IBN7IBN7

बच्चों को मौत के मुंह से बचाएगा 'इंद्रधनुष'!

  • विजय रावत

Published on Mar 04, 2015 at 16:24 | Updated Mar 04, 2015 at 20:42
0 IBNLive

नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि देश के साढ़े 15 लाख से ज्यादा बच्चे अपनी उम्र के पांच साल भी पूरे नहीं कर पाते। इनमें से 79 फीसदी यानी तकरीबन 11 लाख 60 हजार बच्चों की मौत तो एक साल की उम्र पूरी करने से पहले ही हो जाती है जबकि 8.7 लाख अभागे ऐसे हैं जो पैदा होने के बाद एक माह भी नहीं जी पाते। जी हां, ये आंकड़े डराते हैं और हमारे देश में स्वास्थ्य सुविधाओं की भयावह तस्वीर पेश करते हैं। ये बताते हैं कि भारत के लिए शिशु मृत्यु दर में सुधार की कितनी सख्त जरूरत है। अब केंद्र सरकार जागी है और उसने इस तस्वीर को बदलने की पहल की है। तस्वीर सिर्फ बदलनी ही नहीं है बल्कि उसमें सतरंगे रंग भी भरने हैं। शायद यही वजह है कि इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने जो योजना बनाई है उसे ऑपरेशन इंद्रधनुष नाम दिया गया है।

ऑपरेशन इंद्रधनुष केंद्र सरकार की योजना है जिसके तहत 2020 तक उन बच्चों का टीकाकारण पूरा किया जाना है जिन्हें या तो टीके लगे ही नहीं और अगर लगे भी तो सुरक्षा चक्र पूरा होने से पहले ही रोक दिए गए। बताने की जरूरत नहीं कि बचपन में ही मौत या गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाने वाले बच्चों में ऐसे ही शिशुओं की संख्या ज्यादा है। इन बच्चों को अब ऑपरेशन इंद्रधनुष के तहत टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने ऐसे 201 जिले चिन्हित किए हैं जहां देश के तकरीबन 50 फीसदी बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें या तो टीके लगे नहीं या आधे-अधूरे लगे हैं। इन जिलों में नियमित टीकाकरण के लिए मुहिम चलाई जाएगी। पहले चरण के 201 के बाद दूसरे चरण में 297 जिलों में ये अभियान चलाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर साल पांच फीसदी अतिरिक्त बच्चे नियमित टीकाकरण अभियान के दायरे में आएं। इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह मिशन इंद्रधनुष के तहत भी सात बीमारियों डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनस, पोलियो, टीबी, खसरा और हेपेटाइटिस-बी के टीके लगाए जाएंगे।

इस अभियान की जरूरत के बारे में पीएचएफआई के रिसर्च एंड पॉलिसी के वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर रमणन लक्ष्मीनारायण कहते हैं कि पिछले पांच साल में भारत में टीकाकारण की करवेज प्रति वर्ष एक फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है। आज भी 90 लाख बच्चों को उनकी सभी वैक्सीन नहीं मिली हैं। इसका मतलब है कि देश के हर तीसरे बच्चे को बीमारियां घेरने का जोखिम है इसलिए सरकार चाहती है कि उन्हें वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए। डॉक्टर रमणन के मुताबिक मिशन इंद्रधनुष के तहत इम्युनाइजेशन सिस्टम को मजबूत किया जाएगा ताकि इस गैप को भरा जा सके और हर बच्चा पूरी तरह इम्युनाइज्ड हो।

गर्भावस्था में होली खेलें, लेकिन जरा संभलकर


Published on Mar 04, 2015 at 10:01
0 IBNLive

नई दिल्ली। होली खुशियों और मस्ती से भरपूर त्योहार है, लाजिमी है कि गर्भावस्था के दौरान भी महिलाएं रंगों से सराबोर होना और दूसरे को भिगोना चाहेंगी। इसमें कोई हर्ज नहीं है, मगर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि त्योहार का मजा किरकिरा न होने पाए। होली एक ऐसा खुशियों और मस्ती से भरा हुआ त्योहार है, जिसका हर कोई अपने परिवार और दोस्तों के साथ लुत्फ उठाना चाहता है। वहीं गर्भवती महिलाओं के लिए होली में रंगों से खेलना खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को खान-पान का भी खास ख्याल रखना बेहद आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है की गर्भवती महिलाओं में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिस कारण बीमारी और संक्रमण बढ़ जाते हैं। साथ ही वह ये भी मानती हैं कि गर्भवस्था के दौरान रासायनिक रंगों से होली खेलने से महिलाओं को शारीरिक तौर पर प्रभावित होना पड़ सकता है। ऐसे में रासायनिक रंगों से दूर रहना ही फायदेमंद होगा, क्योंकि ये पदार्थ एसिड, माइका, ग्लास पाउडर, अल्कालिस, लीड, बेंजीन, तथा एरोमेटिक कंपाउंड के जरिए बनाए जाते हैं।

खाने ही नहीं प्रदूषण से भी है मोटापे का खतरा!


Published on Mar 02, 2015 at 12:27 | Updated Mar 02, 2015 at 12:35
0 IBNLive

लंदन। वसा युक्त भोजन ही नहीं, बल्कि प्रदूषण से भी मोटापे का खतरा है। एक नए अध्ययन के मुताबिक वातावरण में मौजूद कुछ प्रदूषक तत्व मोटापा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। स्पेन के ग्रेनाडा विश्वविद्यालय के अध्ययन के मुख्य लेखक जुआन प्रेडो एरेबोला ने कहा कि वैसे व्यक्ति जिनके शरीर में स्थायी जैविक प्रदूषक (पीओपी) की मात्रा अधिक पाई गई, वे मोटापे से अधिक ग्रस्त थे और उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल व ट्राइग्लिसराइड की मात्रा भी अधिक मिली।

ये कारक हृदय रोगों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 300 महिलाओं व पुरुषों के वसा ऊतकों (एडिपोज टिश्यू) में जमा प्रदूषक तत्वों का विश्लेषण किया।

शोरशराबे से बढ़ता है बहरेपन का खतरा: WHO


Published on Feb 28, 2015 at 22:16 | Updated Feb 28, 2015 at 22:29
0 IBNLive

जेनेवा। व्यक्तिगत ऑडियो उपकरणों को असुरक्षित तरीके से प्रयोग करने के कारण दुनियाभर में लगभग 1.1 अरब किशोर और वयस्कों के सामने बहरेपन का खतरा पैदा हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तीन मार्च को विश्व कान देखभाल दिवस से पहले इस खतरे के प्रति चेताया। डब्ल्यूएचओ ने बताया कि नाइटक्लब, बार और खेल कार्यक्रमों जैसे शोरयुक्त मनोरंजनक स्थलों पर शोर का स्तर बहुत अधिक होता है, जिस कारण किशोरों और युवाओं में बहरेपन का खतरा बढ़ रहा है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ के गैर-संचारी रोगों, विकलांगता, हिंसा एवं चोट रोकथाम प्रबंधन विभाग के निदेशक एटीन क्रूग ने बताया है कि चूंकि दैनिक जीवन में युवा वही सब करते हैं, जिससे उन्हें आनंद मिलता है, इसलिए अधिकतर युवा खुद को बहरेपन की ओर ले जा रहे हैं।

फेफड़े के संक्रमण से लड़ने में मददगार है लहसुन


Published on Feb 26, 2015 at 16:03
0 IBNLive

लंदन। अपने भोजन में लहसुन का तड़का लगाइए, क्योंकि यह आपके फेफड़े को जानलेवा संक्रमण से बचा सकता है। एक नए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। निष्कर्ष के मुताबिक, लहसुन में एक रसायन पाया जाता है, जो सिस्टिक फाइब्रोसिस के मरीजों के फेफड़े में होने वाले संक्रमण के लिए जिम्मेदार जीवाणुओं का खात्मा करता है। सिस्टिक फाइब्रोसिस एक अनुवांशिक बीमारी है, जो फेफड़े को प्रभावित करता है।

लहसुन में पाया जाने वाला रसायन 'एलिसिन' संक्रामक जीवाणुओं के समूह के खात्मे में प्रभावी भूमिका निभाता है। इन जीवाणुओं पर अधिकांश एंटिबायोटिक का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जॉन गोवन ने कहा कि ऐसे समय में जब रोगाणुरोधी एजेंट की बेहद जरूरत है, रासायनिक एवं सूक्ष्म जीवविज्ञानी अनुसंधान में यह क्षमता है कि वह पौधों जैसे लहसुन में मौजूद रोगाणुरोधी यौगिकों की खोज कर सकता है। एलिसिन का निर्माण लहसुन में स्वाभाविक तौर पर होता है, जो मिट्टी में पाए जाने वाले कुछ जीवाणुओं से उसकी रक्षा करता है। यह अध्ययन पत्रिका 'पीएलओएस वन' में प्रकाशित हुआ है।

हार्ट की बीमारी में भी दमा जैसे लक्षण संभव


Published on Feb 25, 2015 at 14:48
0 IBNLive

नई दिल्ली। हृदयरोग में भी दमा जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। हृदयरोगी में अगर मोटापा और खून की कमी, दोनों हो तो सांस फूल सकती है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के महासचिव पद्मश्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने बताया कि आमतौर पर सांस संबंधी समस्या की वजह दमा (अस्थमा) नहीं होती। मोटापा और एनीमिया दोनों की वजह से 'एग्जर्शनल ब्रेथलेसनेस' हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि अनियंत्रित रक्तचाप, डायस्टॉलिक हार्ट का डिस्फंक्शन और हार्ट के बढ़ जाने से भी सांस संबंधी समस्या हो सकती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अगर 40 की उम्र के बाद जिंदगी में पहली बार किसी भी तरह की सांस संबंधी समस्या हुई हो तो जब तक कुछ और साबित न हो जाए, उसे हृदय संबंधी समस्या ही मानना चाहिए।

बुखार हुआ तो बज उठेगी आपकी बांह की पट्टी


Published on Feb 24, 2015 at 10:15
0 IBNLive

टोक्यो।जापान के वैज्ञानिकों ने बुखार नापने के लिए बांह पर बांधी जा सकने वाली एक पट्टी की खोज की है, जो बुखार होने पर बज उठेगी। बेहद लचीली इस पट्टी को किसी बाहरी ऊर्जा की जरूरत नहीं होगी और शरीर का तापमान बढ़ने पर यह खुद ब खुद ऑफ हो जाएगी। इस उपकरण के लिए विकसित लचीले जैविक अवयव पहने जा सकने योग्य उपकरण में इस्तेमाल किए जा सकते हैं, और उपचार प्रणाली से संबंधित अहम लक्षणों जैसे तापमान और हृदयगति का लगातार निरीक्षण करते रहते हैं।

टोक्यो विश्वविद्यालय के ग्रैजुएट स्कूल ऑफ इंजिनीयरिंग में प्राध्यापक टकाओ सोमेया के अनुसार, बुखार होने पर सचेत करने वाली बांह पर बांधे जाने योग्य यह पट्टी साबित करती है कि स्वास्थ्य से संबंधित अहम जानकारियां इकट्ठी करने के लिए लचीले डिस्पोजेबल उपकरणों को विकसित किया जा सकता है। इसे इस तरह भी विकसित किया जा सकता है कि यह बुखार होने पर बताकर सूचित करे या शरीर के तापमान के साथ-साथ शरीर का आद्र्रता, रक्तदाब या हृदयगति जैसी अन्य अहम सूचनाएं भी प्रदान करे। कई मायनों में यह पट्टी बिल्कुल नई उपलब्धियों वाली है, जैसे यह ऐसी पहली जैविक सर्किट है जो ध्वनि पैदा कर सकती है और साथ ही जैविक ऊर्जा से चलने वाला पहला उपकरण है।

व्यायाम रखता है आपको दिल की बीमारियों से दूर!


Published on Feb 20, 2015 at 10:52
0 IBNLive

न्यूयॉर्क। उम्रदराज लोगों के लिए प्रति मिनट होने वाली शारीरिक गतिविधि का दिल की बीमारी और आकस्मिक मृत्यु के खतरे को कम करने में योगदान होता है। एक अध्ययन में यह बात पता चली है। फ्लोरिडा की गेंसविले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग के वरिष्ठ शोधकर्ता थॉमस बुफोर्ड ने बताया कि सीमित शारीरिक सक्रियता वाले उम्रदराज लोगों के लिए एक जगह पर बैठे रहने, गतिहीन या शिथिल रहने के बजाय हल्की फुल्की शारीरिक गतिविधियां या शारीरिक सक्रियता भी हृदय संबंधी बीमारी के खतरों को कम करने में सहायक होता है।

शोधकर्ताओं ने अमेरिका में 74-84 की उम्र वाले ऐसे 1,170 लोगों का अध्ययन किया, जिनके लिए शारीरिक गतिविधियां सीमित थीं, लेकिन वे 400 मीटर तक चहलकदमी कर सकते थे। हल्की और सामान्य शारीरिक गतिविधियां जैसे धीमी गति से चहल कदमी करना, घर के छोटे मोटे काम करने से उच्च घनत्व लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है और दिल की बीमारी से बचाता है।

दोपहर की नींद बच्चों की लिए होती है हानिकारक!


Published on Feb 19, 2015 at 11:22 | Updated Feb 19, 2015 at 11:33
0 IBNLive

मेलबर्न। एक नए शोध में पता चला है कि शिशु के लिए दोपहर की झपकी या नींद उसके सोने की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। शोध के अनुसार, दोपहर की झपकी या नींद से शिशु की रात्रि निद्रा का समय प्रभावित होता है। ऑस्ट्रेलिया की क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ता केरेन थोर्पे ने बताया कि उनकी टीम यह पता लगाना चाहती थी कि शिशुओं में दोपहर की नींद का उनकी रात की नींद की गुणवत्ता, उनके व्यवहार, संज्ञानात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि दो साल से ऊपर के बच्चों में दोपहर की नींद का उनकी रात की नींद पर बुरा प्रभाव पड़ता है। शोध के अनुसार नींद और व्यवहार, विकास एवं संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव में अंर्तसबंध है। यह अध्ययन जर्नल 'अर्काइव्स ऑफ डिजीज इन चाइल्डहुड' के ऑनलाइन संस्करण में प्रकाशित हुआ है।

स्वाइन फ्लू: हर मरीज को नहीं चाहिए एंटीवायरल


Published on Feb 18, 2015 at 10:42
0 IBNLive

नई दिल्ली। स्वाइन फ्लू के मामले देश में तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह स्थिति आ सकती है, जिसमें डॉक्टर स्वाइन फ्लू के हर संदिग्ध मरीज को एंटी-वायरल दवाएं दे सकते हैं। मगर, हर मरीज को एंटीवायरल दवाओं की जरूरत नहीं होती, ऐसे में डॉक्टर के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि किस मरीज को एंटीवायरल दवा की जरूरत है और किस मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ.ए. मार्तण्ड पिल्लै और आईएमए के महासचिव पद्मश्री, डॉ. बीसी रॉय व डीएसटी नेशनल साइंस कम्युनिकेशन पुरस्कारों से सम्मानित हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. के. के. अग्रवाल का कहना है कि अगर एंटीवायरल दवा की जरूरत है, तो इसे मरीज को जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी दिया जाना चाहिए। अगर मरीज को लक्षण सामने आने के 48 घंटे के भीतर अगर एंटी-वायरल दवाएं न दी जाएं तो इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।





IBN7IBN7
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

ऑटो

एपल के नए प्रोडक्ट एपल वॉच से तकनीक के मार्केट में हलचल पैदा हो गई है। ये कहने वालों की कमी नहीं है कि एपल वॉच की सफलता पर ही एपल के सीईओ टिम कुक का भविष्य टिका हुआ है।
देश में पेट्रोल के दाम गिरने और डीजल कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटने के बाद इन दोनों वाहन ईंधनों के मूल्य का अंतर धीरे-धीरे काम होता जा रहा है।
सेडान सेगमेंट में मिल रहे कॉम्पिटिशन की वजह से ह्युंदई इस सेगमेंट में थोड़ी पीछे चल रही थी। लेकिन ह्युंदई अब फिर से वरना को नये अवतार में 16 फरवरी को लॉन्च करने जा रही है।
ibnliveibnlive