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दिल के व्यायाम से होती है दिमाग की सुरक्षा


Published on Aug 27, 2014 at 10:31 | Updated Aug 27, 2014 at 10:57
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टोरंटो| दिल की सेहत के लिए की जाने वाली कसरतें हमारे दिमाग के लिए भी लाभकारी हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, स्वस्थ दिल के लिए किया जाने वाला व्यायाम, उम्र बढ़ने के साथ होने वाली संज्ञानात्मक हानि से हमें बचाता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली धमनियों को लचीला बनाए रखने में मदद करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप बाद के जीवन में संज्ञानात्मक क्षमताएं संरक्षित रहती हैं।

हमारे शरीर की धमनियां उम्र के साथ सख्त हो जाती हैं और दिमाग तक रक्त पहुंचाने से पहले दिल तक जाने वाली महाधमनी तक रक्त पहुंचाने वाली नलिका कठोर होने लगती हैं। कनाडा के मोंट्रियल विश्वविद्यालय के शीर्ष शोधकर्ता क्लौडीन गौथीर ने बताया कि वास्तव में कठोरीकरण का संबंध संज्ञानात्मक बदलावों से हो सकता है।

आपका सनस्क्रीन बना समुद्री जीवों के लिए खतरा!


Published on Aug 22, 2014 at 11:45 | Updated Aug 22, 2014 at 12:13
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न्यूयार्क। सनस्क्रीन आपकी त्वचा को भले ही अल्ट्रवायलेट किरणों से बचाता हो, लेकिन क्या आप को पता है कि इससे पर्यावरण खतरे में पड़ सकता है। समुद्र में नहाने के दौरान जब आपकी त्वचा पर लगा सनस्क्रीन पानी में मिलता है, तो विषाक्त प्रभाव उत्पन्न कर सकता है और यह छोटे समुद्री जीवों के लिए खतरनाक हो सकता है। बाद में यही छोटे जीव बड़े समुद्री जीवों का भोजन भी बनते हैं।

स्पेन के शोधकर्ता एंटोनियो तोवार-सानशेज और डेविड सानशेज-क्वीलस ने पाया कि सनस्क्रीन में आम तौर पर पाए जाने वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड अल्ट्रावायलेट किरणों और हाइड्रोजन पेरोक्साइड जैसे विषैले यौगिकों के संपर्क में आकर प्रतिक्रिया करते हैं। हाइड्रोजन पेरोक्साइड की अत्यधिक मात्रा समुद्र में पाए जाने वाले पादप और सूक्ष्म शैवालों को नुकसान पहुंचाती है, यही पादप और शैवाल छोटे समुद्री जीवों का भोजन होते हैं और छोटे समुद्री जीव बाद में बड़े समुद्री जीवों का भोजन बनते हैं।

रहना है फिट, तो बादाम से करें दिन की शुरुआत


Published on Aug 22, 2014 at 09:53
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नई दिल्ली। स्वस्थ रहना है, तो दिन की शुरुआत ठंडे पानी, बादाम और कसरत से करें। दिन भर आप तरोताजा महसूस करेंगे। एक विशेषज्ञ का ऐसा ही कहना है। फिटनेस परामर्श कंपनी बैटल ऑफ बल्जेस के संस्थापक चिराग सेठी ने स्वास्थ्य के कुछ नुस्खे साझा किए।

1-सुबह उठते ही सबसे पहले आधा लीटर ठंडा पानी पिएं। खाली पेट ठंडा पानी पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मदद मिलती है।

मेट्रो का सफर अब घटाएगा आपका वजन!


Published on Aug 21, 2014 at 11:28
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लंदन| अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अब जिम में पसीना बहाने के लिए अल सुबह उठने की जरूरत नहीं है। आपको करना सिर्फ यह है कि ऑफिस जाते वक्त अपने वाहन का उपयोग न कर मेट्रो का इस्तेमाल करना शुरू कर दीजिए।

इंग्लैंड में हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, निजी वाहन की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले व्यक्ति उनकी अपेक्षा कम चर्बी वाले पाए गए, जो कार्यालय जाने के लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। सार्वजनिक परिवहन से ट्रेवल करने वाले यात्रियों में मोटापे का खतरा कम होता है, हालांकि इस तरह सार्वजनिक परिवहन के जरिए दैनिक यात्रा करने वाले व्यक्यिों और मोटापे में संबंध के बेहतर प्रमाण मौजूद नहीं हैं।

क्यों महिलाओं को होती है पुरुष से ज्यादा टेंशन!


Published on Aug 19, 2014 at 13:43 | Updated Aug 19, 2014 at 14:40
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न्ययॉर्क| महिलाओं का सामना जब जोखिम भरी परिस्थितियों से होता है, तो वे चिंतित हो जाती हैं और तनावपूर्ण परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन बहुत खराब हो जाता है। यह बात एक अध्ययन में सामने आई है। महिलाओं के लिए जोखिम भरी परिस्थितियों में बेचैनी का बढ़ना हानिकारक है, क्योंकि इससे उनकी प्रस्तुति और उपलब्धि की क्षमता प्रभावित होती है।

स्टैनफोर्ड युनिवर्सिटी में समाजशास्त्र में डाक्टरेट की उम्मीदवार सुजेन आर फस्क ने कहा कि जोखिम भरे माहौल या परिस्थितियों में पुरुषों की तुलना में महिलाएं प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं देती हैं। जबकि सामान्य परिस्थितियों में महिला-पुरुष की क्षमता एक समान होती है। फस्क ने अपने शोध के लिए तीन तरीकों से अध्ययन किया, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन और आमने सामने की पूछताछ के तरीकों का इस्तेमाल किया।

गंजों के लिए खुशखबरी, घने बालों की दवा ईजाद


Published on Aug 18, 2014 at 19:15 | Updated Aug 18, 2014 at 19:51
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वाशिंगटन। गंजों के लिए इससे बड़ी खुशखबरी क्या हो सकती है कि अब उनके भी सिर पर घने बाल होंगे। लेकिन यह खास खुशखबरी बाल उड़ने की बीमारी 'एलोपेसिया एरियाटा' से ग्रस्त लोगों के लिए है। अमेरिका की कोलंबिया युनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ऐसे लोगों के सिर पर बाल उगाने में सफलता प्राप्त कर ली है। शोधकर्ताओं ने एलोपेसिया एरियाटा से पीड़ित लोगों के बाल कूप को नष्ट करने वाले इम्यून कोशिकाओं की पहचान कर ली है।

उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा स्वीकृत उस दवा का सफल परीक्षण किया है, जो उन प्रतिरक्षा कोशिकाओं को खत्म करता है, जिससे सफलतापूर्वक दोबारा बाल उगते हैं। इस इलाज के शुरू होने के पांच महीने के अंदर ही मरीजों के घने बाल उग आए और हमला करने वाली टी कोशिकाएं समाप्त हो गईं।

पढ़ें: कुछ बच्चों को क्यों लगता है गणित से डर?


Published on Aug 18, 2014 at 17:04 | Updated Aug 18, 2014 at 17:11
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न्यूयॉर्क। कुछ बच्चे बचपन में गणित से डरते हैं, लेकिन क्यों? इसका जवाब अब उपलब्ध है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने अब इस बात का पता लगा लिया है कि किस कारण से कुछ बच्चे गणित के सवाल चुटकी में हल कर लेते हैं। कुछ को गणित के सवाल हल करने में दिक्कतें होती हैं। इन शोधकर्ताओं में एक भारतीय मूल का वैज्ञानिक भी शामिल है।

अध्ययन के वरिष्ठ लेखक और मनोरोग एवं व्यावहारिक विज्ञान के प्रोफेसर विनोद मेनन ने बताया है कि इस अध्ययन में हमें हर बच्चे में संज्ञानात्मक विकास के दौरान होने वाले गतिशील परिवर्तन की जानकारी मिली है। मेनन ने बताया है कि बच्चों की दीर्घकालिक स्मृति में याद करने और तथ्यों की मजबूत पकड़ बनाने के लिए हिप्पोकैंपस एक ढांचा उपलब्ध कराता है। हिप्पोकैंपस ऐसा क्षेत्र है, जो नई स्मृति बनाने में कई भूमिकाएं निभाता है।

बैक्टीरिया की मर्जी से खाते हैं हम लोग!


Published on Aug 17, 2014 at 10:41
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न्यूयॉर्क। आपके मन में मोटापा कम करने की इच्छा है लेकिन आप खुद को चर्बी और वसायुक्त भोजन खाने से रोक नहीं पाते? वास्तव में यह आपके जुबान की नहीं बल्कि आपके पेट में पाए जाने वाले बैक्टीरिया के कारण होता है। एक ताजा अध्ययन में सामने आया है कि हमारे पेट में पाए जाने वाले बैक्टीरिया हमारे दिमाग को नियंत्रित करते हैं और कुछ विशेष खाद्य पदार्थों के प्रति हमारी रुचि जगाते हैं।

विज्ञान पत्रिका 'बायोएसेज' के ताजा अंक में प्रकाशित एक अध्ययन में अनुसंधानकर्ताओं ने कहा है कि मानव के पेट में पाए जाने वाले 'माइक्रोब्स' मनुष्यों की खाने से संबंधित रुचियों को प्रभावित करते हैं। वास्तव में ये माइक्रोब्स मनुष्यों को ऐसी चीजें खाने के लिए प्रेरित करते हैं जिनसे उन्हें पनपने में अधिक मदद मिले।

दिल के मरीजों के लिए ज्यादा व्यायाम खतरनाक!


Published on Aug 14, 2014 at 09:40
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वॉशिंगटन| दिल के रोगी अब तक तो यही समझते थे कि वे जितना ज्यादा व्यायाम करेंगे, उनके दिल की सेहत के लिए उतना ही अच्छा होगा। वैसे मरीज जिन्हें एक बार दिल का दौरा पड़ चुका है, उन्हें क्षमता से अधिक व्यायाम करना महंगा पड़ सकता है। शोधकर्ताओं के निष्कर्ष में यह बात सामने आई है कि दिल के एसे मरीज जिन्हें एक बार दिल का दौरा पड़ चुका था, उनकी मौत दिल के दौरे से इसलिए हुई, क्योंकि वे क्षमता से अधिक व्यायाम कर रहे थे।

शोधकर्ताओं ने शारीरिक रूप से सक्रिय और एक बार दिल के दौरे का सामना कर चुके दिल के 2400 रोगियों का अध्ययन किया। अमेरिका में लॉरेंस बार्कले नेशनल यूनिवर्सिटी के जीवन विज्ञान के पाउल टी विलियम्स ने कहा कि वैसे मरीज जिन्होंने हर हफ्ते 48 किलोमीटर से कम दूरी की दौड़ लगाई या टहलकर 73 किलोमीटर की दूरी तय की, एसे लोगों की मौत में 65 फीसदी तक की कमी देखी गई।

नमक से कैंसर का खात्मा!


Published on Aug 13, 2014 at 08:52 | Updated Aug 13, 2014 at 09:23
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लंदन। कैंसर के इलाज का एक नया हथियार खोज निकाला गया है और वह हथियार है नमक। जी हां, अध्ययनकर्ताओं के मुताबिक कैंसरग्रस्त कोशिकाओं में नमक प्रवाहित करके कोशिका को खत्म किया जा सकता है। अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि उनकी इस नई खोज के जरिए कैंसर के उपचार के लिए नई दवाएं बनाई जा सकती हैं।

अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसा अणु निर्मित करने में सफलता पाई जो कैंसरग्रस्त कोशिकाओं में सोडियम और क्लोराइड के आयन प्रवाहित करता है, जिससे कैंसरग्रस्त कोशिकाएं स्वत: समाप्त हो जाती हैं। सह अध्ययनकर्ता एवं इंग्लैंड के साउथम्पटन विश्वविद्यालय के प्राध्यापक फिलिप गेल ने कहा है कि इस अध्ययन में दिखाया गया है कि कोशिकाओं की झिल्लियों में मौजूद सोडियम चैनल क्लोराइड संवहिकाओं के साथ प्रतिक्रिया कर कोशिका में नमक का प्रवाह करती है।





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हैल्थ

तनाव को अब आप हल्के में लेना बंद कीजिए, क्योंकि अगर यह स्थायी तौर पर आप पर हावी रहा, तो ये आपकी 'सिजोफ्रेनिया' जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।
नेफ्रोलाजी विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा पानी पीना किडनी के लिए हानिकारक हो सकता है। चिकित्सकों ने किडनी रोग से बचाव के लिए फास्ट फूड से परहेज की सलाह भी दी।
व्यायाम के साथ-साथ कभी कभार उपवास रखना दिमाग के न्यूरॉन को बढ़ावा देने के लिए अच्छा होता है, यह बात एक शोध में सामने आई है।
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