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समीक्षा फिल्म: बोरिंग फिल्म है‘सेक्स टेप’

  • राजीव मसंद
Published on Oct 18, 2014 at 15:31
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मुंबई। इस हफ्ते रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म ‘सेक्स टेप’। कुछ ही हफ्तों पहले, ऑस्कर विजेता जेनिफर लॉरेंस सहित कई फीमेल सेलिब्रिटीज को मोबाइल फोन्स हैक हुए और उनके प्राइवेट पिक्चर्स इंटरनेट पर लीक हुए पाए गए। हैरानी की बात नहीं की उस घटना पर जिसने भी कमेंट किया, उनमें से एक कॉमन रिएक्शन कुछ ऐसा था कि अपने नंगे फोटो को लीक होते देखना नहीं चाहते, तो अपने नंगे फोटो मत लो, मुझे याद है मैंने सोचा था, कि कितना इंसेन्सिटिव है ये कमेंट। उन लड़कियों ने सोचा भी नहीं होगा की उनके फोटोग्राफ्स इस तरह से वायरल हो जाएंगे। वो सिर्फ इस चोरी की शिकार हुई।

पर मुझे ‘सेक्स टेप’ के प्रोटागोनिस्ट के लिए जरा भी बुरा नहीं लगता, हालांकि वो भी कुछ ऐसी ही स्थिति में फंस जाते हैं, जब उनका सेक्स फुटेज लीक हो जाता है। क्योंकि, मान ही लीजिए, की अगर उन्होंने ये वीडियो नहीं बनाया होता, तो हमें इस फिल्म को झेलना नहीं पड़ता।

फिल्म समीक्षा: कमजोर फिल्म है 'सोनाली केबल'

  • राजीव मसंद
Published on Oct 18, 2014 at 13:50 | Updated Oct 18, 2014 at 16:27
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मुंबई। इस हफ्ते रीलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘सोनाली केबल’। बिल्डिंग की छतों पर उलझे हुए वायर्स को जोड़ती हुई और टूटे कनेक्शन को ठीक करती हुई, सोनाली टंडेल यानी रेहा चक्रवर्ती ‘सोनाली केबल’ की प्रोटागोनिस्ट एक मेहनती और सेल्फ मेड इंटरप्रेन्योर है। जिसका लोकल इंटरनेट ऑपरेशन वर्ली विलेज के आधे से ज्यादा इलाके में चलता है। पर वो तब मुश्किल में पड़ जाती है, जब एक बढ़ी कॉपरेट कंपनी उसके छोटे से बिजनेस को डुबाने पर टीक जाती है, क्योंकि वो कंपनी बहुत तेजी से शहर में अपनी ब्रॉडबैंड फूटप्रिंट फैला रही है।

रायटर और डायरेक्टर चारुदत्त आचार्य लालची लाखपति उद्योगपति यानी अनुपम खेर के कपटी पोलिसियंस, भ्रष्ट पुलिस अफसर और लोकल माफिया के साथ कनेक्शन्स दिखाने के लिए बहुत ज्यादा ही सिंप्लिस्टिक क्लिचेस का इस्तेमाल करते हैं। इस फिल्म का प्लॉट प्रीडिक्टेबल और खिंचा हुआ है, और इसका अनोखा प्रीमाइज भी एक सुविधाजनक समाधान के साथ वेस्ट किया जाता है।

फिल्म समीक्षा: और बेहतर हो सकती थी ‘द जज’

  • राजीव मसंद
Published on Oct 18, 2014 at 12:11 | Updated Oct 18, 2014 at 14:52
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नई दिल्ली। रॉबर्ट डाउने जूनियर की नई फिल्म ‘द जज’ जो उन्होंने प्रोड्यूज भी की है एक ऐसी फिल्म है जो कुछ री राईट्स के बाद शायद अच्छा काम करती। ये एक सिंपल सी कहानी है पर इसके खूब सारे सबप्लॉट्स और डिस्ट्रैक्शन फिल्म के मेन ड्रामा को कम कर देते हैं। रॉबर्ट डाउने हंक पालमर के किरदार में हैं जो एक घमंडी डिफैंस लॉयर हैं। एक ऐसा आदमी जिसके चहरे पर अकड़ साफ झलकती है। जब उसकी मां गुजर जाती है, वो रूरल इंडिया में अपने बचपन के घर में 20 साल बाद लौटता है। पर उसके पिता यानी रॉबर्ट डुवाल के साथ उसका रिश्ता अब भी खराब है। जो उस शहर के जाने मानें जज हैं।

ये टिपिकल जिद्दी पिता और बेटे के बीच के पारिवारिक झगड़ों की कहानी है। पर इसके राइटर इसमें करीब आधा दर्जन कॉनफ्लिक्ट्स डाल देते हैं। इन सबके बीच उस बुजुर्ग पिता पर हत्या का आरोप लगता है, और फिल्म की यही कड़ी एक कोर्टरूम थ्रिलर के तौर पर खुलती है। जब हंक अपने पिता के बचाव में उनका लॉयर बनता है। फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा है वो जिसमें पालमर और उसके पिता के बीच टेंशन पर फोकस है, खासतौर पर डुवल की लाजवाब परफॉरमेंस।

मूवी रिव्यू: आपको निराश नहीं करेगी 'व्हॉट इफ'

  • राजीव मसंद
Published on Oct 18, 2014 at 12:11 | Updated Oct 19, 2014 at 08:08
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नई दिल्ली। फिल्म ‘व्हॉट इफ’ में वैलेस के किरदार में डैनियल रैडक्लिफ एक मैडिकल ड्रॉप आउट हैं। जिसकी मुलाकात चैंट्री यानी जो कज़ान से एक हाउस पार्टी के दौरान होती है। इन दोनों के बीच की इंस्टेंट कैमिस्ट्री आप मिस नहीं कर पाएंगे। पर उस रात जब वो दोनों चैंट्री के घर वॉक करते हुए जा रहे होते हैं तो वो बताती है कि उसका बॉयफ्रैंड है। वैलेस खुश तो नहीं है लेकिन वो उसका दोस्त बनने के लिए तैयार हो जाता है।

जल्दी ही दोनों घूमने जा रहे हैं दोनों के बीच डेट भी हो रही है। दोनों की ये दोस्ती आपको सोचने पर मजबूर कर देगी के क्या ये दोस्ती टिकेगी, या हर्टब्रेक में खत्म होगी। इस फिल्म में काफी फ्रैशनेस है। जो इसके लीड पेयर लेकर आते हैं जो एक आदमी और एक आम औरत की तरह दिखते हैं। बस यहां से शुरु होती है ‘व्हॉट इफ’ की दिलचस्प कहानी की शुरुआत पूरी कहानी के बारे में जानने के लिए वीडियो देखें।

मूवी रिव्यू: आपके रोंगटे खड़े कर देगी ‘ऐनाबेले’

  • राजीव मसंद
Published on Oct 11, 2014 at 11:37 | Updated Oct 11, 2014 at 14:25
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मुंबई। फिल्म ‘ऐनाबेले’ में एक नौजवान शादीशुदा जोड़े के किरदार में है जॉन और मिया यानी वॉर्ड हॉर्टन और ऐनाबेले वालिस जिनके घर में एक रात कुछ शैतानी लोग दाखिल हो जाते हैं। इन लोगों का खात्मा तो हो जाता है पर उससे पहले उनमें से एक का खून उस बदसूरत गुड़िया पर गिर जाता है, जो जॉन ने अपनी पत्नी को दी थी अपने आने वाले बच्चे की खुशी में। आखिर एक प्रेग्नेंट औरत इतनी बदसूरत गुड़िया तोहफे में क्यूं लेगी इसका जवाब तो नहीं मिलता हमें इस ओल्ड स्कोल्ड हॉरर फिल्म में, जो डर पैदा करने के लिए सन्नाटा और टेंशन भरा मूड इस्तेमाल करती है।

मजबूत, सॉलिड अभिनय से भरपूर फिल्म है 'हैदर'

  • राजीव मसंद
Published on Oct 03, 2014 at 17:08 | Updated Oct 05, 2014 at 20:33
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मुंबई। एक खास ओपेरा जैसी क्वालिटी है फिल्म हैदर में जिसे निर्देशक विशाल भारद्वाज ने शूट किया है कश्मीर में, जिसे धरती पर स्वर्ग का दर्जा दिया गया है। फिल्म में 90 के दशक का वो दौर दिखाया गया है जब कश्मीर आतंकवाद से बुरी तरह से जूझ रहा था। आतंकवादियों और अलगाववादियों का दो दशकों से चल रहा सेना से विरोध इस कहानी के लिए एक शक्तिशाली प्लॉट है। लेकिन भारद्वाज ऐसे निर्देशक नहीं हैं जो अपनी फिल्म में लोकेशन को किसी सजावट के सामान या वॉलपेपर की तरह इस्तेमाल करें। वो हमें एक अलग पहलू दिखाते हैं, जैसे कि लोकल कश्मीरियों की पहचान का संकट या आर्मी कैंप में अलगाववादियों और संदिग्धों पर हो रहा अत्याचार। ये इस निर्देशक की अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक फिल्म है। इस अस्थिर दुनिया के बीचोबीच उन्होंने इस कहानी के हीरो को जगह दी है। हैदर यानी कि शाहिद कपूर यूनीवर्सिटी में पढ़ने वाला नौजवान छात्र है। वो श्रीनगर में अपने घर लौटता है जब उसे ये खबर मिलती है कि उसके पिता जिन्हें आर्मी ने अपनी गिरफ्त में लिया था, वो कहीं गायब हो गए हैं। वो और दुखी हो जाता है जब उसे ये पता चलता है कि उसकी मां गजाला यानी कि तब्बू अपना रिश्ता उसके चाचा खुर्रम यानी कि के के मेनन से जोड़ चुकी है। जब हैदर को अपने पिता की मौत की असली वजह पता चलती है तो वो बहुत दुख और क्रोध में डूब जाता है। भारद्वाज और उनके सहलेखक पत्रकार वशारत पीर एक ऐसी दुनिया पेश करते हैं जो मानो बदले और ट्रैजिडी का कैनवास है। ऑर्केस्ट्रा के कंडक्टर की तरह भारद्वाज अपने इंस्ट्रूमेंट का बेहतर इस्तेमाल करते हैं जैसे कि कैमरा, म्यूजिक, प्रोडक्शन डिजाइन, जो मिलकर इस मूडी ड्रामा को शानदार रूप दे देते हैं। फिल्म को और फायदा मिलता है इसकी लाजवाब कास्ट से, जिसमें के के मेनन घिनौने खुर्रम के रोल में एक दम सही लगते हैं, श्रद्धा कपूर अपनी आंखों से बहुत कुछ कह देने वाली अर्शिया के किरदार में हैं जो अपने परिवार के दबाव और अपने बचपन के प्यार हैदर के बीच फंसी हुई हैं।

ज्यादा डायलॉग ना बोलने के बावजूद इरफान खान फिल्म में अपनी छाप छोड़ते हैं। वो एक रहस्यमयी अजनबी के रूप में हैदर तक एक अहम संदेश पहुंचाते हैं और हैदर के रोल में शाहिद कपूर अपने करियर की सबसे मजबूत परफोरमेंस देते हैं। वो एक लाचार युवक से दुखी और दुखी से एक ऐसे शख्स बन जाते हैं जिसपर बदला लेने का जुनून सवार हो। पर फिल्म का पूरा श्रेय जाता है तब्बू को जो अपने किरदार में दर्द से भरी अतिसंवेदनशीलता लाती हैं। इस किरदार में वो नाजुकता और दिल को तोड़ने वाली फील लाती हैं और वहीं भारद्वाज भी इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। ऐसी फिल्म जो इतने संघर्षपूर्ण दुनिया में सेट है, आप यकीन नहीं करेंगे उस फिल्म में कुछ डार्क ह्यूमर भी है जैसे कि भारद्वाज हमें सलमान नाम के दो मुखबिरों से मिलवाते हैं जो सलमान खान के बहुत बड़े फैन हैं। फिल्म में कब्र खोदने वालों की एक चौकड़ी पर एक गाना भी फिल्माया गया है। अगर फिल्म में इतना कुछ है तो ताज्जुब की बात नहीं है कि आपको फिल्म बहुत लंबी लगेगी। और लगती भी है। दो घंटे 41 मिनट की ये फिल्म हमें कई पात्रों और उनसे जुड़ी कहानियों से मिलवाती है। पर अंत में वो कुछ कहानियों को अधूरा ही छोड़ देती है। ऐसी कुछ छोटी कमियों को अनदेखा कर दिया जाए तो हैदर एक सुंदर और थ्रिलिंग फिल्म है जो बेहिचक कश्मीर समस्या पर सच्चा नजरिया पेश करती है। इस फिल्म की पेस सबके लिए शायद काम न करे पर ये बहुत ही मजबूत, सॉलिड अभिनय से भरपूर फिल्म है जो आपका टाइम डिजर्व करती है। मैं इसे पांच मैं से साढ़े तीन स्टार देता हूं।

समीक्षा:कैसी है ऋतिक-कटरीना की बैंग-बैंग?

  • राजीव मसंद
Published on Oct 03, 2014 at 16:59 | Updated Oct 05, 2014 at 19:52
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मुंबई। बैंग बैंग में हैं दो खूबसूरत एक्टर, कुछ चौंका देने वाले स्टंट, खूबसूरत लोकेशन और कुछ अच्छे गाने। कोई फालतू निर्देशक ही ऐसे मसाले के साथ खराब फिल्म बना सकता है। फिल्म के पहले 10 मिनट में एम16 के लंदन स्थित हेडक्वार्टर में आतंकवादी घुसकर एक मोस्ट वांटेड आतंकी को आजाद कराते हैं और एक बहादुर अफसर की हत्या कर देते हैं। अगर आपने कभी कोई जेम्स बॉन्ड की फिल्म देखी होगी तो आपको पता होगा कि ये पूरी जगह सीक्रेट सर्विस एजेंट से भरी होती है। शायद ये सभी लोग लंच करने गए होंगे जब ये सब हो रहा था। जाहिर है ये फिल्म देखते वक्त आप रियलिटी की उम्मीद नहीं कर सकते।

अब होती है कटरीना कैफ के कैरेक्टर की एंट्री। अगर आप ये बात पचा सकते हैं कि कटरीना शिमला में एक बोरिंग रिसेप्शनिस्ट का काम करती हैं जो अपनी लाइफ मजेदार बनाने के लिए एक ऑनलाइन डेटिंग साइट पर जाती हैं तो आप शायद उन लोगों में से हैं जिन्हें लगता है कि सैंटा क्लॉस भी रियल है। बैंग बैंग टॉम क्रूज और कैमरॉन डियाज की एक साधारण सी फिल्म नाइट एंड डे की रिमेक है और ये एक एक्शन पैक्ड फिल्म है, जिसका मतलब है कि इसकी कोई खास कहानी नहीं है। रितिक रोशन का किरदार राजवीर जो कि एक चोर है और उसने कोहिनूर हीरे की चोरी की है। वो पुलिस और बहुबलियों से बचकर भाग रहा होता है, जब उसकी मुलाकात होती है हरलीन यानी कटरीना से और वो भी अंजाने में राजवीर के इस पूरी दुनिया के चक्कर लगाने के मिशन का हिस्सा बन जाती है।

फिल्म में रितिक और कटरीना की केमिस्ट्री कुछ खास नहीं दिखेगी। इस जोड़ी ने जोया अख्तर की फिल्म जिंदगी न मिलेगी दोबारा में बेहतरीन काम किया था लेकिन इस फिल्म में दोनों के बीच वो स्पार्क नहीं दिखा। दोनों एक्टर इस फिल्म में बड़े ही खूबसूरत दिखेंगे, खासकर रितिक जिनकी बॉडी और एब्स दिखाने का मौका निर्देशक ने कहीं नहीं छोड़ा है। कटरीना फिल्म में एक मूर्ख लड़की के किरदार में दिखेंगी। निर्देशक सिद्धार्थ आनंद जिन्होंने तारा रम पम और अंजाना अंजानी जैसी फिल्में बनाईं, उन्होंने एक बार फिर हमें एक फालतू फिल्म दी है। फिल्म में कुछ भी नया नहीं है। इसकी कहानी भी बेजान है और फिल्म के हर ट्विस्ट का आप पहले से अंदाज लगा लेंगे।

समीक्षा: बेचैन कर देगी ‘डिलीवर अस फ्रॉम एविल’

  • राजीव मसंद
Published on Sep 27, 2014 at 15:06 | Updated Sep 27, 2014 at 15:34
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मुंबई। ‘डिलीवर अस फ्रॉम एविल’ सच्ची घटनाओं पर आधारित एक ऐसी फिल्म है जिसे देखकर आप सोच में पड़ जाएंगे कि क्या ऐसा सच में होता है। डायरेक्टर स्टॉक डैरिक्शन ने पहले एक घंटे तक डराने के लिए हर फॉर्मूले का इस्तेमाल किया है। जैसे कि चमकादड़, सहमे डरे बच्चे, और घूरती चीखती बिल्लियां। लेकिन की ये सब चीजें भी इस फिल्म को प्रेडिक्टिबिलिटी से बचा नहीं पाएंगी और आप अंदाजा लगा लेंगे के फिल्म में आगे क्या होने वाला है। हालांकि इस फिल्म का क्लाइमेक्स काफी अच्छा है। मैं इस फिल्म को पांच में से दो स्टार देता हूं।

पूरी समीक्षा के लिए वीडियो देखें।

समीक्षा: टाइम पास फिल्म है ‘टू नाइट स्टैंड’

  • राजीव मसंद
Published on Sep 27, 2014 at 14:37 | Updated Sep 27, 2014 at 15:32
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मुंबई। ‘टू नाइट स्टैंड’ एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है। ये कहानी है न्यूयॉर्क में रहने वाली एक लड़की मेगान की जिसे उसके मंगेतर ने छोड़ दिया और उसके पास पैसे भी नहीं बचे। एसे में वो हिम्मत जुटाती है और अपने रुममेट की सलाह पर वन नाइट स्टैंड लेने का फैसला लेती है।

मेगान एलेस नाम के एक लड़के को इंटरनेट पर मिलती है और बीच रात उसके घर जाने का फैसला करती है। और वहीं उसके अपार्टमेंट में दो दिन के लिए फंस जाती है। और धीरे धीरे दोनों एक दूसरे के करीब हो जाते हैं। फिल्म में कुछ भी एसा शानदार नहीं है जिससे आपको ऑनलाइन डेटिंग के बारे में जानकारी मिले। ये एक ऐसी फिल्म है जिसे आप अपनी अलमारी साफ करते करते भी देख सकते हैं। मैं ‘टू नाइट स्टैंड’ को पांच में से दो स्टार देता हूं ये फिल्म एक बार देखने लायक है पर डीवीडी पर। पूरी समीक्षा के लिए वीडियो देखें।

रिव्यूः लड़कियों को जरूर पसंद आएगी ‘खूबसूरत’

  • राजीव मसंद
Published on Sep 20, 2014 at 11:51 | Updated Sep 20, 2014 at 14:02
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मुंबई। ‘खूबसूरत’ की शुरुआत में डिज्नी का लोगो देखकर आप समझ जाएंगे कि फिल्म से क्या उम्मीद रखनी है। सच कहा जाए तो ये फिल्म ऋषिकेश मुखर्जी की उस क्लासिक की रिमेक कम और एक साफ-सुधरी डिज्नी चिक-फ्लिक ज्यादा लगती है। जाहिर तौर पर इस फिल्म की पृष्ठभूमि में एक जिंदादिल लड़की है जो अनुशासन से घिरे एक ऐसे परिवार को आजाद बनाती है जिसमें घर की मुखिया एक सख्त मां है। ये 1980 की उस शानदार फिल्म की याद जरूर दिलाती है पर डायरेक्टर शशांक घोष और उनके राइटर यहां फिल्म की कहानी राजस्थान के एक महल में सेट करते हुए इसे एक प्यारी सी परिकथा में तब्दील करते हैं।

सोनम कपूर एक मध्यमवर्गीय फिजियोथेरेपिस्ट मिली के किरदार में हैं जिसका महंगा वार्डरोब बताता है कि वो अपने काम में काफी अच्छी हैं। जब वो एक महाराजा आमिर रजा हुसैन का इलाज करने पहुंचती हैं जो अपने पैरों की ताकत खो चुका है, तो हमें पता चलता है कि मिली एक जिंदादिल लेकिन विद्रोही किस्म की भी हैं। घर की सेठानी निर्मला देवी यानी रत्ना पाठक शाह मिली के बर्ताव को ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पातीं पर उनका बेटा राजकुमार विक्रम यानी फवाद खान धीरे-धीरे इस पागलपन और एनर्जी से भरी लड़की की ओर खिंचता चला जाता है।





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कंट्रोवर्सी

स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में गिरफ्तार किए गए राजस्थान रॉयल्स और केरल के तेज गेंदबाज शांतकुमारन श्रीशांत के जीवन पर मलयालम में फिल्म बन सकती है।
दिमित्रीचेको ने बताया कि उन्होंने ही फिलिन के चेहरे पर तेजाब फेंका था लेकिन वो नहीं जानते थे कि मामला इस हद तक बिगड़ जाएगा।
सनी लियोन के बलात्कार पर दिए गए विवादास्पद बयान पर भोजपुरी अदाकार कमाल आर खान ने उनको कोर्ट में घसीटने का फैसला किया है।
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टीवी

नए मिजाज, नए तेवर और नए हौसले के साथ IBN7 की खास पेशकश है आई न्यूज। इसमें आप देश और दुनिया की वो तस्वीरें देखेंगे जिसे देखने के बाद आप दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो जाएंगे।
दरअसल हुआ यूं कि किसी ने सनी पर अचानक से अटैक कर दिया। फिर क्या था, सनी आगबबूला हो बैठीं। उसके बाद चला माफी मांगने, मनाने का दौर।
जानीमानी मॉडल और अभिनेत्री अदिति गोवित्रिकर का कहना है कि उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस से अपने जीवन ने काफी कुछ सीखा है।
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इंटरव्यू

बॉलीवुड में अपने पैर जमाने की कोशिश में लगे निखिल द्विवेदी और रिचा चड्ढा की अगली फिल्म ‘तमंचे’ रिलीज को तैयार है।
आईबीएन7 के लिए लता मंगेशकर के 80वें जन्मदिन को जावेद अख्तर ने और खास बनाया था। जब उन्होंने लता मंगेशकर से उनके 80वें जन्मदिन पर बात की थी।
आदित्य कपूर और परिणीति चोपड़ा की फिल्म दावत-ए-इश्क 19 सिंतबर को रिलीज हो रही है। इस फिल्म में आदित्य एक शेफ के किरदार में है।
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हॉलीवुड

पूर्व बॉक्सिंग चैंपियन आंद्रे बेर्तो का मानना है कि अपने गायकी से लोगों को दीवाना बनाने वाले जस्टिन बीबर में मुक्केबाजी की संभावनाएं मौजूद हैं।
अमेरिकी अभिनेत्री एलीजाबेथ पेना नहीं रहीं। 55 साल की पेना बीमार थीं और अस्पताल में भर्ती थीं, जहां उनका निधन हो गया।
अंतरराष्ट्रीय पॉप स्टार लेडी गागा कहती हैं कि जब वह अपने करियर के शुरुआती दौर में थीं, तो कुछ पुरुषों ने उनका गलत फायदा उठाने की कोशिश की थी।
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बॉलीवुड

बॉलीवुड के नवोदित अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी आने वाली फिल्म ‘किल दिल’ में लुंगी डांस किया है। रणवीर सिंह की फिल्म ‘किल दिल’ रिलीज होने जा रही है।
बोमन इरानी का कहना है कि वह निर्देशक राजकुमार हिरानी के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। बोमन इरानी इन दिनों राजकुमार हिरानी के साथ फिल्म ‘पीके’ में काम कर रहे हैं।
कॉमेडी फिल्मों के महारथी अभिनेता गोविंदा आगामी फिल्म 'किल दिल' में नकारात्मक भूमिका में नजर आएंगे। वह कहते हैं कि उन्हें इसकी चिंता नहीं है।
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