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'ग्लूकोमा' अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा कारण


Published on Mar 14, 2014 at 11:18
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लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ राजीव नाथ का कहना है कि भारत में 'ग्लूकोमा' (काला मोतिया) मोतियाबिंद के बाद अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। इस रोग के कारण एक बार गई आंखों की रोशनी को किसी भी प्रकार के इलाज से वापस नहीं लाई जा सकती। आंखों की बची रोशनी को केवल स्थिर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक बार इस रोग के हो जाने पर हाई ब्लडप्रेशर की तरह इस रोग की दवाइयां आजीवन चलती हैं। इन सभी खतरों को देखते हुए इस रोग के प्रति विशेष रूप से सचेत रहने की आवश्यकता है।

डॉ नाथ ने कहा कि 'ग्लूकोमा' के कारण आंखों के अंदर दबाव बढ़ता है। जिससे आंखों की ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। दृष्टि निरंतर कम होती जाती है और अगर उपचार नहीं किया जाता है तो 'ग्लूकोमा' से अंधापन हो सकता है। डॉ नाथ ने यह भी बताया कि जरूरी नहीं है कि व्यक्ति में किसी प्रकार का कोई भी लक्षण हो निगाह में आखिरी वक्त तक सामने रोशनी बनी रहती है, जबकि किनारे से रोशनी कम हो जाती है। मरीज को रोशनी के जाने का पता ही नहीं चलता।

अब संगीत से सांस की बीमारी का इलाज संभव


Published on Mar 12, 2014 at 11:34
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नयी दिल्ली। संगीत सिर्फ मनोरंजन का ही नहीं वरन स्वास्थ्य रक्षा का भी प्रभावी उपाय है। देश में प्राचीन काल से ही राग, रागनियों और नाद स्वरों से स्नायु तंत्र मे अंतस्रावी ग्रंथियों में हार्मोन के स्राव को नियंत्रित करके अनेक प्रकार के स्नाविक रोगों को ठीक किया जाता रहा है।

पिछले कुछ दशकों से देश में इस अतिप्राचीन चिकित्सा पद्धति को पुन सार्वजनिक प्रयोग में लाने के प्रयास शुरू हुए हैं और वर्तमान में मुख्यधारा के चिकित्सक भी इसकी महत्ता स्वीकार करने लगे है। हाल ही में संगीत उपचार पद्धति का पहला शब्दकोश आया है जिसे केरल के सुप्रसिद्ध संगीतशास्त्री ,अर्थशास्त्री टी वी साईराम ने तेयार किया है। गत सप्ताह राजधानी में आयोजित 6 वें विश्व संगीत उपचार सम्मेलन में इस शब्दकोश का विमोचन किया गया।

सर्वे में खुलासा, लंबे पुरुष ज्यादा बुद्धिमान


Published on Mar 09, 2014 at 09:50
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लंदन। इस बात से हर कोई वाकिफ है कि महिलाओं को लंबे पुरुष ज्यादा पसंद आते हैं, लेकिन लंबे पुरुषों को पसंद करने की एक और वजह भी है। शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि लंबे लोगों के डीएनए और बुद्धिमता का आपस में गहरा संबंध है। संडे टाइम्स के मुताबिक, मुख्य अध्ययनकर्ता रिकाडरे मारिओनी ने कहा, कि हमने डीएनए आधारित आनुवांशिक समानताओं के माध्यम से लंबे लोगों की बुद्धिमता और ऊंचाई से जुड़े तथ्यों का अध्ययन किया। हमने पाया कि लोगों की शारीरिक लंबाई और बुद्धिमता का आपस में संबंध है। जो लोग शारीरिक रूप से अधिक लंबे होते हैं, वे बुद्धिमान भी होते हैं।

अध्ययन के आंकड़े 6,800 से भी ज्यादा लोगों के डीएनए के अध्ययन से मिले। शोधकर्ताओं ने बताया कि लंबाई और बुद्धिमता का संबंध मानव के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ भी है। पत्रिका बिहेवियर जेनेटिक्स में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, प्राप्त आंकड़ों का उपयोग मानव स्वास्थ्य से जुड़े दूसरे पहलुओं के अध्ययन में भी किया जा सकता है। वैसे आपकी लंबाई अगर औसत है, तो निराश न हों, क्योंकि शोधकर्ताओं के मुताबिक 70 प्रतिशत कम लंबाई वाले लोगों की बुद्धिमता का स्तर आनुवांशिक कारणों से निर्धारित होता है।

अधिक उम्र में 1 पैग भी हो सकता है खतरनाक


Published on Mar 08, 2014 at 16:34
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न्यूयार्क। अगर आपकी उम्र 55 साल या उससे ज्यादा है, तो वोदका या वाइन का एक पैग भी गाड़ी चलाते वक्त आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के शोधकर्ताओं ने इस बात का पता लगाया कि दो अलग-अलग उम्र वर्ग के लोगों को अल्कोहल किस स्तर तक प्रभावित करता है। शोधकर्ताओं ने 25-35 के बीच की उम्र सीमा वाले 36 लोगों और 55-70 के बीच की उम्र सीमा वाले 36 लोगों को प्रयोग के लिए चुना।

बिना इंसुलिन के डायबटिज का होगा इलाज


Published on Mar 04, 2014 at 12:46
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लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान(एनबीआरआई) के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई मधुमेह निरोधक दवाई जल्द ही बाजार में आने वाली है। दावा किया जा रहा है कि यह दवाई डायबटिज रोगियों के लिए रामबाण साबित होगी। विशेषज्ञों का दावा है कि एनबीआरएमएपी-डीबी नाम की इस दवाई से बिना किसी नुकसान के ग्लूकोज स्तर को नियंत्रित किया जा सकेगा। डायबटिज के शुरुआती दौर से अगर इस दवाई को ले लिया जाए तो इंसुलिन लेने की नौबत नहीं आएगी।

एनबीआरआई के निदेशक सी एस नौटियाल ने बताया कि यह दवाई आयुर्वेदिक पद्धति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें मेथी, गुडूची और मठीज जैसे औषधीय पौधों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने बताया कि आज डायबटिज भारत सहित पूरे विश्व की एक बड़ी समस्या है। इसे देखते हुए यह दवाई तैयार की गई है। इसको उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने विगत 22 फरवरी को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में लांच किया था। नौटियाल ने बताया कि दवाई का पेटेंट हो चुका है। इसे बाजार में लाने के लिए कई हर्बल दवा निमार्ता कंपनियों से बात चल रही है।

75 दिन में ही नकली दिल फेल, मरीज की मौत


Published on Mar 04, 2014 at 10:22
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पेरिस। दुनिया में पहली बार नकली दिल लगवाने वाले मरीज की 75 दिनों बाद मौत हो गई है। दिसंबर 2013 में डॉक्टरों ने इस मरीज की सर्जरी की थी। इस बेहद जटिल किस्म की शल्य चिकित्सा को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले यहां के जार्ज पाम्पिडो यूरोपियन अस्पताल की ओर से जारी बयान में बताया गया कि 76 साल के इस मरीज की सर्जरी के 75 दिन बाद रविवार को मौत हो गई हालांकि अभी तक मौत के सही कारण का पता नहीं चल पाया है।

बयान में बताया गया कि जब मरीज को अस्पताल लाया गया था तब उसका दिल टर्मिनल हार्ट फेलयोर से ग्रसित था, जिसके कारण उसका दिल पूरे शरीर के सुचारू रूप से काम करने लायक खून को पंप नहीं कर पा रहा था इसी वजह से वह कुछ दिन ही जिंदा रह सकता था। इसके बाद डॉक्टरों ने मरीज का जीवन बचाने के लिए उसके खराब असली दिल की जगह नया नकली दिल लगाने का फैसला किया और उनके इस प्रयास का मरीज के परिजनों ने भी समर्थन किया।

अब विज्ञापनों में होगी पकवान की सुगंध


Published on Mar 02, 2014 at 08:23
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न्यूयार्क| जब भी आप कोई स्वादिष्ट पकवान या अपने मनपसंद चॉकलेट, पेस्ट्री या धुआं उठते हुए गर्मागरम पिज्जा का विज्ञापन देखते हैं तो क्या होता है? जी हां, आप उन लुभावने पकवानों की सुगंध महसूस करने लगते हैं और मुंह में पानी भर आता है।

असल में तो सुगंध के साथ साथ मुंह में पकवान का स्वाद तक आने लगता है। भारतीय मूल की प्रोफेसर आराधना कृष्णा ने उपभोक्ताओं से विज्ञापन में दिखने वाले पकवान की खुशबू की कल्पना करने को कहा और पाया कि पकवानों के चित्र आंखों के सामने आने से दिमागी प्रतिक्रिया सक्रिय हो उठती है।

स्वस्थ हृदय के लिए खाएं डार्क चॉकलेट


Published on Feb 28, 2014 at 15:39
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लंदन। चॉकलेट का नाम सुनकर क्या आपके मुंह में भी पानी भर आया है? तो आप जाकर चॉकलेट का मजा ले सकते हैं, क्योंकि चॉकलेट सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं होती बल्कि आपके हृदय के लिए स्वास्थ्यप्रद भी होते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि डॉर्क चॉकलेट के सेवन से ऑग्मेंटेशन इंडेक्स (धमनी स्वास्थ्य का मुख्य कारक) नियंत्रण में रहता है और यह रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर श्वेत रक्त कोशिकाओं को जमने नहीं देती है।

डार्क चॉकलेट धमनियों को लचीला बनाता है और रक्तवाहिनी नलिकाओं की दीवारों पर श्वेत रक्तकोशिकाओं को जमने से रोकती है। धमनी के सख्त होने और उनकी दीवारों पर श्वेत रक्त कोशिका के जमाव से एथेरोस्क्लेरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। नीदरलैंड की वेजेनिंगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डेडरिक इजर ने बताया कि शोध में चॉकलेट सेवन से धमनियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का साफ पता चलता है और चॉकलेट में मौजूद फ्लेवनोल सामग्री का धमनियों के स्वास्थ पर कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ता है।

सिगरेट चेतावनी लेबल से अनजान भारतीय बच्चे


Published on Feb 28, 2014 at 13:11 | Updated Feb 28, 2014 at 14:10
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न्यूयॉर्क। सिगरेट पैकेटों पर अस्पष्ट रूप में छपी दुष्प्रभाव संबंधी चेतावनी के प्रति भारतीय बच्चे खासतौर से कम पढ़ी लिखी आबादी वाले क्षेत्र में रहने वाले बच्चे जागरूक नहीं हैं। छह देशों के अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि सिगरेट पैकटों पर छपे चेतावनी लेबल से सबसे ज्यादा ब्राजीलियाई बच्चे वाकिफ थे। ऐसा इसलिए क्योंकि वहां पूरे पैकेट पर ग्राफिक्स छापे हैं।

भारतीय और नाइजीरियाई बच्चे स्वास्थ्य चेतावनी लेबल के प्रति सबसे कम जागरूक पाए गए। भारत में सिगरेट पैकेटों पर चेतावनी स्वरूप बिच्छू की एक प्रतीकात्मक छवि दिखती है, जबकि नाइजीरियाई चेतावनी में महज अस्पष्ट शब्द संदेश का प्रयोग होता है।

दुनिया के लिए नया खतरा वाईफाई वायरस


Published on Feb 27, 2014 at 13:10
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लंदन। वर्तमान में वायरस खोज प्रणाली उन वायरसों की खोज करती है जो इंटरनेट या कंप्यूटर में मौजूद हैं। लेकिन कॉफी शॉप या वाईफाई सुविधा वाले एयरपोर्ट के कम सुरक्षित होने की वजह से इन पर वायुवाहित (एयरबॉर्न) संक्रामक वायरस बुरी तरह हमला कर सकते हैं। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल के शोधकर्ताओं ने देखा कि वाईफाई नेटवर्क ऐसे वायरस से संक्रमित हो सकते हैं जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कुशलतापूर्वक घूम सकते हैं जिस तरह सर्दी या जुकाम के वायरस घूमते हैं।

टीम ने बेलफास्ट और लंदन में एक प्रयोगशाला सेटिंग में एक साइबर हमला किया और वहां कमीलिअन नाम का एक वायरस पाया गया। यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रॉनिक्स में नेटवर्क सुरक्षा के प्रोफेसर एलेन मार्शल ने बताया कमीलिअन ने वायुजनित वायरस की तरह काम किया वह एक्सेस प्वाइंट्स (एपी) के जरिए वाईफाई नेटवर्क में यात्रा कर रहा था।





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अगर आपको अक्सर गुस्सा आता है और आप अपने साथी पर बेवजह चीखते-चिल्लाते हैं, तो आपको अपने खून में ग्लूकोज के स्तर की जांच करानी चाहिए।
बच्चों में चिकनपॉक्स की बीमारी तेजी से फैल रही है। इससे रोजाना सिम्स, जिला अस्पताल व निजी चिकित्सा संस्थानों में बीमार बच्चों की लंबी कतार लग रही हैं।
दिन में कम से कम एक बार भोजन में सेम, मटर या दाल खाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है और हृदय की बीमारियों का खतरा कम होता है।
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अगर आपको अक्सर गुस्सा आता है और आप अपने साथी पर बेवजह चीखते-चिल्लाते हैं, तो आपको अपने खून में ग्लूकोज के स्तर की जांच करानी चाहिए।
बच्चों में चिकनपॉक्स की बीमारी तेजी से फैल रही है। इससे रोजाना सिम्स, जिला अस्पताल व निजी चिकित्सा संस्थानों में बीमार बच्चों की लंबी कतार लग रही हैं।
दिन में कम से कम एक बार भोजन में सेम, मटर या दाल खाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है और हृदय की बीमारियों का खतरा कम होता है।
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