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रिव्यू: मजेदार फिल्म है सोनम की 'डॉली की डोली'

  • राजीव मसंद
Published on Jan 24, 2015 at 08:36 | Updated Jan 24, 2015 at 15:33
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मुंबई। करीब 100 मिनट की फिल्म ‘डॉली की डॉली’ किसी भी हिन्दुस्तानी शादी से छोटी है। जो असल में इस फिल्म में ड्रामा और कॉमेडी दोनों ही लाती है। डॉली के किरदार में सोनम केपर एक मांझी हुई कॉन आर्टिस्ट हैं। जो नौजवान लड़कों को अपने प्यार में फंसती हैं, उनसे शादी करती हैं और फिर शादी की रात उन्हें नशे की दवा देकर, उनके पैसे लेकर रफू चक्कर हो जाती हैं। वो एक ऐसे गैंग का हिस्सा हैं जो उसका परिवार बनता है और लोगों को बेवकूफ़ बनाने में डॉली की मदद करता है।

इस चक्कर में डॉली कई लोगों के दिल तोड़ देती है और कई लोगों को शर्मिंदा छोड़ जाती है, जिनमें से एक है हरयाणा का गन्ना किसान सोनू शेखावत यानी राजकुमार राव, जो डॉली को वापस लाने का मन बना लेता है। आखिरकार पुलीस भी हरकत में आती है, और केस सौंपा जाता है एक नौजवान पुलीस ऑफीसर रॉबिन सिंग यानी पुलकित सम्राट को, जो हमें बाद में पता चलता है, अपने ही कुछ काराणों से डॉली को ढूंडना चाहता है। ये एक दिलचस्प प्रेमिस है और डाइरेक्टर अभिषेक डोगरा, चीजों को हल्का फुल्का ही रखते हैं, फिल्म के सीरीयस सीन्स में भी हंसी लाते हुए यहां पूरी लाइमलाइट चुराते हैं। राजकुमार राव , एक सख्त जाट जिसका दिल बहुत ही नाजुक है।

रिव्यू: धड़कन रोक देंगे 'बेबी' के ऐक्शन सीन्स

  • राजीव मसंद
Published on Jan 24, 2015 at 07:57 | Updated Jan 24, 2015 at 15:32
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मुंबई। ‘ज़ीरो डार्क थर्टीट से स्ट्रक्चर, ‘अर्गो’ से क्लाइमॅक्स, निखिल आडवाणी की ‘द-डे’ से इंटेंशन और कहीं कहीं पर स्टेंडर्ड बोलीवुज बी- मूवी की टोन उधार लेते हुए, नीरज पांडे द्वारा निर्देशित 'बेबी', इन सभी से प्रेरित किसी खिचड़ी की तरह है जिसका नतीजा भी अनइवन ही है। अजय के किरदार में अक्षय कुमार, देश में आतंकवाद को रोकने वाली ‘बेबी’ नाम की अंडरकवर काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट का एक स्किल्ड एजेंट हैं। जब हिन्दुस्तान में सज़ा काट रहा आतंकवादी बिलाल यानी के के मैनन जेल से फरार हो जाता है और ये साफ हो जाता है कि पाकिस्तान का लश्कर ग्रुप एक बड़े आतंकवादी हमले की तैयारी कर रहा है, उस हमले से देश को बचाने की ज़िम्मेदारी अजय और उसकी टीम पर सौंपी जाती है।

इस मिशन के दौरान अजय तुर्की, मुंबई, नई दिल्ली, नेपाल और मिड्ल ईस्ट में दौड़ता फिरता है जहां वो अकेले ही को देशद्रोहियों को ढूंड निकालता है, टेरर प्लांस को खत्म कर देता है और आच्छे ख़ासे ऐक्शन सीन्स के साथ बुरे लोगों को मार गिराता है। अफ़सोस नीरज पांडे हमें शुरुआती फर्स्ट हाफ में कहीं कहीं पर बोर करते हैं क्योंकि फिल्म का यह हिस्सा कुछ ज़्यादा ही खींचा हुआ है।

मूवी रिव्यू: झकझोर देगी ‘अमेरिकन स्नाइपर’

  • राजीव मसंद
Published on Jan 18, 2015 at 11:20 | Updated Jan 18, 2015 at 13:06
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मुंबई। क्लिंट ईस्टवुड की नई फिल्म ‘अमेरिकन स्नाइपर’ में ब्रेड्ली कूपर की परफॉर्मेंस इतनी शानदार है कि वो लंबे समय तक आपके साथ रहेगी।

नेवी सील क्रिस काइल की जिंदगी पर आधारित इस फिल्म में कूपर मुख्या किरदार में हैं। ये एक ऐसी परफॉर्मेंस है जो लंबी चुप्पी और अंदरूनी मतभेद को बिना किसी सेंटिमेंटेलिटी या मेलोड्रामा के साथ दिखती है। टेक्सन रोडीयो राइडर काइल जिसने चार साल तक इराक में ड्यूटी की थी, वो उस मिलिटरी के इतिहास का सबसे खतरनाक स्नाइपर के नाम से जाना जाता है, जिसने कुछ 160 दुश्मनों को मार गिराया है।

रिव्यू: देखने लायक फिल्म है 'द थ्योरी ऑफ...'

  • राजीव मसंद
Published on Jan 18, 2015 at 10:54 | Updated Jan 18, 2015 at 17:02
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मुुंबई। ‘द थियोरी ऑफ एवरिथिंग’ एक एक्सट्रॉऑर्डिनरी लाइफ पर बनी ऑर्डीनरी फिल्म है। डाइरेक्टर जेम्स मार्श इतिहास की एक बेहद शानदार शक्सियत। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है हॉकिंग के किरदार में एड्डी रेडमेने का लाजवाब अभिनय, जो मिड 1960 में केंब्रिड्ज में केर्फ्री यंग स्टूडेंट से एक वर्ल्ड क्लास थिंकर बनते हैं। यह इसके बावजूद की उनका शरीर न्यूरोमस्क्युलर डिसीज की वजह से कमजोर होता चला जा रहा है। और आखिर वो वीलचेयर में बैठ सिर्फ कंप्यूटर एनेबल्ड वॉयस के जरिए बात कर सकते हैं।

साफ तौर पर एक करियर स्टोरी से ज़्यादा एक मॅरिटल ड्रामा, यह फिल्म हॉकिंग की लिटरेचर स्टूडेंट जाने वाइल्ड यानी फेलिसिटी जोन्स से उनकी पहली शादी और हॉकिंग की बीमारी के बावजूद उनके प्रति जाने वाइल्ड की लॉएल्टी पर फोकस करती है। बेहतरीन अभिनय के साथ अच्छे से बनाई गई इस फिल्म की सबसे बड़ी कमी है की वो बारीकियों में जाने की कोशिश नहीं करती।

फिल्म समीक्षा: ‘अलोन’ में छिपी है ब्लैक कॉमेडी

Published on Jan 18, 2015 at 10:44 | Updated Jan 18, 2015 at 12:59
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मुंबई। चीखों से भारी हॉरर फिल्म ‘अलोन’ के नीचे कहीं छिपी है एक ब्लैक कॉमेडी। जरा सोचिए दो कॉनजॉएंड यानी की जुड़ी हुई जुड़वा बहनों में से एक अपनी दूसरी बहन से अलग होना चाहती है, क्योंकि वो अपने बॉयफ्रेंड के साथ कुछ प्राइवेट समय बिताना चाहती है।

अफसोस की बात है की यह चीज इस हॉरर फिल्म में ठीक नहीं बैठती जो दो इंसानो और एक भूत के बीच लव ट्राएंगल की कहानी बताती है। संजना यानी बिपाशा बसु को उसकी मरी हुई जुड़वा बहन अंजना का भूत सताने लगता है जब वो अपनी मां यानी नीना गुप्ता की बीमारी के बाद केरला अपने घर आ जाती है।

मूवी रिव्यू: ज्यादातर हिस्सों में मजेदार है 'आई'

  • राजीव मसंद
Published on Jan 18, 2015 at 10:11 | Updated Jan 18, 2015 at 13:51
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मुंबई। तमिल डायरेक्टर शंकर की चर्चित रोमेंटिक थ्रिलर ‘आई’ उनके एंबिशन को दर्शाती हुई फिल्म है जो कहीं ना कहीं फिल्ममेकर की खुद की वजह से मार भी खाती है। तीन घंटे 6 मिनट लंबी यह फिल्म ‘आई’ चेन्नई के सीसी नगर के लोकल बॉडीबिल्डर लिंगेसन यानी विक्रम की कहानी है, जो मिस्टर तमिलनाडु का खिताब जीतने के बाद सुपरमॉडल दीया यानी एमी जैकसन का दिल जीतता है जिससे वो लंबे समय से प्यार करता है। इस कहानी के प्रिडिक्टबल रोमेंटिक एंगल तक क्लाइमॅक्स तक पहुंचने से पहले, ‘आई’ अपने पहले घंटे में बेहद मजेदार है।

एक सीन में हमारे हीरो और कुछ मसलमैन के बीच लड़ाई के दौरान, लिंगेसन बहुत ही आराम से एक आइरन रौड के दोनों एंड्स पर दो दुश्मनों को बहुत ही आसानी से उठा लेता है। प्यार में पड़े हमारे हीरो पर फिल्माए गए एक गाने में कुछ बढ़िया स्पेशल इफैक्ट्स के जरिए हिरोइन के प्रति उनका ऑब्सेशन भी लाजवाब तरीके से दिखाया गया है। पर ये सब फिल्म की असल कहानी की बस उपरी परत है असल में ये एक बदले की कहानी है।

रिव्यू: 'पैडिंगटन' एक प्यारी फिल्म, इसे मिस न करें

  • राजीव मसंद
Published on Jan 18, 2015 at 10:04 | Updated Jan 18, 2015 at 13:04
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मुंबई। सभी बेहतरीन चिल्ड्रन फिल्म्स के जैसे ही 'पेडिंगटन’ भी क्लेवर है, फनी है और ये बच्चों के साथ साथ बड़ों को भी पसंद आएगी। माइकल बॉन्ड की मशहूर चिल्ड्रेन'स बुक्स पर आधारित, मार्मलेड का शौकीन, बात करने वाले छोटे से बीयर की ये कहानी, स्लॅप्सटिक भी है, विटी भी है और हमेशा एंटरटेनिंग भी। दर दराज़ पेरू से लंडन आए हमारे फरी हीरो का यहां ना तो कोई दोस्त है और ना ही उसके पास रहने के लिए कोई जगह।

एक मिडिल क्लास परिवार, ब्राउन्स ना चाहते हुए भी उसे अपने घर में रहने की जगह देते हैं, और उसके बाद ज़ाहिर तौर पर कुछ मुश्किल सिचुएशन्स खड़ी हो जाती हैं। मिस्टर ब्राउन यानी ह्यू बोनविले अपने इस नए मेहमान के साथ हमेशा चिड़ा हुआ रहता है, पर उसकी बीवी यानी सैली हॉकिन्स जल्द ही उससे घुल मिल जाती है, और उनके दोनों बच्चे भी उनका साथ देते हैं। वहीं शैतान टॅक्सिडर्मिस्ट के तौर पर निकोल किड्मन इस बीयर को चुरा कर और स्टफ करके म्यूजीयम में रखना चाहती है।

फिल्म समीक्षा: बोरिंग फिल्म है 'टेकन 3'

  • राजीव मसंद
Published on Jan 10, 2015 at 16:03 | Updated Jan 11, 2015 at 09:18
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मुंबई। अपनी फिल्म को प्रमोट करते वक्त हाल ही में एक इंटरव्यू में लीयम नीसन ने कहा था कि ‘टेकन 3’ में अगर कोई किडनैप होता तो वो हमारे लिए इनसल्टिंग होता। साफतौर पर इस एक्शन को फ्रैंचाइज के बासठ साल के स्टार को पता है ये फिल्में कितनी बकवास होती चली जा रही हैं। 2008 की सरप्राइज हिट ‘टेकन’ में पेरिस में अल्बेनियन सेक्स ट्रॅफिकर्स द्वारा किडनैप हुई अपनी बेटी को बचाने के बाद उस फिल्म की 2012 की सीक्वल में एक्स-सीआईए ऑपरेटिव ब्रयान मिल्स यानी की नीसन, उन किडनैपर्स का पीछा करता है जो इस्तांबुल में उसकी पत्नी को उठा लेते हैं।

अब इस तीसरी फिल्म में यहां हम व्यूवर्स हैं जिनका दिमाग जैसे किडनैप किया गया है। फिल्म के कमजोर प्लॉट में देखा जाए तो कोई सस्पेंस नहीं है, जो तब जोर पकड़ता है जब मिल्स को अपनी एक्स-वाइफ लेनोरे यानी फैम्के जॉनसन की हत्या के इल्जाम में फंसाया जाता है। जाहिरतौर पर अब वो पुलिस से भाग रहा है और असल हत्यारे का पता करने की कोशिश कर रहा है। उसके बाद आती है कई सारी कार-चेस सींस और खूब सारे शूटआउट्स जो आपके कान के पर्दे फाड़ देंगे।

फिल्म समीक्षा: आपको बांधे रखेगी ‘बिग आईज’

  • राजीव मसंद
Published on Jan 10, 2015 at 15:00
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मुंबई। ‘बिग आईज’ में डायरेक्टर टिम बूर्तो के सिग्नेचर एलिमेंट्स की झलक कम ही मिलती है। ना जॉनी डैप या हेलेना बॉन्हम कार्टर ना कोई डार्क गॉतिक स्टाइलिंग और न ही कोई क्रीपी मॉन्सटर्स। पर फिर भी एक फ्रॉड और एक औरत पर दबाव की ये सच्ची कहानी डायरेक्टर की 2003 की ‘बिग फिश’ के बाद अब तक की उनकी सबसे एंटरटेनिंग फिल्म है।

मार्गरेट के किरदार में खूबसूरत एमी एडम्स स्ट्रग्लिंग सिंगल मदर हैं जो 1958 में अपनी बेटी के साथ सैन फ्रांसिस्को आती है, प्रोफेशनल आर्टिस्ट बनने के अपने सपने को पूरा करने की उम्मीद में। अपनी बेटी को खोने के डर से वो वॉल्टर कीन यानी क्रिस्टोफ वॉल्ट्ज के साथ शादी कर लेती हैं। एक चार्मिंग स्मूद-टॉकर जो उसकी पेंटिंग्स को बेचने में उसकी मदद करने की बात करता है। लेकिन जल्द ही वो उसके काम का श्रेय खुद लेने के लिए भी उसे मना लेता है, और जैसे ही पेंटिंग्स पूरे अमेरिका में मशहूर होने लगती हैं, वो उन्हें अपने नाम से प्रमोट करके एक बड़ा एंपायर खड़ा कर देता है।

फिल्म समीक्षा: थका देने वाली फिल्म है 'तेवर'

  • राजीव मसंद
Published on Jan 10, 2015 at 14:31 | Updated Jan 10, 2015 at 14:52
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मुंबई। अर्जुन कपूर और सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म ‘तेवर’ बेहद थका देने वाली फिल्म है। एक ऐसी फिल्म जिसे देख आपको लगेगा कि आप कोई मैराथन दौड़ कर आ रहे हैं पर फिनिशिंग लाइन तक पहुंचने की कोई खुशी नहीं होगी। ये फिल्म मॉर्थ इंडिया में ऐसी जगह में सेट है जहां कोई कानून काम नहीं करता और जिसमें एक नौजवान जोड़ा, फिल्म के विलेन से भागता फिर रहा है। खून खराबे से भरपूर ‘तेवर’ उन 80 के फॉर्मूलों पर बनी और तेलेगु फिल्म की रीमेक है।

इस फिल्म का असल प्लॉट फिल्म शुरू होने के करीब एक घंटे बाद आता है। ये एक ऐसी कहानी है जो हर मोड़ पर जानी पहचानी लगती है इसमे ऐसे किरदार हैं जिनकी हर बात का पहले ही पता लगाया जा सकता है और खूब सारे गाने जो फिल्म की कहानी को जबरदस्ती खींचते हैं और हां ये सब 2 घंटे 40 मिनट तक चलता है।





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हॉलीवुड

निकोल बताती हैं कि कुछ सालों पहले उन्हें एक खतरनाक शौक की लत लग गई थी। निकोल सांपों के साथ पार्टी करती थी। घर में मेहमान भरे रहते थे और लॉन में निकोल सापों का जमघट लगाकर रखती थीं
हॉलीवुड के गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में जब हॉलीवुड हसीनाएं रेड कार्पेट पर पहुंची तो उन्हें देखकर हर कोई हैरान रह गया। देखें वीडियो।
वेबसाइट 'वेराइटी डॉट कॉम' के अनुसार यह विवादास्पद फिल्म क्रिसमस से अब तक टॉप डाउनलोड फिल्म के रूप में सूचीबद्ध की गई है।
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बॉलीवुड

रणबीर कटरीना अलग हो गए हैं। रणबीर की वजह से डिप्रेशन में गईं दीपिका ने चैन की सांस तब ली होगी जब उनको पता चल होगा कि कटरीना को कश्मीर में कैद कर लिया गया है।
महानायक अमिताभ बच्चन कई फिल्मों में छात्र के रूप में रोमांस करते दिखे हैं। असल जिंदगी में भी रोमांस से उनका परिचय तब हुआ, जब वह छात्र थे।
अभिनेता-गायक आयुष्मान खुराना की फिल्म 'हवाईजादा' उत्तर प्रदेश में रिलीज से पहले ही कर मुक्त कर दी गई है। फिल्म 30 जनवरी को रिलीज होगी।
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टीवी

बिग बॉस हल्ला बोल के सरप्राइज एलिमिनेशन में कल घर की ‘ड्रामा क्वीन’ संभावना सेठ बाहर हो गईं। घर में रहकर धमाके करना वाली संभावना घर से बाहर भी धमाकेदार तरीके से हुईं।
बिग बॉस के अंतिम पड़ाव में अब संभावना सेठ और डिंपी के बीच झगड़े बढ़ते जा रहे हैं। बिग बॉस के 25 लाख रुपए के लिए दिए गए टास्क के दौरान डिंपी और संभावना का झगड़ा हो गया।
राहुल महाजन का कहना है कि वह और डिंपी सिर्फ दोस्त हैं। राहुल महाजन ने रिएलिटी शो बिग बॉस हल्ला बोल में हिस्सा लिया था और अब वह शो से बेदखल हो गये हैं।
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कंट्रोवर्सी

राखी सावंत की दोस्त ने गुरुवार रात एक फिल्म की म्यूजिक लांच के दौरान स्टेज पर ही फिल्म निर्माता को थप्पड़ मार दिया।
स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में गिरफ्तार किए गए राजस्थान रॉयल्स और केरल के तेज गेंदबाज शांतकुमारन श्रीशांत के जीवन पर मलयालम में फिल्म बन सकती है।
दिमित्रीचेको ने बताया कि उन्होंने ही फिलिन के चेहरे पर तेजाब फेंका था लेकिन वो नहीं जानते थे कि मामला इस हद तक बिगड़ जाएगा।
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इंटरव्यू

अपनी फिल्म मैसेंजर ऑफ गॉड को लेकर बाबा राम रहीम इन दिनों चर्चा में हैं। आईबीएन7 से खास बातचीत में राम रहीम ने कहा कि उनकी फिल्म ड्रग माफिया के खिलाफ है। देखें वीडियो।
बॉलीवुड अभिनेत्री बिपाशा एक बार फिर एक हॉरर फिल्म में नजर आएंगी। बिपाशा की फिल्म ‘अलोन’ जल्द ही रिलीज हो रही है। इस फिल्म में बिपाशा के अपोजिट करण सिंह ग्रोवर हैं।
बोनी कपूर की फिल्म ‘तेवर’ जल्द ही रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में पहली बार अर्जुन कपूर अपने पिता के साथ काम कर रहे हैं।
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