IBN7IBN7

फिल्म समीक्षा: बोर नहीं होने देती है ‘स्टार ट्रेक इन टू डार्कनेस’

Published on May 11, 2013 at 15:01 | Updated May 11, 2013 at 15:22
0 IBNKhabar

मुंबई। अगर आप मेरी तरह स्टार ट्रेक यूनिवर्स के फैन नहीं थे या उसके 40 साल पुराने लेगसी से वाकिफ नहीं थे तो भी आपको एक बात माननी ही पड़ेगी कि अब्राहम्स की 2009 की स्टार ट्रेक रिबूट एक फ्रेश और मजेदार स्टैंड अलोन साई-फाई एडवेंचर थी। इसका सीक्वल ‘स्टार ट्रेक- इन टू डार्कनेस’ उसी तरह काम करती है, भले ही इसमें कई जोक्स और रेफरेन्सेस है, जो ओरिजिनल फिल्म्स और टीवी सिरीज की याद दिलाते हैं। ये सीक्वल फनी और थ्रिल्लिंग है और इसका बेसिक प्लाट भी नया है।

इन टू डार्कनेस की शुरूवात विजुअली बहुत ही शानदार होती है, जहां एक तरफ ब्लड रेड जंगल के बीच कैप्टन किर्क यानी कि क्रिस और बोन्स यानी कार्ल अर्बन का पीछा कर रहे एलियंस उनके उपर भाले से हमला करते हैं और वही दूसरी ओर स्पॉक यानी कि ज़कारी क्वींटो एक ज्वालामुखी के बीच में फंसा हुआ है। धमाकेदार शुरूआत के साथ इस फिल्म की रफ़्तार कभी नीचे नहीं गिरती है। लेकिन फिल्म की असली कहानी है नए विलेन जॉन हैरिसन की तलाश की, जो स्टारफ्लीट पर विनाशकारी हमला करने के बाद एक अलग प्लैनेट पर छिप रहा है।

फिल्म समीक्षा: टीनेजर्स की मजेदार कहानी है 'गिप्पी'

Published on May 11, 2013 at 14:39 | Updated May 11, 2013 at 15:21
0 IBNKhabar

मुंबई। अगर आप ओवर वेट है, खेल में खराब, और फिर पढाई में भी कुछ ख़ास नहीं है तो स्कूल का सफ़र मुश्किल से ही कटता है। फिल्म ‘गिप्पी’ की 14 साल की नायिका गुरमीत कौर यानी रिया विज इन सारी परेशानियों से तंग है। उसे हमेशा लोग ताना मारते है और उसे नज़रंदाज़ किया जाता है। साथ ही वो बहुत मुश्किल से अपने स्कूल ड्रेस में फिट हो पाती है।

फिल्म समीक्षा: ‘गो गोवा गॉन’ फिल्म अच्छी, अंत बेअसर

Published on May 11, 2013 at 14:24
1 IBNKhabar

मुंबई। ‘गो गोवा गॉन’ को भारत की पहली जॉम-कॉम या ज़ोम्बिस पर आधारित कॉमेडी मूवी के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है। फिल्म में कुणाल खेमू, वीरदास और आनंद तिवारी तीनो दोस्त हैं जो एक फ्लेश-इटिंग जोम्बिस से भरे आइलैंड पर फंस जाते है। यह फिल्म मस्त काम करती है जब फिल्म के डायरेक्टर कृष्णा डी के और राज निदिमोरू तीनों दोस्तों की बिना सिर पैर वाली मस्ती दर्शाती है। पर इसके बाद मानों लगता है कि फिल्म मेकर यह नहीं जानते हैं कि कहानी को किस दिशा में ले जाना है। और फल स्वरुप फिल्म का सेकंड हाफ इंसानों और ज़ोम्बिस के बीच एक लेजी चूहे-बिल्ली का खेल बनकर रह जाता है।

बेमतलब का सेक्स और हिंसा है ‘शूटआउट एट वडाला’ में

  • राजीव मसंद
Published on May 04, 2013 at 15:42 | Updated May 04, 2013 at 19:19
2 IBNKhabar

मुंबई। डायरेक्टर संजय गुप्ता की मल्टीस्टारर फिल्म शूटआउट एड वडाला में एक गैंगस्टर पुलिस स्टेशन में भागता हुआ आता है। उसके दोनों हाथ उसके दुश्मन ने काटे हुए हैं। एक और बदमाश का सिर कुचला गया है जबकि तीसरे को कुर्सी से बांधकर रिवर्स गियर डालकर कुचला जाता है।

संजय गुप्ता की शूटआउट एट वडाला में लगातार होती हिंसा ही हिंसा है। यह कहानी है 1970 के खतरनाक गैंगस्टर मान्या सुर्वे की जिंदगी के उतार-चढ़ाव की और 1982 में उसकी मौत की जिसे अभी तक सबसे पहला पुलिस एनकाउंटर माना जाता है। शुरू से लेकर अंत तक शूटआउट एट वडाला खून-खराबे, आइटम गर्ल और बड़े डायलॉग से भरी हुई है। साथ ही गुप्ता इसमें बेमतलब का सेक्स और हिंसा भरते हैं। डायरेक्टर अपना स्तर नीचे गिराने में बिल्कुल भी पीछे नहीं हटते, वो अपनी मर्जी से इसमें कई आइटम सॉन्ग डालते हैं। एक्टर को गाली गलौज वाली लाइन देते हैं। ऊबड़-खाबड़ लव मेकिंग सीन डालते हैं और यहां तक कि फिल्म में एक बेहद ही अश्लील रेप सीन भी शूट किया गया है। फिल्म साफ तौर पर मान्या सुर्वे यानि कि जॉन अब्राहम की कहानी दर्शाती है। जिसे जवानी में पुलिस द्वारा फंसाया जाता है। वह जेल में एक ठग यानि तुषार कपूर से दोस्ती करता है और फिर एक जघन्य अपराधी बनकर वहां से भागता है।

समीक्षा: इंडियन सिनेमा को एक नायाब तोहफा है ‘बांबे टॉकीज’

  • राजीव मसंद
Published on May 04, 2013 at 15:22 | Updated May 04, 2013 at 19:19
1 IBNKhabar

मुंबई। एक रेलवे स्टेशन के ब्रिज पर एक भिखारी लड़की को लता मंगेशकर का एक पुराना गाना गाते सुनकर दो आदमी बिना एक-दूसरे से नजरें मिलाएं अगल-बगल से गुजरते हैं। वो गाना सिचुएशन से मिलता-जुलता है। एक पिता जो अपनी बेटी को अपनी कहानी की नकल करके बताता है, उसकी एनर्जी देखने लायक और उसका उत्साह दिल जीतने वाला। एक छोटा सा लड़का, अपनी बहन के कपड़े पहने और अपनी मां के मेकअप के साथ एक डांस नंबर पर डांस करता है बिना ये सोचे कि उसका परिवार क्या कहेगा। और एक नौजवान जो गांव से आया है और एक सुपरस्टार के गेट पर खड़े हो कर सिक्योरिटी गार्ड से मिन्नत करते हुए उसकी आंखों में आंसू आ जाते हैं कि उसे उस लीजैंड से मिलने दिया जाए। ये वो सीन हैं जो बांबे टॉकीज देखने के बाद लंबे समय तक आपके दिमाग में रहेंगे। ये चार शॉर्ट फिल्म्स का एक ऐसा सुनहरा सफर है जो भारतीय सिनेमा के 100 साल का जश्न मनाने के लिए बनाई गई फिल्म है।

करीब आधे-आधे घंटे की इन चार कहानियों के बीच कोई लिंक नहीं है। सिर्फ इतना कि इनमें फिल्मों के प्रति प्यार शेयर किया गया है। करन जौहर की फिल्म में रानी मुख़र्जी और रणदीप हुड्डा एक अर्बन कपल है। उनकी शादी में अब कोई जान नहीं रही। अपने काम पर एक नए इंटर्न साकिब सलीम के साथ दोस्ती रानी और उसके पति के रिश्ते के कड़वे सच को सामने लाती है। जौहर की फिल्म असहज ईमानदारी के साथ परिपक्व लगती है। सॉलिड एक्टिंग, शार्प डायलॉग और दो एवरग्रीन गानों के साथ ये कहानी और मजबूत होती है। अपने प्रेडिक्टेबल अंत के बावजूद ये फिल्म काफी असरदार है।

फिल्म समीक्षा: बचकानी फिल्म है ‘द होस्ट’

Published on Apr 20, 2013 at 15:02
0 IBNKhabar

मुंबई। जब कोई एलियन किसी लड़की के शरीर मे घुसती है और उस लड़की की अपनी आत्मा शरीर छोड़ने से मना कर देती है, तो उसके दिमाग में दो आवाजें उठती हैं जो अलग अलग चीज़ें चाहती हैं। जैसे की दो लड़के एक दूसरे को पसंद नहीं करते। ट्विलाइट बुक्स की ऑथर स्टीफनी मेयर अपने उसी लव ट्रैंगल फॉर्मूला को फिर से रिसाइकिल करती हैं, सिर्फ यहां वैम्पायर्स की जगह स्काई फाई बैकड्रॉप का इस्तेमाल किया गया है। ‘द होस्ट’ मेयर की ही एक और बेस्टसेलर पर आधारित है लेकिन इस फिल्म की हीरोइन ट्विलाइट फिल्मों की रोने धोने वाली हीरोइन से कहीं ज्यादा करिश्माई है।

सओईर्स रोनान, मेलानाई स्ट्राडर के किरदार में है जो आने वाले भविष्य में उन बचे हुए कुछ लोगों में से हैं जिन पर एलियंस ने अब तक कब्ज़ा नहीं किया है। जब आखिर में मेलानाई पर कब्ज़ा पा लिया जाता है तो वांडरर नाम की एलियन उसके शरीर में घुसती है पर प्रॉब्लम यहां ये है कि मेलानाई अपना शरीर छोड़ने से इनकार कर देती है। तो हांलाकि आप यहां एक ही शख्स को देख रहे हैं, यहां दरअसल दो लोग हैं जो लगातार हर छोटी से छोटी चीज़ पर झगड़ते रहते है। मामला तब बिगड़ जाता हैं जब हमारी हिरोईन एलियन हेडक्वॉटर्स से भाग निकलती है और बचे हुए इंसानों के ग्रुप को ज्वाइन कर लेती है जो पहाड़ों में छुपे हुए हैं।

फिल्म समीक्षा: दर्शकों को डरा रही है ‘एक थी डायन’

  • राजीव मसंद
Published on Apr 20, 2013 at 14:12 | Updated Apr 20, 2013 at 14:39
0 IBNKhabar

मुंबई। 11 साल पहले विशाल भरद्वाज की पहली फिल्म ‘मकड़ी’ से बेहद अलग, उन्हीं के द्वारा लिखी और प्रोड्यूस की गयी ‘एक थी डायन’ उन्हें फिर एक बार डायनों की दुनिया में घुसते हुए दिखाती है। पर जहां ‘मकड़ी’ एक ओल्ड फैशन कहानी थी, जहां गांव की एक डायन लोगों को जानवरों में बदल देती है, वहीं ‘एक थी डायन’ मॉडर्न वर्ल्ड में सेट एक सुपरनेचुरल थ्रिलर है। फर्स्ट टाइम डायरेक्टर कनन्न अय्यर अपनी फिल्म की कहानी को बहुत ही सहज तरीके से सेट करते हुए अपने नायक बोबो यानी इमरान हाश्मी से मिलवाते हैं जिसके पास सब कुछ है, मैजिशियन के तौर पर सक्सेसफुल करियर, एक सपोर्टिव मंगेतर तमारा यानी हुमा कुरैशी और एक छोटा सा लड़का जिसे वो जल्द ही अडॉप्ट करना चाहते हैं।

सबकुछ होने के बाद भी बोबो को उसकी मरी हुई बहन की आत्मा सताती रहती है। जब वो हिप्पनॉसिस के ज़रिए अपने अतीत में जाता है, तो उसका सामना होता है एक रहस्यमयी औरत डायना यानी कोंकणा सेन शर्मा की यादों से, जिसे बचपन में बोबो और उसकी बहन की देखभाल के लिए रखा गया था। 11 साल के बच्चे का इस अंधेरी दुनिया की ओर झुकाव और उसके डर को अय्यर ने बहुत ही अच्छे तरीके से दिखाया है। जब डायना इनकी ज़िन्दगी में आती है, बोबो को सिर्फ उस क्लू की ज़रूरत है जो उसकी थ्योरी को कन्फर्म कर सके, और कोंकणा भी अपने रहस्यमय किरदार को बखूबी निभाती हैं। वापस वर्तमान में आते हुए जैसे ही लगता है की बोबो ने अपने अतीत को पीछे छोड़ दिया है उसकी ज़िन्दगी में एक और औरत आती है लिसा दत्त यानी कल्कि कोचलिन।

फिल्म समीक्षा: ‘नौटंकी साला’ में नौटंकी के अलावा कुछ नहीं

Published on Apr 13, 2013 at 13:59 | Updated Apr 13, 2013 at 14:46
0 IBNKhabar

मुंबई। रोहन सिप्पी द्वारा निर्देशित ‘नौटंकी साला’ उस कहावत को सार्थक करती है कि अगर आपने किसी की जान बचाई है तो वो आपकी ज़िम्मेदारी बन जाती है। आयुष्मान खुराना, आरपी के किरदार में हैं जो एक नेक दिल थिएटर एक्टर है। एक रात घर लौटते हुए वो किसी को देखता है जो सुसाइड करने की कोशिश कर रहा है और वो उसे रोकता है। बेघर, बेचारा और टूटे दिल वाला यह शख्स है मंदार ली यानी कुणाल रॉय कपूर।

फिल्म समीक्षा:'द कॉल' बनावटी क्लाइमेक्स से बिगड़ी बात

Published on Apr 06, 2013 at 15:50 | Updated Apr 06, 2013 at 17:18
0 IBNKhabar

मुंबई। हैले बैरी स्टारर द कॉल सीधे अपने मुद्दे पर आती है। ये एक शानदार थ्रिलर है जो दर्शकों को इससे जुड़ने में समय बर्बाद नहीं करती। फिल्म की शुरुआत होती है लॉस एंजेलिस पुलिस डिपार्टमेंट के इमरजेंसी कॉल सेंटर में जहां दर्जनों ऑपरेटर फोन लाइंस मैनेज करते हुए परेशान कॉलर्स को शांत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऑफिसर्स को उनका केस सौंप रहे हैं।

जॉर्डन के किरदार में बैरी फोन ऑपरेटर हैं जो एक लड़की से बात कर रही है, जो अपने घर में घुसे एक आदमी की शिकायत कर रही है। जब कॉल डिसकनेक्ट हो जाता है तो जॉर्डन उसे कॉल बैक करती है। इस वजह से उस लड़की का अपहरण हो जाता है और उसका मर्डर हो जाता है। खुद को इस दुर्घटना के लिए ज़िम्मेदार मानते हुए जॉर्डन कॉल फ्लोर से रिटायर हो जाती है और नए ऑपरेटर की इंस्ट्रक्टर बन जाती है।

समीक्षा: 20 साल बाद भी लाजवाब है ‘जुरासिक पार्क 3D’

Published on Apr 06, 2013 at 15:16 | Updated Apr 06, 2013 at 16:02
0 IBNKhabar

मुंबई। जुरासिक पार्क में एक सीन है जो फिल्म इतिहास में छप गया है। आप जानते हैं किस सन के बारे में बात हो रही है। उस सीन की जिसमें कार के डैशबोर्ड पर रखे दो पानी के ग्लास जिसमें कंपन पैदा होती है, जो इस बात का आगाज़ करते हैं कि वो खतरनाक बड़ा सा डायनासोर आ रहा है। ये सीन स्टीवन स्पीलबर्ग की इस मॉन्स्टर मूवी क्लासिक के वही पुराने वर्जन के साथ 3D में और भी डरावना लगता है। इस वीकेंड अपनी 20वीं सालगिराह मनाने के लिए सिनेमाघरों में दुबारा आई है।

यह 3D बनावटी नहीं है। ये बस सिर्फ इस शानदार फिल्म को सेलिब्रेट करने का एक बहाना है। हैरत है कि इसके स्पेशल इफ़ेक्ट 20 साल बाद आज भी लाजवाब लगते हैं। इसके फैन्स इसकी कहानी का हर हिस्सा याद रखेंगे जहां वैज्ञानिक का एक ग्रुप और दो बच्चे एक महत्वाकांक्षी थीम पार्क जैसे आइलैंड में जाते हैं जहां एक अरबपति ने कुछ अजीब डीएनए के ज़रिये प्री हिस्टोरिक डायनासोर को जन्म दिया।





IBN7IBN7
####TWITTER####
ibnliveibnlive

हॉलीवुड

66वे कांस फिल्म फेस्टिवल में इस बार बॉलीवुड सितारे भी खूब चमक बिखेर रहे हैं। यहां विद्या बालन, सोनम कपूर और मल्लिका सहरावत ने भी शिरकत की। इस दौरान इन्होंने फैशन के खूब रंग बिखेरे।
हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलिना जोली ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने शरीर में स्तन कैंसर का खतरा पैदा करने वाले बीआरसीए-1 जीन का पता चलने के बाद अपने दोनों स्तनों को मस्टेक्टॉमी सर्जरी के जरिए निकलवा दिया है।
गायिका जेनिफर लोपेज रूमानी प्रेम के विचार को भुला नहीं पाईं हैं और उन्हें उम्मीद है कि कभी न कभी उनके जीवन में यह पल जरूर आएगा।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

बॉलीवुड

फिल्म निर्माता रतन जैन ने कहा कि फिलहाल 'बाजीगर' का सीक्वल बनाने की उनकी कोई योजना नहीं है। लेकिन शाहरुख के बिना 'बाजीगर' का दूसरा संस्करण बनाने की कल्पना नहीं की जा सकती।
बॉलीवुड में इन दिनों आइटम सॉन्ग का दौर चल रहा है। ऐसे में भला माधुरी दीक्षित कैसे पीछे रह सकती थीं। फिल्म ये जवानी है दीवानी में माधुरी ने रणबीर संग जमकर ठुमके लगाए।
बॉलीवुड अभिनेता अभय देओल अब जल्द ही छोटे पर्दे पर नजर आएंगे। अभय जीटीवी के रिएलिटी कार्यक्रम 'कनेक्टेड हम तुम' में जल्द ही मेजबान के रूप में दिखाई देंगे।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

टीवी

जिया मानिक को आपने कैमरे के आगे एक्टिंग करते हुए देखा है, लेकिन कैमरे के पीछे उनका एक दूसरा ही रूप सामने आता है।
पुनर्विवाह का नया सीजन शुरू होने वाला है। नए सीजन में नए किरदार नजर आएंगे।
बिग बॉस के बंगाली वर्जन में मिथुन चक्रवर्ती नजर आएंगे। वो इस कार्यक्रम को होस्ट करेंगे। जबकि बिग बॉस में सलमान का जलवा था लेकिन बंगला में दिखाए जाने वाले शो में मिथुन नजर आएंगे।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

कंट्रोवर्सी

दिमित्रीचेको ने बताया कि उन्होंने ही फिलिन के चेहरे पर तेजाब फेंका था लेकिन वो नहीं जानते थे कि मामला इस हद तक बिगड़ जाएगा।
सनी लियोन के बलात्कार पर दिए गए विवादास्पद बयान पर भोजपुरी अदाकार कमाल आर खान ने उनको कोर्ट में घसीटने का फैसला किया है।
फिल्म निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट का मानना है कि अभिनेता और निर्देशक कमल हासन सरकारी आतंकवाद के शिकार हुए हैं।
ibnliveibnlive
ibnliveibnlive

इंटरव्यू

रणवीर सिंह की फिल्म 'लुटेरा' जल्द ही रिलीज होने वाली है, इस फिल्म में रणवीर एक अलग ही किरदार में नजर आएंगे
आईबीएन-7 के खास शो राजीव मसंद की पसंद में विकी डोनर से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत करनेवाले आयुष्मान खुराना से खास मुलाकात।
कहते हैं जब एक डायन की नजर किसी पर पड़ती है तो उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। लेकिन यहां तीन डायनों पर इमरान हाशमी की नजर पड़ गई है।
ibnliveibnlive