल होता है, लेकिन महंगा होने के कारण ग्रामीण तथा विकासशील इलाकों में इसका इस्तेमाल संभव नहीं है।

सिगरेट की राख छिद्रदार होने के कारण वैज्ञानिकों ने इसका उपयोग प्रयोग के लिए उपयुक्त समझा। एक साधारण और कम खर्चीली विधि के तहत शोधकर्ताओं ने एल्युमीनियम ऑक्साइड की लेप से सिगरेट की राख तैयार की।

तंबाकू पैकटों के 85% हिस्से पर चेतावनी अनिवार्य


Published on Oct 16, 2014 at 08:35 | Updated Oct 16, 2014 at 10:30
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नई दिल्ली। देश में सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के पैकेटों के 85 फीसदी हिस्से पर इसके दुष्प्रभाव से संबंधित चेतावनी प्रकाशित करना अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने यह घोषणा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वैश्विक हाथ धुलाई दिवस मनाने के लिए रखे गए कार्यक्रम में की।

उन्होंने कहा कि हमने यह सुनिश्चित करने के लिए कि अगले कुछ महीनों में सिगरेट बनाने वाली कंपनियां पैकेटों के 85 फीसदी हिस्से पर तंबाकू के दुष्प्रभावों के खिलाफ सचित्र या संदेश वाली चेतावनी प्रकाशित करें, एक अधिसूचना जारी की है। इस बाबत दिशा-निर्देश अगले साल एक अप्रैल से लागू होंगे। वर्तमान में तंबाकू उत्पाद निर्माता कंपनियां पैकेटों के महज 40 फीसदी हिस्से पर सचित्र चेतावनी प्रकाशित कर रही हैं।

हेल्थ इज वेल्थ: कैसे बचें स्लीप डिसार्डर से


Published on Oct 06, 2014 at 16:36 | Updated Oct 06, 2014 at 16:53
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नई दिल्ली। क्या रातभर सोने के बाद भी आप थका हुआ महसूस करते हैं। दिन में आपको बार-बार झपकी लेने का मन करता है, या फिर, गाड़ी चलाते वक्त आपकी आंख लग जाती है। अगर हां, तो इसे हल्के में मत लीजिए। क्योंकि, ये थकान नहीं, बिमारी के लक्षण है। इसे स्लीप डिसार्डर कहते है, जो दुनियाभर में 45 फीसदी लोगों को होता है और दिल की बिमारी के साथ भी इसका संबंध है।

हेयर स्टाइलिस्ट विल्मा को नींद की बिमारी थी। चाहे जो करें, रात में 2 बजे से पहले वो सो ही नहीं पाती थीं और फिर दिनभर उन्हें नींद सताती थी। दोपहर 3 बजे से पहले वो ठीक से काम ही नहीं कर पाती थी। ऑफिस मीटिंग्स में झपकी आती और बार-बार वॉशरूम में वो सोने चली जाती थी। लेकिन जब घरेलू जिंदगी पर असर पड़ने लगा, तब विल्मा पहुंची स्लीप स्पेशलिस्ट के पास। इलाज के दौरान पता चला कि विल्मा को ऑयरन की कमी थी। साथ ही, उसके सोने के रूटीन को भी थेरेपी के जरिए बदला गया।

ड्राइविंग में आपको जब थकान सताए तो लें चाय


Published on Oct 01, 2014 at 09:47
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टोरंटो। अगर आप देर तक ड्राइविंग करने से थक गए हैं, तो नींद या थकान से बचने के लिए म्यूजिक सिस्टम का वोल्यूम बढ़ाने के बजाय एक कप चाय या कॉफी आजमाएं। एक नए शोध के मुताबिक, कैफीनयुक्त पेय पदार्थ पीना या संगीत सुनना ड्राइवरों द्वारा थकान दूर करने के लिए आजमाए जाने वाले दो लोकप्रिय तरीके हैं।

मैकमास्टर युनिवर्सिटी के मेकेनिकल इंजीनियरिग विभाग में स्नातक की छात्रा शीसू लियु ने कहा कि संगीत वाहन चालकों का ध्यान भंग कर सकता है। शोधकर्ताओं ने ड्राइविंग पर एक शोध किया, जिसमें संगीत या कैफीन के इस्तेमाल के बाद उनकी थकान का स्तर मापा गया। 20 प्रतिभागियों ने तीन दिन की अवधि में उसी वक्त 120 मिनट के तीन ड्राइविंग सत्र पूरे किए और एक प्रश्नावली में अपने थकान के स्तर को नंबर दिए।

बिच्छू का जहर ब्रेन कैंसर के लिए फायदेमंद!


Published on Sep 30, 2014 at 10:28
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वॉशिंगटन। ब्रेन कैंसर के इलाज में बिच्छू का विष कारगर साबित होगा। क्योंकि बिच्छू के जहर से बने 'ट्यूमर पेंट' के मानव परीक्षण के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) से मंजूरी वैज्ञानिकों को मिल गई है। समाचार चैनल एबीसी न्यूज डॉट कॉम की रपट के मुताबिक, परीक्षण के पहले दौर में ट्यूमर पेंट का इस्तेमाल ग्लिओमा (मस्तिष्क या मेरुदंड का ट्यूमर) से पीड़ित 21 मरीजों पर होगा।

इस उत्पाद का निर्माण अमेरिका की ब्लेज बायोसाइंस नाम की कंपनी ने किया है। कैंसर कोशिकाओं की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें लेने में ट्यूमर पेंट सहायता करेगा, जिससे न सिर्फ कैंसर का बेहतर तरीके से निदान हो सकेगा, बल्कि कैंसर की संपूर्ण और बेहतर सर्जरी भी संभव हो सकेगी।

दिमाग तेज करना है तो बीयर पीना शुरू करें!


Published on Sep 29, 2014 at 11:11
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न्यूयार्क। ज्यादातर लोगों को यह तो पता है कि रेड वाइन, ब्लूबेरी और डार्क चॉकलेट मनुष्य की याद्दाश्त के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन यही फायदा बीयर भी दिमाग को पहुंचाती है। छोटे चूहे पर किए गए प्रयोगों में वैज्ञानिकों ने पाया कि बीयर में पाया जाने वाला जैंथोह्युमोल नामक तत्व उनमें संज्ञानात्मक कार्योम की क्षमता को बढ़ाता है।

लेकिन प्रयोग में ध्यान देने वाली बात यह थी कि बीयर का यही फायदा बूढ़े चूहों को नहीं पहुंचता। शोधकर्ताओं के दल ने कहा कि बीयर में पाए जाने वाले विशेष तत्व और रेड वाइन या ब्लूबेरी में पाए जाने वाले विशेष तत्वों का गहराई से अध्ययन करने की जरूरत है। वैज्ञानिकों ने कहा कि चूंकि चूहे को प्रयोग के तौर पर दी गई बीयर की मात्रा काफी अधिक थी, तो हम यह सलाह नहीं देते कि दिमाग तेज करने के लिए बीयर का सेवन शुरू कर देना चाहिए। यह अध्ययन जर्नल बिहेविअरल ब्रेन रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।

नमक कम खाओ, दिल को बीमारियों से बचाओ


Published on Sep 28, 2014 at 14:02
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नई दिल्ली। 21वीं सदी में असमय होने वाली मौतों का मुख्यकारण हृदय संबंधी बीमारियां हैं और भोजन में नमक की मात्रा कम करके इन बीमारियों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। खाने में ज्यादा नमक लेने से हाई ब्ल्डप्रेशर होने का खतरा बढ़ जाता है और इसी के साथ बढ़ता है दिल की बीमारियां और स्ट्रोक होने का खतरा भी।

एक अध्ययन के मुताबिक एक आदमी रोज औसतन 10 ग्राम नमक खा लेता है। नमक की यह मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की प्रस्तावित मात्रा से दो गुनी है। डब्ल्यू एच ओ एक दिन में पांच ग्राम या एक चम्मज से भी कम नमक खाने की सलाह देता है। नमक की यह प्रस्तावित मात्रा सुबह के नाश्ते से शुरू होकर रात के खाने तक की है। संगठन का मानना है कि 2025 तक नमक की मात्रा को 30 प्रतिशत तक घटाकर लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।

ज्यादा सोने वाले बच्चे होते हैं स्कूल में सफल!


Published on Sep 25, 2014 at 10:22
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लंदन| अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे का प्रदर्शन स्कूल में बढ़िया रहे, तो यह सुनिश्चित करें कि उसकी नींद पर्याप्त हो। क्योंकि शोधकर्ताओं ने पाया है कि पर्याप्त नींद नहीं लेने वाले बच्चे स्कूल में अक्सर असफल होते हैं। शोध में खुलासा हुआ है कि बढ़िया नींद लेने वाले बच्चों की तुलना में कम नींद लेने वाले बच्चों के अकादमिक तौर पर बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना कम होती है।

स्वीडन में 12-19 आयुवर्ग के 20 हजार किशोरों पर यह अध्ययन किया गया। स्वीडन के उप्साला विश्वविद्यालय में मुख्य शोधकर्ता क्रिश्चिय बेनेडिक्ट ने कहा कि शोध के दौरान एक अन्य खुलासा सामने आया, जिसके अनुसार, 30 फीसदी किशोरों ने नियमित तौर पर नींद से संबंधित समस्या की शिकायत की। यह अध्ययन पत्रिका 'स्लीप मेडिसिन' में प्रकाशित हुआ है।

स्मार्टफोन के इस्तेमाल से घटती है प्रजनन क्षमता!


Published on Sep 24, 2014 at 10:00
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नई दिल्ली। लोगों के भागदौड़ की जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बन चुके स्मार्टफोन, आईपैड, लैपटॉप एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल से वीर्य की गुणवत्ता और डीएनए पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जिससे प्रजनन क्षमता 30 से 40 प्रतिशत तक घट सकती है।

शोध जर्नल फर्टिलिटी एंड स्टर्लिटी में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक मोबाइल एवं वाईफाई से निकलने वाली रेडियों तरंगें पुरुषों के वीर्य और डीएनए को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त करती हैं। मोबाइल फोन को जननांग के समीप रखने वाले लोगों की वीर्य गुणवत्ता इनसे निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों की वजह से काफी प्रभावित होती है।

दिल की बीमारी, डायबिटीज की दवाएं होंगी महंगी


Published on Sep 23, 2014 at 13:07
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नई दिल्ली। दिल की बीमारी और डायबिटीज की 108 दवाएं महंगी हो जाएंगी। सरकार ने 108 दवाओं को प्राइस कंट्रोल के दायरे में लाने की गाइडलाइंस वापस ले ली है और इन दवाओं को सस्ती दवा की सूची से बाहर कर दिया है। इसका सन फार्मा, ल्यूपिन, रैनबैक्सी, सिप्ला जैसी कंपनियों को फायदा मिलेगा।

ध्यान रहे कि 10 जुलाई को ही इन दवाओं को सस्ती दवा की सूची में डाला गया था लेकिन फार्मा कंपनियां सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही थीं। सरकार के इस फैसले के खिलाफ फार्मा कंपनियां बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंची थी। सेंट्रम ब्रोकिंग के सीनियर वीपी रणजीत कपाड़िया के मुताबिक एनपीपीए का अपना प्राइस कंट्रोल का ऑर्डर वापिस लेने से सनोफी, जायड्स, कैडिला, रैनबैक्सी और ल्युपिन को घाटा नही होगा। एनपीपीए के इस फैसले से बाकी कंपनियों को भी फायदा होगा लेकिन ज्यादा फायदा इन कंपनियों को ही होगा। ऑर्डर वापिस लिए जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए अच्छी खबर होगी। वहीं फाइजर के पूर्व एमडी केवल हांडा ने एनपीपीए के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहां कि फार्मा कंपनियों के लिए ये एक अच्छी खबर है।





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हैल्थ

भारत की 80 फीसदी आबादी विटामिन डी की कमी से पीड़ित है, जिसके कारण उन्हें मधुमेह, हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा है। विशेषज्ञों ने आज यह जानकारी दी।
भारत में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ (शिशु) डॉ. के. नागेश्वर राव के नेतृत्व में आठ चिकित्सकों के दल ने ऑपरेशन किया।
प्राण योग के विशेषज्ञ दीपक झा ने बताया कि योग के जरिए धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने में आसानी होती है। योग, धूम्रपान छोड़ने का एक समग्र समाधान है।
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भारत की 80 फीसदी आबादी विटामिन डी की कमी से पीड़ित है, जिसके कारण उन्हें मधुमेह, हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा है। विशेषज्ञों ने आज यह जानकारी दी।
भारत में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ (शिशु) डॉ. के. नागेश्वर राव के नेतृत्व में आठ चिकित्सकों के दल ने ऑपरेशन किया।
प्राण योग के विशेषज्ञ दीपक झा ने बताया कि योग के जरिए धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने में आसानी होती है। योग, धूम्रपान छोड़ने का एक समग्र समाधान है।
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भारत में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ (शिशु) डॉ. के. नागेश्वर राव के नेतृत्व में आठ चिकित्सकों के दल ने ऑपरेशन किया।
प्राण योग के विशेषज्ञ दीपक झा ने बताया कि योग के जरिए धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने में आसानी होती है। योग, धूम्रपान छोड़ने का एक समग्र समाधान है।
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