IBN7IBN7

लंबे टाइम तक डायबिटीज से सिकुड़ता है दिमाग


Published on May 03, 2014 at 13:24
0 IBNLive

लंदन। मधुमेह से होने वाली विभिन्न बीमारियों के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन हाल के एक शोध में पता चला है कि लंबे समय तक मधुमेह रहने से मस्तिष्क के सिकुड़ने का खतरा हो सकता है। डेली मेली में आज प्रकाशित एक रिपोर्ट में यूनीवर्सिटी ऑफ पोनसेलवानिया पेरलेमन स्कूल ऑफ मेडिसीन के रेडियोलाजी विभाग के प्रोफेसर आर निक ब्रायन ने बताया कि नए शोध में काफी चिंताजनक बातें सामने आई है ।

शोधर्कताओं ने अपने शोध के लिए 614 मरीजों को चुना तथा डायबिटीज और मस्तिष्क की संरचना के बीच संबंध पता लगाने की कोशिश की। इन मरीजों की मेगनेटिक रेजोनेंस इमेजिंग एमआरआई की गई। शोध से पता चला है कि लंबे समय तक डायबिटीज रहने का सीधा संबंध मस्तिष्क में कमी आने से है । दस सास तक डायबीटिज होने वाले मरीज का मस्तिष्क स्वस्थ्य मनुष्य की तुलना में दो साल बड़ा और पुराना लगता है। अध्ययन में कहा गया है कि इस नई खोज से डायबिटीज के रोगियों के इलाज में नए आयाम जुड़ने के रास्ते खुलेंगे

...तो सर्दी, खांसी-जुकाम भी बन जाएगा जानलेवा!


Published on May 01, 2014 at 18:49 | Updated May 01, 2014 at 18:55
0 IBNLive

नई दिल्ली। जल्द ही आम बीमारियों के लाइलाज होने का खतरा मंडरा सकता है। WHO की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक एंटीबायोटिक के बेजा इस्तेमाल से इनका असर खत्म होने लगा है। यह भारत समेत दुनियाभर के लिए खतरे की घंटी है।

लोग अक्सर सिरदर्द, फ्लू, वायरल, खांसी या दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा ले लेते हैं। इनमे कई एंटीबायोटिक भी होती हैं जिनका काम शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होता है। लेकिन कभी बेहद असरदार समझी जाने वाली ये दवाएं अब अपना दम खोने लगी हैं। यह चौंकाने वाला खुलासा विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी Who की ताजा रिपोर्ट में 114 देशों से जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर किया गया है।

WHO की रिपोर्ट के मुताबिक हालात इस कदर चिंताजनक हैं कि दुनिया पूर्व-एंटीबायोटिक युग की और बढ़ रही है जिसमें छोटी-छोटी बीमारी या जख्म भी मौत के कारण बन जाते थे। एंटीबायोटिक दवा बीमारी में खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करती है, लेकिन इनके ज्यादा इस्तेमाल से दवा का असर कम होने लगता है।

रोज टहलने से आपकी सोच होती है रचनात्मक


Published on Apr 28, 2014 at 09:39 | Updated Apr 28, 2014 at 10:31
0 IBNLive

वाशिंगटन। क्या आप अपने ऑफिस की किसी समस्या का समाधान नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं या फिर कोई रचनात्मक चीज लिखते समय आपका दिमाग काम नहीं कर रहा है? तो फिर आसपास थोड़ा टहलिए, क्योंकि एक शोध के मुताबिक बैठने की अपेक्षा टहलते समय सोच ज्यादा रचनात्मक होती है। सेंटा क्लेरा यूनिवर्सिटी के मेरिली ओपेजे ने बताया कि जिंदगी में शारीरिक क्रियाएं शामिल होना हमारे दिल ही नहीं बल्कि दिमाग के लिए भी लाभदायक है।

बहुत से लोग दावा करते हैं कि वह टहले समय ही अच्छी तरह से सोच पाते हैं। ओपेजो और उनके स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एजुकेशन के उसके साथी डेनियल एल श्वार्ट्ज ने इसके लिए 176 लोगों पर अध्ययन किया, जिसमें ज्यादातर कॉलेज छात्र थे। उन्होंने पाया कि रचनात्मक सोच को मापने वाले परीक्षण में बैठे रहने वालों की अपेक्षा टहलने वालों की प्रतिक्रिया ज्यादा रचनात्मक थी। टहलते हुए परीक्षण देने वाले छात्र एक ही अनुभव में ज्यादा रचनात्मक दिखे। 'जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल साइकोलॉजी: लर्निग, मेमोरी एंड कॉग्निशन' शोधपत्र में प्रकाशित अध्यन में बताया गया कि अन्य परीक्षणों में भी टहलने वाले समूहों की प्रतिक्रिया, बैठने वालों की अपेक्षा बेहतर रही।

बीमारी में ज्यादा सोने से होगा आपको फायदा


Published on Apr 27, 2014 at 13:38
0 IBNLive

न्यूयॉर्क| बीमार पड़ने पर नींद लेना भी कारगर साबित हो सकता है। एक शोध में बीमारी में ज्यादा से ज्यादा सोने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये लंबी नींद आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ा सकती है और संक्रमण से लड़ने में बेहतर सहयोग कर सकती है। पेनसिल्वानिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि फल मक्खियों में नींद से प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ती है और संक्रमण दूर होता है।

यूनिवर्सिटी के पेरेलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन की वरिष्ठ लेखक जूली विलियम्स ने बताया कि बीमारी में सोने की इच्छा होना सहज प्रतिक्रिया है। शोध के परिणाम प्रतिरक्षा प्रणाली पर नींद के सीधे प्रभाव का नया सबूत देते हैं। फल मक्खियों पर किए गए इस शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादा सोने वाली फल मक्खियों के शरीर में बैक्टीरिया समाशोधन की क्षमता तेजी और अधिक कुशल थी। 'स्लीप' शोधपत्र में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया कि बीमारी में ज्यादा नींद, संक्रमण का प्रतिरोध बढ़ाकर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बढ़ाने में मदद करती है।

तबीयत हो खराब तो बिस्तर पकड़ लीजिए जनाब!


Published on Apr 25, 2014 at 17:11 | Updated Apr 25, 2014 at 17:59
0 IBNLive

न्यूयॉर्क। बीमार पड़ने पर नींद लेना भी कारगर साबित हो सकता है। एक शोध में बीमारी में ज्यादा से ज्यादा सोने की सलाह दी गई है, क्योंकि लंबी नींद आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ा सकती है और संक्रमण से लड़ने में बेहतर सहयोग कर सकती है।

पेनसिल्वानिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि फल मक्खियों में नींद से प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ती है और संक्रमण दूर होता है। यूनिवर्सिटी के पेरेलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन की वरिष्ठ लेखक जूली विलियम्स ने बताया कि बीमारी में सोने की इच्छा होना सहज प्रतिक्रिया है।

शोध के परिणाम प्रतिरक्षा प्रणाली पर नींद के सीधे प्रभाव का नया सबूत देते हैं। फल-मक्खियों पर किए गए इस शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादा सोने वाली फल-मक्खियों के शरीर में बैक्टीरिया समाशोधन की क्षमता तेज और अधिक कुशल थी। 'स्लीप' शोधपत्र में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया कि बीमारी में ज्यादा नींद, संक्रमण का प्रतिरोध बढ़ाकर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बढ़ाने में मदद करती है।

पढ़ें: गर्मियों में कैसे करें अपने पैरों की हिफाजत


Published on Apr 25, 2014 at 09:54 | Updated Apr 25, 2014 at 11:15
0 IBNLive

नई दिल्ली| सर्दियों में पैरों की हिफाजत करना आसान होता है, लेकिन उन्हें ठीक से धोकर, नारियल तेल लगाकर और कुछ ऐसे ही आसान से अन्य उपायों के जरिए गर्मी में भी आप पैरों को साफ और सुरक्षित रख सकते हैं।

कैसे करें परों की देखभाल:

जीन पर निर्भर करती है दर्द सहने की क्षमता


Published on Apr 22, 2014 at 11:04
0 IBNLive

न्यूयॉर्क। अक्सर यह देखा जाता है कि अलग-अलग लोगों में दर्द सहने की क्षमता अलग-अलग होती है। वैज्ञानिकों ने इसका कारण पता लगाने के लिए चार विशेष जीन की खोज की है, जो सहनशक्ति का स्तर तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी के सदस्य टोबोर ओनोजिघोफिया ने कहा कि यह अध्ययन बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्द की प्रकृति को समझने का उपाय सुझाता है, कि आखिर क्यों कुछ लोग दूसरे लोगों की तुलना में ज्यादा दर्द सह सकते हैं। चिकित्सकों के लिए यह बेहद मददगार होगा कि मरीज के उपचार के दौरान वे चार विशेष जीन की उपलब्धता के आधार पर दर्द का अनुमान लगा सकेंगे और उसके अनुरूप उपचार करे सकेंगे। शोधकर्ताओं ने इस बात का पता लगाने के लिए 2,721 लोगों में चार विशेष जीन सीओएमटी, डीआरडी2 और ओपीआरके की खोज की।

अंग दान आसान, कइयों को मिलेगा जीवनदान


Published on Apr 20, 2014 at 10:10 | Updated Apr 20, 2014 at 10:27
0 IBNLive

नई दिल्ली। भारत में लागू हुआ नया अंग प्रत्यारोपण कानून लाखों लोगों के लिए जिंदगी की एक नई उम्मीद लाया है। इसके मुताबिक भारत में अंगदान करने वाले और अंग की जरूरत वाले हर शख्स को अपनी जानकारी नेशनल ऑर्गन ट्रांसप्लांट एंड टिशू ऑर्गेनाइजेशन को देनी होगी। इस केंद्रीय एजेंसी के जरिए ही अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया पूरी होगी।

नीलम देवी पटना से अपने पति की किडनी का प्रत्यारोपण कराने दिल्ली आई हैं। उनके भाई अशोक नीलम के पति को किडनी देने को तैयार हो गए हैं। नए कानून ने उनकी जिंदगी आसान कर दी है। पहले जहां केवल खून के रिश्ते वाला ही अपना अंग दे सकता था, वहीं अब अशोक जैसे रिश्तेदार भी अपना अंग दे सकते हैं। इसके अलावा पहले जहां ऐसा करने के लिए पुलिस-प्रशासन सहित कई एजेंसियों से इजाजत लेनी पड़ती थी, वहीं अब महज नोटरी में ही इसकी जानकारी देकर अंग प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

बेवजह गुस्से का कारण, ग्लूकोज की कमी


Published on Apr 16, 2014 at 13:13 | Updated Apr 16, 2014 at 15:40
0 IBNLive

न्यूयॉर्क। अगर आपको अक्सर गुस्सा आता है और आप अपने साथी पर बेवजह चीखते-चिल्लाते हैं, तो आपको अपने खून में ग्लूकोज के स्तर की जांच करानी चाहिए। ग्लूकोज का स्तर सामान्य से कम होने पर लोग गुस्सैल और आक्रामक हो जाते हैं। ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में संचार और मनोविज्ञान के प्रॉफेसर ब्रैड बुश्मैन ने कहा कि अध्ययन में पता चला कि किस तरह भूख जैसा सामान्य सा कारक भी परिवार में कलह, लड़ाई-झगड़ों और कभी-कभी घरेलु हिंसा की भी वजह बन जाता है।

शोध में 107 विवाहित युगलों पर अध्ययन किया गया, जिसमें हर एक जोड़े से पूछा गया कि अपने विवाहित जीवन से संतुष्ट होने के बारे में उनकी क्या राय है? कुल 21 दिनों तक किए गए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि विवाहित जोड़ों में हर शाम ग्लूकोज का स्तर साथी के साथ संबधों पर प्रभाव डालता है।

बच्चों में बढ़ रहा चिकनपॉक्स का खतरा


Published on Apr 15, 2014 at 09:43 | Updated Apr 15, 2014 at 11:55
0 IBNLive

बिलासपुर। वायरल संक्रमण के कारण छोटे बच्चों में चिकनपॉक्स की बीमारी तेजी से फैल रही है। इससे रोजाना सिम्स, जिला अस्पताल व निजी चिकित्सा संस्थानों में बीमार बच्चों की लंबी कतार लग रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने चिकनपॉक्स सहित अन्य मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अमले को अलर्ट कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एम.ए. जीवानी ने बताया कि मौसमी बीमारियों के मद्देनजर मैदानी अमले को अलर्ट किया जा चुका है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में दवा का इंतजाम है।

सिम्स से मिली जानकारी के अनुसार तालापारा, मरीमई, चांटीडीह, बंधवापारा, मगरपारा, बिरकोना, घुरू, अमेरी, जलसो, पौंसरा, खमतराई, बहतराई, मेंड्राए सैदा समेत झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के अलावा पॉश कालोनियों में रहने वाले बच्चों में इसकी शिकायत ज्यादा है। पिछले एक सप्ताह के भीतर चिल्ड्रन ओपीडी में 40 से अधिक बच्चे चिकनपॉक्स के इलाज के लिए पहुंचे हैं।





IBN7IBN7
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

हैल्थ

तपेदिक (टीबी) का मुफ्त और अत्यधिक प्रभावी इलाज मौजूद है, फिर भी भारत में हर साल इस बीमारी से हजारों लोग काल के गाल में समा जाते हैं।
आयुर्वेद ही नहीं, अब एलोपैथी भी तुलसी के गुणों को मानने लगी है। विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है कि तुसली मनुष्य के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।
बाजार में बिक रहे ये फल कहीं आपकी सेहत न बिगाड़ दें! फलों में चमक लाने के लिए वार्निश जैसे रसायनों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है।
ibnliveibnlive