

बीजिंग। चीन में 2000 से ज्यादा लापता या अगवा किए गए बच्चों को डीएनए डेटाबेस की सहायता से उनके माता-पिता के पास पहुंचा दिया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रपट के अनुसार सार्वजनिक सुरक्षा कार्यालय मंत्रालय के प्रमुख चेन शिक्यू के मुताबिक बच्चों के अपहरण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मंत्रालय ने लापता बच्चों के लिए परेशान लगभग 20,000 माता-पिता का डेटाबेस तैयार किया।
इस डेटाबेस को माता-पिता के खून के नमूने लेकर तैयार किया गया है। यह अगवा किए गए बच्चों की पहचान और अपराध के खिलाफ लड़ाई में खासा सहायक है।
धर्मेश अमीन
सूरत। चश्मे पर मियां-बीवी का विवाद क्या इतना बढ़ सकता है कि वो एक दूसरे से अलग होने को तैयार हो जाएं। जी हां, सूरत में एक ऐसा ही अजीबो गरीब वाकया देखने को मिला है। पत्नी के मुताबिक उसे सिर्फ चश्मे पहनने की वजह से उसके पति तलाक देना चाहते हैं।
काठमांडू। गिनीज बुक ऑफ द वर्ल्ड रिकॉर्ड ने दुनिया के सबसे नाटे जीवित व्यक्ति का खिताब नेपाल के चांद्र बहादुर दांगी को दिया है।
समाचार एजेंसी 'सिन्हुआ' के अनुसार, 72 वर्ष के दांगी की लम्बाई केवल 56.4 सेंटीमीटर और वजन 12 किलोग्राम है।
उन्होंने यह खिताब फिलिपिनो जनरे बलाविंग को हराकर हासिल किया है। खगेंद्र थापा मगर के बाद यह खिताब पाने वाले दांगी दूसरे नेपाली नागरिक हैं।

कोच्चि। केरल में एक प्रवासी मजदूर की वाकई लॉटरी खुल गई। छोटी-मोटी नहीं, पूरे 40 लाख रुपये नकद और एक न्यू ब्रांड इनोवा कार की। लेकिन मजदूर की यह लॉटरी उस विक्रेता की ईमानदारी के कारण खुली है, जिसने विजयी लॉटरी टिकट उस प्रवासी मजदूर को सौंप दिए, जिसने टिकट तो चुने थे, लेकिन शाम को पैसा देने के वादे के साथ टिकटों को विक्रेता के पास ही छोड़ दिया था। लॉटरी विक्रेता की इस ईमानदारी पर केरल सरकार ने पीटर(46) को सम्मानित करने का निर्णय लिया है, जिसका परिवार वर्षों से लॉटरी टिकट बेचकर अपनी रोजी-रोटी कमाता है।
पीटर ने कहा कि वह विजयी टिकट को आसानी से अपने पास रख सकता था और उसके स्थान पर किसी बिना बिके हुए टिकट को रख देता, क्योंकि तमिलनाडु के प्रवासी मजदूर मुरुगन ने शाम को पैसा देने के वादे के साथ यह टिकट खरीदा था।
बीजिंग। चीन में एक कब्रगाह ने महिलाओं को बतौर नौकरी 15 हजार 886 डॉलर के सालाना वेतन के आकर्षक पैकेज की पेशकश की है। चाईना डेली में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतकों के परिजनों को ढाढस बंधाने के लिए पांच महिलाओं को कब्रगाह प्रशासन काम पर रखना चाहता है। सिर्फ इस साल काम के लिए उन्हें इतना भारी वेतन दिया जा रहा है।
इस पद के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को कडी़ चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस पद के लिए लंबे कद की और 25 वर्ष से कम उम्र की अनिवार्यता रखी गई है। इन महिलाओं को चीन की मंदारियन जुबान पर भी महारत हासिल होनी चाहिए।
ग्वालियर। बंदूक का जल्दी लाइसेंस चाहिए तो घर में बेटी की परवरिश करो। जी हां, ग्वालियर में प्रशासन ने यही फरमान निकाला है। ग्वालियर और चंबल में बेटी के पिता को दूसरे से पहले हथियार का लाइसेंस मिल रहा है। इस फरमान के पीछे चंबल रीजन में बरसों से चली आ रही एक सोच है। यहां बंदूक रखना फख्र की बात मानी जाती है।
ग्वालियर के रामबरन सिंह कुशवाहा एक कॉलेज में चौकीदारी करते हैं। उनकी कई सालों से कंधे पर बंदूक डालकर घूमने की हसरत है। रामबरन ने कई बार अर्जी लगाई पर हजारों अर्जियों की भीड़ में रामबरन की अर्ज़ी खो गई। अब रामबरन की दो बेटियों नीशू और निकांता ने पिता का सपना पूरा कर दिया। कलेक्टर ने रामबरन की अर्ज़ी पर मुहर लगा दी है। खुद डीएम ने उन्हें अपने कमरे में बुलाकर बंदूक का लाइसेंस दिया।

मंडी। हिमाचल प्रदेश के 'छोटा काशी' के नाम से मशहूर मंडी में महाशिवरात्रि के उत्सव में शामिल होने के लिए सैकड़ों गांवों के 200 से अधिक देवताओं को निमंत्रण दिया गया है। इस आयोजन की शुरुआत मंडी शहर की स्थापना से मानी जाती है। शिवभक्त शासक अजबर सेन ने 1526 में मंडी की स्थापना के समय स्थानीय देवताओं को आमंत्रित किया था। उसके बाद से सैकड़ों गावों के मंदिरों के देवताओं का जमावड़ा परंपरा का हिस्सा बन गया।
आजादी के बाद देवी-देवताओं को आमंत्रित करने का कार्य जिला प्रशासन ने सम्भाल लिया। उपायुक्त एवं महोत्सव के मुख्य आयोजनकर्ता देवेश कुमार ने कहा कि महाशिवरात्रि के उत्सव में भाग लेने के लिए 215 से अधिक देवी-देवताओं को आमंत्रित किया गया है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में इन दिनों नसबंदी का दंश कई लोगों की जिंदगी में जहर घोल रहा है। किशोर से लेकर बुजुर्ग तक की नसबंदी करने का दौर जारी है। सरकारी अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक 'लक्ष्य' हासिल करने की मुहिम में जुटे हैं, जिसके लिए कहीं लोगों को लालच देकर तो कहीं जबरन उनकी नसबंदी हो रही है।
इसे लेकर सरकार की किरकिरी भी हो रही है, जिसे देखते हुए स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने अधिकारियों के निर्देश दिए गए हैं कि वे दबाव डालकर, जबरन या लालच देकर किसी की नसबंदी न करें।
लखनऊ। संपत्ति हडपने के लिये उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग के अभिलेखों में मृत करार दिए गए 221 लोगों को फिर से न्याय मिलने की उम्मीद जग गई है और उन्हें जीवित करार दिया गया है।
मृतक संघ के अध्यक्ष लाल बिहारी 'मृतक' ने आज यहां कहा कि उत्तर प्रदेश के 46 जिलों में घोषित 221 लोगों को जीवित करार दिया गया है। सूचना के अधिकार के तहत जनसूचना विशेष अधिकारी राजस्व परिषद ने पिछले सात फरवरी को भेजे जवाब में कहा है कि 221 लोगों को जीचित करार दिया गया है और अभिलेखों में धोखाधड़ी करने वाले तीन सौ दस दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों और 350 लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
लाल बिहारी ने कहा कि यह सूची 2009 तक की है। अन्य जिलों से भी सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई है।
इस्लामाबाद। मोबाइल, रेडियो, कम्प्यूटर हमारे लिए उपकरणों के नाम हैं लेकिन पाकिस्तान के खैबर पख्तुनख्वा प्रांत में लोग अपने बच्चों का नाम इन उपकरणों के नाम पर रख रहे हैं। समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक कलास वैली में रहने वाले लोग अपने बच्चों का नामकरण घरेलू उपयोग में लाई जाने वाली वस्तुओं के नामों पर कर रहे हैं।
कुदरातुल्लाह नाम के एक कामगार ने समाचार पत्र को बताया कि कुछ मामलों में बच्चों के नाम बाल्टी, ग्लास और कूकर रखे गए हैं। इस क्षेत्र में माता-पिता को बच्चों का नाम टेलीफोन और कंपयूटर रखना अच्छा लगता है।





















































