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टूटी हड्डियों को जोड़ेगी ये जादुई छड़ी !


Published on Dec 28, 2013 at 10:39 | Updated Dec 28, 2013 at 10:52
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मेलबर्न। ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने बायोपेन नाम के एक यंत्र का निर्माण किया है जिसकी मदद से टूटी हड्डियों और क्षतिग्रस्त कार्टिलेज को ठीक करने में बड़ी मदद मिलेगी। मेलबर्न में सेट विंसेट अस्पताल और वूलनगोग विश्वविद्यालय ने बायोपेन नाम के इस नए यंत्र को बनाया है। इस यंत्र का अगले पांच सालों में इस्तेमाल शुरू किया जा सकता है।

अगर इस यंत्र का प्रयोग सफल रहा तो डॉक्टर न केवल टूटी हड्डियों को ठीक करने के लिए इसका इस्तेमाल करेंगे बल्कि त्वचा और मांसपेशियों में गड़बड़ी को भी इससे ठीक करने में मदद मिल सकती है। इस नई तकनीक को इस्तेमाल से कैंसर, हड्डियों के जोड़ों में पाई जाने वाली कार्टिलेज के क्षतिग्रस्त होने की बीमारी ओस्टियो, अर्थराइटिस और गंभीर शारीरिक चोटों को ठीक करने में भी मदद मिलेगी।

घुटने के दर्द में सर्जरी नहीं है समाधान: स्टडी


Published on Dec 26, 2013 at 13:10
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न्यूयॉर्क। लोग घुटने के दर्द से मुक्त होने के लिए इसकी सर्जरी कराते हैं, लेकिन हाल के एक स्टडी से यह बात सामने आई है कि अनावश्यक सर्जरी की अपेक्षा फिजियोथेरेपी घुटने के दर्द के इलाज में ज्यादा कारगर हो सकता है। ऑथ्रेस्कोपिक सर्जरी आम बात है, लेकिन फिनलैंड में कराए गए अध्ययन की मानें तो हजारों लोग अनावश्यक रूप से सर्जरी कराते हैं।

अध्ययन के अनुसार, इस सर्जरी की संख्या कम होनी चाहिए तथा फिजियोथेरेपी इस रोग के निदान का अच्छा विकल्प है। फिनलैंड के शोध में हालांकि, सर्जरी को कारगर माना गया है लेकिन यह कम उम्र के रोगियों पर किया जाना चाहिए है। इसका कहना है कि 80 फीसदी मामले में सर्जरी उतनी कारगर साबित नहीं होती।

पढ़ें: ठंड के मौसम में कैसी हो आपकी डाइट

  • ibnkhabar.com

Published on Dec 24, 2013 at 12:14 | Updated Dec 24, 2013 at 12:18
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नई दिल्ली। सर्दियों के मौसम लोग हैवी डाइट खाना पसंद करते हैं। हैवी डाइट की शर्त है कि उसके साथ खूब कसरत की जाए। हम जैसा खाना खाते हैं उसका असर हमारे तन व मन दोनों पर होता है। मौसम के बदलते ही अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए हमें अपने डाइट में कुछ बदलाव करने पड़ते हैं। सर्दियों में लोग खाना भी ज्यादा खा लेते हैं जिससे वजह बढ़ने का खतरा भी रहता है। हम आपको बताते है कि सर्दियों में आप क्या खाएं जिससे आप अपने शरीर के बढ़ते वजन को नियंत्रित रख पाएंगे।

नाश्ता

ध्यान से मिल सकता है गंदी आदतों से छुटकारा!


Published on Dec 23, 2013 at 10:20
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न्यूयॉर्क। व्यसनों पर नियंत्रण पाने के लिए ध्यान का प्रयोग करने से अधिक सफलता मिलने की संभावना होती है। यह निष्कर्ष एक कंप्यूटर वैज्ञानिक द्वारा पशु और मानव अध्ययन पर किए नए सर्वेक्षण में सामने आया है।

मैसाचुसेट्स एम्हर्स्ट के कंप्यूटर वैज्ञानिक यरिव लेविऑफ, तंत्रिका विज्ञान शोधकर्ता जेरोल्ड मेएर और कंप्यूटर वैज्ञानिक एंड्रयू बाटरे के सर्वेक्षण का निष्कर्ष 'फ्रंटियर इन साइकोइट्री' पत्रिका के नवीनतम संस्करण में प्रकाशित हुआ।

खबरदार! च्यूइंगम चबाने से होता है सिरदर्द


Published on Dec 22, 2013 at 12:20
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तेल अवीव। च्यूइंगम खाने के शौकीन लोगों के लिए बुरी खबर है। खुद को रिफ्रेश रखने लिए च्यूइंगम खाने के चक्कर में अनजाने में आप खुद ही सिरदर्द मोल ले लेते हैं। दरअसल इजरायल में तेल अवीव विश्वविद्यालय के मेर मेडिकल सेंटर ने एक नए शोध में इसका खुलासा किया है, कि बच्चों और किशारों को च्यूइंगम चबाने की आदत होती है, जिससे उनमें सिरदर्द का खतरा बढ़ जाता है।

मेर मेडिकल सेंटर के चाइल्ड न्यूरोलॉजिकल सेंटर के डॉ. नैथन वाटेमबर्ग की अगुवाई में वैज्ञानिकों के एक दल ने प्रयोग करके इस तथ्य को साबित किया कि च्यूइंगम की आदत छोड़ने से सिरदर्द की संभावना काफी घट जाती है।

अच्छे दिनों को याद कीजिए, गरीबी से उबरिए


Published on Dec 19, 2013 at 14:11
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न्यूयॉर्क। अपनी पिछली उपलब्धियों को याद करना, गरीबी में जी रहे लोगों को उबरने में मददगार हो सकता है। एक नए अध्ययन में कहा गया है कि अच्छे दिनों को याद करने से मस्तिष्क की कार्यक्षमता में कई आईक्यू बिंदु बढ़ जाते है और प्रमुख सहायता सेवाओं से मदद लेने की इच्छा बढ़ जाती है।

अध्ययन के सहलेखक और ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जियायिंग झाओ ने बताया कि यह अध्ययन दर्शाता है कि आत्मस्वीकृति के सरल कार्य, गरीब लोगों में आश्चर्यजनक रूप से संज्ञानात्मक कार्य और व्यावहारिक परिणामों में सुधार करते हैं।

आपके बच्चों को एलर्जी से बचाते हैं पालतू जानवर


Published on Dec 17, 2013 at 19:29 | Updated Dec 17, 2013 at 20:14
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वॉशिंगटन। वैज्ञानिकों ने इस बात का कारण खोज लिया है कि शुरुआत से पालतू जानवरों के संपर्क में रहने वाले बच्चों में एलर्जी और अस्थमा प्रवृत्ति तब कम क्यों हो जाती है। चूहों पर किए गए प्रयोग में शोधकर्ताओं ने पाया कि पालतू कुत्तों का संपर्क, व्यक्ति की आंत में रहने वाले गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जठरांत्र) माइक्रोबायोम या रोगाणुओं के समुदाय को नया आकार प्रदान कर सकता है, जिससे व्यक्ति में विभिन्न एलर्जी कारकों का प्रतिरोधस्तर बढ़ता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन घरों में या घरों के बाहर पालतू कुत्ते रहते हैं, उनके घरों की धूल चूहे की आंत में रहने वाले रोगाणुओं के समुदाय को फिर से आकार दे सकती है।

..तो कान छेदने से कम हो सकता है वजन!


Published on Dec 17, 2013 at 13:05 | Updated Dec 17, 2013 at 13:39
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लंदन। कोरियाई अनुसंधानकर्ताओं ने कान छेदने से वजन कम होने का दावा किया है। इस अध्ययन के बारे में दिए गए बयान में कोरियाई अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने 91 लोगों पर अध्ययन में पाया कि कान के बाहरी हिस्से को छेदने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है।

इन लोगों को तीन वर्गों में बांटा गया। एक वर्ग के लोगों के कान के बाहरी हिस्से पर पांच जगह छेदा गया, दूसरे वर्ग के लोगों के कान में एक जगह छेद किया गया, जबकि तीसरे वर्ग के लोगों के कान छेदे ही नहीं गए। अध्ययन के दौरान तीनों ही वर्गों के लोगों को एक समान खाना और निर्देश दिए गए।

संगीत लौटा सकता है आपकी खोई हुई याद्दाश्त!


Published on Dec 07, 2013 at 17:30
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नई दिल्ली। उच्च रक्तचाप, कैंसर का दर्द और जी घबराना इन सभी से संगीत राहत दिला सकता है। मशहूर मनोचिकित्सक रिचर्ड कोगन ने शनिवार को एचटी लीडरशिप सम्मेलन में यह बात कही। कोगन खुद भी कैंसर से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगीत में दर्द और व्यग्रता को कम करने की अद्भुत शक्ति है।

'राहत दिलाने की संगीत की शक्ति' पर सत्र को संबोधित करते हुए कोगन ने कहा कि हृदय रोगियों के लिए संगीत रक्तचाप को कम कर सकता है। यह कोर्टिसोन (एक प्रकार का हार्मोन जो तनाव से सक्रिय होता है और कई प्रकार की बीमारियों की वजह बनता है) को कम कर सकता है।

कैंसर को पहले ही खत्म कर देगा HDR


Published on Dec 06, 2013 at 09:32 | Updated Dec 06, 2013 at 09:35
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कानपुर। नए साल में कानपुर शहरवासियों को कैंसर को खत्म करने वाली मशीन का नायाब तोहफा मिलेगा। यह तोहफा देगा राजकीय जे के कैंसर संस्थान रावतपुर, जो नए साल में हाई डोज रेट रेडियोथेरेपी (एचडीआर) मशीन संस्थान में मंगा रहा है। बताया जाता है कि करीब साढ़े चार करोड़ रुपये कीमत वाली मशीन की मदद से शुरुआती अवस्था वाले कैंसर को जड़ से खत्म करना संभव होगा।

इस नई मशीन से बच्चेदानी, खाने की नली, स्तन और मुंह का कैंसर के मरीजों का अचूक इलाज संभव होगा। साथ ही ऐसे मरीजों में दोबारा कैंसर होने का खतरा भी खत्म हो जाएगा। जानकारी के मुताबिक कैंसर संस्थान से तीन साल पहले एचडीआर मशीन की खरीद का प्रस्ताव भेजा गया था। साल 2012-13 में शासन से स्वीकृति भी मिल गई।





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हैल्थ

अक्सर यह देखा जाता है कि अलग-अलग लोगों में दर्द सहने की क्षमता अलग-अलग होती है। वैज्ञानिकों ने इसका कारण पता लगाने के लिए चार विशेष जीन की खोज की है
पहले जहां केवल खून के रिश्ते वाला ही अपना अंग दे सकता था, वहीं अब अशोक जैसे रिश्तेदार भी अपना अंग दे सकते हैं।
अगर आपको अक्सर गुस्सा आता है और आप अपने साथी पर बेवजह चीखते-चिल्लाते हैं, तो आपको अपने खून में ग्लूकोज के स्तर की जांच करानी चाहिए।
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पहले जहां केवल खून के रिश्ते वाला ही अपना अंग दे सकता था, वहीं अब अशोक जैसे रिश्तेदार भी अपना अंग दे सकते हैं।
अगर आपको अक्सर गुस्सा आता है और आप अपने साथी पर बेवजह चीखते-चिल्लाते हैं, तो आपको अपने खून में ग्लूकोज के स्तर की जांच करानी चाहिए।
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